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*🌞🕉️वसुनंदी गुरुवे नमः🕉️🌞*
*🌞✍️सच्चा साथी✍️🌞*
*👨👩👧👦✍️कहानी सभी के काम की*
*💪👩🚒 सच्चा रिश्ता ✍️🐒*
*🔔👨👩👧👦↔️तीर्थंकर प्रभु के पंच कल्याणक महोत्सव की अग्रिम सूचना🔔*
*🕉️1. पौष कृष्ण दूज दिनांक 10 दिसंबर 2022 शनिवार को उन्नीस वें तीर्थंकर मल्लिनाथ सभी की मलिनता के विनाशक 1008 श्री मल्लिनाथ भगवान जी का ज्ञान कल्याणक महोत्सव हैं।*
*👨👩👦👦आप सभी सपरिवार इष्टमित्रों के साथ अपनी शक्तिनुसार उत्सव मनाकर जीवन सफल करें।*
👦अमन एक शांत स्वभाव का नवयुवक था।वह किराये के एक छोटे से घर में अपनी पत्नी आरती के साथ रहता था।
पिछले तीन साल से वह एक मल्टीनेशनल कम्पनी में काम कर रहा था और अभी तक एक बार भी उसकी सैलरी नहीं बढ़ी थी। वह बार-बार सोचता कि बॉस से पगार बढाने के बारे में कहूँ पर हर बार संकोच वश वह कुछ कह नहीं पाता था।
लेकिन एक दिन उसने निश्चय किया कि आज मैं बॉस से ज़रूर इस बारे में बात करूँगा। आरती ने भी अमन की हिम्मत बढ़ाई और हाथ में लंच बॉक्स थमाते हुए आपके साथ हम सभी की प्रगति होगी।
ऑफिस पहुँच कर अमन ने सही मौका देखते हुए बॉस से अपने दिल की बात कह डाली।
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बॉस मुस्कुराते हुए बोले, “बिलकुल अमन, कुछ दिन पहले हुई मीटिंग में ही हमने तय कर लिया था कि इस बार तुम्हे 30% की हाइक दी जायेगी… हम तुम्हे इस बारे में बताने ही वाले थे…. कम्पनी तुम्हारी लॉयल्टी और परफॉरमेंस से खुश है और इसी महीने से तुम्हे बढ़ी हुई तनख्वाह मिलने लगेगी।”
अमन को यकीन ही नहीं हुआ कि इतनी आसानी से उसकी बात मान ली गयी है। उसकी ख़ुशी का ठिकाना नहीं था। ऑफिस ख़त्म होते ही यह खुशखबरी सुनाने के लिए वह आरती के मनपसंद रसगुल्ले खरीद कर घर के लिए निकला।
आरती भी आज अमन के इंतज़ार में आँखें बिछाई बैठी थी। दूर से ही देखकर वह समझ गयी कि अमन को सैलरी हाइक मिल चुकी है। वह अमन का अभिनंदन करने के लिए दरवाजे पर खड़ी हो गयी।
अमन गेट से अन्दर घुसा. आरती एक सुन्दर साड़ी पहने तैयार खड़ी थी… पूरा घर भीनी-भीनी खुशबू में नहा रहा था…. डिनर टेबल पर क्रॉकरी का नया सेट लगा हुआ था और बीच में शुद्ध देसी घी का दीपक जल रहा था। खाने में शुद्ध सात्विक भोजन बना हुआ था जो अमन को बेहद पसंद है….और इन सबके बीच में एक सुन्दर सा कार्ड रखा हुआ था।
अमन ने कार्ड उठाया और पढना शुरू किया-
प्रियतम अमन, मुझे पता था कि जो तुम चाहते हो वही होगा… तुम्हारी इस ख़ुशी में आज मैं सबसे ज्यादा खुश हूँ…ये खुशबू…ये नया क्रॉकरी सेट…ये डिशेज …ये देशी घी की महक… ये सबकुछ तुम्हे यही बताने के लिए हैं कि मैं तुमसे कितना प्यार करती हूँI
यह पढ़ कर अमन मुस्कुराया और अपनी वाइफ को गले से लगा लिया।
“मैं अभी तुम्हारा मुंह मीठा कराता हूँ।”, यह कहते हुए अमन किचन से प्लेट लाने के लिए बढ़ा।
लेकिन ये क्या…किचन की शेल्फ पर भी ठीक वैसा ही कार्ड पड़ा था जैसा उसने अभी-अभी पढ़ा था.
अमन ने फ़ौरन कार्ड उठाया, और पढ़ने लगा-
प्रियतम अमन,
क्या हुआ जो तुम्हारी सैलरी नहीं बढ़ी…कोई बात नहीं! मुझे पता है तुम्हारी वैल्यू इन छोटी-मोटी हाइक्स से कहीं ज्यादा है… ये खुशबू…ये नया क्रॉकरी सेट…ये डिशेज …ये देशी घी की महक… ये सबकुछ तुम्हे यही बताने के लिए हैं कि मैं तुमसे कितना प्यार करती हू। हां मुझे अपने जैन धर्म पर अटूट विश्वास है।हम दोनों अपने खर्चे नियमित रखकर अपनी आमदनी का दस प्रतिशत साधु सेवा में मरते तक लगाते रहेंगे।देव शास्त्र गुरु की भक्ति से प्राप्त शक्ति ही हमारी असली पूंजी है।
अमन की आँखों में आंसू थे, उसे पता चल चुका था कि उसके लिए आरती का प्यार उसकी सफलता या असफलता पर निर्भर नहीं करता… आज अमन का आत्मविश्वास कई गुना बढ़ चुका था… अब वह अपनी पगार बढ़ने से कहीं ज्यादा इस बात से खुश था कि उसके पास कोई ऐसा है जो उसे सच्चे जैन धर्म पर किसी भी विषम परिस्थितियों में भी उसका सहायक है।
लोगों को हमारे प्रेम, विश्वास, और सपोर्ट की ज़रुरत तब सबसे ज्यादा होती है जब वे किसी बुरे दौर से गुजर रहे हों। लेकिन अक्सर हम उनके उपलब्धि में तो शामिल होते हैं पर नाकामी में मदद करने के लिए उन्हें अकेला छोड़ देते हैं।
अगर हमारे पास एक भी ऐसा शख्स है जो हमें हर हाल में स्वीकार करता है तो हम इस दुनिया को सहजता से कर सकते हैं और कठिन से कठिन मंज़िल को पा सकते हैं। और जानते हैं उस शख्स को पाने का सबसे आसान तरीका क्या है….वो है खुद किसी और के लिए ऐसा शख्स बनना। इसलिए जीवन में कुछ ऐसे रिश्ते ज़रूर बनाइये जिन्हें आप धर्म के साथ निभाते हुए और आप पायेंगे कि आपके पास भी कुछ ऐसे लोग हैं जिन्हें सिर्फ और सिर्फ आपसे लेना-देना है आपकी सफलता-असफलता से नहीं! और यही एक सच्चे रिश्ते का रहस्य है!
*🌞⏰🔔🔑👪विशेष:-भव्य आत्माओं, आज हम सभी धार्मिक है। आज हम भगवान को भी मानते है किन्तु भगवान के बताए हुए मार्ग पर चलना नहीं चाहते। यही हम सब की सबसे पहली व आखरी कमी है। अतः हमें अपनी कमजोरी को यथाशीघ्र दूर करना आवश्यक है।*
*👨👩👧👦✍️➡️🕉️सदैव प्रसन्न रहते हुए अपने सच्चे कर्तव्यों ( वह कार्य जो हमें 84 लाख योनियों से मुक्त करने में सहयोग प्रदान करें ) का पालन किजिये।*
*➡️जैसा हमारा कर्म होगा वैसा ही हमें फल प्राप्त होगा।आज वर्तमान में जो भी हम सभी को प्राप्त हो रहा है वह हमारे द्वारा पूर्वो पार्जीत कर्मो का ही फल है।आप किसी भी जीव के मोक्ष मार्ग में सहयोगी नहीं बन सकते तो विरोधी बनकर पाप का संचय मत करो। ना ही किसी बात चिंता करो, अच्छे कर्म करो जो हमसे कोई छुड़ा भी नहीं सकता और चुरा भी नहीं सकता।कर्म यह ऐसी संपत्ति है जो मरने के बाद भी हमारे साथ रहती है।जब जीव जन्म लेता है तो केवल अपने पूर्वो पार्जित कर्मों के साथ ही जन्म लेता है।*
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*जैनम जयतु शासनम*
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