शनिवार, 30 नवंबर 2024

इच्छापूर्ति का वृक्ष

*इच्छापूर्ति का वृक्ष*
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*🌞🕉️वसुनंदी गुरुवे नमः🕉️🌞*
*🌞✍️सच्चा साथी✍️🌞*
*👨‍👩‍👧‍👦✍️कहानी सभी के काम की*

*💪👩‍🚒इच्छापूर्ति का वृक्ष ✍️🐒*

*🔔👨‍👩‍👧‍👦↔️ जैन तीर्थंकर प्रभु के पंच कल्याणक महोत्सव की अग्रिम सूचना🔔*
*🔔🪔 मार्गशीर्ष शुक्ल एकम, सोमवार , 2 दिसंबर 2024 कलिकाल के नौवें तीर्थंकर सुविधिनाथजी शुक्र की महादशा को अनुकूल बनाने वाले सभी प्रकार से वैभव संपदा प्रदान कर उत्तम धर्म को धारण करवा कर मोक्ष मार्ग प्रशस्त करने वाले श्री सुविधिनाथजी   का जन्म व तप कल्याणक महोत्सव है।*
*🔔 दिसंबर माह में तीर्थंकर भगवन्तों के पंच कल्याणक महोत्सव 10, 11, 14, 15, 17, 26,29 को  कल्याणक महोत्सव है।*
*👨‍👨‍👦‍👦🔔👉 दिसंबर माह में  अष्टमी तिथि  08 व 23 को है। चतुर्दशी तिथि 14 व 29 दिसम्बर को है।*

*🙆इस दिसंबर माह में शुद्ध विवाह मुहूर्त 04, 05, 09, 10, 14, 15 को  है।▶️पंचक 7 से 11 दिसंबर तक है।👨‍👨‍👦‍👦↔️ग्रह प्रवेश मुहूर्त 05,11,25,28 दिसंबर को है।*
 *🌞यह सभी पंच कल्याणक तिथियां उत्तर पुराण के अनुसार है इन तिथियों से सम्पूर्ण विश्व में कल्याणक महोत्सव मनाए जाते है।यह सभी  तिथियां जयपुर पंचांग के अंतर्गत है।विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ते रहे शिक्षाप्रद कहानियां ।*

*🌳🦚आज की कहानी🦚🌳*


*💐इच्छापूर्ति का वृक्ष 💐*

एक घने जंगल में एक इच्छा पूर्ति वृक्ष था, उसके नीचे बैठ कर कोई भी इच्छा करने से वह तुरंत पूरी हो जाती थी। यह बात बहुत कम लोग जानते थे क्योंकि उस घने जंगल में जाने की कोई हिम्मत ही नहीं करता था।

एक बार संयोग से एक थका हुआ व्यापारी उस वृक्ष के नीचे आराम करने के लिए बैठ गया उसे पता ही नहीं चला कि कब उसकी नींद लग गयी।

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*🕉️🌞✍️पुण्य वृद्धि के इच्छुक  पुण्यात्माओं से निवेदन है कि इस पोस्ट को परिवार, मित्रों और अन्य परिचितों तक इस पोस्ट को भेजकर स्वयं के व उनके पुण्य मे भी वृद्धि करें। धर्मात्मा बंधु पापों को पुण्य मे बदलना चाहते है तो आज ही संस्था से जुड़कर अपना मोक्ष मार्ग को सुरक्षित करें ।जो स्वयं के पुण्य को शीघ्रातिशीघ्र वृद्धिगत करना चाहते है वे सभी अपनी चंचला लक्ष्मी का सदुपयोग संस्था के माध्यम से  कर सकते है ।✍️*
*✍️➡️👨‍👩‍👧‍👦अगर कोई भी पुण्यात्मा श्रावक इस प्रकार की पोस्ट को व्हाट्सएप पर प्राप्त करना चाहते है तो श्री शांति सागर समाधि साधना सेवा केंद्र जयपुर रजिस्टर संस्था के 📲 9461956111 नंबर पर व्हाट्सएप पर कहानियां + शुभनाम+ 【गांव शहर】निवास स्थान  लिखकर व्हाट्सएप करें,काल ना करें।*
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जागते ही उसे बहुत भूख लगी, उसने आस पास देखकर सोचा- 'काश कुछ खाने को मिल जाए!' तत्काल स्वादिष्ट पकवानों से भरी थाली हवा में तैरती हुई उसके सामने आ गई।

व्यापारी ने भरपेट खाना खाया और भूख शांत होने के बाद सोचने लगा..

काश कुछ पीने को मिल जाए.. तत्काल उसके सामने हवा में तैरते हुए अनेक शरबत आ गए। शरबत पीने के बाद वह आराम से बैठ कर सोचने लगा-  कहीं मैं सपना तो नहीं देख रहा हूं। हवा में से खाना पानी प्रकट होते पहले कभी नहीं देखा न ही सुना.. 

जरूर इस पेड़ पर कोई भूत रहता है जो मुझे खिला पिला कर बाद में मुझे खा लेगा ऐसा सोचते ही तत्काल उसके सामने एक भूत आया और उसे खा गया।

इस प्रसंग से आप यह सीख सकते है कि हमारा मस्तिष्क ही इच्छापूर्ति वृक्ष है आप जिस चीज की प्रबल कामना करेंगे  वह आपको अवश्य मिलेगी।

अधिकांश लोगों को जीवन में बुरी चीजें इसलिए मिलती हैं... क्योंकि वे बुरी चीजों की ही कामना करते हैं।

इंसान ज्यादातर समय सोचता है- कहीं बारिश में भीगने से मै बीमार न हों जांऊ.. और वह बीमार हो जाता हैं..!

इंसान सोचता है - मेरी किस्मत ही खराब है .. और उसकी किस्मत सचमुच खराब हो जाती हैं ..!

इस तरह आप देखेंगे कि आपका अवचेतन मन इच्छापूर्ति वृक्ष की तरह आपकी इच्छाओं को ईमानदारी से पूर्ण करता है..! इसलिए आपको अपने मस्तिष्क में विचारों को सावधानी से प्रवेश करने की अनुमति देनी चाहिए।

विचार जादूगर की तरह होते है, जिन्हें बदलकर आप अपना जीवन बदल सकते है..! इसलिये सदा सकारात्मक सोचिए.।

बाहर की दुनिया बिलकुल वैसी है, जैसा कि हम अंदर से सोचते हैं। हमारे विचार ही चीजों को सुंदर और बदसूरत बनाते हैं। पूरा संसार हमारे अंदर समाया हुआ है, बस जरूरत है चीजों को सही रोशनी में रखकर देखने की।

*आप चाहे किसी भी समाज से हो, अगर आप अपने समाज के किसी उभरते हुए व्यक्तित्व से जलते हो या उसकी निंदा करते हो तो आप निश्चित रूप से उस समाज के लिए कलंक हो ।*

*🔔👨‍👨‍👦‍👦⛳🌞🙏विशेष:- भव्य आत्माओं, आज हम अपने शरीर से स्पर्श के द्वारा,जीभ के द्वारा,नाक के द्वारा , आंख व कानों द्वारा अपने मन मस्तिष्क में अनेकों प्रकार के बाधक विचारों को जन्म देते है।वह विचार ही हमारे सफलता में पहाड़ बनते है। अतः सभी अपने अशुभ विचारों पर विराम लगायें ताकि स्वयं के साथ सम्पूर्ण विश्व सुखी रहें।*

*👨‍👩‍👧‍👦✍️➡️🕉️ प्रति समय प्रसन्न रहते हुए अपने सच्चे कर्तव्यों ( वह कार्य जो हमें 84 लाख योनियों से मुक्त करने में सहयोग प्रदान करें ) का पालन कीजिये।*
*➡️जैसा हमारा कर्म होगा वैसा ही हमें फल प्राप्त होगा।आज वर्तमान में जो भी हम सभी को प्राप्त हो रहा है वह हमारे द्वारा  पूर्वो पार्जित कर्मो का ही फल है।आप किसी भी जीव के मोक्ष मार्ग में सहयोगी नहीं बन सकते तो विरोधी बनकर पाप का संचय मत करो। ना ही किसी बात चिंता  करो, अच्छे कर्म करो जो हमसे कोई छुड़ा भी नहीं सकता और चुरा भी नहीं सकता।कर्म यह ऐसी संपत्ति है जो मरने के बाद भी हमारे साथ रहती है।जब जीव जन्म लेता है तो केवल अपने पूर्वो पार्जित कर्मों के साथ ही जन्म लेता है।*
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*जैनम जयतु शासनम*
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रविवार, 24 नवंबर 2024

मैं का भ्रम

*मैं का भ्रम*
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*🌞🕉️वसुनंदी गुरुवे नमः🕉️🌞*
*🌞✍️सच्चा साथी✍️🌞*
*👨‍👩‍👧‍👦✍️कहानी सभी के काम की*
*💪👩‍🚒 मैं का भ्रम ✍️🐒*

*🔔👨‍👩‍👧‍👦↔️ जैन तीर्थंकर प्रभु के पंच कल्याणक महोत्सव की अग्रिम सूचना🔔*
*🔔🪔 मार्गशीर्ष कृष्ण दशमी, सोमवार , 25 नवम्बर 2024 कलिकाल के अंतिम तीर्थंकर शासन नायक वर्धमान स्वामी बुध की महादशा को अनुकूल बनाने वाले सभी प्रकार से बौध्दिक संपदा प्रदान कर उत्तम धर्म को धारण करवा कर मोक्ष मार्ग प्रशस्त करने वाले श्री  वर्धमान स्वामी जी का तप कल्याणक महोत्सव है।*
*🔔 नवंबर माह में तीर्थंकर भगवन्तों के पंच कल्याणक महोत्सव 15, 25 को  कल्याणक महोत्सव है।*
*👨‍👨‍👦‍👦🔔👉 नवंबर माह में  चतुर्दशी तिथि 30 नवम्बर को है।*

*🙆इस नवम्बर माह में शुद्ध विवाह मुहूर्त 12,13,16,17,18,22,23,25,26,28,29 को  है।👨‍👨‍👦‍👦↔️ग्रह प्रवेश मुहूर्त 8,13,16,18,25 नवम्बर को है।*
 *🌞यह सभी पंच कल्याणक तिथियां उत्तर पुराण के अनुसार है इन तिथियों से सम्पूर्ण विश्व में कल्याणक महोत्सव मनाए जाते है।यह सभी तिथियां जयपुर पंचांग के अंतर्गत है।विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ते रहे शिक्षाप्रद कहानियां ।*

*🤔मैं का भ्रम🤔*

*एक बार कागज का एक टुकड़ा हवा के वेग से उड़ा और पर्वत के शिखर पर जा पहुँचा...पर्वत ने उसका आत्मीय स्वागत किया और कहा भाई...* 

     *यहाँ कैसे पधारे...? कागज ने कहा-अपने दम पर...जैसे ही कागज ने अकड़ कर कहा अपने दम पर और तभी हवा का एक दूसरा झोंका आया और कागज को उड़ा ले गया...*
🫢🫢🫢🫢🫢
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*🕉️🌞✍️पुण्य वृद्धि के इच्छुक  पुण्यात्माओं से निवेदन है कि इस पोस्ट को परिवार, मित्रों और अन्य परिचितों तक इस पोस्ट को भेजकर स्वयं के व उनके पुण्य मे भी वृद्धि करें। धर्मात्मा बंधु पापों को पुण्य मे बदलना चाहते है तो आज ही संस्था से जुड़कर अपना मोक्ष मार्ग को सुरक्षित करें ।जो स्वयं के पुण्य को शीघ्रातिशीघ्र वृद्धिगत करना चाहते है वे सभी अपनी चंचला लक्ष्मी का सदुपयोग संस्था के माध्यम से  कर सकते है ।✍️*
*✍️➡️👨‍👩‍👧‍👦अगर कोई भी पुण्यात्मा श्रावक इस प्रकार की पोस्ट को व्हाट्सएप पर प्राप्त करना चाहते है तो श्री शांति सागर समाधि साधना सेवा केंद्र जयपुर रजिस्टर संस्था के 📲 9461956111 नंबर पर व्हाट्सएप पर कहानियां + शुभनाम+ 【गांव शहर】निवास स्थान  लिखकर व्हाट्सएप करें,काल ना करें।*
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*अगले ही पल वह कागज नाली में गिरकर कुछ समय में गल-सड़ गया...जो दशा एक कागज की है वही दशा हमारी है...*
🙏🙏🙏🙏🙏😜
             *हम सभी के पुण्यकर्म के उदय से अनुकूल वायु का वेग आता है तो हमें शिखर पर पहुँचा देता है और पाप का झोंका आता है तो रसातल पर पहुँचा देता है...*
🙏🙏
*किसका मान...? किसका गुमान...? सन्त कहते हैं कि जीवन की सच्चाई को समझो संसार के सारे संयोग हमारे अधीन नहीं हैं...*
🙏🙏🙏
                 *कर्म के अधीन हैं और कर्म कब कैसी करवट बदल ले...कोई भरोसा नहीं इसलिए कर्मों के अधीन परिस्थितियों का कैसा गुमान...?* 
*👨‍👨‍👦‍👦हमें वर्तमान समय में कर्म फल को नहीं भोगना है तो सच्चे देव शास्त्र गुरु की शरण प्राप्त कर अपने षट् आवश्यक कर्म को प्रतिदिन करते हुए अपने व्यवहार में समता, सहनशीलता के साथ सभी जीवों के आत्मकल्याण में सहायक बनकर जीवन सार्थक करना आवश्यक है।*

*बीज की यात्रा वृक्ष तक है...* 
             *नदी की यात्रा सागर तक है...* 
 *और...*

*मनुष्य की यात्रा परमात्मा तक...*

 *संसार में जो कुछ भी हो रहा है वह सब कुछ हमारे पूर्व कर्मों का ही विधान है...* 
 *🙏🙏🙏🙏🙏🙏हम और आप तो केवल निमित्त मात्र हैं...*
 *इसीलिये कभी भी ये भ्रम न पालें कि...* 
*🙏 मैं न होता तो क्या होता...!!*
🙏✨🌹🇲🇰

*👨‍👩‍👧‍👦✍️➡️🕉️ प्रति समय प्रसन्न रहते हुए अपने सच्चे कर्तव्यों ( वह कार्य जो हमें 84 लाख योनियों से मुक्त करने में सहयोग प्रदान करें ) का पालन कीजिये।*
*➡️जैसा हमारा कर्म होगा वैसा ही हमें फल प्राप्त होगा।आज वर्तमान में जो भी हम सभी को प्राप्त हो रहा है वह हमारे द्वारा  पूर्वो पार्जित कर्मो का ही फल है।आप किसी भी जीव के मोक्ष मार्ग में सहयोगी नहीं बन सकते तो विरोधी बनकर पाप का संचय मत करो। ना ही किसी बात चिंता  करो, अच्छे कर्म करो जो हमसे कोई छुड़ा भी नहीं सकता और चुरा भी नहीं सकता।कर्म यह ऐसी संपत्ति है जो मरने के बाद भी हमारे साथ रहती है।जब जीव जन्म लेता है तो केवल अपने पूर्वो पार्जित कर्मों के साथ ही जन्म लेता है।*
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🌳
*जैनम जयतु शासनम*
🌳🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

गुरुवार, 14 नवंबर 2024

उपवास का चमत्कार

*उपवास का चमत्कार*
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*🌞🕉️वसुनंदी गुरुवे नमः🕉️🌞*
*🌞✍️सच्चा साथी✍️🌞*
*👨‍👩‍👧‍👦✍️कहानी सभी के काम की*
*💪👩‍🚒 उपवास का चमत्कार ✍️🐒*

*🔔👨‍👩‍👧‍👦↔️ जैन तीर्थंकर प्रभु के पंच कल्याणक महोत्सव की अग्रिम सूचना🔔*

*🔔🪔 कार्तिक पूर्णिमा , शुक्रवार , 15 नवम्बर 2024 कलिकाल के  तृतीय तीर्थंकर संभवनाथ भगवान गुरु की महादशा को अनुकूल बनाने वाले सभी प्रकार से बौध्दिक संपदा प्रदान कर उत्तम धर्म को धारण करवा कर मोक्ष मार्ग प्रशस्त करने वाले श्री संभवनाथ भगवान जी का जन्म कल्याणक महोत्सव है।*
*🔔 नवंबर माह में तीर्थंकर भगवन्तों के पंच कल्याणक महोत्सव 15, 25 को  कल्याणक महोत्सव है।अष्टान्हिका शाश्वत पर्व,8 से15 नवम्बर तक*
*👨‍👨‍👦‍👦🔔👉 नवंबर माह में  अष्टमी तिथि  09 व 23 को है। चतुर्दशी तिथि 14 व 30 नवम्बर को है।*

*🙆इस नवम्बर माह में शुद्ध विवाह मुहूर्त 12,13,16,17,18,22,23,25,26,28,29 को  है।▶️पंचक 9 से 13 नवम्बर तक है।👨‍👨‍👦‍👦↔️ग्रह प्रवेश मुहूर्त 8,13,16,18,25 नवम्बर को है।*
 *🌞यह सभी पंच कल्याणक तिथियां उत्तर पुराण के अनुसार है इन तिथियों से सम्पूर्ण विश्व में कल्याणक महोत्सव मनाए जाते है।यह सभी  तिथियां जयपुर पंचांग के अंतर्गत है।विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ते रहे शिक्षाप्रद कहानियां ।*

🔔 *उपवास का चमत्कार* 🔔
*अंत में पिता का सहयोग लिया तो परिवार की उन्नति हुई*
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*एक छोटे से शहर में एक गरीब परिवार रहा करता था, जो रोज़ सब्ज़ियाँ ख़रीद और बेचकर अपना और अपने परिवार का पेट भर रहा था।*
*मोहन उस परिवार का मुखिया था। उसके परिवार में उसकी पत्नी और उसका एकमात्र बेटा सोहन था।* *मोहन रोज़ 100 रुपये की सब्ज़ी ख़रीदकर लाता और उसे 200 रुपये में बेच देता। उन 200 रुपयों में से वह अगले दिन के लिए 100 रुपये सब्ज़ियाँ ख़रीदने के लिए पहले निकालकर रख लेता और फिर बचे हुए 100 रुपये से अपने घर का ख़र्च पूरा करता ।*

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*🕉️🌞✍️पुण्य वृद्धि के इच्छुक  पुण्यात्माओं से निवेदन है कि इस पोस्ट को परिवार, मित्रों और अन्य परिचितों तक इस पोस्ट को भेजकर स्वयं के व उनके पुण्य मे भी वृद्धि करें। धर्मात्मा बंधु पापों को पुण्य मे बदलना चाहते है तो आज ही संस्था से जुड़कर अपना मोक्ष मार्ग को सुरक्षित करें ।जो स्वयं के पुण्य को शीघ्रातिशीघ्र वृद्धिगत करना चाहते है वे सभी अपनी चंचला लक्ष्मी का सदुपयोग संस्था के माध्यम से  कर सकते है ।✍️*
*✍️➡️👨‍👩‍👧‍👦अगर कोई भी पुण्यात्मा श्रावक इस प्रकार की पोस्ट को व्हाट्सएप पर प्राप्त करना चाहते है तो श्री शांति सागर समाधि साधना सेवा केंद्र जयपुर रजिस्टर संस्था के 📲 9461956111 नंबर पर व्हाट्सएप पर कहानियां + शुभनाम+ 【गांव शहर】निवास स्थान  लिखकर व्हाट्सएप करें,काल ना करें।*
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*ऐसे ही उसकी गुज़र बसर चल रही थी। उसे कभी कभी भविष्य की चिंता होती थी कि कभी किसी आकस्मिक खर्च की अगर जरूरत आई, या मंहगाई बढ़ गई तो उसकी व्यवस्था वह कैसे करेगा। वह जब भी कुछ अतिरिक्त पैसे इकट्ठा करता था, कोई न कोई आवश्यकता भी आ जाती थी। ईश्वर की कृपा से कोई विशेष समस्या नहीं आई और ऐसे ही समय गुजरता गया।*
*एक दिन उसके बेटे का विवाह हो गया। परिवार का खर्च बढ़ गया किंतु आय की व्यवस्था वैसी ही थी।  मोहन ने एक दिन अपने बेटे को बुला कर कहा- "बेटा, मैं अब बूढ़ा हो रहा हूँ। तुम चाहो तो जो काम मैं करता आ रहा था, उसे ही संभाल सकते हो या फिर कोई और धंधा करके जीवन चला सकते हो। मेरे धंधे को ही अगर चलाना चाहो तो उसका सबक ले लो कि -*
 *प्रतिदिन 100 रूपये की सब्ज़ियाँ ले आना और उनको 200 रूपये में बेचना। इतना अवश्य याद रखना कि पहले उन सौ रुपयों में से अगले दिन के धंधे के लिए 100 रूपए निकालने के बाद ही खर्च के लिए रुपए निकालना है। जो भी खर्च करना है वो मुनाफे के पैसे से ही करना है। कभी भी अगले दिन के व्यापार के लिए बचाए जाने वाले पैसे में से कोई खर्च मत करना।'*
     *इसी सबक को याद करके मैंने अपनी जिन्दगी काटी है और तुम्हें भी बता रहा हूं। अब मैं तीर्थाटन में जाऊंगा और लौटने पर अपने गुरु के पास रहूंगा। कभी कोई बहुत बड़ी मुसीबत आ जाए और कुछ समाधान ना मिले तब मेरे पास आना, वरना छोटी मोटी समस्या ख़ुद से ही सुलझा लेना।"*
*बेटे ने व्यापार का सूत्र समझकर पिता को आश्वस्त किया कि वह उनकी आज्ञा का पालन करता रहेगा। फिर मोहन निश्चिंत होकर अपनी धार्मिक यात्रा पर निकल पड़ा।* 
*अब उसका बेटा भी वैसा ही करता जैसे मोहन ने बताया था। उसकी ज़िंदगी शांति से गुज़रने लगी थी। एक दिन मोहन के बेटे की पत्नी ने रात्रि होने पर उससे मिठाई खाने की इच्छा बताकर ले आने को कहा। मोहन का बेटा सोचने लगा कि अगर मिठाई खरीदनी होगी तो खर्च के रूपये तो आज समाप्त हो चुके हैं। परंतु अब पत्नी ने कुछ खाने को आज कहा है तो उसे पूरा करना भी उसी का दायित्व है। उसने अगले दिन के व्यापार के लिए रखे 100 रुपए में से ही मिठाई ख़रीद लाने की योजना बनाई। उसने सोचा कि 10 रुपये में कुछ नहीं होगा और मिठाई ले आया। उसकी पत्नी बहुत प्रसन्न हुई।*
*किंतु उस दिन उसके 110 रुपये खर्च हो गए थे और अब 90 रुपये ही व्यापार के लिए बच पाए थे।  वह अगले दिन 90 रुपयों की ही सब्ज़ियाँ ले आया और 180 रुपये में बेच दिया। किंतु 100 रूपए का उसके घर का खर्चा नियमित था, तो अगले दिन के धंधे के लिए केवल 80 रुपये ही बच पाए।*
*अगले दिन सोहन 80 रुपये की सब्ज़ी लाया, जिसे 160 रुपये में बेचने पर 100 रूपए घर का खर्चा निकालने पर अब 60 रुपये ही बच रहे थे। 60 रुपये देख कर अब सोहन को चिंता होने लगी। वह सोचने लगा कि कल 60 रूपये की सब्ज़ियाँ ला कर 120 की बेचूँगा तो घर का खर्चा 100 रूपये निकालकर केवल 20 रूपये ही बचेंगे।*
*अब उसे पत्नी को मिठाई खिलाने के लिए अपनी धंधे की राशि खर्च करने का निर्णय लेना गलत लगने लगा। उसने पहले नहीं सोचा था कि केवल 10 रूपये की मिठाई इतनी महँगी पड़ जाएगी।*
*उसे अपने पिताजी का सबक याद आने लगा कि सबसे पहले सब्ज़ियों को खरीदने के लिए रुपए को अलग रखना, लेकिन उसने तो उसमें से 10 रूपये खर्च कर के गलती कर दी है।*
*अब आने वाले कल की सोच कर सोहन को नींद नहीं आ रही थी।  कोई और उपाय न देखकर उसे फिर अपने पिताजी की कही यह बात भी याद आयी कि जब बहुत बड़ी मुसीबत आए तो मेरे पास आना। रात को ही सोहन अपने पिता से मिलने निकल पड़ा। पिताजी को उसने सारी बात बता दी ।*
*बेटे की बात सुनकर मोहन पहले तो नाराज़ हुआ फिर बोला- "अब लौटकर घर जा और घर में सबको बोलना कि आज सब मिल कर लक्ष्मी माता का निराहार व्रत रखेंगे,  जिससे लक्ष्मी जी की कृपा होगी।"*
*मोहन के बेटे सोहन ने ऐसा ही किया, और घर जाकर सबको अगले दिन व्रत रखने के लिए कहा। फिर वह 60 रूपए की सब्ज़ियाँ लाया, जो 120 रूपए की बिकी। घर पर सबका व्रत होने से घर का खर्च कुछ नहीं हुआ। अगले दिन वह उन पूरे 120 रुपयों की सब्ज़ियाँ ले आया। अब उन्हें बेचने से 240 रू. की आमदनी हो गई और उसमें से 100 रुपये खर्च निकालने पर भी सोहन के पास 140 रुपये बचे थे। जब उसने इन 140 रुपयों की सब्ज़ियाँ लेकर उन्हें 280 की बेची तो घर का खर्च निकालकर सोहन के पास 180 रुपये बचे थे ! अब सोहन की आमदनी बढ़ती जा रही थी। अब वह मिठाई भी ला सकता था, धीरे धीरे वह बेहतर ज़िंदगी जीने लगा।*
*इस तरह पिता की सलाह ने सोहन की ज़िंदगी ही बदल दी। असल ज़िंदगी में हर कोई मोहन और सोहन है, अपनी इच्छाओं को मारना ही व्रत है। लोगों को ऐसे ही मिठाई खाने का मन करता है। जैसे जैसे हम पांच इंद्रियों की पूर्ति में अर्थात गाड़ी, घर, दैनिक आनंद की ज़िंदगी में ज़रूरत के पैसे बिना आमदनी को सोचे ही खर्च कर देते हैं और फिर ज़िंदगी वहीं ठहर जाती है।*
*अगर हम सभी सच्चे देव शास्त्र गुरु की जिनवाणी का अध्ययन करें तो कुछ समय के लिए अपनी इच्छाओं को नियंत्रण में कर  तो आगे की ज़िंदगी बेहतर हो सकती है। यही हम सभी का सच्चा मोक्ष मार्ग है।
आवश्यकताओं की पूर्ति संभव है
इच्छाओं की नहीं।
*🎪👨‍👨‍👦‍👦🔔🙏 विशेष :- भव्य आत्माओं, नित्य निगोद से निकलने के बाद हमारी आत्मा ने दो हजार सागर की कितने बार भोगी इसकी गिनती नहीं है।इसका मुख्य कारण चौरासी लाख योनियों में जहां भी जन्म हुआ हमनें वहां पर अपनी इंद्रियों की पूर्ति में ही समय व्यतीत कर दिया। असंख्यात भवों के पुण्य संचय से सच्चे देव शास्त्र गुरु का सानिध्य प्राप्त हुआ है। किंतु यहां भी पांचों इंद्रियों के विषयों में आसक्त होकर समय व्यतीत कर रहे है।अब सभी प्रकार के सुखों को प्राप्त करना है तो सच्चे शास्त्र से सम्यक दर्शन- सम्यक ज्ञान- सम्यक चारित्र को जानकर शक्ति अनुसार आचरण करना होगा।*

*👨‍👩‍👧‍👦✍️➡️🕉️ प्रति समय प्रसन्न रहते हुए अपने सच्चे कर्तव्यों ( वह कार्य जो हमें 84 लाख योनियों से मुक्त करने में सहयोग प्रदान करें ) का पालन कीजिये।*
*➡️जैसा हमारा कर्म होगा वैसा ही हमें फल प्राप्त होगा।आज वर्तमान में जो भी हम सभी को प्राप्त हो रहा है वह हमारे द्वारा  पूर्वो पार्जित कर्मो का ही फल है।आप किसी भी जीव के मोक्ष मार्ग में सहयोगी नहीं बन सकते तो विरोधी बनकर पाप का संचय मत करो। ना ही किसी बात चिंता  करो, अच्छे कर्म करो जो हमसे कोई छुड़ा भी नहीं सकता और चुरा भी नहीं सकता।कर्म यह ऐसी संपत्ति है जो मरने के बाद भी हमारे साथ रहती है।जब जीव जन्म लेता है तो केवल अपने पूर्वो पार्जित कर्मों के साथ ही जन्म लेता है।*
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*जैनम जयतु शासनम*
🌳🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

मंगलवार, 12 नवंबर 2024

बुध्दि का अनुपयोग

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*🌞🕉️वसुनंदी गुरुवे नमः🕉️🌞*
*🌞✍️सच्चा साथी✍️🌞*
*👨‍👩‍👧‍👦✍️कहानी सभी के काम की*

*💪👩‍🚒  ✍️🐒*
*🔔👨‍👩‍👧‍👦↔️ जैन तीर्थंकर प्रभु के पंच कल्याणक महोत्सव की अग्रिम सूचना🔔*

*🔔🪔 कार्तिक शुक्ल बारस,  बुधवार , 13 नवम्बर 2024 कलिकाल के  18 वें तीर्थंकर अरनाथ भगवान बुध की महादशा को अनुकूल बनाने वाले सभी प्रकार से बौध्दिक संपदा प्रदान कर उत्तम धर्म को धारण करवा कर मोक्ष मार्ग प्रशस्त करने वाले श्री अरनाथ भगवान जी का केवल ज्ञान कल्याणक महोत्सव है।*
*🔔 नवंबर माह में तीर्थंकर भगवन्तों के पंच कल्याणक महोत्सव 15, 25 को  कल्याणक महोत्सव है।अष्टान्हिका शाश्वत पर्व,8 से15 नवम्बर तक*
*👨‍👨‍👦‍👦🔔👉 नवंबर माह में  अष्टमी तिथि  09 व 23 को है। चतुर्दशी तिथि 14 व 30 नवम्बर को है।*

*🙆इस नवम्बर माह में शुद्ध विवाह मुहूर्त 12,13,16,17,18,22,23,25,26,28,29 को  है।▶️पंचक 9 से 13 नवम्बर तक है।👨‍👨‍👦‍👦↔️गृह प्रवेश मुहूर्त 8,13,16,18,25 नवम्बर को है।*
 *🌞यह सभी पंच कल्याणक तिथियां उत्तर पुराण के अनुसार है इन तिथियों से सम्पूर्ण विश्व में कल्याणक महोत्सव मनाए जाते है।यह सभी  तिथियां जयपुर पंचांग के अंतर्गत है।विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ते रहे शिक्षाप्रद कहानियां ।*

*'बुध्दि का अनुपयोग'*
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एक बार एक लड़का काम की तलाश में भटकते भटकते एक सेठ जी के पास पहुंचा और विनती की, 'क्या आप मुझे काम दे सकते हैं'? *सेठ जी बोले  मेरे पास बड़ा भारी लकड़ियों का स्टॉक है, लक्कड़ काटने का काम तुम्हें दे सकता हूं।* कल से काम पर आ जाना। अगले दिन लड़के ने काम पर पहुंचकर, दिन भर में पूरी मेहनत से 25 लक्कड़ काट डाले। *सेठ जी उसकी कार्यक्षमता देखकर प्रसन्न हुए और उसे काम पर रख लिया।* लड़का काम पर जाने लगा, सुबह से शाम तक पूरी मेहनत से काम करने लगा।

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*🕉️🌞✍️पुण्य वृद्धि के इच्छुक  पुण्यात्माओं से निवेदन है कि इस पोस्ट को परिवार, मित्रों और अन्य परिचितों तक इस पोस्ट को भेजकर स्वयं के व उनके पुण्य मे भी वृद्धि करें। धर्मात्मा बंधु पापों को पुण्य मे बदलना चाहते है तो आज ही संस्था से जुड़कर अपना मोक्ष मार्ग को सुरक्षित करें ।जो स्वयं के पुण्य को शीघ्रातिशीघ्र वृद्धिगत करना चाहते है वे सभी अपनी चंचला लक्ष्मी का सदुपयोग संस्था के माध्यम से  कर सकते है ।✍️*
*✍️➡️👨‍👩‍👧‍👦अगर कोई भी पुण्यात्मा श्रावक इस प्रकार की पोस्ट को व्हाट्सएप पर प्राप्त करना चाहते है तो श्री शांति सागर समाधि साधना सेवा केंद्र जयपुर रजिस्टर संस्था के 📲 9461956111 नंबर पर व्हाट्सएप पर कहानियां + शुभनाम+ 【गांव शहर】निवास स्थान  लिखकर व्हाट्सएप करें,काल ना करें।*
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एक सप्ताह पश्चात सेठ जी घूमते हुए वहां पहुंचे देखा लड़के ने दिन भर में सिर्फ 15 लक्कड़ काटे। *उन्होंने पूछा, 'तुमने तो पहले दिन 25 लक्कड़ काट लिए थे, अब केवल 15 ही काट पा रहे हो, ऐसा क्यों'?* लड़का बोला, मैं खुद समझ नहीं पा रहा। काम तो मैं पूरी मेहनत से करता हूं, बीच में आराम भी नहीं करता। एक सप्ताह और बीता, सेठ जी फिर पहुंचे और देखा, लड़के ने दिन भर में केवल 10 ही लक्कड़ काटे। पूछने पर *लड़के ने कहा, ना जाने मेरी कार्यक्षमता दिन प्रतिदिन कम क्यों होती जा रही है।* काम तो मैं पूरी मेहनत से कर रहा हूं। सेठ जी ने कहा पूछा, 'तुमने अपने कुल्हाड़ी की धार तेज करवाई'? लड़का बोला, 'मैं काम में इतना व्यस्त रहता हूं कि मुझे कुल्हाड़ी की धार तेज करवाने का समय नहीं मिलता'। क्या ऐसे कार्य करने वाले को कोई समझदार कहेंगे! *थोड़ा समय निकाल कर, कुल्हाड़ी की धार तेज करवाने पर, लड़का अपनी कार्यक्षमता काफी हद तक बढ़ा सकता था।* लेकिन यह बात उसकी बुद्धि में समाती ही नहीं थी।

*ठीक इसी प्रकार दुनिया के मनुष्य भी करते हैं।* सारा दिन व्यस्त रहते हुए भी, अनेकों उलझनों के कारण कार्यक्षमता धीरे-धीरे घटने लगती है। जब उनसे कहो कि अपनी बुद्धि की धार को तेज करने के लिए सच्चे देव शास्त्र गुरु की जिनवाणी का  अमृत का पान कर लिया करो, तो कहते हैं हमारे पास टाइम ही नहीं है। *टाइम तो सभी के पास वही 24 घंटे का है।* सच्चे देव शास्त्र गुरु की जिनवाणी का  अमृत का पान कर सच्चे ज्ञान के आधार पर बुद्धि की धार यदि तेज कर लें, तो मिथ्यात्व समाप्त होने से विवेक शक्ति बढ़ेगी, आंतरिक बल बढ़ेगा, कार्य कुशलता भी बढ़ेंगी और सर्व सुख कारक मोक्ष मार्ग भी प्रशस्त होता है। *लेकिन नहीं! आज हमारे मिथ्या बुध्दि से  मन:स्थिति कहती है टाइम ही नहीं मिलता।* टाइम तो सारी जिंदगी नहीं मिलेगा। प्रकृति 24 के 25 घंटे भी बना दे, तब भी कहेंगे, टाइम नहीं मिलता। *सच्चे ज्ञान के आधार पर बुद्धि तीक्ष्ण हो जाती है, कम मेहनत से अधिक फल को प्राप्ति कर सकते हैं।*

*👨‍👩‍👧‍👦✍️➡️🕉️ प्रति समय प्रसन्न रहते हुए अपने सच्चे कर्तव्यों ( वह कार्य जो हमें 84 लाख योनियों से मुक्त करने में सहयोग प्रदान करें ) का पालन कीजिये।*
*➡️जैसा हमारा कर्म होगा वैसा ही हमें फल प्राप्त होगा।आज वर्तमान में जो भी हम सभी को प्राप्त हो रहा है वह हमारे द्वारा  पूर्वो पार्जित कर्मो का ही फल है।आप किसी भी जीव के मोक्ष मार्ग में सहयोगी नहीं बन सकते तो विरोधी बनकर पाप का संचय मत करो। ना ही किसी बात चिंता  करो, अच्छे कर्म करो जो हमसे कोई छुड़ा भी नहीं सकता और चुरा भी नहीं सकता।कर्म यह ऐसी संपत्ति है जो मरने के बाद भी हमारे साथ रहती है।जब जीव जन्म लेता है तो केवल अपने पूर्वो पार्जित कर्मों के साथ ही जन्म लेता है।*
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*जैनम जयतु शासनम*
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मंगलवार, 5 नवंबर 2024

संयमित जीवन

*संयमित*
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*🌞🕉️वसुनंदी गुरुवे नमः🕉️🌞*
*🌞✍️सच्चा साथी✍️🌞*
*👨‍👩‍👧‍👦✍️कहानी सभी के काम की*
*💪👩‍🚒 संयमित ✍️🐒*

*🔔👨‍👩‍👧‍👦↔️ जैन तीर्थंकर प्रभु के पंच कल्याणक महोत्सव की अग्रिम सूचना🔔*

*🔔🪔 कार्तिक शुक्ल षष्ठी,  गुरुवार , 07 नवम्बर 2024 कलिकाल के  22 वें तीर्थंकर अरिष्टनेमि भगवान राहू की महादशा को अनुकूल बनाने वाले सभी प्रकार के अरिष्टों को सहन करने की शक्ति प्रदान कर उत्तम धर्म को धारण करवा कर मोक्ष मार्ग प्रशस्त करने वाले श्री अरिष्टनेमि भगवान जी का गर्भ कल्याणक महोत्सव है।*
*🔔 नवंबर माह में तीर्थंकर भगवन्तों के पंच कल्याणक महोत्सव   07, 13,15, 25 को  कल्याणक महोत्सव है।अष्टान्हिका शाश्वत पर्व 8 से15 नवम्बर तक*
*👨‍👨‍👦‍👦🔔👉 नवंबर माह में  अष्टमी तिथि  09 व 23 को है। चतुर्दशी तिथि 14 व 30  नवम्बर को है।*
*🙆इस नवम्बर माह में शुद्ध विवाह मुहूर्त 12,13,16,17,18,22,23,25,26,28,29 को  है।▶️पंचक 9 से 13 नवम्बर तक है।👨‍👨‍👦‍👦↔️ग्रह प्रवेश मुहूर्त 8,13,16,18,25 नवम्बर को है।*
 *🌞यह सभी पंच कल्याणक तिथियां उत्तर पुराण के अनुसार है इन तिथियों से सम्पूर्ण विश्व में कल्याणक महोत्सव मनाए जाते है।यह सभी  तिथियां जयपुर पंचांग के अंतर्गत है।विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ते रहे शिक्षाप्रद कहानियां ।*

!! *संयम एवं जिम्मेदारी* !!

मशहूर वाहन कम्पनी फोर्ड के मालिक हेनरी फोर्ड को अपनी कार के लिए एक ड्राइवर की आवश्यकता थी। तीन ड्राईवरों को इंटरव्यू के लिए बुलाया गया। सबसे उनकी विशेषता पूछी गयी। पहले व्यक्ति ने बताया कि वह भीड़ में भी सौ मील की रफ्तार से गाड़ी चला सकता है। दूसरे ने बताया कि वह छह फुट के गड्ढ़ों को भी आसानी से पार कर सकता है। 

जबकि तीसरे व्यक्ति ने उत्तर दिया, “मैं चालीस से साठ मील की रफ्तार से ही गाड़ी चलाता हूँ। क्योंकि मैं स्वयं अपनी एवं अपने मालिक की जान को खतरे में नहीं डालता।” शायद यह बताने की आवश्यकता नहीं है कि तीसरे व्यक्ति को ही चुना गया। क्योंकि संयम एवं जिम्मेदारी पूर्ण व्यवहार भी एक बड़ी विशेषता है।   *सीख*:-हर जगह हमें व्यवहार में संयम एवं जिम्मेदारी रखनी चाहिए।
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*🕉️🌞✍️पुण्य वृद्धि के इच्छुक  पुण्यात्माओं से निवेदन है कि इस पोस्ट को परिवार, मित्रों और अन्य परिचितों तक इस पोस्ट को भेजकर स्वयं के व उनके पुण्य मे भी वृद्धि करें। धर्मात्मा बंधु पापों को पुण्य मे बदलना चाहते है तो आज ही संस्था से जुड़कर अपना मोक्ष मार्ग को सुरक्षित करें ।जो स्वयं के पुण्य को शीघ्रातिशीघ्र वृद्धिगत करना चाहते है वे सभी अपनी चंचला लक्ष्मी का सदुपयोग संस्था के माध्यम से  कर सकते है ।✍️*
*✍️➡️👨‍👩‍👧‍👦अगर कोई भी पुण्यात्मा श्रावक इस प्रकार की पोस्ट को व्हाट्सएप पर प्राप्त करना चाहते है तो श्री शांति सागर समाधि साधना सेवा केंद्र जयपुर रजिस्टर संस्था के 📲 9461956111 नंबर पर व्हाट्सएप पर कहानियां + शुभनाम+ 【गांव शहर】निवास स्थान  लिखकर व्हाट्सएप करें,काल ना करें।*
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           *!! आलोचना !!* 

अमेरिका के सर्वाधिक लोकप्रिय राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन के विषय में उनके विरोधी प्रायः कुछ न कुछ अखबारों में प्रकाशित करवाते रहते थे। किंतु लिंकन कभी उनका प्रतिउत्तर नहीं देते थे। एक दिन उनके एक मित्र ने कहा, “आपके विरोधी इतना कुछ आपके बारे में लिखते हैं। आप उनका जवाब क्यों नहीं देते ? आपको भी जवाब देना चाहिए।” लिंकन ने मुस्कुराते हुए उत्तर दिया, “मित्र ! यदि मैं उनका जवाब देने लगूंगा तो मेरा सारा समय इसी में निकल जायेगा। 

फिर मैं कोई जनकल्याण का कार्य नहीं कर पाऊंगा। जीवन के अंत में यदि मैं अपने कार्यों के द्वारा बुरा साबित होता हूँ तो मेरे द्वारा दी गयी किसी सफाई का कोई मूल्य नहीं होगा। “यदि मैं एक अच्छा व्यक्ति साबित होता हूँ तो फिर इन आलोचनाओं का कोई मूल्य नहीं होगा। इसलिए मैं इनपर ध्यान दिए बिना चुपचाप अपना काम करता हूँ।”

*शिक्षा:-* हमें अपने कार्यों के द्वारा लोगों की आलोचनाओं का जवाब देना चाहिए।

*👨‍👩‍👧‍👦✍️➡️🕉️ प्रति समय प्रसन्न रहते हुए अपने सच्चे कर्तव्यों ( वह कार्य जो हमें 84 लाख योनियों से मुक्त करने में सहयोग प्रदान करें ) का पालन कीजिये।*
*➡️जैसा हमारा कर्म होगा वैसा ही हमें फल प्राप्त होगा।आज वर्तमान में जो भी हम सभी को प्राप्त हो रहा है वह हमारे द्वारा  पूर्वो पार्जित कर्मो का ही फल है।आप किसी भी जीव के मोक्ष मार्ग में सहयोगी नहीं बन सकते तो विरोधी बनकर पाप का संचय मत करो। ना ही किसी बात चिंता  करो, अच्छे कर्म करो जो हमसे कोई छुड़ा भी नहीं सकता और चुरा भी नहीं सकता।कर्म यह ऐसी संपत्ति है जो मरने के बाद भी हमारे साथ रहती है।जब जीव जन्म लेता है तो केवल अपने पूर्वो पार्जित कर्मों के साथ ही जन्म लेता है।*
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*जैनम जयतु शासनम*
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शनिवार, 2 नवंबर 2024

अन्तर्मन का प्रेम

*अंतर्मन का प्रेम*
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*🌞🕉️वसुनंदी गुरुवे नमः🕉️🌞*
*🌞✍️सच्चा साथी✍️🌞*
*👨‍👩‍👧‍👦✍️कहानी सभी के काम की*

*💪👩‍🚒अंतर्मन का प्रेम   ✍️🐒*

*🔔👨‍👩‍👧‍👦↔️ जैन तीर्थंकर प्रभु के पंच कल्याणक महोत्सव की अग्रिम सूचना🔔*
*🔔🪔 कार्तिक शुक्ल द्वितीया भाई-दूज,  रविवार , 03 नवम्बर 2024 कलिकाल के  नौवें तीर्थंकर  सुविधिनाथ भगवान शुक्र की महादशा को अनुकूल बनाने वाले सभी प्रकार के सुखकारी वैभव प्रदान कर उत्तम धर्म को धारण करवा कर मोक्ष मार्ग प्रशस्त करने वाले श्री सुविधिनाथ भगवान जी का केवल ज्ञान कल्याणक महोत्सव है।*
*🔔 नवंबर माह में तीर्थंकर भगवन्तों के पंच कल्याणक महोत्सव  03, 07, 13,15, 25 को  कल्याणक महोत्सव है।अष्टान्हिका शाश्वत पर्व,8 से15 नवम्बर तक*
*👨‍👨‍👦‍👦🔔👉 नवंबर माह में  अष्टमी तिथि  09 व 23 को है। चतुर्दशी तिथि 14 व 30  नवम्बर को है।*
*🙆इस नवम्बर माह में शुद्ध विवाह मुहूर्त 12,13,16,17,18,22,23,25,26,28,29 को  है।▶️पंचक 9 से 13 नवम्बर तक है।👨‍👨‍👦‍👦↔️ग्रह प्रवेश मुहूर्त 8,13,16,18,25 नवम्बर को है।*
 *🌞यह सभी पंच कल्याणक तिथियां उत्तर पुराण के अनुसार है इन तिथियों से सम्पूर्ण विश्व में कल्याणक महोत्सव मनाए जाते है।यह सभी  तिथियां जयपुर पंचांग के अंतर्गत है।विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ते रहे शिक्षाप्रद कहानियां ।*
            *!! अंतर्मन का प्रेम !!*

शहर की तंग गलियों के बीच एक पुरानी ताले की दुकान थी। लोग वहां से ताला-चाबी खरीदते और कभी-कभी चाबी खोने पर डुप्लीकेट चाबी बनवाने भी आते। ताले वाले की दुकान में एक भारी-भरकम हथौड़ा भी था जो कभी-कभार ताले तोड़ने के काम आता था।

हथौड़ा अक्सर सोचा करता कि आखिर इन छोटी-छोटी चाबियों में कौन सी खूबी है जो इतने मजबूत तालों को भी चुटकियों में खोल देती हैं जबकि मुझे इसके लिए कितने प्रहार करने पड़ते हैं?

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*🕉️🌞✍️पुण्य वृद्धि के इच्छुक  पुण्यात्माओं से निवेदन है कि इस पोस्ट को परिवार, मित्रों और अन्य परिचितों तक इस पोस्ट को भेजकर स्वयं के व उनके पुण्य मे भी वृद्धि करें। धर्मात्मा बंधु पापों को पुण्य मे बदलना चाहते है तो आज ही संस्था से जुड़कर अपना मोक्ष मार्ग को सुरक्षित करें ।जो स्वयं के पुण्य को शीघ्रातिशीघ्र वृद्धिगत करना चाहते है वे सभी अपनी चंचला लक्ष्मी का सदुपयोग संस्था के माध्यम से  कर सकते है ।✍️*
*✍️➡️👨‍👩‍👧‍👦अगर कोई भी पुण्यात्मा श्रावक इस प्रकार की पोस्ट को व्हाट्सएप पर प्राप्त करना चाहते है तो श्री शांति सागर समाधि साधना सेवा केंद्र जयपुर रजिस्टर संस्था के 📲 9461956111 नंबर पर व्हाट्सएप पर कहानियां + शुभनाम+ 【गांव शहर】निवास स्थान  लिखकर व्हाट्सएप करें,काल ना करें।*
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एक दिन उससे रहा नहीं गया, और दुकान बंद होने के बाद उसने एक नन्ही चाबी से पूछा- “बहन ये बताओ कि आखिर तुम्हारे अन्दर ऐसी कौन सी शक्ति है जो तुम इतने जिद्दी तालों को भी बड़ी आसानी से खोल देती हो, जबकि मैं इतना बलशाली होते हुए भी ऐसा नहीं कर पाता?”

चाबी मुस्कुराई और बोली- दरअसल, तुम तालों को खोलने के लिए बल का प्रयोग करते हो… उनके ऊपर प्रहार करते हो और ऐसा करने से ताला खुलता नहीं टूट जाता है… जबकि मैं ताले को बिलकुल भी चोट नहीं पहुंचाती… बल्कि मैं तो उसके मन में उतर कर उसके हृदय को स्पर्श करती हूँ और उसके दिल में अपनी जगह बनाती हूँ। इसके बाद जैसे ही मैं उससे खुलने का निवेदन करती हूँ, वह फ़ौरन खुल जाता है।

मनुष्य जीवन में भी ऐसा ही कुछ होता है। यदि हम किसी को सचमुच जीतना चाहते हैं, अपना बनाना चाहते हैं तो हमें उस व्यक्ति के हृदय में उतरना होगा। जोर-जबरदस्ती  से कोई काम कराना संभव तो है पर इस तरह से हम ताले को खोलते नहीं बल्कि उसे तोड़ देते हैं… यानि उस व्यक्ति की उपयोगिता को नष्ट कर देते हैं, जबकि प्रेम पूर्वक किसी का दिल जीत कर हम सदा के लिए उसे अपना मित्र बना लेते हैं और उसकी उपयोगिता को कई गुना बढ़ा देते हैं।

*👨‍👨‍👦‍👦⛳✅▶️भव्य आत्माओं:-  इस बात को हमेशा याद रखिये- हर एक चीज जो बल से प्राप्त की जा सकती है उसे प्रेम से भी पाया जा सकता है लेकिन हर एक जिसे प्रेम से पाया जा सकता है उसे बल से नहीं प्राप्त किया जा सकता..!!*

*👨‍👩‍👧‍👦✍️➡️🕉️ प्रति समय प्रसन्न रहते हुए अपने सच्चे कर्तव्यों ( वह कार्य जो हमें 84 लाख योनियों से मुक्त करने में सहयोग प्रदान करें ) का पालन कीजिये।*
*➡️जैसा हमारा कर्म होगा वैसा ही हमें फल प्राप्त होगा।आज वर्तमान में जो भी हम सभी को प्राप्त हो रहा है वह हमारे द्वारा  पूर्वो पार्जित कर्मो का ही फल है।आप किसी भी जीव के मोक्ष मार्ग में सहयोगी नहीं बन सकते तो विरोधी बनकर पाप का संचय मत करो। ना ही किसी बात चिंता  करो, अच्छे कर्म करो जो हमसे कोई छुड़ा भी नहीं सकता और चुरा भी नहीं सकता।कर्म यह ऐसी संपत्ति है जो मरने के बाद भी हमारे साथ रहती है।जब जीव जन्म लेता है तो केवल अपने पूर्वो पार्जित कर्मों के साथ ही जन्म लेता है।*
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*जैनम जयतु शासनम*
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