गुरुवार, 30 जनवरी 2025
समर्पण से.....
सोमवार, 27 जनवरी 2025
हमारी वचनमाला
शनिवार, 25 जनवरी 2025
हमारी विचारधारा
*🌞✍️सच्चा साथी✍️🌞*
*👨👩👧👦✍️कहानी सभी के काम की*
*💪👩🚒 हमारी विचारधारा ✍️🐒*
*🔔👨👩👧👦↔️ जैन तीर्थंकर प्रभु के पंच कल्याणक महोत्सव की अग्रिम सूचना🔔*
*🔔🪔 माघ कृष्ण 12 , रविवार , 26 जनवरी 2025 कलिकाल के दसवें तीर्थंकर श्री शीतल नाथ भगवान जी जिनकी आराधना से गुरु की महादशा अनुकूल हो जाती है और सभी प्रकार से बौध्दिक संपदा प्राप्ति कर उत्तम धर्म को धारण कर भव्य जीव मोक्ष मार्ग पर दृढ़ता पूर्वक विचरण करता है। मोक्ष प्रशस्त करने वाले श्री शीतल नाथ भगवान जी का जन्म व तप कल्याणक महोत्सव है।*
*🔔 जनवरी 2025 में तीर्थंकर भगवन्तों के पंच कल्याणक महोत्सव 09,10,12,13 19, 26,28,29,31 तारीख को कल्याणक महोत्सव है। 🔔षोडश कारण व्रत,14 जनवरी से 13 फरवरी तक*
*👨👨👦👦🔔👉 जनवरी माह में अष्टमी तिथि 22 को है। चतुर्दशी तिथि 28 जनवरी को है।🔔▶️ जनवरी माह में शुद्ध विवाह मुहूर्त 17, 18 ,19 ,21 व 24 जनवरी को है।*
*🌞यह सभी पंच कल्याणक तिथियां उत्तर पुराण के अनुसार है इन तिथियों से सम्पूर्ण विश्व में कल्याणक महोत्सव मनाए जाते है।यह सभी तिथियां जयपुर पंचांग के अंतर्गत है।विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ते रहे शिक्षाप्रद कहानियां ।*
*हमारी विचारधारा*
कहते हैं कि जीवन बहुत सरल है, बस इसकी सरलता को समझाने वाला कोई मिल जाए। हम अक्सर जटिल चीज़ों को ही महत्व देते हैं और सरलता को बकवास समझते हैं।
एक गाँव में एक पुल बन रहा था। इंजीनियर सुबह से एक पाइप जो टेड़ा मेड़ा था, के अंदर बिजली का एक मोटा तार डालने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन सफल नहीं हो पा रहे थे। यह सब एक ग्वाला चुपचाप देख रहा था। दोपहर होने पर वह पास आकर बोला, "मैं कर दूँ?"
मुख्य इंजीनियर ने अचरज और हल्के-फुल्के मज़ाक के अंदाज़ में कहा, "ठीक है भाई, तू ही कर दे।" ग्वाला झाड़ियों की ओर दौड़ा, एक चूहा पकड़ा और तार को उसकी कमर में बाँधकर पाइप के अंदर डाल दिया। फिर पाइप के दूसरे सिरे पर धुआँ कर दिया। चूहा धुएँ से बचने के लिए दौड़ा और पाइप से निकल गया, साथ में तार भी खींच लाया। फिर ग्वाला बोला अब इस तार के जरिये अब मोटे तार को भी खींच दीजिये।
यह देखकर इंजीनियर हैरान रह गए। असली "इंजीनियरिंग" तो ग्वाले ने दिखा दी!
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*हमारी सोच*
एक बड़े शहर में एक घमंडी और धनवान सेठ रहता था। उसके पास हर सुख-सुविधा थी। लेकिन एक दिन उसकी आँखों में इंफेक्शन हो गया। आँखों में तेज़ जलन होती थी। उसने कई डॉक्टरों से दिखाया, पर कोई इलाज नहीं मिला।
अंततः एक बड़े डॉक्टर ने सलाह दी, "आपकी आँखों में एलर्जी है। कुछ समय तक केवल हरा रंग ही देख सकते हैं। किसी और रंग को देखना आपकी आँखों के लिए हानिकारक हो सकता है।"
सेठ ने तुरंत आदेश दिया कि उसका महल और आसपास का पूरा इलाका हरे रंग से रंग दिया जाए। उसने पेंटरों को बुलाकर कहा, "जहाँ मैं जाऊँ, हर जगह हरा ही हरा दिखना चाहिए।"
इस काम में बहुत पैसा खर्च हो रहा था। फिर भी सेठ को कभी-कभी दूसरे रंग दिख ही जाते थे। इससे वह और परेशान हो गया और उसने और अधिक पेंटर बुलाए।
इसी बीच, एक समझदार व्यक्ति ने यह सब देखा। उसने सेठ से कहा, "आप इतना पैसा क्यों बर्बाद कर रहे हैं? सिर्फ़ एक हरा चश्मा पहन लीजिए, आपकी समस्या हल हो जाएगी।"
सेठ को यह बात समझ में आई। उसने तुरंत हरा चश्मा खरीदा और अपनी आँखों को आराम दिया।
*🎪🔔👨👨👦👦🌞विशेष:-भव्य आत्माओं,यह कहानी हमें सिखाती है कि जीवन में हमारी समस्याओं का समाधान अक्सर हमारी सोच और दृष्टिकोण पर निर्भर करता है। कई बार हम समस्या को जटिल मानकर अनावश्यक संसाधन और समय बर्बाद करते हैं, जबकि समाधान आसान और हमारे सामने होता है। समझदारी यही है कि समस्या को बदलने की बजाय अपने दृष्टिकोण को बदलें। यही सोच का फ़र्क है, जो जीवन को सरल और सुखद बना सकता है।*
*👨👩👧👦✍️➡️🕉️ प्रति समय प्रसन्न रहते हुए अपने सच्चे कर्तव्यों ( वह कार्य जो हमें 84 लाख योनियों से मुक्त करने में सहयोग प्रदान करें ) का पालन कीजिये।*
*➡️जैसा हमारा कर्म होगा वैसा ही हमें फल प्राप्त होगा।आज वर्तमान में जो भी हम सभी को प्राप्त हो रहा है वह हमारे द्वारा पूर्वो पार्जित कर्मो का ही फल है।आप किसी भी जीव के मोक्ष मार्ग में सहयोगी नहीं बन सकते तो विरोधी बनकर पाप का संचय मत करो। ना ही किसी बात चिंता करो, अच्छे कर्म करो जो हमसे कोई छुड़ा भी नहीं सकता और चुरा भी नहीं सकता।कर्म यह ऐसी संपत्ति है जो मरने के बाद भी हमारे साथ रहती है।जब जीव जन्म लेता है तो केवल अपने पूर्वो पार्जित कर्मों के साथ ही जन्म लेता है।*
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*जैनम जयतु शासनम*
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