गुरुवार, 30 जनवरी 2025

समर्पण से.....

*🌞✍️सच्चा साथी✍️🌞*
*👨‍👩‍👧‍👦✍️कहानी सभी के काम की*
*💪👩‍🚒  समर्पण से .....✍️🐒*

*🔔👨‍👩‍👧‍👦↔️ जैन तीर्थंकर प्रभु के पंच कल्याणक महोत्सव की अग्रिम सूचना🔔*
*🔔🪔 माघ शुक्ल दूज ,  शुक्रवार ,31 जनवरी 2025 कलि काल के  बारहवें तीर्थंकर श्री वासुपूज्य भगवान जी जिनकी आराधना से मंगल की महादशा  अनुकूल हो  जाती है और सभी प्रकार से बौध्दिक संपदा प्राप्ति कर उत्तम धर्म को धारण कर भव्य जीव मोक्ष मार्ग पर  दृढ़ता पूर्वक विचरण करता है। मोक्ष प्रशस्त करने वाले श्री वासुपूज्य भगवान जी का केवल ज्ञान कल्याणक महोत्सव है।*
*🔔🪔 माघ शुक्ल चतुर्थी, बुधवार , 01 फरवरी 2025 कलि काल के 13 वें तीर्थंकर श्री विमलनाथ भगवान जी जिनकी आराधना से बुध की महादशा  अनुकूल हो  जाती है और सभी प्रकार से बौध्दिक संपदा प्राप्ति कर उत्तम धर्म को धारण कर भव्य जीव मोक्ष मार्ग पर  दृढ़ता पूर्वक विचरण करता है। मोक्ष प्रशस्त करने वाले श्री विमलनाथ भगवान जी का जन्म व तप कल्याणक महोत्सव है। 🔔नोट:- आज जयपुर जैन पंचांग के अनुसार तृतीया व चतुर्थी तिथि दोनों ही समाविष्ट है।*
*🔔 फरवरी 2025 में तीर्थंकर भगवन्तों के पंच कल्याणक महोत्सव 01,03,06,07, 15, 16,19,22,24,25 व 26 तारीख को  कल्याणक महोत्सव है। 🔔षोडश कारण व्रत,14 जनवरी से 13 फरवरी तक*
*▶️दश लक्षण व्रत 2 से 11 फरवरी तक, रत्नत्रय व्रत 10 से 12 फरवरी 🔔बंसत पंचमी 2 फरवरी को है।*
*👨‍👨‍👦‍👦🔔👉 फरवरी माह में  अष्टमी तिथि 05 व   21 को है। चतुर्दशी तिथि 11 व 27 फरवरी को है।🔔▶️ फरवरी माह में शुद्ध विवाह मुहूर्त 02,03,12,14,15, 18 23 व 25 फरवरी को है।*
*🔔 🌞गृह प्रवेश मुहूर्त 07, 08,14,15 व 17 फरवरी तक है*
 *🌞यह सभी पंच कल्याणक तिथियां उत्तर पुराण के अनुसार है इन तिथियों से सम्पूर्ण विश्व में कल्याणक महोत्सव मनाए जाते है।यह सभी  तिथियां जयपुर पंचांग के अंतर्गत है।विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ते रहे शिक्षाप्रद कहानियां ।*


*💐सुनार की तकदीर बदली उसके समर्पण से 💐*

 *एक बार किसी देश का राजा अपनी प्रजा का हाल-चाल पूछने के लिए गाँवों में घूम रहा था।*

*घूमते-घूमते उसके कुर्ते के सोने के बटन की झालर टूट गई, उसने अपने मंत्री से पूछा, कि इस गांव में कौन सा सुनार है, जो मेरे कुर्ते के लिए नया बटन बना देगा ।*

*उस गांव में सिर्फ एक ही सुनार था, जो हर तरह के गहने बनाता था, उसको राजा के सामने ले जाया गया।*

     *राजा ने कहा, कि तुम मेरे कुर्ते का बटन बना सकते हो ?*
     *सुनार ने कहा, हुज़ूर यह कोई मुश्किल काम थोड़े ही है ! उसने, कुर्ते का दूसरा बटन देखकर, नया बना दिया और राजा के कुर्ते में फिट कर दिया।।*

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*🕉️🌞✍️पुण्य वृद्धि के इच्छुक  पुण्यात्माओं से निवेदन है कि इस पोस्ट को परिवार, मित्रों और अन्य परिचितों तक इस पोस्ट को भेजकर स्वयं के व उनके पुण्य मे भी वृद्धि करें। धर्मात्मा बंधु पापों को पुण्य मे बदलना चाहते है तो आज ही संस्था से जुड़कर अपना मोक्ष मार्ग को सुरक्षित करें ।जो स्वयं के पुण्य को शीघ्रातिशीघ्र वृद्धिगत करना चाहते है वे सभी अपनी चंचला लक्ष्मी का सदुपयोग संस्था के माध्यम से  कर सकते है ।✍️*
*✍️➡️👨‍👩‍👧‍👦अगर कोई भी पुण्यात्मा श्रावक इस प्रकार की पोस्ट को व्हाट्सएप पर प्राप्त करना चाहते है तो श्री शांति सागर समाधि साधना सेवा केंद्र जयपुर रजिस्टर संस्था के 📲 W 9783831296 नंबर पर व्हाट्सएप पर कहानियां + शुभनाम+ 【गांव शहर】निवास स्थान  लिखकर व्हाट्सएप करें,काल ना करें।*
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     *राजा ने खुश होकर सुनार से पूछा, कि कितने पैसे दूं ?*

      *सुनार ने कहा :- "महाराज रहने दो, छोटा सा काम था।"*

     *उसने, मन में सोचा, कि सोना राजा का था, उसने तो सिर्फ मजदूरी की है और राजा से क्या मजदूरी लेनी है...!*

     *राजा ने फिर से सुनार को कहा कि, नहीं-नहीं, बोलो कितने दूं ?*

      *सोनार ने सोचा, की दो रूपये मांग लेता हूँ। फिर मन में विचार आया, कि कहीं राजा यह न सोच ले कि एक बटन बनाने का मेरे से दो रुपये ले रहा है, तो गाँव वालों से कितना लेता होगा, और कोई सजा न दे दे क्योंकि उस जमाने में दो रुपये की कीमत बहुत होती थी।*

     *सुनार ने सोच-विचार कर, राजा से कहा कि :- "महाराज जो भी आपकी इच्छा हो, दे दो।"*

     *अब राजा तो राजा था। उसको अपने हिसाब से देना था। कहीं देने में उसकी इज्जत ख़राब न हो जाये और, उसने अपने मंत्री को कहा, कि इस सुनार को दो गांव दे दो, यह हमारा हुक्म है।*
      *यहाँ सोनी जी, सिर्फ दो रुपये की मांग का सोच रहे थे, मगर, राजा ने उसको दो गांव दे दिए।*

      *इसी तरह, जब हम प्रभु पर सब कुछ छोड़ते हैं, तो वह अपने हिसाब से देता है और मांगते हैं तो सिर्फ हम मांगने में कमी कर जाते हैं। देने वाला तो पता नहीं क्या देना चाहता है, लेकिन, हम अपनी हैसियत से तुच्छ वस्तु मांग लेते हैं.*

     *🔔👨‍👨‍👦‍👦🙏🎪विशेष:- भव्य आत्माओं,संत-महात्मा कहते है, कि हमें तो मांगना भी नहीं आता इसलिए ईश्वर को सब कुछ अपना सर्मपण कर दो, उनसे कभी कुछ मत मांगों, जो वो अपने आप दें, बस उसी से संतुष्ट रहो। फिर देखो उसकी लीला, वारे न्यारे हो जाएंगे। जीवन मे धन के साथ "सन्तुष्ट"  होना जरूरी है।*


*👨‍👩‍👧‍👦✍️➡️🕉️ प्रति समय प्रसन्न रहते हुए अपने सच्चे कर्तव्यों ( वह कार्य जो हमें 84 लाख योनियों से मुक्त करने में सहयोग प्रदान करें ) का पालन कीजिये।*
*➡️जैसा हमारा कर्म होगा वैसा ही हमें फल प्राप्त होगा।आज वर्तमान में जो भी हम सभी को प्राप्त हो रहा है वह हमारे द्वारा  पूर्वो पार्जित कर्मो का ही फल है।आप किसी भी जीव के मोक्ष मार्ग में सहयोगी नहीं बन सकते तो विरोधी बनकर पाप का संचय मत करो। ना ही किसी बात चिंता  करो, अच्छे कर्म करो जो हमसे कोई छुड़ा भी नहीं सकता और चुरा भी नहीं सकता।कर्म यह ऐसी संपत्ति है जो मरने के बाद भी हमारे साथ रहती है।जब जीव जन्म लेता है तो केवल अपने पूर्वो पार्जित कर्मों के साथ ही जन्म लेता है।*
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*जैनम जयतु शासनम*
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सोमवार, 27 जनवरी 2025

हमारी वचनमाला

*🌞✍️सच्चा साथी✍️🌞*
*👨‍👩‍👧‍👦✍️कहानी सभी के काम की*
*💪👩‍🚒 अनावश्यक वचनमाला ✍️🐒*

*🔔👨‍👩‍👧‍👦↔️ जैन तीर्थंकर प्रभु के पंच कल्याणक महोत्सव की अग्रिम सूचना🔔*
*🔔🪔 माघ कृष्ण 14 , मंगलवार , 28 जनवरी 2025 कलिकाल के  प्रथम तीर्थंकर श्री आदिनाथ भगवान जी जिनकी आराधना से गुरु की महादशा  अनुकूल हो  जाती है और सभी प्रकार से बौध्दिक संपदा प्राप्ति कर उत्तम धर्म को धारण कर भव्य जीव मोक्ष मार्ग पर  दृढ़ता पूर्वक विचरण करता है। मोक्ष प्रशस्त करने वाले श्री आदिनाथ भगवान जी का मोक्ष कल्याणक महोत्सव है।*
*🔔🪔 माघ अमावस्या 30 , बुधवार , 29 जनवरी 2025 कलिकाल के  ग्यारहवें तीर्थंकर श्री श्रेयांसनाथ भगवान जी जिनकी आराधना से गुरु की महादशा  अनुकूल हो  जाती है और सभी प्रकार से बौध्दिक संपदा प्राप्ति कर उत्तम धर्म को धारण कर भव्य जीव मोक्ष मार्ग पर  दृढ़ता पूर्वक विचरण करता है। मोक्ष प्रशस्त करने वाले श्री श्रेयांसनाथ भगवान जी का केवलज्ञान कल्याणक महोत्सव है।*
*🔔 जनवरी 2025 में तीर्थंकर भगवन्तों के पंच कल्याणक महोत्सव 09,10,12,13 19, 26,28,29,31 तारीख को  कल्याणक महोत्सव है। 🔔षोडश कारण व्रत,14 जनवरी से 13 फरवरी तक*
*👨‍👨‍👦‍👦🔔👉 जनवरी माह में  अष्टमी तिथि   22 को है। चतुर्दशी तिथि  28 जनवरी को है।🔔▶️ जनवरी माह में शुद्ध विवाह मुहूर्त 17, 18 ,19 ,21 व 24 जनवरी को है।*
 *🌞यह सभी पंच कल्याणक तिथियां उत्तर पुराण के अनुसार है इन तिथियों से सम्पूर्ण विश्व में कल्याणक महोत्सव मनाए जाते है।यह सभी  तिथियां जयपुर पंचांग के अंतर्गत है।विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ते रहे शिक्षाप्रद कहानियां ।*

*👨‍👨‍👦‍👦अनावश्यक वचनमाला🔔* 
फालतू की बात और बहस करके अपना सम्मान ना गवाए, जितना आवश्यक हो उतना ही बोले.......... 

एक तेली अपने कोल्हू के पास सो रहा था। उसका बैल कोल्हू खींच रहा था। उधर से एक दार्शनिक गुजरा।उसने तेली को जगाकर अपने बारे में बताया और बोला कि इस बैल की आंखों पर तुमने पट्टी क्यों बांधी हुई है। 

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*🕉️🌞✍️पुण्य वृद्धि के इच्छुक  पुण्यात्माओं से निवेदन है कि इस पोस्ट को परिवार, मित्रों और अन्य परिचितों तक इस पोस्ट को भेजकर स्वयं के व उनके पुण्य मे भी वृद्धि करें। धर्मात्मा बंधु पापों को पुण्य मे बदलना चाहते है तो आज ही संस्था से जुड़कर अपना मोक्ष मार्ग को सुरक्षित करें ।जो स्वयं के पुण्य को शीघ्रातिशीघ्र वृद्धिगत करना चाहते है वे सभी अपनी चंचला लक्ष्मी का सदुपयोग संस्था के माध्यम से  कर सकते है ।✍️*
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तेली ने उसे बताया कि पट्टी न हो तो वह समझ जाएगा कि वह एक ही जगह घूम रहा है और वह चलना बंद कर देगा। 

दार्शनिक ने पूछा कि अभी तो तुम सो रहे थे। अगर वह चलना बंद कर देगा तो तुम्हें कैसे पता चलेगा कि वह चल नहीं रहा है। तेली बोला कि तुमने देखा होगा कि इसके गले में एक घंटी लटकी हुई है, जब बैल चलता है तो घंटी बजती रहती है। जब घंटी बजनी बंद हो जाती है तो मैं समझ जाता हूं कि यह रुक गया है और मैं इसे कोंच देता हूं। 

दार्शनिक ने बोला कि यह भी तो संभव है कि वह एक ही जगह खड़ा हो जाए और अपनी गर्दन हिलाकर घंटी बजाता रहे। इस पर तेली ने झुंझलाकर कहा कि यह ऐसा नहीं करेगा। 

दार्शनिक ने पूछा कि तुम दावे के साथ कैसे कह सकते हो कि वह ऐसा नहीं करेगा।

इस पर तेली बोला कि यह बैल है, दार्शनिक नहीं, जो इतनी धूर्तता उसके दिमाग में आए।

*🎪🌞👨‍👨‍👦‍👦🔔विशेष:-भव्य आत्माओं,नितीकार आचार्यों  ने अपने नीति शास्त्र में कुछ ऐसे लोगों का जिक्र किया है जिनको कई बार आपने अपनी नित्य जिंदगी में अनुभव किया होगा हमें उनसे बहस करने से बचना चाहिए। ऐसा करने से आपका समय बर्बाद होता है और साथ ही बहस से आपके रिश्ते भी खराब हो सकते हैं।अनावश्यक विषयों पर बहस करके हम अपना ही सम्मान कम करते हैं। किसी से बहस करने का उद्देश्य यह होना चाहिए कि हम दोनों एक-दूसरे से कुछ नया सीखें, न कि सिर्फ अपनी बातों को साबित करने के लिए। हमें अपने वचनों को बोलने से पहले तौलना आवश्यक है।*

*👨‍👩‍👧‍👦✍️➡️🕉️ प्रति समय प्रसन्न रहते हुए अपने सच्चे कर्तव्यों ( वह कार्य जो हमें 84 लाख योनियों से मुक्त करने में सहयोग प्रदान करें ) का पालन कीजिये।*
*➡️जैसा हमारा कर्म होगा वैसा ही हमें फल प्राप्त होगा।आज वर्तमान में जो भी हम सभी को प्राप्त हो रहा है वह हमारे द्वारा  पूर्वो पार्जित कर्मो का ही फल है।आप किसी भी जीव के मोक्ष मार्ग में सहयोगी नहीं बन सकते तो विरोधी बनकर पाप का संचय मत करो। ना ही किसी बात चिंता  करो, अच्छे कर्म करो जो हमसे कोई छुड़ा भी नहीं सकता और चुरा भी नहीं सकता।कर्म यह ऐसी संपत्ति है जो मरने के बाद भी हमारे साथ रहती है।जब जीव जन्म लेता है तो केवल अपने पूर्वो पार्जित कर्मों के साथ ही जन्म लेता है।*
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*जैनम जयतु शासनम*
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शनिवार, 25 जनवरी 2025

हमारी विचारधारा


*🌞✍️सच्चा साथी✍️🌞*
*👨‍👩‍👧‍👦✍️कहानी सभी के काम की*
*💪👩‍🚒 हमारी विचारधारा ✍️🐒*

*🔔👨‍👩‍👧‍👦↔️ जैन तीर्थंकर प्रभु के पंच कल्याणक महोत्सव की अग्रिम सूचना🔔*
*🔔🪔 माघ कृष्ण 12 , रविवार , 26 जनवरी 2025 कलिकाल के  दसवें तीर्थंकर श्री शीतल नाथ भगवान जी जिनकी आराधना से गुरु की महादशा  अनुकूल हो  जाती है और सभी प्रकार से बौध्दिक संपदा प्राप्ति कर उत्तम धर्म को धारण कर भव्य जीव मोक्ष मार्ग पर  दृढ़ता पूर्वक विचरण करता है। मोक्ष प्रशस्त करने वाले श्री शीतल नाथ भगवान जी का जन्म व तप कल्याणक महोत्सव है।*
*🔔 जनवरी 2025 में तीर्थंकर भगवन्तों के पंच कल्याणक महोत्सव 09,10,12,13 19, 26,28,29,31 तारीख को  कल्याणक महोत्सव है। 🔔षोडश कारण व्रत,14 जनवरी से 13 फरवरी तक*
*👨‍👨‍👦‍👦🔔👉 जनवरी माह में  अष्टमी तिथि   22 को है। चतुर्दशी तिथि  28 जनवरी को है।🔔▶️ जनवरी माह में शुद्ध विवाह मुहूर्त 17, 18 ,19 ,21 व 24 जनवरी को है।*
*🌞यह सभी पंच कल्याणक तिथियां उत्तर पुराण के अनुसार है इन तिथियों से सम्पूर्ण विश्व में कल्याणक महोत्सव मनाए जाते है।यह सभी  तिथियां जयपुर पंचांग के अंतर्गत है।विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ते रहे शिक्षाप्रद कहानियां ।*
*हमारी विचारधारा*

कहते हैं कि जीवन बहुत सरल है, बस इसकी सरलता को समझाने वाला कोई मिल जाए। हम अक्सर जटिल चीज़ों को ही महत्व देते हैं और सरलता को बकवास समझते हैं।

एक गाँव में एक पुल बन रहा था। इंजीनियर सुबह से एक पाइप जो टेड़ा मेड़ा था, के अंदर बिजली का एक मोटा तार डालने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन सफल नहीं हो पा रहे थे। यह सब एक ग्वाला चुपचाप देख रहा था। दोपहर होने पर वह पास आकर बोला, "मैं कर दूँ?"
मुख्य इंजीनियर ने अचरज और हल्के-फुल्के मज़ाक के अंदाज़ में कहा, "ठीक है भाई, तू ही कर दे।" ग्वाला झाड़ियों की ओर दौड़ा, एक चूहा पकड़ा और तार को उसकी कमर में बाँधकर पाइप के अंदर डाल दिया। फिर पाइप के दूसरे सिरे पर धुआँ कर दिया। चूहा धुएँ से बचने के लिए दौड़ा और पाइप से निकल गया, साथ में तार भी खींच लाया। फिर ग्वाला बोला अब इस तार के जरिये अब मोटे तार को भी खींच दीजिये।
यह देखकर इंजीनियर हैरान रह गए। असली "इंजीनियरिंग" तो ग्वाले ने दिखा दी!

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*🕉️🌞✍️पुण्य वृद्धि के इच्छुक  पुण्यात्माओं से निवेदन है कि इस पोस्ट को परिवार, मित्रों और अन्य परिचितों तक इस पोस्ट को भेजकर स्वयं के व उनके पुण्य मे भी वृद्धि करें। धर्मात्मा बंधु पापों को पुण्य मे बदलना चाहते है तो आज ही संस्था से जुड़कर अपना मोक्ष मार्ग को सुरक्षित करें ।जो स्वयं के पुण्य को शीघ्रातिशीघ्र वृद्धिगत करना चाहते है वे सभी अपनी चंचला लक्ष्मी का सदुपयोग संस्था के माध्यम से  कर सकते है ।✍️*
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*हमारी सोच*

एक बड़े शहर में एक घमंडी और धनवान सेठ रहता था। उसके पास हर सुख-सुविधा थी। लेकिन एक दिन उसकी आँखों में इंफेक्शन हो गया। आँखों में तेज़ जलन होती थी। उसने कई डॉक्टरों से दिखाया, पर कोई इलाज नहीं मिला।

अंततः एक बड़े डॉक्टर ने सलाह दी, "आपकी आँखों में एलर्जी है। कुछ समय तक केवल हरा रंग ही देख सकते हैं। किसी और रंग को देखना आपकी आँखों के लिए हानिकारक हो सकता है।"

सेठ ने तुरंत आदेश दिया कि उसका महल और आसपास का पूरा इलाका हरे रंग से रंग दिया जाए। उसने पेंटरों को बुलाकर कहा, "जहाँ मैं जाऊँ, हर जगह हरा ही हरा दिखना चाहिए।"

इस काम में बहुत पैसा खर्च हो रहा था। फिर भी सेठ को कभी-कभी दूसरे रंग दिख ही जाते थे। इससे वह और परेशान हो गया और उसने और अधिक पेंटर बुलाए।

इसी बीच, एक समझदार व्यक्ति ने यह सब देखा। उसने सेठ से कहा, "आप इतना पैसा क्यों बर्बाद कर रहे हैं? सिर्फ़ एक हरा चश्मा पहन लीजिए, आपकी समस्या हल हो जाएगी।"

सेठ को यह बात समझ में आई। उसने तुरंत हरा चश्मा खरीदा और अपनी आँखों को आराम दिया।

*🎪🔔👨‍👨‍👦‍👦🌞विशेष:-भव्य आत्माओं,यह कहानी हमें सिखाती है कि जीवन में हमारी समस्याओं का समाधान अक्सर हमारी सोच और दृष्टिकोण पर निर्भर करता है। कई बार हम समस्या को जटिल मानकर अनावश्यक संसाधन और समय बर्बाद करते हैं, जबकि समाधान आसान और हमारे सामने होता है। समझदारी यही है कि समस्या को बदलने की बजाय अपने दृष्टिकोण को बदलें। यही सोच का फ़र्क है, जो जीवन को सरल और सुखद बना सकता है।*

*👨‍👩‍👧‍👦✍️➡️🕉️ प्रति समय प्रसन्न रहते हुए अपने सच्चे कर्तव्यों ( वह कार्य जो हमें 84 लाख योनियों से मुक्त करने में सहयोग प्रदान करें ) का पालन कीजिये।*
*➡️जैसा हमारा कर्म होगा वैसा ही हमें फल प्राप्त होगा।आज वर्तमान में जो भी हम सभी को प्राप्त हो रहा है वह हमारे द्वारा  पूर्वो पार्जित कर्मो का ही फल है।आप किसी भी जीव के मोक्ष मार्ग में सहयोगी नहीं बन सकते तो विरोधी बनकर पाप का संचय मत करो। ना ही किसी बात चिंता  करो, अच्छे कर्म करो जो हमसे कोई छुड़ा भी नहीं सकता और चुरा भी नहीं सकता।कर्म यह ऐसी संपत्ति है जो मरने के बाद भी हमारे साथ रहती है।जब जीव जन्म लेता है तो केवल अपने पूर्वो पार्जित कर्मों के साथ ही जन्म लेता है।*
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*जैनम जयतु शासनम*
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शनिवार, 18 जनवरी 2025

सुखी रहने का उपाय

*सुखी रहने का उपाय* 
*🌞✍️सच्चा साथी✍️🌞*
*👨‍👩‍👧‍👦✍️कहानी सभी के काम की*
*💪👩‍🚒  *सुखी रहने का उपाय* 
 
*🔔👨‍👩‍👧‍👦↔️ जैन तीर्थंकर प्रभु के पंच कल्याणक महोत्सव की अग्रिम सूचना🔔*
*🔔🪔 माघ कृष्ण पक्ष, रविवार , 19 जनवरी 2025 कलिकाल के 6 छठवें तीर्थंकर श्री पद्मप्रभ भगवान जी जिनकी आराधना से सूर्य की महादशा  अनुकूल हो  जाती है और सभी प्रकार से बौध्दिक संपदा प्राप्ति कर उत्तम धर्म को धारण कर भव्य जीव मोक्ष मार्ग पर  दृढ़ता पूर्वक विचरण करता है। मोक्ष प्रशस्त करने वाले श्री पद्मप्रभ भगवान जी का गर्भ कल्याणक महोत्सव है।*
*🔔 जनवरी 2025 में तीर्थंकर भगवन्तों के पंच कल्याणक महोत्सव 19, 26,28,29,31 तारीख को  कल्याणक महोत्सव है। 🔔षोडश कारण व्रत,14 जनवरी से 13 फरवरी तक*
*👨‍👨‍👦‍👦🔔👉 जनवरी माह में  अष्टमी तिथि  07 व 22 को है। चतुर्दशी तिथि 12 व 28 जनवरी को है।🔔▶️ जनवरी माह में शुद्ध विवाह मुहूर्त 17, 18 ,19 ,21 व 24 जनवरी को है।*
 *🌞यह सभी पंच कल्याणक तिथियां उत्तर पुराण के अनुसार है इन तिथियों से सम्पूर्ण विश्व में कल्याणक महोत्सव मनाए जाते है।यह सभी  तिथियां जयपुर पंचांग के अंतर्गत है।विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ते रहे शिक्षाप्रद कहानियां ।*

🔔कई बार आपने अपनों से सुना होगा यार पहले इनकम भले ही कम थी लेकिन एक संतोष था। 

कभी-कभी ऐसा होता है कि अभाव में भी मन में संतोष और खुशी बनी रहती है, लेकिन उसके उल्टे जब सब कुछ हासिल हो जाता है, तब भी खुशी का एहसास खो जाता है।

वास्तव में मन में संतोष होने से ही जीवन सुखी बनता है।
इस कहानी के माध्यम से समझें कि संतोषी जीवन ही सुखी रहने का आधार है।

 *🔔सुखी रहने का उपाय 👨‍👨‍👦‍👦* 

पुराने समय की बात है, एक सम्राट था। उसका एक नाई रोज़ उसकी मालिश और हजामत करता था। इसके बदले में सम्राट उसे रोज़ एक रुपया दिया करता था। उस समय एक रुपया बहुत कीमती हुआ करता था। नाई उस एक रुपए से अपना पेट भरता, दोस्तों को खिलाता और हमेशा संतुष्ट और प्रसन्न रहता। उसकी यह खुशी देखकर सम्राट को बड़ा अचरज होता था।

नाई रोज़ अपना सारा पैसा खर्च कर देता था, और रात को चैन की नींद सोता था। अगली सुबह उसे फिर एक रुपया मिल जाता और वह खुशी-खुशी अपना दिन बिताता। उसकी यह सरल और आनंद मयी दिनचर्या सम्राट के लिए एक रहस्य बन गई, क्योंकि खुद सम्राट अपने राजपाठ और चिंताओं के कारण इतना सुखी नहीं था।

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*🕉️🌞✍️पुण्य वृद्धि के इच्छुक  पुण्यात्माओं से निवेदन है कि इस पोस्ट को परिवार, मित्रों और अन्य परिचितों तक इस पोस्ट को भेजकर स्वयं के व उनके पुण्य मे भी वृद्धि करें। धर्मात्मा बंधु पापों को पुण्य मे बदलना चाहते है तो आज ही संस्था से जुड़कर अपना मोक्ष मार्ग को सुरक्षित करें ।जो स्वयं के पुण्य को शीघ्रातिशीघ्र वृद्धिगत करना चाहते है वे सभी अपनी चंचला लक्ष्मी का सदुपयोग संस्था के माध्यम से  कर सकते है ।✍️*
*✍️➡️👨‍👩‍👧‍👦अगर कोई भी पुण्यात्मा श्रावक इस प्रकार की पोस्ट को व्हाट्सएप पर प्राप्त करना चाहते है तो श्री शांति सागर समाधि साधना सेवा केंद्र जयपुर रजिस्टर संस्था के 📲 789191325 नंबर पर व्हाट्सएप पर कहानियां + शुभनाम+ 【गांव शहर】निवास स्थान  लिखकर व्हाट्सएप करें,काल ना करें।*
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एक दिन सम्राट ने नाई से पूछा, "तुम हमेशा इतने खुश कैसे रहते हो?"
नाई ने मुस्कराते हुए कहा, "महाराज, मेरे पास कुछ भी नहीं है, लेकिन मैं आज में जीता हूँ और कल की चिंता नहीं करता।"

सम्राट इस उत्तर से संतुष्ट नहीं हुआ। उसने अपने वजीर से नाई की खुशी का रहस्य जानने का उपाय पूछा। वजीर ने कहा, "महाराज, इसका एक हल है। मुझे इसे आज़माने दीजिए।"

वजीर ने एक रात निन्यानबे रुपए एक थैली में रखकर नाई के घर के बाहर छोड़ दिए। सुबह जब नाई ने थैली देखी, तो वह चकित रह गया। उसने रुपए गिने और पाया कि उसमें निन्यानबे रुपए हैं। नाई ने तुरंत सोचा, "अगर मैं आज एक रुपया बचा लूं, तो मेरे पास पूरे सौ रुपए हो जाएंगे।"

उस दिन नाई ने खाना कम कर दिया और खर्चे में कटौती करने लगा। धीरे-धीरे वह पैसे बचाने की चिंता में खो गया। पहले जो नाई हर दिन प्रसन्न रहता था, वह अब हमेशा उदास और चिंतित रहने लगा।

सम्राट ने एक दिन उससे पूछा, "तुम आजकल खुश नहीं दिखते, क्या बात है?"
नाई ने अनमने भाव से कहा, "महाराज, सब ठीक है।"

सम्राट को समझ आ गया कि निन्यानबे रुपए वाली थैली ने नाई का चैन छीन लिया है। उसने वजीर से इसका कारण जानने को कहा। वजीर ने पूरी बात बताई।

अगले दिन सम्राट ने नाई को बुलाया और कहा, "सच-सच बताओ, क्या हुआ है?"
नाई ने कहा, "महाराज, मुझे एक दिन निन्यानबे रुपए मिले। तब से मैं उन्हें सौ में बदलने की कोशिश में लगा हूँ। इसी चिंता ने मेरी नींद और खुशी दोनों छीन ली हैं।"

सम्राट ने मुस्कराते हुए कहा, "यह निन्यानबे का फेर है, जो तुम्हारी शांति छीन चुका है। पहले तुम संतुष्ट थे, क्योंकि तुम्हारे पास कोई लालच नहीं था। लेकिन अब तुम्हारी इच्छाओं ने तुम्हें परेशान कर दिया है।"

 *🎪👨‍👨‍👦‍👦🔔⏰✍️भव्य आत्माओं:- पहले साधारण सी नौकरी में भी खुशी थी आज बच्चों के बड़े बड़े पैकेज गाड़ी बंगला के बावजूद लोग दुखी है। वास्तव में संतोष ही सच्चा सुख है। जब हम लालच और इच्छाओं का पीछा करते हैं, तो हम अपनी वर्तमान खुशी खो देते हैं। जीवन का आनंद उन्हीं चीज़ों में है, जो हमारे पास हैं, न कि और अधिक पाने की चिंता में।*

*👨‍👩‍👧‍👦✍️➡️🕉️ प्रति समय प्रसन्न रहते हुए अपने सच्चे कर्तव्यों ( वह कार्य जो हमें 84 लाख योनियों से मुक्त करने में सहयोग प्रदान करें ) का पालन कीजिये।*
*➡️जैसा हमारा कर्म होगा वैसा ही हमें फल प्राप्त होगा।आज वर्तमान में जो भी हम सभी को प्राप्त हो रहा है वह हमारे द्वारा  पूर्वो पार्जित कर्मो का ही फल है।आप किसी भी जीव के मोक्ष मार्ग में सहयोगी नहीं बन सकते तो विरोधी बनकर पाप का संचय मत करो। ना ही किसी बात चिंता  करो, अच्छे कर्म करो जो हमसे कोई छुड़ा भी नहीं सकता और चुरा भी नहीं सकता।कर्म यह ऐसी संपत्ति है जो मरने के बाद भी हमारे साथ रहती है।जब जीव जन्म लेता है तो केवल अपने पूर्वो पार्जित कर्मों के साथ ही जन्म लेता है।*
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*जैनम जयतु शासनम*
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बुधवार, 8 जनवरी 2025

जीवन का शाश्वत सत्य

*जीवन का शाश्वत सत्य*
*🌞✍️सच्चा साथी✍️🌞*
*👨‍👩‍👧‍👦✍️कहानी सभी के काम की*
*💪👩‍🚒 जीवन का शाश्वत सत्य ✍️🐒*

*🔔👨‍👩‍👧‍👦↔️ जैन तीर्थंकर प्रभु के पंच कल्याणक महोत्सव की अग्रिम सूचना🔔*

*🔔🪔 पौष शुक्ल दशमी , गुरुवार , 9 जनवरी 2025 कलिकाल के  16 वें तीर्थंकर श्री शान्तिनाथ भगवान जी जिनकी आराधना से बुध की महादशा  अनुकूल हो  जाती है और सभी प्रकार से बौध्दिक संपदा प्राप्ति कर उत्तम धर्म को धारण कर भव्य जीव मोक्ष मार्ग पर  दृढ़ता पूर्वक विचरण करता है। मोक्ष प्रशस्त करने वाले श्री शान्तिनाथ भगवान जी का केवल ज्ञान कल्याणक महोत्सव है।*
*🔔🪔 पौष शुक्ल ग्यारस ,  शुक्रवार , 10 जनवरी 2025 कलिकाल के  द्वितीय  तीर्थंकर श्री अजितनाथ भगवान जी जिनकी आराधना से गुरु की महादशा  अनुकूल हो  जाती है और सभी प्रकार से बौध्दिक संपदा प्राप्ति कर उत्तम धर्म को धारण कर भव्य जीव मोक्ष मार्ग पर  दृढ़ता पूर्वक विचरण करता है। मोक्ष प्रशस्त करने वाले श्री अजित नाथ भगवान जी का केवल ज्ञान कल्याणक महोत्सव है।*
*🔔 जनवरी 2025 में तीर्थंकर भगवन्तों के पंच कल्याणक महोत्सव 09,10,12,13 19, 26,28,29,31 तारीख को  कल्याणक महोत्सव है। 🔔षोडश कारण व्रत,14 जनवरी से13 फरवरी तक*
*👨‍👨‍👦‍👦🔔👉 जनवरी माह में  अष्टमी तिथि   22 को है। चतुर्दशी तिथि 12 व 28 जनवरी को है।🔔▶️ जनवरी माह में शुद्ध विवाह मुहूर्त 17, 18 ,19 ,21 व 24 जनवरी को है।*

 *🌞यह सभी पंच कल्याणक तिथियां उत्तर पुराण के अनुसार है इन तिथियों से सम्पूर्ण विश्व में कल्याणक महोत्सव मनाए जाते है।यह सभी  तिथियां जयपुर पंचांग के अंतर्गत है।विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ते रहे शिक्षाप्रद कहानियां ।*
👉  *मृत्यु क्यों आवश्यक है?*

*हर कोई मृत्यु से डरता है, लेकिन जन्म और मृत्यु सृष्टि के नियम हैं... यह स्वयं के कर्मों के अनुसार ही सबकुछ निर्धारित है। इसे विश्व की कोई भी शक्ति बदल नहीं सकती।*

एक बार, एक राजा एक संत के पास गया, जो राज्य के बाहर एक पेड़ के नीचे बैठे थे। राजा ने पूछा, "हे स्वामी! *क्या कोई औषधि है जो अमरता दे सके? कृपया मुझे बताएं।"*

संत ने कहा, "हे राजा! आपके सामने जो दो पर्वत हैं, उन्हें पार कीजिए। वहाँ एक झील मिलेगी। उसका पानी पीने से आप अमर हो जाएंगे।"

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*🕉️🌞✍️पुण्य वृद्धि के इच्छुक  पुण्यात्माओं से निवेदन है कि इस पोस्ट को परिवार, मित्रों और अन्य परिचितों तक इस पोस्ट को भेजकर स्वयं के व उनके पुण्य मे भी वृद्धि करें। धर्मात्मा बंधु पापों को पुण्य मे बदलना चाहते है तो आज ही संस्था से जुड़कर अपना मोक्ष मार्ग को सुरक्षित करें ।जो स्वयं के पुण्य को शीघ्रातिशीघ्र वृद्धिगत करना चाहते है वे सभी अपनी चंचला लक्ष्मी का सदुपयोग संस्था के माध्यम से  कर सकते है ।✍️*
*✍️➡️👨‍👩‍👧‍👦अगर कोई भी पुण्यात्मा श्रावक इस प्रकार की पोस्ट को व्हाट्सएप पर प्राप्त करना चाहते है तो श्री शांति सागर समाधि साधना सेवा केंद्र जयपुर रजिस्टर संस्था के 📲 9057478933 नंबर पर व्हाट्सएप पर कहानियां + शुभनाम+ 【गांव शहर】निवास स्थान  लिखकर व्हाट्सएप करें,काल ना करें।*
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राजा ने पर्वत पार कर झील पाई। जैसे ही वह पानी पीने को झुके, उन्होंने कराहने की आवाज सुनी। आवाज का पीछा करने पर उन्होंने एक बूढ़े और कमजोर व्यक्ति को दर्द में देखा।

राजा ने कारण पूछा, तो उस व्यक्ति ने कहा, *"मैंने इस झील का पानी पी लिया और अमर हो गया*। जब मेरी उम्र सौ साल की हुई, तो मेरे बेटे ने मुझे घर से निकाल दिया। मैं पचास साल से यहाँ पड़ा हूँ, बिना किसी देखभाल के। मेरा बेटा मर चुका है, और मेरे पोते अब बूढ़े हो चुके हैं। मैंने *खाना-पीना बंद कर दिया है, फिर भी जीवित हूँ।"*

राजा ने सोचा, *"बुढ़ापे के साथ अमरता का क्या फायदा?* अगर मैं अमरता के साथ यौवन भी प्राप्त कर सकूँ तो?" राजा वापस संत के पास गए और समाधान पूछा, "कृपया मुझे अमरता के साथ यौवन प्राप्त करने का उपाय बताएं।"

संत ने कहा, "झील पार करने के बाद, आपको एक और पर्वत मिलेगा। उसे पार करिए, और एक पेड़ मिलेगा जिस पर पीले फल लगे होंगे। उन फलों में से एक खा लीजिए, *और आपको अमरता के साथ यौवन भी मिल जाएगा।"*

राजा ने दूसरा पर्वत पार किया और एक पेड़ देखा, जिस पर पीले फल लगे थे। जैसे ही उन्होंने फल तोड़ने के लिए हाथ बढ़ाया, उन्हें तेज बहस और लड़ाई की आवाजें सुनाई दीं। उन्होंने सोचा, इस सुनसान जगह में कौन झगड़ सकता है?

*राजा ने चार जवान आदमियों को ऊंची आवाज़ में झगड़ते देखा।* राजा ने पूछा, "तुम लोग क्यों झगड़ रहे हो?" उनमें से एक बोला, "मैं 250 साल का हूँ और मेरे दाहिने वाले व्यक्ति की उम्र 500 साल है। वह मुझे मेरी संपत्ति का हिस्सा नहीं दे रहा।"

जब राजा ने दाहिने वाले व्यक्ति से पूछा, उसने कहा, "मेरा पिता, जो 750 साल का है, *अभी भी जीवित है और उसने मुझे मेरा हिस्सा नहीं दिया। तो मैं अपने बेटे को कैसे दूं?"*

उस आदमी ने अपने 400 साल के पिता की ओर इशारा किया, जिन्होंने भी वही शिकायत की। उन्होंने राजा से कहा कि संपत्ति के इस अंतहीन झगड़े की वजह से गांववालों ने उन्हें गांव से निकाल दिया है।

राजा हैरान होकर संत के पास लौटे और बोले, *"धन्यवाद, आपने मुझे मृत्यु का महत्व समझाया।"*

संत ने कहा, *"मृत्यु के कारण ही इस संसार में प्रेम है।"*

*"मृत्यु के बारे में चिंता करने के बजाय, हर दिन और हर पल को अपने धर्म के अनुसार कर्तव्यों का पालन करते हुए जियो। खुद को बदलो, दुनिया बदल जाएगी।"*

1. जब आप स्नान करते समय भगवान का नाम लेते हैं, तो वह एक पवित्र स्नान बन जाता है।
2. जब आप भोजन बनाते  समय नाम लेते हैं, तो वह भोजन अमृत बन जाता है।
3. जब आप चलते समय नाम लेते हैं, तो वह एक तीर्थ यात्रा बन जाती है।
4. जब आप भोजन  करते समय नाम लेते हैं, तो वह भोजन दिव्य औषधि बन जाता है।
5. जब आप सोने से पहले नाम लेते हैं, तो वह ध्यानमय नींद आ जाती है।
6. जब आप काम करते समय नाम लेते हैं, तो वह भक्ति बन जाती है।
7. जब आप घर में नाम लेते हैं, तो वह घर मंदिर बन जाता है।
8. बस आप जब भी कोई कार्य करने से पहले यह विचार अवश्य करें कि क्या इस कार्य में आपके प्रभु की आज्ञा है।

 मस्त रहो। खुशियां बिखेरते हुए जीवन सार्थक करें।

*👨‍👩‍👧‍👦✍️➡️🕉️ प्रति समय प्रसन्न रहते हुए अपने सच्चे कर्तव्यों ( वह कार्य जो हमें 84 लाख योनियों से मुक्त करने में सहयोग प्रदान करें ) का पालन कीजिये।*
*➡️जैसा हमारा कर्म होगा वैसा ही हमें फल प्राप्त होगा।आज वर्तमान में जो भी हम सभी को प्राप्त हो रहा है वह हमारे द्वारा  पूर्वो पार्जित कर्मो का ही फल है।आप किसी भी जीव के मोक्ष मार्ग में सहयोगी नहीं बन सकते तो विरोधी बनकर पाप का संचय मत करो। ना ही किसी बात चिंता  करो, अच्छे कर्म करो जो हमसे कोई छुड़ा भी नहीं सकता और चुरा भी नहीं सकता।कर्म यह ऐसी संपत्ति है जो मरने के बाद भी हमारे साथ रहती है।जब जीव जन्म लेता है तो केवल अपने पूर्वो पार्जित कर्मों के साथ ही जन्म लेता है।*
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*जैनम जयतु शासनम*
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