शुक्रवार, 30 जुलाई 2021

फलों व सब्जी

🌞✍️सच्चा साथी✍️🌞

✍🏻🌞👨‍👩‍👧‍👦✍️📲💪👨‍👩‍👧‍👦 केमिकल्स से पके फल-सब्जियों की कैसे करें पहचान? जानें टिप्स और सावधानियां 

▶️केमिकल्स से पके फल-सब्जियों की कैसे करें पहचान? जानें टिप्स और सावधानियां 

✍️👨‍👩‍👧‍👦💪✍️📲देशी गाय का दूध और हरी सब्जियों के अलावा फल भी हमारी सेहत के लिए अच्छे माने जाते हैं। सेब, अनार, केला, संतरा और पपीता ऐसे फल हैं, जो पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ के अनुसार अगर आप सप्ताह में दो-तीन दिन किसी भी फल का सेवन करते हैं, तो आप बीमारियों से बचे रहने के साथ आपकी इम्युनिटी भी बढ़ती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि प्राकृतिक तरीके से पके फल-सब्जियाँ ही आपकी सेहत के लिए अच्छे होते हैं। ▶️केमिकल में पकाए हुए फल-सब्जियाँ आपके लिए बहुत हानिकारक होते हैं। ऐसे में आपको पहचान होनी चाहिए कि जो फल-सब्जियों को आप खा रहे हैं, कहीं वे किसी केमिकल में तो नहीं पकाए गए हैं। 

➡️केमिकल्स से पके फलों की ऐसे करें पहचान-
-केमिकल्स से पके फलों को पहचानने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि आपको उस फल पर हरे पैचेज देखने को मिलेंगे। जिस हिस्से पर केमिकल लगा होगा, वे पीला रहेगा बाकी बीच-बीच में हरा दिखाई देगा, जबकि प्राकृतिक रूप से पके हुए फल में हरे-पीले रंग के कोई पैचेज नहीं दिखाई देंगे।
-केमिकल से पकाए हुए फलों को काटने पर वे अंदर से कहीं पर पीला तो कहीं पर सफेद रंग का नजर आएगा। जबकि पेड़ पर  प्राकृतिक रूप से पका हुआ फल पूरी तरह पीला नजर आता है। 
-केमिकल से पके हुए फल का छिलका ज्यादा पका हुआ होगा लेकिन अंदर से इसमें कच्चापन हो सकता है।
-केमिकलयुक्त फल खाने पर मुंह का स्वाद कसैला हो जाता है और मुंह में हल्की जलन भी होने लगती है। इसके अलावा कई बार ऐसे फल-सब्जियों खाने के कुछ देर बाद पेट दर्द या उल्टी की समस्या या डायरिया की शिकायत भी हो सकती है।

👨‍👩‍👧‍👦✍️👩रखें सावधानियां- 
बिमारियों के खतरे के बीच आपको बाजार से लाकर फल-सब्जी को और भी अच्छी तरह धो लेना चाहिए। फलसब्जी खरीदकर लाने के तुरंत बाद उसे पानी से अच्छी तरह धो लें। 
खाने से पहले फलों व सब्जियों को सेंधानमक वाले गुनगुने पानी में कम से कम 5 से 10 मिनट के लिए भिगोकर जरूर रखें। उसके बाद उन्हें दोबारा दूसरे प्रासुक पानी से धोकर ही उपयोग में लेने से शरीर निरोगी रहता है ।

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शुक्रवार, 9 जुलाई 2021

वर्तमान कीसच्चाई

🌞🕉️वसुनंदी गुरुवे नमः🕉️🌞

🕉️🌞सच्चा साथी🌞🕉️

✍️👨‍👩‍👧‍👦वर्तमान की सच्चाई👨‍👩‍👧‍👦✍️

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          *"नाम" और "बदनाम"*

               *में क्या फर्क है?*

       *नाम खुद कमाना पड़ता है,*

       *और "बदनामी" लोग आपको*

               *कमा के देते है*

     *"जरूरी नही कि जिनमे साँसे नही*

              *वो ही मुर्दा है*

         *जिनमे इंसानियत नही है*

           *वो भी तो मुर्दा ही है*

 *देश कुछ इस तरह भी बदलने लगा है*

   *कि लोग गाय को चराने में "शर्म" और*

  *कुत्ता घुमाने में "गर्व" करने लगे हैं!!*

😣💓💥😣💓💥😣💓💥😣

               *होकर मायूस न यूँ*

           *शाम की तरह ढलते रहिये*

                 *जिन्दगी एक भोर है*

          *सूरज की तरह निकलते रहिये*

           *ठहरोगे एक पाँव पर तो थक*

                          *जाओगे*

                *धीरे धीरे ही सही मगर*

           *लक्ष्य की ओर चलते रहिये*

          *सिर्फ हँसते रहिये हँसाते रहिये!!*

🧟‍♀️🧟‍♂️👎🏻🧟‍♀️🧟‍♂️👎🏻🧟‍♀️🧟‍♂️👎🏻👏🏻

             *माँ के पहनावे*

       *और बाप की गरीबी पे*

                 *कभी शर्म*

          *नहीं करनी चाहिए!!*

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शनिवार, 3 जुलाई 2021

डिप्रेशन दूर करें

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🕉️🌞 वसुनंदी गुरुवे नमः 🌞🕉️

🌞🕉️ सच्चा साथी 🕉️🌞

✍️👨‍👩‍👧‍👦 डिप्रेशन दूर करें 👨‍👩‍👧‍👦✍️

✍डिप्रेशन ग्रस्त एक सज्जन जब पचास साल की उम्र से ज्यादा के हुए तो उनकी पत्नी ने एक काउंसलर का अपॉइंटमेंट लिया जो ज्योतिषी भी थे।

👩‍🦰पत्नी बोली:- "ये भयंकर डिप्रेशन में हैं, कुंडली भी देखिए इनकी।"
और बताया कि इन सब के कारण मैं भी ठीक नही हूँ।

🕉️ज्योतिषी ने कुंडली देखी सब सही पाया। अब उन्होंने काउंसलिंग शुरू की, कुछ पर्सनल बातें भी पूछी और सज्जन की पत्नी को बाहर बैठने को कहा।

⏰सज्जन बोलते गए...
बहुत परेशान हूं...
चिंताओं से दब गया हूं...
नौकरी का प्रेशर...
बच्चों के एजूकेशन और जॉब की टेंशन...
घर का लोन, कार का लोन...
कुछ मन नही करता...
दुनिया मुझे तोप समझती है...
पर मेरे पास कारतूस जितना भी सामान नही....
मैं डिप्रेशन में हूं...
कहते हुए पूरे जीवन की किताब खोल दी।

😇तब विद्वान काउंसलर ने कुछ सोचा और पूछा, "दसवीं में किस स्कूल में पढ़ते थे?"

✍सज्जन ने उन्हें स्कूल का नाम बता दिया।

😇काउंसलर ने कहा:-
"आपको उस स्कूल में जाना होगा। आप वहां से आपकी दसवीं क्लास का रजिस्टर लेकर आना, अपने साथियों के नाम देखना और उन्हें ढूंढकर उनके वर्तमान हालचाल की जानकारी लेने की कोशिश करना। सारी जानकारी को डायरी में लिखना और एक माह बाद मुझे मिलना।"

⏰सज्जन स्कूल गए, मिन्नतें कर रजिस्टर ढूँढवाया फिर उसकी कॉपी करा लाए जिसमें 120 नाम थे। महीना भर दिन-रात कोशिश की फिर भी बमुश्किल अपने 75-80 सहपाठियों के बारे में जानकारी एकत्रित कर पाए।
आश्चर्य!!!
उसमें से 20 लोग मर चुके थे...
7 विधवा/विधुर और 13 तलाकशुदा थे...
10 नशेड़ी निकले जो बात करने के भी लायक नहीं थे...
कुछ का पता ही नहीं चला कि अब वो कहां हैं...
5 इतने ग़रीब निकले की पूछो मत... 
6 इतने अमीर निकले की यकीन नहीं हुआ...
कुछ केंसर ग्रस्त, कुछ लकवा, डायबिटीज़, अस्थमा या दिल के रोगी निकले...
एक दो लोग एक्सीडेंट्स में हाथ/पाँव या रीढ़ की हड्डी में चोट से बिस्तर पर थे...
कुछ के बच्चे पागल, आवारा या निकम्मे  निकले...
1 जेल में था...
एक 50 की उम्र में सैटल हुआ था इसलिए अब शादी करना चाहता था, एक अभी भी सैटल नहीं था पर दो तलाक़ के बावजूद तीसरी शादी की फिराक में  था...

😇महीने भर में दसवीं कक्षा का रजिस्टर भाग्य की व्यथा ख़ुद सुना रहा था...

🕉️काउंसलर ने पूछा:- "अब बताओ डिप्रेशन कैसा है?"

⏰इन सज्जन को समझ आ गया कि *उसे कोई बीमारी नहीं है, वो भूखा नहीं मर रहा, दिमाग एकदम सही है, कचहरी पुलिस-वकीलों से उसका पाला नही पड़ा, उसके बीवी-बच्चे बहुत अच्छे हैं, स्वस्थ हैं, वो भी स्वस्थ है, डाक्टर, अस्पताल से पाला नहीं पड़ा*...
सज्जन को महसूस हुआ कि दुनिया में वाकई बहुत दुख है और मैं बहुत सुखी और भाग्यशाली हूँ।

😇दूसरों की थाली में झाँकने की आदत छोड़ कर अपनी थाली का भोजन प्रेम से ग्रहण करें। तुलनात्मक चिन्तन न करें, सबका अपना प्रारब्ध होता है।
और फिर भी आपको लगता है कि आप डिप्रेशन में हैं तो आप भी अपने स्कूल जाकर दसवीं कक्षा का रजिस्टर ले आएं और..

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शुक्रवार, 2 जुलाई 2021

मेरी विचार माला

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🕉️🌞 वसुनंदी गुरवे नमः 🌞🕉️

🌞🕉️ सच्चा साथी 🌞🕉️

✍😇मेरी विचारमाला😇✍

*🔯"न मैं गिरा,और न मेरी आशाओं के महल गिरे..!*
*👨‍👩‍👧‍👦पर.. लोग मुझे गिराने मे,कई बार गिरे...!!"*
*🤑प्रश्न विष का नहीं था,वो तो मैं पी गया,*
*🕉️दुख तो लोगों को तब हुआ,जब मैं फिर भी जी गया.*
*👽जब कोई “हाथ”और“साथ”,दोनों ही छोड़ देता है,* 
*🕉️तब “भगवान” कोई न कोई उंगली पकड़ने वाला भेज देता है,*
*✍️इसी का नाम “जीवन” है..!!*

*✍️ जैनम् जयतु शासनम् ✍️*

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