बुधवार, 31 जुलाई 2019

आंखों की रोशनी कैसे बढ़ाए

*#https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=344238239860904&id=100028241912934*

🌐✍️🔯🔯✍️🌐
✍ *वर्तमान का सुविचार....*
*⏰ दैनिक पंचांग ⏰*
*👁आंखों की रोशनी कैसे बढ़ायें✍*

🕉  *ह्रीं नम:श्री ज्योतिष ऋषि सेवाव्रतीनित्यानंदस्वामीजी*
👪"सच्चा मित्र"👪
   *श्री सिध्दांत ज्योतिष , वास्तु व रेकी  शोध केन्द्र जयपुर*
(राजस्थान)

🌞श्री शान्तिसागराय नम:🌞

✍ *वर्तमान का सुविचार....*

       *🌝प्रेम से बढ़कर त्याग  है दौलत*
       *दौलत से बढ़कर मानवता है,....परंतु* 
       *सुंदर  रिश्तों  से  बढ़कर   इस*
       *दुनियाँ   में  कुछ भी  नहीं  है़.*
       *जरूरी   नहीं    की     मिठाई*
       *खिलाकर  ही  दूसरो का  मुँह*
       *मीठा करे,आप मीठा बोलकर*
       *भी    लोगों   को   खुशियाँ  दे*
       *सकते है.....!*

🙏 *शुभम् भवतु* 🙏

*⏰ दैनिक पंचांग ⏰*

🕉वीर निर्वाण सं. 2545

☀ 01 - Aug - 2019
☀ Jaipur, India

☀ पंचांग   
🔅 तिथि :
            अमावस्या  08:43:00
            प्रतिपदा  29:12:40
🔅 नक्षत्र  पुष्य  12:11:43
🔅 करण :
           नाग  08:43:00
           किन्स्तुघ्ना  18:59:03
🔅 पक्ष  कृष्ण 
🔅 योग  सिद्धि  15:15:05
🔅 वार  गुरूवार 

☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ   
🔅 सूर्योदय  05:50:51 
🔅 चन्द्रोदय  चन्द्रोदय नहीं 
🔅 चन्द्र राशि  कर्क 
🔅 सूर्यास्त  19:15:08 
🔅 चन्द्रास्त  19:40:00 
🔅 ऋतु  वर्षा 

☀ हिन्दू मास एवं वर्ष   
🔅 शक सम्वत  1941  विकारी
🔅 कलि सम्वत  5121 
🔅 दिन काल  13:24:17 
🔅 विक्रम सम्वत  2076 
🔅 मास अमांत  आषाढ 
🔅 मास पूर्णिमांत  श्रावण 

☀ शुभ और अशुभ समय   
☀ शुभ समय   
🔅 अभिजित  12:06:11 - 12:59:48
☀ अशुभ समय   
🔅 दुष्टमुहूर्त :
                    10:18:56 - 11:12:34
                    15:40:40 - 16:34:17
🔅 कंटक  15:40:40 - 16:34:17
🔅 यमघण्ट  06:44:28 - 07:38:05
🔅 राहु काल  14:13:32 - 15:54:04
🔅 कुलिक  10:18:56 - 11:12:34
🔅 कालवेला या अर्द्धयाम  17:27:54 - 18:21:31
🔅 यमगण्ड  05:50:51 - 07:31:23
🔅 गुलिक काल  09:11:55 - 10:52:27
☀ दिशा शूल   
🔅 दिशा शूल  दक्षिण 

☀ चन्द्रबल और ताराबल   
☀ ताराबल 
🔅 अश्विनी, कृत्तिका, मृगशीर्षा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, मघा, उत्तर फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल, उत्तराषाढा, धनिष्ठा, पूर्वभाद्रपदा, उत्तरभाद्रपदा, रेवती 
☀ चन्द्रबल 
🔅 वृषभ, कर्क, कन्या, तुला, मकर, कुम्भ

🌍🌞🌝🍏 *नोट:- सभी जटिल समस्याओ के लिए आप अपनी समस्या व विवरण वाँटस्एप द्वारा 09982411713 नंबर पर  करके, इमरजेंसी काँल केलिए मध्यान्ह 4 से 5 में सम्पर्क कर सकते है*।🍭🔆⚽

*😊नोट :- अगर आप इस प्रकार की जीवनोपयोगी  जानकारी चाहते है तो 😊*
*🕉.श्री शांतिसागर समाधि साधना सेवा केंद्र ( रजिस्ट्रर्ड ) जयपुर को लाइक(पंसद) करें।*
☺☺☺💐 👇 💐😊😊😊

*👁आंखों की रोशनी कैसे बढ़ायें✍*

*👩‍🦰ये उपाय कर देंगे आंखों का चश्मा गायब*

*🌲पुराने समय में लोगों के आंखों की रोशनी केवल बढ़ती उम्र में कम होती थी लेकिन अब बच्चों की आंखों की रोशनी भी कम होने लगी है।*

*👁आजकल आंखों की रोशनी कम होना एक आम समस्या बन गई हैं। आँखों में चश्मा लगने का मुख्य कारण कंप्यूटर, टीवी, मोबाईल का ज्यादा चलन, लेट कर एवं कम रौशनी में पढ़ना, पौष्टिकता की कमी, आँखों की सही तरीके से देखभाल ना करना, या आनुवांशिक हो सकता है। पुराने समय में लोगों के आंखों की रोशनी केवल बढ़ती उम्र में कम होती थी लेकिन अब बच्चों की आंखों की रोशनी भी कम होने लगी है। आनुवांशिक कारण को छोडकर अन्य किसी भी कारण से यदि आँखे कमजोर हो गयी हो तो निश्चित ही सही देख-भाल, कुछ देसी इलाज से आँखों से चश्में हटाया जा सकता है। आइये जानते हैं*
*⏰-नज़र तेज करने के लिए एक कटोरी में एक चाय का चम्मच गाय का घी लेकर उसमें 1 / 4 चम्मच काली मिर्च का पाउडर मिलाएं। इसका नित्य प्रात: सेवन करने से आँखों की रौशनी तेज होती है ।*
*⏰-आंवले के जूस में विटामिन सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो आंखों के लिए काफी फायदेमंद होता है। इसके लिए रोजाना 1 गिलास आंवला जूस का दिन में दो बार पीएं। इसका पूरा फायदा लेने के लिए इस उपाय को कुछ महीने लगातार करें।*

*-आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए सुबह उठकर मुहँ में पानी भरकर आँखें खोलकर साफ पानी के छीटें आँखों में मारने चाहिए इससे नेत्र ज्योति आँखों की रौशनी बढ़ती है।*
*-फलों का राजा कहा जाने वाला आम आंखो की रोशनी तेज करने के लिए बहुत बढ़िया उपाय है। गर्मियों मे आप इसका जूस, गुद्दा, स्लाइस आदि कुछ भी ले सकते हैं।*
*-एक चम्मच गाय का घी, आधा चम्मच शक्कर और दो काली मिर्च का चूर्ण मिला कर इसे रोज सुबह खाली पेट लें इससे आँखों की रौशनी बढ़ जाती है ।*
*👩‍🦰-हल्दी की गांठ को तुअर की दाल में उबालकर, छाया में सुखाकर, पानी में घिसकर सूर्यास्त से पूर्व दिन में दो बार आंख में काजल की तरह लगाने से आंखों की लालिमा दूर होती है।*

🐢🚩🕉👪 *आपसभी मंगलमय🍏☎🍭🔆आचरण को प्राप्त करकें यह जीवन सफल बनायें* ⚽🌲🌞🌍
*******************
*#https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=344238239860904&id=100028241912934*

मंगलवार, 30 जुलाई 2019

मेडिटेशन

*#https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=343651653252896&id=100028241912934*

🌐✍️🔯🔯✍️🌐
*👩 महिला व पुरुष की सोच👨*
*⏰ दैनिक पंचांग ⏰*
*☺️मेडिटेशन: मस्तिष्क को रिचार्ज करने का बेहतरीन तरीका😊*

🕉  *ह्रीं नम:श्री ज्योतिष ऋषि सेवाव्रतीनित्यानंदस्वामीजी*
👪"सच्चा मित्र"👪
   *श्री सिध्दांत ज्योतिष , वास्तु व रेकी  शोध केन्द्र जयपुर*
(राजस्थान)

🌞श्री शान्तिसागराय नम:🌞
*👩 महिला व पुरुष की सोच👨*

*👫कभी सोचा है M सीधा और W उल्टा क्यो लिखते है...?*

*क्योंकि Men सीधा और Women उल्टा सोचती है...*

कल मैं लिफ्ट से ऊपर
जा रहा था ,
इतने में एक लेडी छोटे बच्चे
को गोद में लिए हुए लिफ्ट में दाखिल हुई ...
-
-
-
मैंने लिफ्ट का बटन दबाते हुए
पूछा :
*चौथा या पांचवा*
-
लेडी मुंह फुलाते हुए गुस्से से बोली : 😡
मेरा नहीं है , पड़ौसन का है !
-
😳😳😅😅😅🤓

*⏰ दैनिक पंचांग ⏰*

🕉वीर निर्वाण सं. 2545

☀ 31 - Jul - 2019
☀ Jaipur, India

☀ पंचांग   
🔅 तिथि  चतुर्दशी  11:58:49
🔅 नक्षत्र  पुनर्वसु  14:41:01
🔅 करण :
           शकुन  11:58:49
           चतुष्पाद  22:23:19
🔅 पक्ष  कृष्ण 
🔅 योग  वज्र  19:05:01
🔅 वार  बुधवार 

☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ   
🔅 सूर्योदय  05:50:18 
🔅 चन्द्रोदय  29:45:59 
🔅 चन्द्र राशि  मिथुन - 09:15:09 तक 
🔅 सूर्यास्त  19:15:46 
🔅 चन्द्रास्त  18:45:00 
🔅 ऋतु  वर्षा 

☀ हिन्दू मास एवं वर्ष   
🔅 शक सम्वत  1941  विकारी
🔅 कलि सम्वत  5121 
🔅 दिन काल  13:25:27 
🔅 विक्रम सम्वत  2076 
🔅 मास अमांत  आषाढ 
🔅 मास पूर्णिमांत  श्रावण 

☀ शुभ और अशुभ समय   
☀ शुभ समय   
🔅 अभिजित  कोई नहीं
☀ अशुभ समय   
🔅 दुष्टमुहूर्त  12:06:12 - 12:59:53
🔅 कंटक  17:28:23 - 18:22:05
🔅 यमघण्ट  08:31:24 - 09:25:06
🔅 राहु काल  12:33:02 - 14:13:44
🔅 कुलिक  12:06:12 - 12:59:53
🔅 कालवेला या अर्द्धयाम  06:44:00 - 07:37:42
🔅 यमगण्ड  07:30:59 - 09:11:40
🔅 गुलिक काल  10:52:21 - 12:33:02
☀ दिशा शूल   
🔅 दिशा शूल  उत्तर 

☀ चन्द्रबल और ताराबल   
☀ ताराबल 
🔅 भरणी, रोहिणी, आद्रा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढा, श्रवण, शतभिषा, पूर्वभाद्रपदा, उत्तरभाद्रपदा, रेवती 
☀ चन्द्रबल 
🔅 मेष, मिथुन, सिंह, कन्या, धनु, मकर

🌍🌞🌝🍏 *नोट:- सभी जटिल समस्याओ के लिए आप अपनी समस्या व विवरण वाँटस्एप द्वारा 09982411713 नंबर पर  करके, इमरजेंसी काँल केलिए मध्यान्ह 4 से 5 में सम्पर्क कर सकते है*।🍭🔆⚽

*😊नोट :- अगर आप इस प्रकार की जीवनोपयोगी  जानकारी चाहते है तो 😊*
*🕉.श्री शांतिसागर समाधि साधना सेवा केंद्र ( रजिस्ट्रर्ड ) जयपुर को लाइक(पंसद) करें।*
☺☺☺💐 👇 💐😊😊😊

*☺️मेडिटेशन: मस्तिष्क को रिचार्ज करने का बेहतरीन तरीका😊*

#1मानसिक थकान
*जिस प्रकार शरीर को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित और पोषक आहार की जरूरत होती है उसी प्रकार मस्तिष्क को स्वस्थ रखने के लिए अच्छे विचारों की जरूरत होती है। अब आप सोच रहे होंगे कि अच्छे और बुरे विचार तो हमारे काबू में होते ही नहीं, यह तो परिस्थिति के अनुरूप बदलते रहते हैं। जी हां आप बिल्कुल सही सोचते है, सामान्य लोगों के साथ अक्सर ऐसा ही होता है। हमारा मस्तिष्क परिस्थिति के अनुसार ही प्रतिक्रिया देता है लेकिन कुछ लोग ऐसे नहीं होते हैं।*
*#2मानसिक थकान
*यदि मैं अपनी बात करूं तो मैंने कई आध्यात्मिक गुरुओं के साथ बातचीत की है। उन्हें देखकर मेरे मन में हमेशा एक ही सवाल आता था कि यह लोग इतने खुश और चिंतारहित कैसे हैं। क्या इनके दिमाग में कोई नकारात्मक ख्याल नहीं आता है? मेरे मन की इस जिज्ञासा का अंत तब हुआ जब मैंने कई आध्यात्मिक मास्टर्स से इस बारे में पूछा। आप जानना चाहते हैं कि उनका जवाब क्या था? उन सभी ने मुझे मेडिटेशन के बारे में बताया।*
#3क्या है मेडिटेशन?
*मेडिटेशन अधयात्म की वो शाखा है जो हमारे मन और मस्तिष्क पर काबू पाने का तरीका सिखाती है। तो आज मैं आपको एक 5 मिनट की प्रक्रिया के बारे में बताऊंगी जिसको करने के बाद आपका मस्तिष्क एक अलग आयाम से सोचने लगेगा। इसके अंदर जन्म लेने वाले सभी नकारात्मक विचारों का अंत करने में यह सक्षम हो पाएगा लेकिन ये एक्सरसाइज़ कोई जादू नहीं है जो आप इसे एक बार करने पर उम्मीद करें कि आपके मस्तिष्क की काया पलट हो जाएगी। आपको इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करना होगा यदि आप शांति की तलाश में हैं।*
*#5 मिनट की एक्सरसाइज
*आप जिस प्रकार किसी मशीन के काम ना करने पर उसे स्विच ऑफ करके स्विच ऑन करते हैं ठीक उसी प्रकार आपके मस्तिष्क का स्विच भी ऑफ-ऑन करने की जरूरत है। चलिए जानते हैं उन 5 चरणों के बारे में जो आपके मस्तिष्क को रिचार्ज कर देंगे।*
#1. स्टॉप
*अपने मस्तिष्क को शांत करने के लिए सबसे पहली चीज़ आपको करनी है वो है जो कुछ भी आप कर रहे हैं उसे बंद कर दीजिए। 1 मिनट के लिए अपने शरीर को प्रत्येक कार्य से हटा लीजिए। अपने आप से यह कहने की कोशिश करिए कि इस एक मिनट के लिए मुझे कुछ हासिल करने या बदलने की जरूरत नहीं है।*
#2. मन को शांत करें
*इस एक मिनट में आपको सोचना है कि आपके अंदर पाये जाने वाले सभी 5 सेंसेस एक दरवाजे हैं जिनके जरिए आपके मस्तिष्क तक तरह-तरह की जानकारियां और भावनाएं पहुंचती हैं। आपको इन सभी दरवाजों को बंद करना है। अपने मस्तिष्क को एक मिनट के लिए सभी तरह के शोर से मुक्त कीजिए। आपके मस्तिष्क तक दिनभर में कई तरह की आवाजें, विचार और शोर पहुंचता है इस एक मिनट में आपको इसे खाली रखना होगा। अपनी आंखें बंद करें और जो कुछ भी आप कर रहे हैं वो रोक दें। ऐसा महसूस कीजिए कि आपको कहीं नहीं जाना और कुछ भी ना पाना है ना करना है।*
#3. घर वापसी
*अब जब आपने सभी सेंसेस के दरवाजे बंद कर दिए हैं और शोर आपसे कोसों दूर है तो अब खुद को पाने की कोशिश करिए और वर्तमान में ध्यान लगाइए। अपनी सांसों की तरफ ध्यान लगाएं। अब अपने शरीर की तरफ ध्यान लगाएं लेकिन बिना कुछ किए हुए। खुद से कहें कि, “यह वर्तमान की स्थित ही मेरा घर है और मैं यहां पहुंच चुका हूं।”*
#4. आत्म करुणा का आभास
*अब आपको यह देखना है कि क्या आप इस क्षण में खुद के प्रति प्यार और करुणा को निर्देशित कर पाते हैं या नहीं। अपनी सारी व्यस्तता को गुड बाय बोलिए और खुद से कहिए, “आप हमेशा स्वस्थ रहें, आप हमेशा सुरक्षित रहें और आपको हमेशा प्यार मिले।”*
#5. एहसास
*इस एक मिनट में आपको देखना है कि आखिर में आप खुश रहने के लिए जो चीजें ढूंढ रहे हैं वो आपके इस क्षण में हैं। आप जीवंत हैं, आपके पास अनमोल जीवन का उपहार मिला है। आपको महसूस होगा कि आपका मस्तिष्क आराम कर रहा है। इस एक मिनट के बाद आप वो सब कर सकते हैं जो आप पिछले 5 मिनट पहले कर रहे थे। इस 5 मिनट के बाद आपको खुद में बहुत से बदलाव नज़र आएंगे। आपको महसूस होगा कि सिर्फ 5 मिनट के लिए सबकुछ छोड़कर अनप्लग होना कितना जरूरी और शांतिमय है।*

🐢🚩🕉👪 *आपसभी मंगलमय🍏☎🍭🔆आचरण को प्राप्त करकें यह जीवन सफल बनायें* ⚽🌲🌞🌍
*******************
*#https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=343651653252896&id=100028241912934*

सोमवार, 29 जुलाई 2019

दांतों में कीड़े लगने पर

*#https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=342980049986723&id=100028241912934*
🌐✍️🔯🔯✍️🌐
🙏🏼   * वर्तमान का सुविचार*   🙏🏼
*⏰ दैनिक पंचांग ⏰*
*☺️दांतों में कीड़ा लगने पर😊*

🕉  *ह्रीं नम:श्री ज्योतिष ऋषि सेवाव्रतीनित्यानंदस्वामीजी*
👪"सच्चा मित्र"👪
   *श्री सिध्दांत ज्योतिष , वास्तु व रेकी  शोध केन्द्र जयपुर*
(राजस्थान)

🌞श्री शान्तिसागराय नम:🌞

🙏🏼   * वर्तमान का सुविचार*   🙏🏼

*सोच का प्रभाव*
         *मन पर होता है*
*मन का प्रभाव*
         *तन पर होता है*
*तन और मन दोनों  का प्रभाव*
       *सारे जीवन पर होता है*
       
      *इसलिये सदा अच्छा सोचें और खुश रहें.....हंसते मुस्कराते रहिये .....*

🙏🏼🙏🏼   *शुभम् भवतु*   🙏🏼🙏🏼

*⏰ दैनिक पंचांग ⏰*

🕉वीर निर्वाण सं. 2545

☀ 30 - Jul - 2019
☀ Jaipur, India

☀ पंचांग   
🔅 तिथि  त्रयोदशी  14:50:54
🔅 नक्षत्र  आद्रा  16:47:31
🔅 करण :
           वणिज  14:50:54
           विष्टि  25:28:23
🔅 पक्ष  कृष्ण 
🔅 योग  हर्शण  22:37:38
🔅 वार  मंगलवार 

☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ   
🔅 सूर्योदय  05:49:48 
🔅 चन्द्रोदय  28:38:59 
🔅 चन्द्र राशि  मिथुन 
🔅 सूर्यास्त  19:16:24 
🔅 चन्द्रास्त  17:45:59 
🔅 ऋतु  वर्षा 

☀ हिन्दू मास एवं वर्ष   
🔅 शक सम्वत  1941  विकारी
🔅 कलि सम्वत  5121 
🔅 दिन काल  13:26:36 
🔅 विक्रम सम्वत  2076 
🔅 मास अमांत  आषाढ 
🔅 मास पूर्णिमांत  श्रावण 

☀ शुभ और अशुभ समय   
☀ शुभ समय   
🔅 अभिजित  12:06:12 - 12:59:59
☀ अशुभ समय   
🔅 दुष्टमुहूर्त  08:31:07 - 09:24:53
🔅 कंटक  06:43:34 - 07:37:20
🔅 यमघण्ट  10:18:40 - 11:12:26
🔅 राहु काल  15:54:44 - 17:35:34
🔅 कुलिक  13:53:45 - 14:47:32
🔅 कालवेला या अर्द्धयाम  08:31:07 - 09:24:53
🔅 यमगण्ड  09:11:27 - 10:52:16
🔅 गुलिक काल  12:33:05 - 14:13:55
☀ दिशा शूल   
🔅 दिशा शूल  उत्तर 

☀ चन्द्रबल और ताराबल   
☀ ताराबल 
🔅 अश्विनी, कृत्तिका, मृगशीर्षा, आद्रा, पुनर्वसु, पुष्य, मघा, उत्तर फाल्गुनी, चित्रा, स्वाति, विशाखा, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढा, धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वभाद्रपदा, उत्तरभाद्रपदा 
☀ चन्द्रबल 
🔅 मेष, मिथुन, सिंह, कन्या, धनु, मकर

🌍🌞🌝🍏 *नोट:- सभी जटिल समस्याओ के लिए आप अपनी समस्या व विवरण वाँटस्एप द्वारा 09982411713 नंबर पर  करके, इमरजेंसी काँल केलिए मध्यान्ह 4 से 5 में सम्पर्क कर सकते है*।🍭🔆⚽

*😊नोट :- अगर आप इस प्रकार की जीवनोपयोगी  जानकारी चाहते है तो 😊*
*🕉.श्री शांतिसागर समाधि साधना सेवा केंद्र ( रजिस्ट्रर्ड ) जयपुर को लाइक(पंसद) करें।*
☺☺☺💐 👇 💐😊😊😊

*☺️दांतों में कीड़ा लगने पर😊*

इस एक चीज को लगाते ही दांत का कीड़ा आसानी से निकल जाएगा, कहीं मिल जाए तो घर ले आएं
 
*आज मैं आपको एक बेहद ही अचूक उपाय बता  रहा हूं। जिसे आप के दांत में लगे कीड़े आसानी से बाहर निकल आएंगे। और आपको दांतो के दर्द से दिलाएंगे छुटकारा।*

*दांतों में कीड़े की वजह से असहनीय दर्द रहता है। और खाने पीने में बेहद परेशानी का सामना करना पड़ता है। दरअसल दांतों की प्रॉपर तरीके से सफाई न होने के कारण और मीठी चीजों के अधिक सेवन के कारण दांतों में ये समस्या हो जाती है। चलिए जान लेते हैं दांतों से कीड़ा निकालने के तरीके।*

दांतो से कीड़े बाहर निकालने के लिए करें ये अचूक उपाय-

यह तरीका आजमाएं-

*☺️1) दोस्तों हींग दांतों से कीड़ा निकालने का अच्छा विकल्प है। इसके लिए आप एक गिलास पानी में 2 चुटकी हींग और 4 चुटकी सेंधा नमक डालकर उबाल लें। अब इस पानी को हल्का गुनगुना होने दें। गुनगुना होने के बाद इस पानी से दिन में कई बार कुल्ला करें। और कुल्ला करते समय कम से कम 10 मिनट तक इस पानी को अपने मुंह में जरूर रखें।*

*😊2) दांतों से जुड़े हर मर्ज के लिए लौंग एक सटीक इलाज है। कीड़ों की समस्या होने पर 2-3 लौंग को बारीक पीसकर फिर इस पाउडर को कीड़े लगे दांत पर लगा लें। अब मुंह को बंद कर लें और लार बनने दें। इस लार को मुंह में 5 मिनट तक रोक कर रखें। और फिर नार्मल पानी से कुल्ला कर लें।*

🐢🚩🕉👪 *आपसभी मंगलमय🍏☎🍭🔆आचरण को प्राप्त करकें यह जीवन सफल बनायें* ⚽🌲🌞🌍
*******************

*#https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=342980049986723&id=100028241912934*

रविवार, 28 जुलाई 2019

मन और शरीर का संबंध

*#https://www.facebook.com/100028241912934/posts/342392933378768/*
ः🌐✍️🔯🔯✍️🌐
*👨‍👩‍👦‍👦मन और शरीर का  सम्बन्ध✍️*
   *⏰ दैनिक पंचांग ⏰*
*😊दाना  मेथी के फायदे☺️*

🕉  *ह्रीं नम:श्री ज्योतिष ऋषि सेवाव्रतीनित्यानंदस्वामीजी*
👪"सच्चा मित्र"👪
   *श्री सिध्दांत ज्योतिष , वास्तु व रेकी  शोध केन्द्र जयपुर*
(राजस्थान)

🌞श्री शान्तिसागराय नम:🌞
*👨‍👩‍👦‍👦मन और शरीर का  सम्बन्ध✍️*

*🌹गुरूजी डाक्टर ने कहा है कि यह रोग होने की संभावना है, बस इसी की चिंता है।*

*उत्तर--यदि मानस कमजोर है, तो रोग नही है तो भी आएगा।*
*आदमी जो सोचता है, वह होता है।अपना भविष्य आदमी स्वंय बनाता है।
तुम बैठ के यही सोचोगी की हमको रोग है, हमको रोग है, तो रोग को न्योता(invite) दे रही हो।*

*🌷मन और शरीर का बड़ा गहरा सम्बन्ध है।जिस वक़्त कोई बात मन में जोर से उठी, तो तुरंत शरीर में संवेदना वैसी ही उठेगी।मन में जो घटना घटी वह शरीर के साथ जुड़ जाती है।उसे हम देख नही सकते।*
*चिंता को चिंता कि तरह देख सकना आसान नही है।भय को भय की तरह नही देख पाते।वह बहुत ऊँची बात है।पर संवेदना को देख सकते हैं।
तो संवेदना को देखना शुरू कर दो। जरुरी नही सिर से पाँव तक चक्कर लगाया जाय।जहाँ संवेदना हो रही है, उसी को साक्षी भाव से देखे जा रहें हैं।*
*देखते-देखते भय और चिंता की ताकत कम होती जायेगी, और फिर समाप्त हो जायेगी।
भय और चिंता भी अनित्य है, और संवेदना भी अनित्य है।*

*🌸बहुत बार हम पर जो संकट आनेवाला है, वह साफ़ दिखने लगता है।वह घटना तो बाद में घटेगी, मन में घबराहट पहले होगी।हम जो बीज डालेंगे, वह बीज डालते ही एक तरह की संवेदना होने लगेगी। फल तो बाद में आएगा, संवेदना पहले होने लगेगी।यह प्रकृति का नियम है।बीज भी संवेदना के साथ, फल भी संवेदना के साथ आएगा।*
*तो फल आने के पहले ही बीज के साथ हमने संवेदना देखनी शुरू कर दी, तो फल की ताकत भी कम हो जायेगी।ताकत कम होते होते जो फल आएगा वह फूल की छड़ी की तरह आएगा।उसकी ताकत कम कर दी।*
(आम आदमी को होश नही रहता है तो चिंता करता रहता है।हमारा क्या हो जाएगा, हमारा क्या हो जाएगा।तो उसका फल आनेवाला है, उसको मजबूत बना देंगे, बढ़ा देंगे।*
*हम चाहते हैं भला; और कर देते हैं बुरा, उससे बात उलटी हो जाती है।*
*******************
   *⏰ दैनिक पंचांग ⏰*

🕉वीर निर्वाण सं. 2545

☀ 29 - Jul - 2019
☀ Jaipur, India

☀ पंचांग   
🔅 तिथि  द्वादशी  17:10:49
🔅 नक्षत्र  मृगशीर्षा  18:22:24
🔅 करण :
           कौलव  06:06:26
           तैतिल  17:10:49
🔅 पक्ष  कृष्ण 
🔅 योग  व्याघात  25:45:57
🔅 वार  सोमवार 

☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ   
🔅 सूर्योदय  05:49:16 
🔅 चन्द्रोदय  27:37:00 
🔅 चन्द्र राशि  वृषभ - 06:55:38 तक 
🔅 सूर्यास्त  19:16:59 
🔅 चन्द्रास्त  16:45:00 
🔅 ऋतु  वर्षा 

☀ हिन्दू मास एवं वर्ष   
🔅 शक सम्वत  1941  विकारी
🔅 कलि सम्वत  5121 
🔅 दिन काल  13:27:42 
🔅 विक्रम सम्वत  2076 
🔅 मास अमांत  आषाढ 
🔅 मास पूर्णिमांत  श्रावण 

☀ शुभ और अशुभ समय   
☀ शुभ समय   
🔅 अभिजित  12:06:12 - 13:00:03
☀ अशुभ समय   
🔅 दुष्टमुहूर्त :
                    13:00:03 - 13:53:54
                    15:41:35 - 16:35:26
🔅 कंटक  08:30:49 - 09:24:40
🔅 यमघण्ट  12:06:12 - 13:00:03
🔅 राहु काल  07:30:14 - 09:11:12
🔅 कुलिक  15:41:35 - 16:35:26
🔅 कालवेला या अर्द्धयाम  10:18:30 - 11:12:21
🔅 यमगण्ड  10:52:10 - 12:33:08
🔅 गुलिक काल  14:14:05 - 15:55:03
☀ दिशा शूल   
🔅 दिशा शूल  पूर्व 

☀ चन्द्रबल और ताराबल   
☀ ताराबल 
🔅 भरणी, रोहिणी, मृगशीर्षा, आद्रा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वभाद्रपदा, रेवती 
☀ चन्द्रबल 
🔅 वृषभ, कर्क, सिंह, वृश्चिक, धनु, मीन

🌍🌞🌝🍏 *नोट:- सभी जटिल समस्याओ के लिए आप अपनी समस्या व विवरण वाँटस्एप द्वारा 09982411713 नंबर पर  करके, इमरजेंसी काँल केलिए मध्यान्ह 4 से 5 में सम्पर्क कर सकते है*।🍭🔆⚽

*😊नोट :- अगर आप इस प्रकार की जीवनोपयोगी  जानकारी चाहते है तो 😊*
*🕉.श्री शांतिसागर समाधि साधना सेवा केंद्र ( रजिस्ट्रर्ड ) जयपुर को लाइक(पंसद) करें।*
☺☺☺💐 👇 💐😊😊😊

*😊दाना  मेथी के फायदे☺️*

*एक रुपये की ये चीज दिलाएगी इतनी मीठी नींद कि आप हैरान रह जायेंगे*

*दाना  मेथी हमारे रसोइघरों में दैनिक उपयोग में आने वाली वस्तु है, जो अनेक औषधिय-गुणों से भरपूर होती है। प्राचीन काल से ही इसका प्रयोग खाद्य और औषधि के रूप में हमारे घरों में होता आ रहा है। आयुर्वेद के ग्रन्थ भावप्रकाश में कहा गया है कि मेथी वात को शान्त करती है, कफ और ज्वर का नाश करती है। राज निघन्टु में मेथी को पित्त नाशक, भूख बढ़ाने वाली, रक्त शोधक, कफ और वात का शमन करने वाली बतलाया गया है।*

*मेथी में प्रोटीन, वसा, कार्बोहाइड्रेटस, खनिज, विटामिन, केल्शियम, फासफोरस, लोह तत्त्व, केरोटीन, थायमिन, रिवाफलेबिन, विटामिन सी आदि प्रचुर मात्रा में होते हैं। लोह तत्त्व की अधिकता के कारण मेथी रक्त की कमी वालों के लिये विशेष लाभप्रद होती है।*

*मेथी दानों से शरीर की आन्तरिक सफाई होती है। मेथी का उबला पानी बुखार को कम करने में बहुत ही लाभप्रद होता है। मेथी सेवन से पाचन तंत्र सुधरता है। पेट में कर्मियों की उत्पत्ति नहीं होती। आंतों में भोजन का पाचन बराबर होता है। बड़ी आंत में, मल में कुछ गाढ़ापन आता है और मल आसानी से बड़ी आंत में गमन करने लगता हैं। मेथी खाने से भूख अच्छी लगती है। मेथी सेवन से गंध और स्वाद इन्द्रियाँ अधिक संवेदनशील होती हैं।*

*यह शरीर का आन्तरिक शोधन करती है। शलेष्मा को घोलती है तथा पेट और आंतों की सूजन ठीक करने में सहायक होती है। मेथी सेवन से मुंह की दुर्गन्ध दूर होती है। कफ, खांसी, इनफ्लेन्जा, निमोनिया, दमा आदि श्वसन संबंधी रोगों में लाभ होता है। गले की खराश में मेथी दाने के पानी से गरारे करने से बहुत लाभ होता है।*

*😊मेथी सेवन की विभिन्न विधियाँ*
*अलग-अलग रोगों के उपचार हेतु मेथी का प्रयोग अनेक प्रकार से किया जाता है। जैसे- मेथी दाणा भिगोंकर उसका पानी पीना, उसे अंकुरित कर खाना, उबालकर उसका पानी पीना, सब्जी बनाकर खाना, विभिन्न अचारों, सब्जियों अथवा अन्य खाद्य पदार्थों के साथ पकाकर सेवन करना, मेथी दानों को चूसना, चबाना अथवा पानी के साथ निगलना, मेथी की चाय अथवा काढ़ा बनाकर पीना, उसका पाउडर बना पानी के साथ लेना, अथवा लेप करना, मेथी की पुड़िये बनाकर खाना अथवा पकवान बनाकर उपयोग करना इत्यादि, कई तरीकों से मेथी का प्रयोग हमारे घरों में होता रहता है।*

*😊गहरी और मीठी नींद लेन का जबरदस्त नुस्खा(

*कागज की चिपकाने वाली टेप पर मेथी दानों को चिपका कर हथेली के अंगूठें के नाखून वाले ऊपरी पोरवे में उस टेप को लगा दें जिससे अंगूठे को मेथी का स्पर्श होता रहे। 20 से 40 मिनट के बाद आपको ऐसी जबरदस्त नींद आने लगेगी। यह नुस्खा बहुत ही उपयोगी है और बहुत से लोगों ने इस नुस्खे को आजमाया है और लाभपाया है. इस चिकित्सा को मेथी स्पर्श चिकित्सा कहते हैं।*

*😊मेथी स्पर्श चिकित्सा का सिद्धान्त*☺️
*शरीर में अधिकांश दर्द और अंगों की कमजोरी का कारण आयुर्वेद के सिद्धान्तानुसार प्रायः वात और कफ संबंधी विकार होते हैं। मेथी वात और कफ का शमन करती है। अतः जिस स्थान पर मेथी का स्पर्श किया जाता है, वहाँ वात और कफ विरोधी कोशिकाओं का सृजन होने लगता हैं, शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने लगती है। दर्द वाले अथवा कमजोर भाग में विजातीय तत्त्वों की अधिकता के कारण शरीर के उस भाग का आभा मंडल विकृत हो जाता है। मेथी अपने गुणों वाली तरंगें शरीर के उस भाग के माध्यम से अन्दर में भेजती है।*

*जिसके कारण शरीर में उपस्थित विजातीय तत्त्व अपना स्थान छोड़ने लगते हैं, प्राण ऊर्जा का प्रवाह संतुलित होने लगता है। फलतः रोगी स्वस्थ होने लगता है। मेथी रक्त शोधक है, रोगग्रस्त भाग का रक्त प्रायः पूर्ण शुद्ध नहीं होता। जिस प्रकार सोडा कपड़े की गंदगी अलग कर देता है, मेथी की तरंगे रोग ग्रस्त अथवा कमजोर भाग में शुद्ध रक्त का संचार करने में सहयोग करती है जिससे उपचार अत्यधिक प्रभावशाली हो जाता है।*

*मेथी का स्पर्श क्यों प्रभावशाली?*
*मेथी के प्रत्येक दानें में हजारों दाने उत्पन्न करने की क्षमता होती है। अतः उसके सम्पर्क से मृत प्रायः कोशिकाएँ पुनः सक्रिय होने लगती है। मेथी के औषधिय गुणों की तरंगें कमजोर अंगों को शक्तिशाली बनाने, शरीर के दर्द वाले भाग की वेदना कम करने, जलन वाले भाग की जलन दूर करने में चमत्कारी प्रभावों वाली सिद्ध हो रही है। मेथी जो कार्य पेट में जाकर करती है, उससे अधिक एवं शीघ्र लाभ उसके बाह्य प्रयोग से संभव होता है, क्योंकि उससे रोगग्रस्त भाग का मेथी की तरंगों से सीधा सम्पर्क होता है।*

*किसी भी प्रकार के दुष्प्रभाव की संभावना प्रायः नहीं रहती। रोगग्रस्त भाग को मेथी के औषधिय गुणों का पूर्ण लाभ मिलता है जबकि मेथी सेवन से रोगग्रस्त भाग तक उसका आशिंक लाभ ही मिलता है। परिणाम स्वरूप मेथी का बाह्य स्पर्श विभिन्न असाध्य स्थानीय रोगों का सहज, सरल, स्वावलंबी प्रभावशाली उपचार के रूप में विकसित हो रहा है। अनेकों रोगों के उपचार में यांत्रिक एवं रसायनिक परीक्षणों एवं अनुभवी चिकित्सकों के परामर्श की भी आवश्यकता नहीं रहती। मात्र रोगग्रस्त भाग अथवा कमजोर अंग का मेथी से स्पर्श रखना पड़ता है।*

*😊मेथी स्पर्श द्वारा विविध उपचार💐*

•   *मेथी दानों को शरीर के दर्द वाले भाग पर लगाने से दर्द में तुरन्त राहत मिलती है।*

•   *शरीर के कमजोर अंग पर लगाने से वह अंग पुनः सक्रिय और ताकतवर होने लगता है।*

•   *जलन, सूजन, दाद, खुजली वाले स्थान पर मेथी लगाने से तुरन्त लाभ मिलता है।*

•   *मेथी दानों को चूसते रहने से दांतों का दर्द ठीक होता है और गले संबंधित रोगों में आराम मिलता है। अन्तःस्रावी ग्रन्थियों एवं ऊर्जा चक्रों पर मेथी दाना लगाने से उसके आसपास जमे विकार दूर होने से उनकी सक्रियता बढ़ जाती है।*

•   *हथेली और पगथली में मेथी दानों के मसाज से सारे शरीर से संबंधित एक्यूप्रेशर प्रतिवेदन बिन्दू सक्रिय होने लगते हैं। एक्यूप्रेशर के दर्दस्थ प्रतिवेदन बिन्दुओं पर मेथी स्पर्श से वहाँ जमें विजातीय तत्त्व दूर होने लगते हैं और एक्यूप्रेशर चिकित्सा बिना दर्द वाली स्वावलंबी प्रभावशाली उपचार पद्धति से हो जाता है।*

•   *अंगूठे के ऊपर वाले पोरवे पर मेथी लगाने से चक्कर एवं सिर दर्द संबंधी विभिन्न रोगों में तुरन्त आराम मिलता हैं। रक्तचाप बराबर होने लगता है। तनाव, भय, अधीरता, क्रोध कम होने लगता है।*

•   *रात्रि में सोते समय हाथ के अंगूठों के पहले पोरवे पर मेथी लगाने से अनिद्रा के रोग से छुटकारा मिलता है।*

•   *मेथी का हल्का सा मसाज सीने पर करने से फेंफड़े मजबूत होते हैं। कफ, खांसी, दमा में आराम मिलता है।*

•   *हृदय रोगियों के हृदय वाले स्थान पर मेथी दाणा लगाने से हृदय शूल और हृदय संबंधी अन्य विकार शीघ्र दूर होने लगते हैं।*

•   *स्पलीन पर मेथी स्पर्श करने से मधुमेह ठीक होता है। शरीर में लासिका तंत्र बराबर कार्य करने लगता हैं। जिससे सूजन नहीं आती। आमाशय पर लगाने से पाचन अच्छा होता है। लीवर, पित्ताशय, गुर्दो, आंतों पर मेथी लगाने से संबंधित अंगों से विजातीय तत्व दूर होने लगते हैं और वे सारे अंग अपनी क्षमतानुसार कार्य करने लगते हैं।*

•   *शरीर के जिस स्थान पर बाल हो और टेप से मेथी दानों का स्पर्श संभव न हों वहाँ मेथी का लेप कर उपचार किया जा सकता है।*

•   *आग से जलने पर दानेदार मेथी को पानी में पीस कर लेप करने से जलन दूर होती है, फफोले नहीं पड़ते।*

•   *मेथी का सिर पर लेप करने से बाल नहीं गिरते तथा गंजों के बाल आने लगते हैं। बाल अपने प्राकृतिक रंग में मुलायम बने रहते हैं। बालों की लम्बाई बढ़ती है।*

•   *ताजा पत्तियों का पेस्ट रोज नहाने से पूर्व चेहरे पर लेप करने से चेहरे का रुखापन, झुरियाँ, गर्मी से होने वाले फोड़े फुन्सियाँ आदि ठीक होते हैं।*

•   *पगथली के अंगूठों और अंगुलियों में मेथी लगाने से नाड़ी संस्थान संबंधी रोगों में शीघ्र राहत मिलती है।*

*मेथी कैसे और कितनी देर लगायें*
*बाजार में अलग-अलग माप की चिपकाने वाली कागज की टेप मिलती है।* *आवश्यकतानुसार माप की टेप पर मेथीदाणा को चिपका दें। चारों तरफ थोड़ा स्थान खाली छोड़ दें ताकि टेप त्वचा पर आसानी से चिपक सकें। मेथी दाणों का स्पर्श तब तक शरीर पर रहने दें, जब तक उस स्थान पर किसी प्रकार की प्रतिकूलता अथवा सिर में भारीपन अनुभव न हों। मेथी अपना प्रभाव लगाने के तुरन्त बाद अनुभव कराने लग जाती है। मात्र तीन दिन के नियमित प्रयोग से उसके चमत्कारी प्रभावों का अनुभव होना प्रारम्भ होने लगता है।*

*सारांश यही है कि मेथी स्पर्श चिकित्सा सहज, सरल, सस्ती, प्रभावशाली, दुष्प्रभावों से रहित,वैज्ञानिक, पूर्ण स्वावलंबी एवं अहिंसक होती है, जिसका शरीर के रोगग्रस्त भाग पर शीघ्र प्रभाव पड़ता है। मेथी दर्द नाशक एवं रक्त शोधक होती है।* *विजातीय तत्त्वों को दूर कर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है।*

🐢🚩🕉👪 *आपसभी मंगलमय🍏☎🍭🔆आचरण को प्राप्त करकें यह जीवन सफल बनायें* ⚽🌲🌞🌍
*******************

*#https://www.facebook.com/100028241912934/posts/342392933378768/*