रविवार, 7 जुलाई 2019

वृक्षारोपण

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*आसाम में वृक्षारोपण*
*⏰जीवन के अनमोल विचार👨‍👩‍👧‍👦*
⏰ दैनिक पंचांग ⏰

🕉  *ह्रीं नम:श्री ज्योतिष ऋषि सेवाव्रतीनित्यानंदस्वामीजी*
👪"सच्चा मित्र"👪
   *श्री सिध्दांत ज्योतिष , वास्तु व रेकी  शोध केन्द्र जयपुर*
(राजस्थान)

🌞श्री शान्तिसागराय नम:🌞
*⏰जीवन के अनमोल विचार👨‍👩‍👧‍👦*

*कुछ करना है तो*

1. आत्म कल्याण करो ।

2. जीतना है तो अपनी तृष्णा को जीतो ।

3. मारना है तो अपनी इच्छाओं को मारो ।

4. सुनना है तो जिनवाणी सुनो ।

5. छोड़ना है तो आलस्य, पाप और अनाचार छोड़ो ।

6. बोलना है तो हित-मित प्रिय वचन बोलो ।

7. जाना है तो मन्दिर एवं तीर्थों पर जाओ ।

8. लड़ना है तो अपनी विषय कषायों से लड़ो ।

9. आदर चाहते हो तो अपने स्वभाव का आदर करो संसार में तुम्हारा आदर होगा ।

10. हंसना है तो अपनी करनी पर हंसो जो संसार भव भ्रमण का कारण है ।

11. जीवन में कुछ करना है तो सभी इच्छाओं को समाप्त कर अपने में समा जाओ वहीं अनन्त सुखों का साम्राज्य है ।

12. बचना है तो अपनी प्रशंसा, दूसरों की निंदा, दुर्व्यसन और दूसरों के दोष देखने से बचो ।

13. शास्त्रों का पार नहीं है काल थोड़ा है और हम मन्द बुद्धि हैं अतः वह कला सीखलो जिससे जन्म-जरा-मृत्यु का अन्त हो ।

14. जगत में जो सर्वोत्कृष्ट है वह सब अपने स्वभाव में ही भरा है - एक क्षण उसकी ओर देख लो तुम धन्य हो जाओगे ।

15. तत्व निर्णय अभ्यास की प्रथम मंजिल है और वह जीवन की सबसे बड़ी आवश्यकता और कर्तव्य है ।

16. आत्मोद्धार के लिये आत्म निरीक्षण आवश्यक है ।

17. सुन लेते हैं पर निर्णय नहीं करते, वे मूढ़ हैं ।

18. अनुकूलता-प्रतिकूलता वस्तु में नहीं दृष्टि में होती है ।

19. सत्पुरुष संपति और विपत्ति में समभाव रखते हैं ।

20. कर्त्ता भोगी होता है और
योगी।

⏰ दैनिक पंचांग ⏰

🕉वीर निर्वाण सं. 2545
☀ 08 - Jul - 2019
☀ Jaipur
पंचांग   
🔅 तिथि :
            षष्ठी  07:43:27
            सप्तमी  29:26:10
🔅 नक्षत्र  उत्तर फाल्गुनी  18:34:07
🔅 करण :
           तैतिल  07:43:27
           गर  18:32:07
🔅 पक्ष  शुक्ल 
🔅 योग  वरियान  15:26:15
🔅 वार  सोमवार 

☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ   
🔅 सूर्योदय  05:38:57 
🔅 चन्द्रोदय  11:20:59 
🔅 चन्द्र राशि  कन्या 
🔅 सूर्यास्त  19:24:29 
🔅 चन्द्रास्त  23:59:00 
🔅 ऋतु  वर्षा 

☀ हिन्दू मास एवं वर्ष   
🔅 शक सम्वत  1941  विकारी
🔅 कलि सम्वत  5121 
🔅 दिन काल  13:45:32 
🔅 विक्रम सम्वत  2076 
🔅 मास अमांत  आषाढ 
🔅 मास पूर्णिमांत  आषाढ 

☀ शुभ और अशुभ समय   
☀ शुभ समय   
🔅 अभिजित  12:04:11 - 12:59:14
☀ अशुभ समय   
🔅 दुष्टमुहूर्त :
                    12:59:14 - 13:54:16
                    15:44:20 - 16:39:22
🔅 कंटक  08:24:03 - 09:19:05
🔅 यमघण्ट  12:04:11 - 12:59:14
🔅 राहु काल  07:22:08 - 09:05:19
🔅 कुलिक  15:44:20 - 16:39:22
🔅 कालवेला या अर्द्धयाम  10:14:07 - 11:09:09
🔅 यमगण्ड  10:48:31 - 12:31:43
🔅 गुलिक काल  14:14:54 - 15:58:06
☀ दिशा शूल   
🔅 दिशा शूल  पूर्व 

☀ चन्द्रबल और ताराबल   
☀ ताराबल 
🔅 भरणी, कृत्तिका, रोहिणी, मृगशीर्षा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढा, उत्तराषाढा, श्रवण, धनिष्ठा, पूर्वभाद्रपदा, रेवती 
☀ चन्द्रबल 
🔅 मेष, कर्क, कन्या, वृश्चिक, धनु, मीन

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*आसाम में वृक्षारोपण*

ए कहानी शुरू होने के पहले छोटी सी जानकारी दें।
“ब्रह्मपुत्र” नदी को पूर्वोत्तर का आभिशाप भी कहाआसाता है।इसका कारण है कि जब यह आसाम तक पहुँचती है तो अपने साथ लम्बी दूरी से बहा कर लायी हुई मिटटी, रेत और
पहाड़ी पथरीले अवशेष विशाल “द्रव मलबे” के रूप में लाती है, जिससे नदी की गहराई अपेक्षाकृततो कम हो चौड़ाई में फैल किनारे के गांवो को प्रभावित करती है।मानसून में इसके चौड़े पाट हर साल पेड़ पौधो, हरियाली और गांवो को अपने संग बहा ले जाते है।ब्रह्मपुत्र नदी का विशालता से फैला हरियाली रहित, बंजर रेतीला तट लगभग रेगिस्तान लगता था।
चलिए अब आते हैं हमारे कहानी के नायक “जाधव पियेंग” पर।
वर्ष 1979 में जाधव 10 वी परीक्षा देने के बाद अपने गाँव में ब्रह्मपुत्र नदी के बाढ़ का पानी उतरने पर इसके बरसाती भीगे रेतीले तट पर घूम रहे थे।
तब ही उनकी नजर लगभग 100 मृत सापो के विशाल गुच्छे पर पड़ी। आगे बढ़ते गए तो पूरा नदी का किनारा मरे हुए जीव जन्तुओं से अटा पड़ा एक मरघट सा था।मृत जानवरों के शव के कारण पैर रखने की जगह नही थी।इस दर्दनाक सामूहिक निर्दोष मौत के दृश्य ने जाधव के किशोर मन को झकझोर दिया।
हज़ारो की संख्या में निर्जीव जीव जन्तुओ की निस्तेज फटी मुर्दा आँखों ने जाधव को कई रात सोने न दिया।गाँव के ही एक आदमी ने चर्चा के दौरान विचलित जाधव से कहा जब पेड़ पौधे ही नही उग रहे है तो नदी के रेतीले तटो पर जानवरों को बाढ़ से बचने आश्रय कहाँ मिले? जंगलो के बिना इन्हें
भोजन कैसे मिले? बात जाधव के मन में पत्थर की लकीर बन गयी कि जानवरों को बचाने पेड़ पौधे लगाने होंगे।
50 बीज और 25 बांस के पेड़ लिए 16 साल का जाधव पहुंच गया नदी के रेतीले किनारे पर रोपने।ये आज से 35 साल पुरानी बात है।उस दिन का दिन था और आज का दिन क्या आप कल्पना कर सकते है कि
इन 35 सालो में जाधव ने 1360 एकड़ का जंगल बिना किसी सरकारी मदद के लगा डाला।
क्या आप भरोसा करेंगे के एक अकेले आदमी के लगाये जंगल में 5 बंगाल टाइगर,100 से ज्यादा हिरन,जंगली सुवर, 150 जंगली हाथियों का झुण्ड , गेंडे और अनेक जंगली पशु घूम रहे हैं,अरे हाँ सांप भी जिससे इस
अद्भुत नायक को जन्म दिया।
*जंगलो का क्षेत्र
ढाने सुबह 9 बजे से पांच किलोमीटर साइकल से जाने के बाद,नदी पार करते और दूसरी तरफ वृक्षारोपण कर फिर सांझ ढले नदी पार कर साइकल 5 किलोमीटर तय कर घर पहुँचते। इनके लगाये पेड़ो में कटहल, गुलमोहर,अन्नानाश, बांस, साल, सागौन, सीताफल, आम,
बरगद, शहतूत, जामुन, आडू और कई औषधीय पौधे हैं।लेकिन सबसे आश्चर्यजनक और दुर्भाग्यपूर्ण तथ्य यह है कि इस असम्भव को सत्य कर दिखाने वाले साधक से महज़ पांच साल पहले तक देश अनजान था।ये लौहपुरुष अपने धुन में अकेला आसाम के जंगलो में साइकल में पौधो से भरा एक थैला लिएअपने बनाए जंगल में गुमनाम सफर कर रहा था।सबसे पहले वर्ष 2010 में देश की नजर में आये जब वाइल्ड फोटोग्राफर “#जीतू_कलिता” ने इन पर डाक्यूमेंट्री फिल्म बनाई “The Molai Forest”
यह फिल्म देश के नामी विश्वविद्यालयों में दिखाई गयी। दूसरी फिल्म #आरती_श्रीवास्तव की “#Foresting_Life”
जिसमें जाधव की जिन्दगी के अनछुए पहलुओं और परेशानियों को दिखाया।*

*तीसरी फिल्म“#Forest_Man” जो विदेशी फिल्म महोत्सव में भी काफी सराही गईएक अकेला व्यक्ति वन विभाग की मदद के
,किसी सरकारी आर्थिक सहायता के बगैर इतने पिछड़े इलाके से कि जिसके पास पहचान पत्र के रूप में
“राशन कार्ड” तक नहीं है ने हज़ारो एकड़ में फैला पूरा जंगल खड़ा कर दिया।जानने वाले सकते में आ गए उनके नाम पर आसाम के इन जंगलो को “मिशिंग जंगल” कहते हैं (जाधव आसाम की मिशिंग जनजाति से हैं)। जीवन यापन करने के लिए इन्होने गाय पाल रखी हैं। शेरों द्वाराआजीविका के साधन उनकेपालतू पशुओं को खा जाने के बाद भी जंगली जानवरों के प्रति इनकी करुणा कम न हुई। शेरों ने मेरा नुकसान किया क्योंकि वो अपनी भूख मिटाने के लिए खेती करना नहीं जानते।आप जंगल नष्ट करोगे वो आपको नष्ट करेंगे।*
*एक साल  पहलेमहामहिम “राष्ट्रपति” द्वारा देश के चतुर्थ सर्वोच्च नागरिक स म्मान “पद्मश्री” से  अलंकृत होने वाले जाधव आज भी आसाम में बांस के बने एक कमरे के छोटे से कच्चेझोपड़े में अपनी पुरानी में दिनचर्या लीन हैं।*
*तमाम सरकारी प्रयासों, वृक्षारोपण के नाम पर लाखो रुपये के पौधों की खरीदी करके भी ये पर्यावरण, वन-विभाग वो मुकाम हासिलन कर पाये जो एक अकेले की इच्छाशक्ति ने कर दिखाया। साइकल पर जंगली पगडंडियों में पौधों से भरे झोले और कुदाल के साथ हरी-भरी प्रकृति की अनवरत साधना में ये निस्वार्थ पुजारी।*
*ढेर सारी शुभकामनायें जाधव जी आपने *अकेला चना भाड़ नही फोड़ सकता कहावत गलत साबित कर दीअब तो हम कहेंगे*
*“अकेला चना भाड़ फोड़ सकता है“*
*निवेदन करते हैं पर्यावरण के लिए असीम स्नेह से भीगी इस भारत माँ के लाल के बारे में जानकारी को दूसरों तक भी पहुंचा कर सजग बनाएं।*

🌍🌞🌝🍏 *नोट:- सभी जटिल समस्याओ के लिए आप अपनी समस्या व विवरण वाँटस्एप द्वारा 09982411713 नंबर पर  करके, इमरजेंसी काँल केलिए मध्यान्ह 4 से 5 में सम्पर्क कर सकते है*।🍭🔆⚽

*😊नोट :- अगर आप इस प्रकार की जीवनोपयोगी  जानकारी चाहते है तो 😊*
*🕉.श्री सिध्दांत ज्योतिष ,वास्तु व रेकी  शोध केन्द्र जयपुर
को लाइक(पंसद) करें।*
☺☺☺💐 👇 💐😊😊😊
*👨‍👩‍👧जानिए इस लिंक से भारतीय संविधान की सच्चाई*
#https://youtu.be/qJJK_CjhMC4

🐢🚩🕉👪 *आपसभी मंगलमय🍏☎🍭🔆आचरण को प्राप्त करकें यह जीवन सफल बनायें* ⚽🌲🌞🌍
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