गुरुवार, 28 मार्च 2024

स्वयं का आत्मबल

*स्वयं का आत्मबल*
⛳🕉️🌞🕉️🪔⛳
*🌞🕉️वसुनंदी गुरुवे नमः🕉️🌞*
*🌞✍️सच्चा साथी✍️🌞*
*👨‍👩‍👧‍👦✍️कहानी सभी के काम की*
*💪👩‍🚒स्वयं का आत्मबल  ✍️🐒*

*🔔👨‍👩‍👧‍👦↔️ जैन तीर्थंकर प्रभु के पंच कल्याणक महोत्सव की अग्रिम सूचना🔔*
*🔔🪔 चैत्र कृष्ण 4, शुक्रवार , 29 मार्च  2024 कलिकाल के 23 वें  तीर्थंकर केतु की महादशा को अनुकूल बनाने वाले  मन के सभी विकल्पों को शांत कर जगत में  सर्व सुखकारक समता  प्रदाता 1008 श्री पार्श्वनाथ भगवान का केवल ज्ञान कल्याणक महोत्सव है।*
*🔔🪔 चैत्र कृष्ण 5, शनिवार , 30 मार्च  2024 कलिकाल के अष्टम तीर्थंकर चंद्र की महादशा को अनुकूल बनाने वाले  मन के सभी विकल्पों को शांत कर जगत में  सर्व सुखकारक सर्वश्रेष्ठ शक्ति  प्रदाता 1008 श्री चन्द्रप्रभ भगवान का गर्भ कल्याणक महोत्सव है।*

*🎪 31 मार्च निर्यापक समय सागर जी का मुनि दीक्षा दीवस*
*⛳षोडषकारण व्रत 26 मार्च से 24अप्रैल तक* 
 *🌞यह सभी पंच कल्याणक तिथियां उत्तर पुराण के अनुसार है इन तिथियों से सम्पूर्ण विश्व में कल्याणक महोत्सव मनाए जाते है।यह सभी  तिथियां जयपुर पंचांग के अंतर्गत है।विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ते रहे शिक्षाप्रद कहानियां ।*


🪔स्वयं के आत्म-विश्वास से आत्मबल को जागृत करने के लिए 🪔
एक दिन की बात है एक चिड़िया आकाश में अपनी उड़ान भर रही होती है। रास्ते में उसे गरुड़ मिल जाता है। गरुड़ उस चिड़िया को खाने को दौड़ता है। चिड़िया उससे अपनी जान की भीख मांगती है। लेकिन गरुड़ उसपर रहम करने को तैयार नहीं होता। तब चिड़िया उसे बताती है कि मेरे छोटे-छोटे बच्चे हैं और उनके लालन पालन के लिए मेरा जीवित रहना जरूरी है। तब गरुड़ इस पर चिड़िया के सामने एक शर्त रखता है कि मेरे साथ दौड़ लगाओ और अगर तुमने मुझे हरा दिया तो मैं तुम्हारी जान बख्श दूंगा और तुम्हें यहां से जाने दूंगा।

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*🕉️🌞✍️पुण्य वृद्धि के इच्छुक  पुण्यात्माओं से निवेदन है कि इस पोस्ट को परिवार, मित्रों और अन्य परिचितों तक इस पोस्ट को भेजकर स्वयं के व उनके पुण्य मे भी वृद्धि करें। धर्मात्मा बंधु पापों को पुण्य मे बदलना चाहते है तो आज ही संस्था से जुड़कर अपना मोक्ष मार्ग को सुरक्षित करें ।जो स्वयं के पुण्य को शीघ्रातिशीघ्र वृद्धिगत करना चाहते है वे सभी अपनी चंचला लक्ष्मी का सदुपयोग संस्था के माध्यम से  कर सकते है ।✍️*
*✍️➡️👨‍👩‍👧‍👦अगर कोई भी पुण्यात्मा श्रावक इस प्रकार की पोस्ट को व्हाट्सएप पर प्राप्त करना चाहते है तो श्री शांति सागर समाधि साधना सेवा केंद्र जयपुर रजिस्टर संस्था के 📲 9461956111 नंबर पर व्हाट्सएप पर कहानियां + शुभनाम+ 【गांव शहर】निवास स्थान  लिखकर व्हाट्सएप करें,काल ना करें।*
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गरुड़ इस बात को जानता था कि चिड़िया का उसे दौड़ में हराना असंभव है। इसलिए उसके सामने इतनी कठिन शर्त रख देता है। चिड़िया के पास इस दौड़ के लिए हां करने के अलावा और कोई विकल्प नहीं बचता। लेकिन चिड़िया को इस बात का अंदाजा था कि गरुड़ को दौड़ में हराना नामुमकिन है लेकिन फिर बी वह इस दौड़ के लिए हां कर देती है। पर वह गरुड़ से कहती है कि जब तक ये दौड़ ख़त्म नहीं होता वह उसे नहीं मरेगा। गरुड़ इस बात पर राजी हो जाता है।

दौड़ शुरू होती है चिड़िया फट से जाकर गरुड़ के पीठ पर बैठ जाती है और जैसे ही गरुड़ दौड़ के आखिरी स्थान पर पहुंचता है चिड़िया फट से उड़ कर लाइन के पार पहुंच जाती ही और जीत जाती है। गरुड़ उसकी चतुरता से प्रसन्न हो जाता है और उसको जिंदा छोड़ देता है। चिड़िया तुरंत ही वहां से उड़ जाती है और अपने रास्ते चल देती है।

🔔🕉️👨‍👨‍👦‍👦⛳🔑विशेष :-भव्य आत्माओं , कठिन विपरीत परिस्थितियों में हालातों पर रोना नहीं चाहिए बल्कि समझदारी और चतुरता के साथ मुसीबत का सामना करना चाहिए। विरोधी या कार्य आपकी क्षमता से ज्यादा मजबूत हो तो इसका मतलब यह नहीं कि आप पहले से ही हार मान कर बैठ जाएं बल्कि समझदारी और धैर्य से बैठ कर समस्या का समाधान ढूढ़ना चाहिए। अपने ऊपर विश्वास रखना चाहिए कि हम किसी भी हालत में जीत सकते है।

*👨‍👩‍👧‍👦✍️➡️🕉️ प्रति समय प्रसन्न रहते हुए अपने सच्चे कर्तव्यों ( वह कार्य जो हमें 84 लाख योनियों से मुक्त करने में सहयोग प्रदान करें ) का पालन कीजिये।*
*➡️जैसा हमारा कर्म होगा वैसा ही हमें फल प्राप्त होगा।आज वर्तमान में जो भी हम सभी को प्राप्त हो रहा है वह हमारे द्वारा  पूर्वो पार्जित कर्मो का ही फल है।आप किसी भी जीव के मोक्ष मार्ग में सहयोगी नहीं बन सकते तो विरोधी बनकर पाप का संचय मत करो। ना ही किसी बात चिंता  करो, अच्छे कर्म करो जो हमसे कोई छुड़ा भी नहीं सकता और चुरा भी नहीं सकता।कर्म यह ऐसी संपत्ति है जो मरने के बाद भी हमारे साथ रहती है।जब जीव जन्म लेता है तो केवल अपने पूर्वो पार्जित कर्मों के साथ ही जन्म लेता है।*
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*जैनम जयतु शासनम*
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बुधवार, 6 मार्च 2024

मेरी कहानी मुझे याद आती है

**मेरी कहानी मुझे याद आती है*
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*🌞🕉️वसुनंदी गुरुवे नमः🕉️🌞*
*🌞✍️सच्चा साथी✍️🌞*
*👨‍👩‍👧‍👦✍️कहानी सभी के काम की*
*💪👩‍🚒 *मेरी कहानी मुझे याद आती है ✍️🐒*

*🔔👨‍👩‍👧‍👦↔️ जैन तीर्थंकर प्रभु के पंच कल्याणक महोत्सव की अग्रिम सूचना🔔*
*🔔🪔 फाल्गुन कृष्ण बारस, गुरुवार , 07 मार्च  2024 कलिकाल के बीसवें तीर्थंकर शनि की महादशा को अनुकूल बनाने वाले  मन के सभी विकल्पों को शांत कर जगत में  सर्व सुखकारक सर्वश्रेष्ठ शक्ति  प्रदाता 1008 श्री मुनिसुब्रतनाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक महोत्सव है।*
*🎪17 से 25 तक आष्टान्हिका शाश्वत पर्व*
*🕉️22 मार्च आचार्य श्री चैत्यसागर मुनिराज का दीक्षा दिवस*
*🎪 31 मार्च निर्यापक समय सागर जी का मुनि दीक्षा दीवस*
*⛳षोडषकारण व्रत 26 मार्च से प्रारंभ* 
 *🌞मार्च माह में तीर्थंकर भगवन्तों के पंच कल्याणक महोत्सव  6, 7, 9, ,12, 14, 16, 17 ,29, 30 दिनांकों में तीर्थंकर भगवन्तों के पंच कल्याणक महोत्सव है। यह सभी पंच कल्याणक तिथियां उत्तर पुराण के अनुसार है इन तिथियों से सम्पूर्ण विश्व में कल्याणक महोत्सव मनाए जाते है।यह सभी  तिथियां जयपुर पंचांग के अंतर्गत है।विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ते रहे शिक्षाप्रद कहानियां ।*

🏵️ *मेरी कहानी मुझे याद आती है 🏵️
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_💙एक घर में बहुत दिनों से एक वीणा रखी थी। उस घर के लोग भूल गए थे, उस वीणा का उपयोग। पीढ़ियों पहले कभी कोई उस वीणा को बजाता रहा होगा। अब तो कभी कोई भूल से बच्चा उसके तार छेड़ देता था तो घर के लोग नाराज होते थे। कभी कोई बिल्ली छलांग लगा कर उस वीणा को गिरा देती तो आधी रात में उसके तार झनझना जाते, घर के लोगों की नींद टूट जाती। वह वीणा एक उपद्रव का कारण हो गई थी। अंततः उस घर के लोगों ने एक दिन तय किया कि इस वीणा को फेंक दें -जगह घेरती है, कचरा इकट्ठा करती है और शांति में बाधा डालती है। वह उस वीणा को घर के बाहर कूड़े घर पर फेंक आए।_

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*🕉️🌞✍️पुण्य वृद्धि के इच्छुक  पुण्यात्माओं से निवेदन है कि इस पोस्ट को परिवार, मित्रों और अन्य परिचितों तक इस पोस्ट को भेजकर स्वयं के व उनके पुण्य मे भी वृद्धि करें। धर्मात्मा बंधु पापों को पुण्य मे बदलना चाहते है तो आज ही संस्था से जुड़कर अपना मोक्ष मार्ग को सुरक्षित करें ।जो स्वयं के पुण्य को शीघ्रातिशीघ्र वृद्धिगत करना चाहते है वे सभी अपनी चंचला लक्ष्मी का सदुपयोग संस्था के माध्यम से  कर सकते है ।✍️*
*✍️➡️👨‍👩‍👧‍👦अगर कोई भी पुण्यात्मा श्रावक इस प्रकार की पोस्ट को व्हाट्सएप पर प्राप्त करना चाहते है तो श्री शांति सागर समाधि साधना सेवा केंद्र जयपुर रजिस्टर संस्था के 📲 9461956111 नंबर पर व्हाट्सएप पर कहानियां + शुभनाम+ 【गांव शहर】निवास स्थान  लिखकर व्हाट्सएप करें,काल ना करें।*
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_🔸वह लौट ही नहीं पाए थे फेंक कर कि एक भिखारी गुजरता था, उसने वह वीणा उठा ली और उसके तारों को छेड़ दिया। वे ठिठक कर खड़े हो गए, वापस लौट गए। उस रास्ते के किनारे जो भी निकला, वे ठहर गया। घरों में जो लोग थे, वे बाहर आ गए। वहां भीड़ लग गई। वह भिखारी मंत्रमुग्ध हो उस वीणा को बजा रहा था। जब उन्हें वीणा का स्वर और संगीत मालूम पड़ा और जैसे ही उस भिखारी ने बजाना बंद किया है, वे घर के लोग उस भिखारी से बोलेः वीणा हमें लौटा दो। वीणा हमारी है। उस भिखारी ने कहाः वीणा उसकी है जो बजाना जानता है, और तुम फेंक चुके हो। तब वे लड़ने-झगड़ने लगे। उन्होंने कहा, हमें वीणा वापस चाहिए। उस भिखारी ने कहाः फिर कचरा इकट्ठा होगा, फिर जगह घेरेगी, फिर कोई बच्चा उसके तारों को छेड़ेगा और घर की शांति भंग होगी। वीणा घर की शांति भंग भी कर सकती है, यदि बजाना न आता हो। वीणा घर की शांति को गहरा भी कर सकती है, यदि बजाना आता हो। सब कुछ बजाने पर निर्भर करता है।_

_*🔸 विशेष:-भव्य आत्माओं,जीवन भी एक वीणा है और सब कुछ बजाने पर निर्भर करता है। जीवन हम सबको मिल जाता है, लेकिन उस जीवन की वीणा को बजाना बहुत कम लोग सीख पाते हैं। इसीलिए इतनी उदासी है, इतना दुख है, इतनी पीड़ा है। इसीलिए जगत में इतना अंधेरा है, इतनी हिंसा है, इतनी घृणा है। इसलिए जगत में इतना युद्ध है, इतना वैमनस्य है, इतनी शत्रुता है। जो संगीत बन सकता था जीवन, वह विसंगीत बन गया है क्योंकि बजाना हम उसे नहीं जानते हैं।*

*👨‍👩‍👧‍👦✍️➡️🕉️ प्रति समय प्रसन्न रहते हुए अपने सच्चे कर्तव्यों ( वह कार्य जो हमें 84 लाख योनियों से मुक्त करने में सहयोग प्रदान करें ) का पालन कीजिये।*
*➡️जैसा हमारा कर्म होगा वैसा ही हमें फल प्राप्त होगा।आज वर्तमान में जो भी हम सभी को प्राप्त हो रहा है वह हमारे द्वारा  पूर्वो पार्जित कर्मो का ही फल है।आप किसी भी जीव के मोक्ष मार्ग में सहयोगी नहीं बन सकते तो विरोधी बनकर पाप का संचय मत करो। ना ही किसी बात चिंता  करो, अच्छे कर्म करो जो हमसे कोई छुड़ा भी नहीं सकता और चुरा भी नहीं सकता।कर्म यह ऐसी संपत्ति है जो मरने के बाद भी हमारे साथ रहती है।जब जीव जन्म लेता है तो केवल अपने पूर्वो पार्जित कर्मों के साथ ही जन्म लेता है।*
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*जैनम जयतु शासनम*
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सोमवार, 4 मार्च 2024

समर्पण से सत्कार व मद से तिरस्कार

*समर्पण से सत्कार और मद (घमंड) से तिरस्कार*
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*🌞🕉️वसुनंदी गुरुवे नमः🕉️🌞*
*🌞✍️सच्चा साथी✍️🌞*
*👨‍👩‍👧‍👦✍️कहानी सभी के काम की*
*💪👩‍🚒समर्पण से सत्कार और मद (घमंड) से तिरस्कार✍️🐒*

*🔔👨‍👩‍👧‍👦↔️ जैन तीर्थंकर प्रभु के पंच कल्याणक महोत्सव की अग्रिम सूचना🔔*
*🔔🪔 फाल्गुन कृष्ण ग्यारस, बुधवार , 06 मार्च  2024 कलिकाल के प्रथम  तीर्थंकर गुरु की महादशा को अनुकूल बनाने वाले  मन के सभी विकल्पों को शांत कर जगत में  सर्व सुखकारक संस्कार  प्रदाता 1008 श्री ऋषभनाथ भगवान का केवल ज्ञान कल्याणक महोत्सव है।*
*🔔🪔 फाल्गुन कृष्ण ग्यारस, बुधवार , 06 मार्च  2024 कलिकाल के ग्यारवें  तीर्थंकर गुरु की महादशा को अनुकूल बनाने वाले  मन के सभी विकल्पों को शांत कर जगत में  सर्व सुखकारक सर्वश्रेष्ठ शक्ति  प्रदाता 1008 श्री श्रेयांसनाथ भगवान का जन्म व तप कल्याणक महोत्सव है।*
*🎪17 से 25 तक आष्टान्हिका शाश्वत पर्व*
*🕉️22 मार्च आचार्य श्री चैत्यसागर मुनिराज का दीक्षा दिवस*
*🎪 31 मार्च निर्यापक समय सागर जी का मुनि दीक्षा दीवस*
*⛳षोडषकारण व्रत 26 मार्च से प्रारंभ* 
 *🌞मार्च माह में तीर्थंकर भगवन्तों के पंच कल्याणक महोत्सव  7 को            मुनिसुब्रतनाथ भगवान जी का मोक्ष कल्याणक , 9, ,12, 14, 16, 17 ,29, 30 दिनांकों में तीर्थंकर भगवन्तों के पंच कल्याणक महोत्सव है। यह सभी पंच कल्याणक तिथियां उत्तर पुराण के अनुसार है इन तिथियों से सम्पूर्ण विश्व में कल्याणक महोत्सव मनाए जाते है।यह सभी  तिथियां जयपुर पंचांग के अंतर्गत है।विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ते रहे शिक्षाप्रद कहानियां ।*

*🔔आज हम सभी इस कहानी के माध्यम से समझते है कि हमारी वर्तमान स्थिति परिस्थिति कैसी है।समर्पण से सत्कार और मद (घमंड) से तिरस्कार*

⏰एक कुशल शिल्पकार लंबी यात्रा के बाद किसी छायादार वृक्ष के नीचे विश्राम के लिये बैठ गया। कुछ समय विश्राम करने के बाद अचानक उसे सामने एक पत्थर का टुकड़ा पड़ा दिखाई दिया। उसने उस सुंदर पत्थर के टुकड़े को उठा लिया, सामने रखा और औजारों के थैले से छेनी-हथौड़ी निकालकर उसे तराशने के लिए जैसे ही पहली चोट की, पत्थर जोर से चिल्ला पड़ा, "उफ मुझे मत मारो।" दूसरी बार वह रोने लगा, "मत मारो मुझे, मत मारो... मत मारो।

शिल्पकार ने उस पत्थर को छोड़ दिया, अपनी पसंद का एक अन्य टुकड़ा उठाया और उसे हथौड़ी से तराशने लगा। वह टुकड़ा चुपचाप वार सहता गया और देखते ही देखते कुछ समय में उसमें से एक देवी की मूर्ति उभर आई। मूर्ति वहीं पेड़ के नीचे उच्चासन पर विराजमान कर  वह अपनी राह पकड़ आगे चला गया। 

कुछ वर्षों बाद उस शिल्पकार को फिर से उसी पुराने रास्ते से गुजरना पड़ा, जहाँ पिछली बार विश्राम किया था। उस स्थान पर पहुँचा तो देखा कि वहाँ उस मूर्ति की पूजा अर्चना हो रही है, जो उसने बनाई थी। भीड़ है, भजन आरती हो रही है, भक्तों की पंक्तियाँ लगीं हैं, जब उसके दर्शन का समय आया, तो पास आकर देखा कि उसकी बनाई मूर्ति का कितना सत्कार हो रहा है! जो पत्थर का पहला टुकड़ा उसने, उसके रोने चिल्लाने पर फेंक दिया था वह भी एक ओर में पड़ा है और लोग उसके सिर पर नारियल फोड़ फोड़ कर मूर्ति पर चढ़ा रहे हैं।

शिल्पकार ने मन ही मन सोचा कि जीवन में कुछ बन पाने के लिए शुरू में अपने शिल्पकार को पहचानकर, उनका सत्कार कर कुछ कष्ट झेल लेने से जीवन बन जाता हैं। बाद में सारा विश्व उनका सत्कार करता है। जो डर जाते हैं और बचकर भागना चाहते हैं वे बाद में जीवन भर कष्ट झेलते हैं, उनका सत्कार कोई नहीं करता।

*👨‍👨‍👦‍👦🎪⛳🔔▶️विशेष :- भव्य आत्माओं, आज विश्व का प्रत्येक जीव अपने मन के अनुसार धर्म कर्म कर रहा है। जिसके कारण वह न चाहते हुए भी अनेकों प्रकार की समस्याओं में फंसा हुआ है।इन सभी समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए उसे सच्चे देव शास्त्र गुरु के प्रति मन से वचनों से व शरीर के साथ अपनी स्व कमाई के धन से समर्पण होना होगा। जिस प्रकार हमारा समर्पण होगा उसी प्रकार की हमें उपलब्धि प्राप्त होगी। यही प्रकृति का शाश्वत नियम है।✍️*

*👨‍👩‍👧‍👦✍️➡️🕉️ प्रति समय प्रसन्न रहते हुए अपने सच्चे कर्तव्यों ( वह कार्य जो हमें 84 लाख योनियों से मुक्त करने में सहयोग प्रदान करें ) का पालन कीजिये।*
*➡️जैसा हमारा कर्म होगा वैसा ही हमें फल प्राप्त होगा।आज वर्तमान में जो भी हम सभी को प्राप्त हो रहा है वह हमारे द्वारा  पूर्वो पार्जित कर्मो का ही फल है।आप किसी भी जीव के मोक्ष मार्ग में सहयोगी नहीं बन सकते तो विरोधी बनकर पाप का संचय मत करो। ना ही किसी बात चिंता  करो, अच्छे कर्म करो जो हमसे कोई छुड़ा भी नहीं सकता और चुरा भी नहीं सकता।कर्म यह ऐसी संपत्ति है जो मरने के बाद भी हमारे साथ रहती है।जब जीव जन्म लेता है तो केवल अपने पूर्वो पार्जित कर्मों के साथ ही जन्म लेता है।*
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*जैनम जयतु शासनम*
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रविवार, 3 मार्च 2024

जीवन का पासवर्ड

*जीवन का पासवर्ड*
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*🌞🕉️वसुनंदी गुरुवे नमः🕉️🌞*
*🌞✍️सच्चा साथी✍️🌞*
*👨‍👩‍👧‍👦✍️कहानी सभी के काम की*
*💪👩‍🚒 जीवन का पासवर्ड ✍️🐒*

*🔔👨‍👩‍👧‍👦↔️ जैन तीर्थंकर प्रभु के पंच कल्याणक महोत्सव की अग्रिम सूचना🔔*
*🔔🪔 फाल्गुन कृष्ण 9, सोमवार , 04 मार्च  2024 कलिकाल के 9 वें  तीर्थंकर शुक्र की महादशा को अनुकूल बनाने वाले  मन के सभी विकल्पों को शांत कर जगत में  सर्व सुखकारक रत्नत्रय को सर्वश्रेष्ठ शक्ति प्रदान करवाने वाले 1008 श्री पुष्पदंत भगवान का गर्भ  कल्याणक महोत्सव है।*
*🎪17 से 25 तक आष्टान्हिका शाश्वत पर्व*
*🕉️22 मार्च आचार्य श्री चैत्यसागर मुनिराज का दीक्षा दिवस*
*🎪 31 मार्च निर्यापक मुनिराज श्री समय सागर जी का मुनि  दीक्षा दिवस*
*⛳षोडषकारण व्रत 26 मार्च से प्रारंभ* 
 *🌞मार्च माह में तीर्थंकर भगवन्तों के पंच कल्याणक महोत्सव  6, 7, 9, ,12, 14, 16, 17 ,29, 30 दिनांकों में तीर्थंकर भगवन्तों के पंच कल्याणक महोत्सव है। यह सभी पंच कल्याणक तिथियां उत्तर पुराण के अनुसार है इन तिथियों से सम्पूर्ण विश्व में कल्याणक महोत्सव मनाए जाते है।यह सभी  तिथियां जयपुर पंचांग के अंतर्गत है।विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ते रहे शिक्षाप्रद कहानियां ।*

 वह मेरे आफिस के दिन की एक साधारण शुरुआत थी ,जब मैं अपने आफिस के कंप्यूटर के सामने बैठा था।

 "आपके पासवर्ड का समय समाप्त हो गया है," इन निर्देशों के साथ मेरे कंप्यूटर की स्क्रीन पर एक संदेश प्राप्त हुआ। हमें अपनी कंपनी में हर महीने कंप्यूटर का पासवर्ड बदलना पड़ता है।

मैं अपने हालिया ब्रेकअप के बाद बहुत उदास था। उसने मेरे साथ जो किया ,उस पर मुझे विश्वास ही नहीं हो रहा था और मैं दिन भर यही सोचता रहता था।

मुझे एक युक्ति याद आई, जो मैंने अपने पूर्व बॉस से सुनी थी।  उन्होंने कहा था, "मैं पासवर्ड का उपयोग अपने जीवन की सोच को बदलने के लिए करता हूं।"

मैं अपनी वर्तमान मनस्थिति में काम पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पा रहा था। पासवर्ड बदलने के विचार ने मुझे याद दिलाया कि मुझे अपने हाल के ब्रेकअप के कारण हुए हालात का शिकार नहीं होना चाहिए और मैंने इसके बारे में कुछ करने का निर्णय लिया।

मैंने अपना पासवर्ड बनाया - Forgive@her (उसे@माफ कर दो)। मुझे यह पासवर्ड हर दिन कई बार टाइप करना पड़ता था, जब-जब मेरा कंप्यूटर लॉक हो जाता था। हर बार जब मैं दोपहर के भोजन से वापस आता तो मुझे लिखना होता 'उसे@माफ कर दो'।

उस सरल क्रिया ने मेरी पूर्व प्रेमिका के बारे में मेरे नजरिये को बदल दिया। सुलह के उस निरंतर स्मरण ने मुझे परिस्थिति को स्वीकार करने के लिए प्रेरित किया और मुझे अपने मानसिक परेशानी (अवसाद) से बाहर आने में मदद की।

अगले महीने सर्वर ने जब मुझे अपना पासवर्ड बदलने की चेतावनी दी, तब तक मैं बहुत हल्का महसूस कर रहा था। एक छोटे से प्रयास का ऐसा चमत्कारी परिणाम पाकर मैं अचम्भित रह गया था और मैंने इस प्रयोग को जारी रखने का निर्णय लिया।

अगली बार जब मुझे अपना पासवर्ड बदलना पड़ा तो, मैंने अगले काम के बारे में सोचा जो मुझे करना है।  मेरा पासवर्ड Quit@smoking4ever(धूम्रपान@हमेशा के लिए छोड़ दो) बन गया। इसने मुझे अपने धूम्रपान छोड़ने के लक्ष्य का पालन करने के लिए प्रेरित किया और मैं धूम्रपान छोड़ने में सफल हुआ।

एक महीने बाद, मेरा पासवर्ड save4trip@europe (बचत@यूरोप भ्रमण) बन गया और तीन महीने में मैं यूरोप जाने में सक्षम हो गया।

पासवर्ड बदलने के उस संदेश ने मुझे अपने लक्ष्यों को पूरा करने में मदद की और मुझे प्रेरित और उत्साहित बनाये रखा। कभी-कभी अपना अगला लक्ष्य निर्धारित करना भी मुश्किल होता है, पर इस छोटी सी आदत को बनाए रखने से ये आसान हो गया।

कुछ महीनों के बाद, मेरा पासवर्ड था   lifeis#beautiful !!! (ज़िन्दगी# खूबसूरत है !!!) और मेरी जिंदगी फिर से बदलने लगी।

कहानी का सार यह है कि...आत्मसंवाद महत्वपूर्ण है। जब हम अपने आप से प्रतिबद्ध होते हैं, तो हमें सही दिशा में सोचने की शक्ति मिलती है और हम वास्तविक परिणाम प्राप्त करते हैं।
                               
"हम अपने रोज़मर्रा के विचारों से अपना भाग्य बनाते हैं - हमारी इच्छाएं, जो हमें आकर्षित और विकर्षित करती हैं और हमारी पसंद-नापसंद बनती हैं।"

हम सभी को तीर्थंकर भगवन्तों ने उपदेश दिया है कि आप नित्य प्रति दिन अपने षट् आवश्यक को करते जाओ। इसके पालन से आप सभी की आत्मा परमात्मा बन जाएंगी। किंतु आज का मानव इस बात को स्वीकार नहीं करने के कारण अनेकों विपत्तियों को उत्पन्न कर रहा है।

*🎪🔔👨‍👨‍👦‍👦⛳✍️ विशेष :- भव्य आत्माओं , आज प्रत्येक जीव अपने कर्मो का फल भोग रहा है। आज हम अपने मस्तिष्क को जिस प्रकार के विचारों से प्रतिदिन प्रेरित करते है। वैसा ही हमारे दैनिक जीवन में होने लगता है। अतः हमें अपने को सुखी रखने के लिए किसी भी प्रकार के नकारात्मक विचारों को उत्पन्न नहीं होने देना चाहिए।जितने हमारे विचारों में पवित्रता होगी वैसा ही व्यवहार हमें प्राप्त होगा। यही प्रकृति का नियम है।⛳✍️*

*👨‍👩‍👧‍👦✍️➡️🕉️ प्रति समय प्रसन्न रहते हुए अपने सच्चे कर्तव्यों ( वह कार्य जो हमें 84 लाख योनियों से मुक्त करने में सहयोग प्रदान करें ) का पालन कीजिये।*
*➡️जैसा हमारा कर्म होगा वैसा ही हमें फल प्राप्त होगा।आज वर्तमान में जो भी हम सभी को प्राप्त हो रहा है वह हमारे द्वारा  पूर्वो पार्जित कर्मो का ही फल है।आप किसी भी जीव के मोक्ष मार्ग में सहयोगी नहीं बन सकते तो विरोधी बनकर पाप का संचय मत करो। ना ही किसी बात चिंता  करो, अच्छे कर्म करो जो हमसे कोई छुड़ा भी नहीं सकता और चुरा भी नहीं सकता।कर्म यह ऐसी संपत्ति है जो मरने के बाद भी हमारे साथ रहती है।जब जीव जन्म लेता है तो केवल अपने पूर्वो पार्जित कर्मों के साथ ही जन्म लेता है।*
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*जैनम जयतु शासनम*
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