सोमवार, 30 जून 2025

मौन का महत्व

*🎪पंच कल्याणक महोत्सव की सूचना व उपयोगी कहानी🔔*
*🌞✍️सच्चा साथी✍️🌞*
*👨‍👩‍👧‍👦✍️कहानी सभी के काम की*
*💪👩‍🚒 मौन का महत्व ✍️🐒*

*🔔👨‍👩‍👧‍👦↔️ जैन तीर्थंकर प्रभु के पंच कल्याणक महोत्सव की अग्रिम सूचना🔔*

*🔔🪔   आषाढ़ शुक्ल 6 , 1 जुलाई मंगलवार 2025 कलि काल के शासन नायक अंतिम तीर्थंकर  उपसर्ग विजेता  श्री  महावीर भगवान जी जिनकी आराधना से बुध की महादशा  अनुकूल हो  जाती है और सभी प्रकार से बौध्दिक शक्ति प्राप्ति कर उत्तम धर्म को धारण कर भव्य जीव मोक्ष मार्ग पर  दृढ़ता पूर्वक विचरण करवाने वाले  श्री महावीर भगवान जी का  गर्भ कल्याणक महोत्सव है।*
*🔔🪔   आषाढ़ शुक्ल सप्तमी , 2 जुलाई बुधवार 2025 कलि काल के 22 वें तीर्थंकर   श्री  नेमिनाथ भगवान जी जिनकी आराधना से राहू की महादशा  अनुकूल हो  जाती है और सभी प्रकार से बौध्दिक शक्ति प्राप्ति कर उत्तम धर्म को धारण कर भव्य जीव मोक्ष मार्ग पर  दृढ़ता पूर्वक विचरण करवाने वाले  श्री नेमिनाथ भगवान जी का  मोक्ष कल्याणक महोत्सव है।*
*🎪 जुलाई  2025 में तीर्थंकर भगवन्तों के पंच कल्याणक महोत्सव  12, 20, 26 , 30 व 31 तारीख को है।*
*👨‍👨‍👦‍👦🔔🐎  जुलाई माह में अष्टमी तिथि 3 व 18 तारीख को है।👉चतुर्दशी तिथि 09 व 23 जुलाई को है।*
*⛱️🪔जुलाई माह में 09 से 15 जुलाई तक वर्षायोग महोत्सव स्थापना होगी सभी अपनी शक्ति अनुसार लाभ प्राप्त करें🔐🔑*
*👨‍👨‍👦‍👦🔔👉 दिनांक 03 से 10 जुलाई तक अष्टान्हिका महापर्व 🔔*
*🐎✍️ पंचक 11 से 17 जुलाई तक है।*
*✅🔔⏰🐎 नोट जुलाई माह से अक्टूबर तक किसी भी प्रकार से विवाह + वाहन व प्रापर्टी खरीदने का शुभ मुहूर्त नहीं है।*
 *🌞यह सभी पंच कल्याणक तिथियां उत्तर पुराण के अनुसार है इन तिथियों से सम्पूर्ण विश्व में कल्याणक महोत्सव मनाए जाते है।यह सभी  तिथियां जयपुर जैन पंचांग के अंतर्गत है।विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ते रहे शिक्षाप्रद कहानियां ।*
*एक चुप, सौ सुख* 

“ईश्वर ने हमें दो आँखें, दो कान, दो नासिकाएँ दी हैं—पर जीभ केवल एक। क्यों?”
इस प्रश्न का उत्तर आपको इस प्रेरक कहानी में मिलेगा।

एक दिन एक मछुआरा तालाब के किनारे बैठा, अपने काँटे से मछलियाँ पकड़ने की कोशिश कर रहा था। काफी देर हो गई, पर कोई भी मछली काँटे में नहीं फँसी। वह हैरान हुआ—तालाब में तो बहुत-सी मछलियाँ थीं, फिर भी कोई फँस क्यों नहीं रही?

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*🕉️🌞✍️पुण्य वृद्धि के इच्छुक  पुण्यात्माओं से निवेदन है कि इस पोस्ट को परिवार, मित्रों और अन्य परिचितों तक इस पोस्ट को भेजकर स्वयं के व उनके पुण्य मे भी वृद्धि करें। धर्मात्मा बंधु पापों को पुण्य मे बदलना चाहते है तो आज ही संस्था से जुड़कर अपना मोक्ष मार्ग को सुरक्षित करें ।जो स्वयं के पुण्य को शीघ्रातिशीघ्र वृद्धिगत करना चाहते है वे सभी अपनी चंचला लक्ष्मी का सदुपयोग संस्था के माध्यम से  कर सकते है ।✍️*
*✍️➡️👨‍👩‍👧‍👦अगर कोई भी पुण्यात्मा श्रावक इस प्रकार की पोस्ट को व्हाट्सएप पर प्राप्त करना चाहते है तो श्री शांति सागर समाधि साधना सेवा केंद्र  रजिस्टर संस्था के  📲 W 7891913125 नंबर पर व्हाट्सएप पर कहानियां + शुभनाम+ 【गांव शहर】निवास स्थान  लिखकर व्हाट्सएप करें,काल ना करें।*
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उसी समय एक राहगीर वहाँ से गुज़रा। उसने देखा कि मछुआरा निराश बैठा है, तो उसने कहा,
“भैया, लगता है आप बहुत दिन बाद मछली पकड़ने आए हो। अब इस तालाब की मछलियाँ काँटे में नहीं फँसती।”

मछुआरा चकित हो उठा, “ऐसा क्यों?”

राहगीर मुस्कुराकर बोला,
“कुछ दिन पहले यहाँ एक संत ठहरे थे। उन्होंने मौन की महिमा पर इतना प्रभावशाली प्रवचन दिया कि जब वे बोलते थे, तब तालाब की मछलियाँ भी उन्हें ध्यान से सुनती थीं। संत की वाणी का असर ऐसा हुआ कि अब ये मछलियाँ भी मौन साध चुकी हैं। जब मुँह ही नहीं खोलेंगी, तो काँटे में फँसेंगी कैसे?”

मछुआरा स्तब्ध रह गया। वह समझ चुका था कि असली जाल हमारी बोलने की आदत है।
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 *शब्दों का संयम, जीवन का सार* 

ईश्वर ने हमें अनेक इंद्रियाँ दोहरी दी हैं—पर जीभ एक ही दी है। क्योंकि यही एक इंद्रिय सबसे अधिक समस्याओं का कारण बन सकती है। संत की बात याद कीजिए—“जब खोलोगे ही नहीं, तो फँसोगे कैसे?”

अगर आप सभी इंद्रियों पर संयम चाहते हैं, तो सबसे पहले जीभ पर नियंत्रण रखिए। तभी बाकी इंद्रियाँ भी अनुशासित रहेंगी।

कई बार व्यक्ति के अनुचित, कटु या व्यर्थ बोल किसी बने-बनाए कार्य को बिगाड़ देते हैं। एक वाक्य रिश्तों में जीवनभर की कड़वाहट घोल सकता है। समाज में प्रतिष्ठा गिर सकती है। आज की दुनिया में अनेक समस्याओं की जड़—“बिना सोचे-समझे बोलना” ही है।
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 *मीठे बोल का चमत्कार* 

ईश्वर कहते हैं:
 *“कम बोलो, धीरे बोलो, और मीठा बोलो।”* 
एक मधुर वाणी, जहाँ मन को शांति देती है, वहीं दूसरों को भी आपकी ओर आकर्षित करती है। हमारी वाणी हमारे व्यक्तित्व का आईना होती है।

*जिसके भीतर जितना अधिक ज्ञान, समझ और आत्म-संयम होता है, उसकी वाणी उतनी ही विनम्र और सारगर्भित होती है। मौन कभी-कभी सबसे गहरी बात कह देता है।*

*👪🎪⏰🌞विशेष:- भव्य आत्माओं,बोलने से पहले सोचो, और जहाँ जरूरी न हो, वहाँ मौन ही सबसे बड़ी बुद्धिमानी है।"*एक चुप सौ सुख, बोलने से पहले सोचें कि वह ज़रूरी, सत्य और प्रिय है या नहीं।*

*👨‍👩‍👧‍👦✍️➡️🕉️ प्रति समय प्रसन्न रहते हुए अपने सच्चे कर्तव्यों ( वह कार्य जो हमें 84 लाख योनियों से मुक्त करने में सहयोग प्रदान करें ) का पालन कीजिये।*
*➡️जैसा हमारा कर्म होगा वैसा ही हमें फल प्राप्त होगा।आज वर्तमान में जो भी हम सभी को प्राप्त हो रहा है वह हमारे द्वारा  पूर्वो पार्जित कर्मो का ही फल है।आप किसी भी जीव के मोक्ष मार्ग में सहयोगी नहीं बन सकते तो विरोधी बनकर पाप का संचय मत करो। ना ही किसी बात चिंता  करो, अच्छे कर्म करो जो हमसे कोई छुड़ा भी नहीं सकता और चुरा भी नहीं सकता।कर्म यह ऐसी संपत्ति है जो मरने के बाद भी हमारे साथ रहती है।जब जीव जन्म लेता है तो केवल अपने पूर्वो पार्जित कर्मों के साथ ही जन्म लेता है।*
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*जैनम जयतु शासनम*
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सोमवार, 16 जून 2025

जामुन की उपयोगिता

*🎪पंच कल्याणक महोत्सव की सूचना व उपयोगी कहानी🔔*
*🌞✍️सच्चा साथी✍️🌞*
*👨‍👩‍👧‍👦✍️कहानी सभी के काम की*
*💪👩‍🚒 जामुन की उपयोगिता ✍️🐒*

*🔔👨‍👩‍👧‍👦↔️ जैन तीर्थंकर प्रभु के पंच कल्याणक महोत्सव की अग्रिम सूचना🔔*
*⏰🔔आषाढ़ कृष्ण 6 , 17 जून मंगलवार 2025 कलि काल के 12 वें तीर्थंकर  सर्व सुख प्रदाता   श्री  वासुपूज्य भगवान जी जिनकी आराधना से मंगल की महादशा  अनुकूल हो  जाती है और सभी प्रकार से बौध्दिक शक्ति प्राप्ति कर उत्तम धर्म को धारण कर भव्य जीव मोक्ष मार्ग पर  दृढ़ता पूर्वक विचरण करता है। मोक्ष प्रशस्त करने वाले श्री वासु पूज्य भगवान जी का  गर्भ कल्याणक महोत्सव है।*
*🔔🪔   आषाढ़ कृष्ण 6 , 17 जून मंगलवार 2025  कलि काल के  13 वें तीर्थंकर  सर्व सुख प्रदाता   श्री  विमलनाथ भगवान जी जिनकी आराधना से बुध की महादशा  अनुकूल हो  जाती है और सभी प्रकार से बौध्दिक शक्ति प्राप्ति कर उत्तम धर्म को धारण कर भव्य जीव मोक्ष मार्ग पर  दृढ़ता पूर्वक विचरण करता है। मोक्ष प्रशस्त करने वाले श्री विमलनाथ भगवान जी का  मोक्ष कल्याणक महोत्सव है।*
*🎪 जून  2025 में तीर्थंकर भगवन्तों के पंच कल्याणक महोत्सव  07,13, 17, (दिनांक 20 को  नवमी व दसमी समाहित तिथि है।)तारीख को है।*
*👨‍👨‍👦‍👦🔔🐎  जून माह में अष्टमी तिथि 3 व 19 तारीख को है।👉चतुर्दशी तिथि 10 व 24 जून को है।*
*👨‍👨‍👦‍👦🔔👉 जून माह में शुद्ध विवाह मुहूर्त 02,03,04 को है।🔔*
*🐎✍️ पंचक 16 से 20 जून तक है।*
*👨‍👨‍👦‍👦🚙🚗 वाहन खरीदने का मुहूर्त 5,6,15,16,20,23,26 व 27 जून को है।*
*🏫🛖 प्रापर्टी खरीदने का मूहूर्त 01,10,11,12,20,24,25,26,29 व 30 जून को है।*
*✅🔔⏰🐎 नोट जुलाई माह से अक्टूबर तक किसी भी प्रकार से विवाह + वाहन व प्रापर्टी खरीदने का शुभ मुहूर्त नहीं है।*
 *🌞यह सभी पंच कल्याणक तिथियां उत्तर पुराण के अनुसार है इन तिथियों से सम्पूर्ण विश्व में कल्याणक महोत्सव मनाए जाते है।यह सभी  तिथियां जयपुर जैन पंचांग के अंतर्गत है।विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ते रहे शिक्षाप्रद कहानियां ।*

*जामुन की उपयोगिता*
 भारत में जामुन की बहुतायत रहती थी । हमारे देश में इसकी पेड़ों की संख्या लाखों-करोड़ों में थी और शायद इसी कारण से यह फल हमारे देश का पहचान बन गया।

 संस्कृत के पुराण ग्रंथो के श्लोकों में अक्सर इस नाम का उच्चारण आता है।

जामुन विशुद्ध रूप से भारतीय फल है।भारत का हर गली - मोहल्ला ईसके स्वाद से परीचित हैं। जामुन एक मौसमी फल है। खाने में स्वादिष्ट होने के साथ ही इसके कई औषधीय गुण भी हैं। जामुन अम्लीय प्रकृति का फल है पर यह स्वाद में मीठा होता है। जामुन में भरपूर मात्रा में ग्लूकोज और फ्रुक्टोज पाया जाता है. जामुन में लगभग वे सभी जरूरी लवण पाए जाते हैं जिनकी शरीर को आवश्यकता होती है।

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*🕉️🌞✍️पुण्य वृद्धि के इच्छुक  पुण्यात्माओं से निवेदन है कि इस पोस्ट को परिवार, मित्रों और अन्य परिचितों तक इस पोस्ट को भेजकर स्वयं के व उनके पुण्य मे भी वृद्धि करें। धर्मात्मा बंधु पापों को पुण्य मे बदलना चाहते है तो आज ही संस्था से जुड़कर अपना मोक्ष मार्ग को सुरक्षित करें ।जो स्वयं के पुण्य को शीघ्रातिशीघ्र वृद्धिगत करना चाहते है वे सभी अपनी चंचला लक्ष्मी का सदुपयोग संस्था के माध्यम से  कर सकते है ।✍️*
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जामुन खाने के फायदे:
1. पाचन क्रिया के लिए जामुन बहुत फायदेमंद होता है. जामुन खाने से पेट से जुड़ी कई तरह की समस्याएं दूर हो जाती हैं। अगर किसी व्यक्ति विशेष ने बालों का सेवन कर लिया है तो मात्र जामुन खाने से वह गलकर मल के रास्ते समाप्त हो जातें है।अत्यधिक मात्रा में सेवन नहीं करना चाहिए।

2. मधुमेह के रोगियों के लिए जामुन एक रामबाण उपाय है. जामुन के बीज सुखाकर पीस लें. इस पाउडर को खाने से मधुमेह में काफी फायदा होता है.

3. मधुमेह के अलावा इसमें कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो कैंसर से बचाव में कारगर होते हैं. इसके अलावा पथरी की रोकथाम में भी जामुन खाना फायदेमंद होता है. इसके बीज को बारीक पीसकर पानी या दही के साथ लेना चाहिए.

4. अगर किसी को दस्त हो रहे जामुन को सेंधा नमक के साथ खाना फायदेमंद रहता है. खूनी दस्त होने पर भी जामुन के बीज बहुत फायदेमंद साबित होते हैं.

5. दांत और मसूड़ों से जुड़ी कई समस्याओं के समाधान में जामुन विशेषतौर पर फायदेमंद होता है. इसके बीज को  पीस लीजिए. इससे मंजन करने से दांत और मसूड़े स्वस्थ रहते हैं.
6. आजतक के नए ऐप जो गूगल बाबा व यूट्यूब पर अपलोड है उनसे रहस्य जान सकते हो।
 जामुन मधुमेह के रोगियों के लिए रामबाण है। यह पाचनतंत्र को तंदुरुस्त रखता हैं । साथ ही दांत और मसूड़े के लिए बेहद फायदेमंद है ।
जामुन में कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, कैल्शियम, आयरन और पोटैशियम होता है।आयुर्वेद में जामुन को खाने के बाद खाने की सलाह दी जाती है। 

जामुन के लकड़ी का भी कोई जबाव नहीं है। एक बेहतरीन इमारती लकड़ी होने के साथ ईसके पानी मे टिके रहने की कमाल की शक्ति है‌। अगर जामुन की मोटी लकड़ी का टुकडा पानी की टंकी में रख दे तो टंकी में शैवाल या हरी काई नहीं जमती सो टंकी को लम्बे समय तक साफ़ नहीं करना पड़ता |प्राचीन समय में जल स्रोतों के किनारे जामुन की बहुतायत होने की यही कारण था इसके पत्ते में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जो कि पानी को हमेशा साफ रखते हैं। कुएं के किनारे अक्सर जामुन के पेड़ लगाए जाते थे।

जामुन की एक खासियत है कि इसकी लकड़ी पानी में काफी समय तक सड़ती नही है। जामुन की इस खुबी के कारण इसका इस्तेमाल नाव बनाने में बड़े पैमाने पर होता है।
जामुन औषधीय गुणों का भण्डार होने के साथ ही किसानो के लिए भी उतना ही अधिक आमदनी देने वाला फल है ।

  नदियों और नहरों के किनारे मिट्टी के क्षरण को रोकने के लिए जामुन का पेड़ काफी उपयोगी है।  अभी तक व्यवसायिक तौर पर योजनाबद्ध तरीके से जामुन की खेती बहुत कम देखने को मिलती हैं। देश के अधिकांश हिस्से में अनियोजित तरीके से ही किसान इसकी खेती करते हैं।अधिकतर किसान जामुन के लाभदायक फल और बाजार के बारे में बहुत कम जानकारी रखते हैं, शायद इसी कारणवश वो जामुन की व्यवसायिक खेती से दूर हैं।जबकि सच्चाई यह है कि जामुन के फलों को अधिकतर लोग पसंद करते हैं और इसके फल को अच्छी कीमत में बेचा जाता है।

जामुन की खेती में लाभ की असीमित संभावनाएं हैं।इसका प्रयोग दवाओं को तैयार करने में किया जाता है, साथ ही जामुन से जेली, मुरब्बा जैसी खाद्य सामग्री तैयार की जाती है।

सबसे खास बात कि जामुन हम भारतीयों की पहचान रही है अतः इस वृक्ष के संरक्षण और संवर्धन में हम सभी को अपना योगदान देना चाहिए।
20-25 वर्षों से सरकार इस पर कोई भी कदम नहीं उठाया।इस कारण से आज भारतवासियों को जामून के फल अल्प मात्रा में उपलब्ध हो रहें है। पहले सभी किसानों के खेतों में यह फसल अत्यधिक देखीं जाती थी।

*👨‍👩‍👧‍👦✍️➡️🕉️ प्रति समय प्रसन्न रहते हुए अपने सच्चे कर्तव्यों ( वह कार्य जो हमें 84 लाख योनियों से मुक्त करने में सहयोग प्रदान करें ) का पालन कीजिये।*
*➡️जैसा हमारा कर्म होगा वैसा ही हमें फल प्राप्त होगा।आज वर्तमान में जो भी हम सभी को प्राप्त हो रहा है वह हमारे द्वारा  पूर्वो पार्जित कर्मो का ही फल है।आप किसी भी जीव के मोक्ष मार्ग में सहयोगी नहीं बन सकते तो विरोधी बनकर पाप का संचय मत करो। ना ही किसी बात चिंता  करो, अच्छे कर्म करो जो हमसे कोई छुड़ा भी नहीं सकता और चुरा भी नहीं सकता।कर्म यह ऐसी संपत्ति है जो मरने के बाद भी हमारे साथ रहती है।जब जीव जन्म लेता है तो केवल अपने पूर्वो पार्जित कर्मों के साथ ही जन्म लेता है।*
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*जैनम जयतु शासनम*
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गुरुवार, 12 जून 2025

सुखी कौन

*🎪पंच कल्याणक महोत्सव की सूचना व उपयोगी कहानी🔔*
*🌞✍️सच्चा साथी✍️🌞*
*👨‍👩‍👧‍👦✍️कहानी सभी के काम की*
*💪👩‍🚒 सुखी कौन ✍️🐒*

*🔔👨‍👩‍👧‍👦↔️ जैन तीर्थंकर प्रभु के पंच कल्याणक महोत्सव की अग्रिम सूचना🔔*
*🔔🪔   आषाढ़ कृष्ण दूज , 13 जून शुक्रवार 2025 कलि काल के प्रथम तीर्थंकर  सर्व सुखकारी संस्कार प्रदाता श्री  ऋषभनाथ भगवान जी जिनकी आराधना से गुरु की महादशा  अनुकूल हो  जाती है और सभी प्रकार से सुखकारी बौद्धिक शक्ति प्राप्ति कर उत्तम धर्म को धारण कर भव्य जीव मोक्ष मार्ग पर  दृढ़ता पूर्वक विचरण करता है। मोक्ष प्रशस्त करने वाले श्री ऋषभनाथ भगवान जी का  गर्भ कल्याणक महोत्सव है।*
*🎪 जून  2025 में तीर्थंकर भगवन्तों के पंच कल्याणक महोत्सव  07,13, 17, (दिनांक 20 को  नवमी व दसमी समाहित तिथि है।)तारीख को है।*
*👨‍👨‍👦‍👦🔔🐎  जून माह में अष्टमी तिथि 3 व 19 तारीख को है।👉चतुर्दशी तिथि 10 व 24 जून को है।*
*👨‍👨‍👦‍👦🔔👉 जून माह में शुद्ध विवाह मुहूर्त 02,03,04 को है।🔔*
*🐎✍️ पंचक 16 से 20 जून तक है।*
*👨‍👨‍👦‍👦🚙🚗 वाहन खरीदने का मुहूर्त 5,6,15,16,20,23,26 व 27 जून को है।*
*🏫🛖 प्रापर्टी खरीदने का मूहूर्त 01,10,11,12,20,24,25,26,29 व 30 जून को है।*
*✅🔔⏰🐎 नोट जुलाई माह से अक्टूबर तक किसी भी प्रकार से विवाह + वाहन व प्रापर्टी खरीदने का शुभ मुहूर्त नहीं है।*
 *🌞यह सभी पंच कल्याणक तिथियां उत्तर पुराण के अनुसार है इन तिथियों से सम्पूर्ण विश्व में कल्याणक महोत्सव मनाए जाते है।यह सभी  तिथियां जयपुर जैन पंचांग के अंतर्गत है।विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ते रहे शिक्षाप्रद कहानियां ।*
*सुखी कौन* 

*👨‍👨‍👦‍👦🌞🔔ओम नमः,भव्य आत्माओं:-बहुत ही रोचक और हृदय मै ज्ञान उत्पन्न करने वाली कहानी सभी पढ़े और अपने परिवार , मित्र, और भी मिलने वाले,जिनका व्हाट्सएप नंबर मोबाइल में सुरक्षित है ऐसे सभी भव्य आत्माओं को भेजें ताकि किसी के समझ में आ सकता है कि सुखी जीवन क्या है।*
          
     एक भिखारी किसी किसान के घर भीख मांगने गया। किसान की स्त्री घर में थी, उसने चने की रोटी बना रखी थी।किसान जब घर आया,उसने अपने बच्चों का मुख चूमा,स्त्री ने उनके हाथ पैर धुलाये,उसके बाद वह रोटी खाने बैठ गया।स्त्री ने एक मुट्ठी चना भिखारी को डाल दिया,भिखारी चना लेकर चल दिया।

    रास्ते में भिखारी सोचने लगा:- “हमारा भी कोई जीवन है? दिन भर कुत्ते की तरह मांगते फिरते हैं। फिर स्वयं बनाना पड़ता है। इस किसान को देखो कैसा सुन्दर घर है। घर में स्त्री हैं, बच्चे हैं, अपने आप अन्न पैदा करता है। बच्चों के साथ प्रेम से भोजन करता है। वास्तव में सुखी तो यह किसान है।
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        इधर वह किसान रोटी खाते-खाते अपनी स्त्री से कहने लगा:-“नीला बैल बहुत बुड्ढा हो गया है,अब वह किसी तरह काम नहीं देता, यदि कही से कुछ रुपयों का इन्तजाम हो जाये,तो इस साल का काम चले। साधो राम महाजन के पास जाऊंगा,वह ब्याज पर दे देगा।”भोजन करके वह साधो राम महाजन के पास गया।बहुत देर चिरौरी बिनती करने पर 3रु.सैकड़ा सूद पर साधों ने रुपये देना स्वीकार किया। एक लोहे की तिजोरी में से साधो राम ने एक थैली निकाली।और गिनकर रुपये किसान को दे दिय

         रुपये लेकर किसान अपने घर को चला,वह रास्ते में सोचने लगा-”हम भी कोई आदमी हैं, घर में 5 रु.भी नकद नहीं।कितनी चिरौरी विनती करने पर उसने रुपये दिये है।साधो कितना धनी है,उस पर सैकड़ों रुपये है“वास्तव में सुखी तो यह साधो राम ही है।साधो राम छोटी सी दुकान करता था,वह एक बड़ी दुकान से कपड़े ले आता था।और उसे बेचता था।

        दूसरे दिन साधो राम कपड़े लेने गया,वहां सेठ पृथ्वी चन्द की दुकान से कपड़ा लिया।वह वहां बैठा ही था,कि इतनी देर में कई तार आए कोई बम्बई का था।कोई कलकत्ते का, किसी में लिखा था 5 लाख मुनाफा हुआ,किसी में एक लाख का।साधो महाजन यह सब देखता रहा,कपड़ा लेकर वह चला आया।रास्ते में सोचने लगा“हम भी कोई आदमी हैं,सौ दो सौ जुड़ गये महाजन कहलाने लगे। पृथ्वी चन्द कैसे हैं,एक दिन में लाखों का फायदा “वास्तव में सुखी तो यह है,उधर पृथ्वी चन्द बैठा ही था, कि इतने ही में तार आया कि 5 लाख का घाटा हुआ। वह बड़ी चिन्ता में था,कि नौकर ने कहा:-आज लाट साहब की रायबहादुर सेठ के यहाँ दावत है। आपको जाना है,मोटर तैयार है।” सेठ पृथ्वी चन्द मोटर पर चढ़ कर रायबहादुर की कोठी पर चला गया।वहां सोने चांदी की कुर्सियां पड़ी थी, रायबहादुर जी से कलक्टर-कमिश्नर हाथ मिला रहे थे। बड़े-बड़े सेठ खड़े थे।वहां पृथ्वी चन्द सेठ को कौन पूछता,वे भी एक कुर्सी पर जाकर बैठ गया।लाट साहब आये,राय बहादुर से हाथ मिलाया,उनके साथ चाय पी और चले गये।

       पृथ्वी चन्द अपनी मोटर में लौट रहें थे,रास्ते में सोचते आते है, हम भी कोई सेठ है 5 लाख के घाटे से ही घबड़ा गये।राय बहादुर का कैसा ठाठ है, लाट साहब उनसे हाथ मिलाते हैं।“वास्तव में सुखी तो ये ही है।”
         
    अब इधर लाट साहब के चले जाने पर रायबहादुर के सिर में दर्द हो गया,बड़े-बड़े डॉक्टर आये एक कमरे वे पड़े थे।कई तार घाटे के एक साथ आ गये थे।उनकी भी चिन्ता थी,कारोबार की भी बात याद आ गई। वे चिन्ता में पड़े थे,तभी खिड़की से उन्होंने झांक  कर नीचे देखा,एक भिखारी हाथ में एक डंडा लिये अपनी मस्ती में जा रहा था। राय बहदुर ने उसे देखा और बोले:-”वास्तव में तो सुखी यही है,इसे न तो घाटे की चिन्ता न मुनाफे की फिक्र, इसे लाट साहब को पार्टी भी नहीं देनी पड़ती सुखी तो यही है।”

*👨‍👨‍👦‍👦🔔🎪🔑भव्य आत्माओं :- इस कहानी से हमें यह पता चलता है, कि हम एक दूसरे को सुखी समझते हैं।पर वास्तव में सुखी कौन है, इसे तो वही जानता है।जिसे आन्तरिक शान्ति है।जिसे आन्तरिक सुकून है, आप चाहे भिखारी हो चाहे करोड़पति हो। लेकिन आप के मन में जब तक शांति नहीं है तब तक आपको सुकून नहीं मिल सकता।*

*👨‍👩‍👧‍👦✍️➡️🕉️ प्रति समय प्रसन्न रहते हुए अपने सच्चे कर्तव्यों ( वह कार्य जो हमें 84 लाख योनियों से मुक्त करने में सहयोग प्रदान करें ) का पालन कीजिये।*
*➡️जैसा हमारा कर्म होगा वैसा ही हमें फल प्राप्त होगा।आज वर्तमान में जो भी हम सभी को प्राप्त हो रहा है वह हमारे द्वारा  पूर्वो पार्जित कर्मो का ही फल है।आप किसी भी जीव के मोक्ष मार्ग में सहयोगी नहीं बन सकते तो विरोधी बनकर पाप का संचय मत करो। ना ही किसी बात चिंता  करो, अच्छे कर्म करो जो हमसे कोई छुड़ा भी नहीं सकता और चुरा भी नहीं सकता।कर्म यह ऐसी संपत्ति है जो मरने के बाद भी हमारे साथ रहती है।जब जीव जन्म लेता है तो केवल अपने पूर्वो पार्जित कर्मों के साथ ही जन्म लेता है।*
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*जैनम जयतु शासनम*
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शुक्रवार, 6 जून 2025

मेरे कर्मों का लेखा-जोखा

*🎪पंच कल्याणक महोत्सव की सूचना व उपयोगी कहानी🔔*
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*💪👩‍🚒 मेरे कर्मों का लेखा-जोखा ✍️🐒*

*🔔👨‍👩‍👧‍👦↔️ जैन तीर्थंकर प्रभु के पंच कल्याणक महोत्सव की अग्रिम सूचना🔔*
*🔔🪔   ज्येष्ठ शुक्ल 12, 07 जून शनिवार 2025 कलि काल के सातवें तीर्थंकर उपसर्ग विजेता सुपार्श्वनाथ सर्व सुखकारी सुख प्रदाता श्री  सुपार्श्वनाथ भगवान जी जिनकी आराधना से गुरु की महादशा  अनुकूल हो  जाती है और सभी प्रकार से सुखकारी बौद्धिक शक्ति प्राप्ति कर उत्तम धर्म को धारण कर भव्य जीव मोक्ष मार्ग पर  दृढ़ता पूर्वक विचरण करता है। मोक्ष प्रशस्त करने वाले श्री सुपार्श्वनाथ भगवान जी का  जन्म व तप कल्याणक महोत्सव है।*

*🎪 जून  2025 में तीर्थंकर भगवन्तों के पंच कल्याणक महोत्सव  07,13, 17, 20 को ( नवमी व दसमीं समाहित तिथि है।)तारीख को है।*
*👨‍👨‍👦‍👦🔔🐎  जून माह में अष्टमी तिथि 3 व 19 तारीख को है।👉चतुर्दशी तिथि 10 व 24 जून को है।*
*👨‍👨‍👦‍👦🔔👉 जून माह में शुद्ध विवाह मुहूर्त 02,03,04 को है।🔔*
*🐎✍️ पंचक 16 से 20 जून तक है।*
*👨‍👨‍👦‍👦🚙🚗 वाहन खरीदने का मुहूर्त 5,6,15,16,20,23,26 व 27 जून को है।*
*🏫🛖 प्रापर्टी खरीदने का मूहूर्त 01,10,11,12,20,24,25,26,29 व 30 जून को है।*
*✅🔔⏰🐎 नोट जुलाई माह से अक्टूबर तक किसी भी प्रकार से विवाह + वाहन व प्रापर्टी खरीदने का शुभ मुहूर्त नहीं है।*
 *🌞यह सभी पंच कल्याणक तिथियां उत्तर पुराण के अनुसार है इन तिथियों से सम्पूर्ण विश्व में कल्याणक महोत्सव मनाए जाते है।यह सभी  तिथियां जयपुर जैन पंचांग के अंतर्गत है।विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ते रहे शिक्षाप्रद कहानियां ।*
*मेरे कर्मों का लेखा-जोखा*
भव्य आत्माओं आज इस कहानी के माध्यम से हम समझ सकते है कि आज हमारे कर्म ही हमारा भाग्य बना सकते है।

 एक मुल्क का बादशाह बीमार हो गया, जब बादशाह ने देखा के उसके बचने की कोई अब उम्मीद नहीं तो उसने अपने मुल्क में ऐलान करवा दिया कि-  *_"वो अपनी बादशाहत उस शख्स के नाम कर देगा जो उसके मरने के बाद उस की जगह एक रात क़ब्र में गुज़ारेगा।"_*

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*🕉️🌞✍️पुण्य वृद्धि के इच्छुक  पुण्यात्माओं से निवेदन है कि इस पोस्ट को परिवार, मित्रों और अन्य परिचितों तक इस पोस्ट को भेजकर स्वयं के व उनके पुण्य मे भी वृद्धि करें। धर्मात्मा बंधु पापों को पुण्य मे बदलना चाहते है तो आज ही संस्था से जुड़कर अपना मोक्ष मार्ग को सुरक्षित करें ।जो स्वयं के पुण्य को शीघ्रातिशीघ्र वृद्धिगत करना चाहते है वे सभी अपनी चंचला लक्ष्मी का सदुपयोग संस्था के माध्यम से  कर सकते है ।✍️*
*✍️➡️👨‍👩‍👧‍👦अगर कोई भी पुण्यात्मा श्रावक इस प्रकार की पोस्ट को व्हाट्सएप पर प्राप्त करना चाहते है तो श्री शांति सागर समाधि साधना सेवा केंद्र  रजिस्टर संस्था के 📲 W 7891913125 नंबर पर व्हाट्सएप पर कहानियां + शुभनाम+ 【गांव शहर】निवास स्थान  लिखकर व्हाट्सएप करें,काल ना करें।*
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सब लोग बहुत ख़ौफ़ज़दा हुए और कोई भी ये काम करने को तैयार ना था। इसी दौरान एक कुम्हार जिस ने अपनी सारी ज़िंदगी में कुछ भी जमा न किया था। उसके पास सिवाए एक गधे के और कुछ भी न था। उस ने सोचा कि अगर वो ऐसा करले तो वो बादशाह बन सकता है और हिसाब किताब में क्या जवाब देना पड़ेगा ? क्यूँकि उस के पास था ही क्या ?  *सिर्फ एक गधा!* 
और उसने ऐलान कर दिया कि वो एक रात बादशाह की जगह क़ब्र में गुज़ारेगा। बादशाह के मरने के बाद लोगों ने बादशाह की क़ब्र तैयार की और वादे के मुताबिक़ कुम्हार ख़ुशी ख़ुशी इसमें जाकर लेट गया,और लोगों ने क़ब्र को बंद कर दिया।

कुछ वक़्त गुज़रने के बाद फ़रिश्ते आए और उससे कहा उठो और अपना हिसाब दो।

 *_उसने कहा भाई हिसाब किस चीज़ का,  मेरे पास तो सारी ज़िन्दगी था ही कुछ नहीं सिवाए एक मात्र गधे के !!!_*
फ़रिश्ते उसका जवाब सुनकर जाने लगे लेकिन फिर एकदम रुके और बोले ज़रा इसका नामा- ए-आमाल खोल कर देखें इस में क्या है ? बस फिर क्या था, सबसे पहले उन्होंने पूछा कि हाँ भई ! *_फंला फंला दिन तुम ने गधे को एक वक़्त भूखा रखा था।_*

इसने जवाब दिया- *हाँ, फ़ौरी तौर पर हुक्म हुआ कि उसको सौ कोड़े मारे जाएं, उसकी ख़ूब धुनाई शुरू हो गई।* 

इसके बाद फिर फ़रिश्तों ने सवाल किया अच्छा ये बताओ-  _*फंला फंला दिन तुमने ज़्यादा वज़न लादकर उसको मारा था।*_

उसने कहा कि-  *हाँ ,फिर हुक्म हुआ कि उस को दो सौ कोड़े मारे जाएं, फिर मार पड़ना शुरू हो गई। इस तरह उसे अन्य कार्यों के कारण से सुबह तक उसको मार पड़ती रही।*

सुबह सब लोग एकत्र हुए और क़ब्र की ख़ुदाई की ताकि अपने नए बादशाह को रस्मों रिवाज के अनुसार गद्दी पर बैठा  सकें। जैसे ही उन्होंने क़ब्र खोली तो उस कुम्हार ने बाहर निकल कर दौड़ लगा दी। लोगों ने पूछा- 
*बादशाह सलामत किधर जा रहे हो?*

तो उस ने जवाब दिया-  _*ओ भाईयो पूरी रात में एक गधे का हिसाब नहीं दे पाया ,तो पूरी रियासत और मुल्क का हिसाब कौन देता फिरेगा...*_

भव्य आत्माओं,कभी आपने सोचा है कि हमें भी हिसाब देना पड़ेगा और पता नहीं किस किस चीज़ का हिसाब देना पड़ेगा जो शायद हमें याद भी नहीं.......
अतः हमें कुछ भी बोलने से या करने से पहले स्व बुध्दि विवेक पूर्वक विचार अवश्य ही करना चाहिए कि हमारे कर्म हमें शुभ फल या अशुभ फल देने वाले हैं। अगर हम इसका विचार करना प्रारंभ कर दें तो हमारा वर्तमान व भविष्य सुखमय हो सकता है।
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*👨‍👨‍👦‍👦🔔⏰✅ इस कहानी से सकारात्मक सीख प्राप्त होती है तो इस कहानी को अन्य लोगों को शेयर कर जीवन सुखमय बना सकते है।*

*👨‍👩‍👧‍👦✍️➡️🕉️ प्रति समय प्रसन्न रहते हुए अपने सच्चे कर्तव्यों ( वह कार्य जो हमें 84 लाख योनियों से मुक्त करने में सहयोग प्रदान करें ) का पालन कीजिये।*
*➡️जैसा हमारा कर्म होगा वैसा ही हमें फल प्राप्त होगा।आज वर्तमान में जो भी हम सभी को प्राप्त हो रहा है वह हमारे द्वारा  पूर्वो पार्जित कर्मो का ही फल है।आप किसी भी जीव के मोक्ष मार्ग में सहयोगी नहीं बन सकते तो विरोधी बनकर पाप का संचय मत करो। ना ही किसी बात चिंता  करो, अच्छे कर्म करो जो हमसे कोई छुड़ा भी नहीं सकता और चुरा भी नहीं सकता।कर्म यह ऐसी संपत्ति है जो मरने के बाद भी हमारे साथ रहती है।जब जीव जन्म लेता है तो केवल अपने पूर्वो पार्जित कर्मों के साथ ही जन्म लेता है।*
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*जैनम जयतु शासनम*
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