**
⛳🕉️🌞🕉️🪔⛳
*🌞🕉️वसुनंदी गुरुवे नमः🕉️🌞*
*🌞✍️सच्चा साथी✍️🌞*
*👨👩👧👦✍️कहानी सभी के काम की*
*💪👩🚒 ✍️🐒*
*🔔👨👩👧👦↔️ जैन तीर्थंकर प्रभु के पंच कल्याणक महोत्सव की अग्रिम सूचना🔔*
*🔔🪔 कार्तिक शुक्ल बारस, बुधवार , 13 नवम्बर 2024 कलिकाल के 18 वें तीर्थंकर अरनाथ भगवान बुध की महादशा को अनुकूल बनाने वाले सभी प्रकार से बौध्दिक संपदा प्रदान कर उत्तम धर्म को धारण करवा कर मोक्ष मार्ग प्रशस्त करने वाले श्री अरनाथ भगवान जी का केवल ज्ञान कल्याणक महोत्सव है।*
*🔔 नवंबर माह में तीर्थंकर भगवन्तों के पंच कल्याणक महोत्सव 15, 25 को कल्याणक महोत्सव है।अष्टान्हिका शाश्वत पर्व,8 से15 नवम्बर तक*
*👨👨👦👦🔔👉 नवंबर माह में अष्टमी तिथि 09 व 23 को है। चतुर्दशी तिथि 14 व 30 नवम्बर को है।*
*🙆इस नवम्बर माह में शुद्ध विवाह मुहूर्त 12,13,16,17,18,22,23,25,26,28,29 को है।▶️पंचक 9 से 13 नवम्बर तक है।👨👨👦👦↔️गृह प्रवेश मुहूर्त 8,13,16,18,25 नवम्बर को है।*
*🌞यह सभी पंच कल्याणक तिथियां उत्तर पुराण के अनुसार है इन तिथियों से सम्पूर्ण विश्व में कल्याणक महोत्सव मनाए जाते है।यह सभी तिथियां जयपुर पंचांग के अंतर्गत है।विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ते रहे शिक्षाप्रद कहानियां ।*
*'बुध्दि का अनुपयोग'*
🎊🎊🎊🎊🎊🎊🎊🎊🎊🎊
एक बार एक लड़का काम की तलाश में भटकते भटकते एक सेठ जी के पास पहुंचा और विनती की, 'क्या आप मुझे काम दे सकते हैं'? *सेठ जी बोले मेरे पास बड़ा भारी लकड़ियों का स्टॉक है, लक्कड़ काटने का काम तुम्हें दे सकता हूं।* कल से काम पर आ जाना। अगले दिन लड़के ने काम पर पहुंचकर, दिन भर में पूरी मेहनत से 25 लक्कड़ काट डाले। *सेठ जी उसकी कार्यक्षमता देखकर प्रसन्न हुए और उसे काम पर रख लिया।* लड़का काम पर जाने लगा, सुबह से शाम तक पूरी मेहनत से काम करने लगा।
⬇️⬇️⬇️⬇️⬇️⬇️
*🕉️🌞✍️पुण्य वृद्धि के इच्छुक पुण्यात्माओं से निवेदन है कि इस पोस्ट को परिवार, मित्रों और अन्य परिचितों तक इस पोस्ट को भेजकर स्वयं के व उनके पुण्य मे भी वृद्धि करें। धर्मात्मा बंधु पापों को पुण्य मे बदलना चाहते है तो आज ही संस्था से जुड़कर अपना मोक्ष मार्ग को सुरक्षित करें ।जो स्वयं के पुण्य को शीघ्रातिशीघ्र वृद्धिगत करना चाहते है वे सभी अपनी चंचला लक्ष्मी का सदुपयोग संस्था के माध्यम से कर सकते है ।✍️*
*✍️➡️👨👩👧👦अगर कोई भी पुण्यात्मा श्रावक इस प्रकार की पोस्ट को व्हाट्सएप पर प्राप्त करना चाहते है तो श्री शांति सागर समाधि साधना सेवा केंद्र जयपुर रजिस्टर संस्था के 📲 9461956111 नंबर पर व्हाट्सएप पर कहानियां + शुभनाम+ 【गांव शहर】निवास स्थान लिखकर व्हाट्सएप करें,काल ना करें।*
⬆️⬆️⬆️⬆️⬆️⬆️
एक सप्ताह पश्चात सेठ जी घूमते हुए वहां पहुंचे देखा लड़के ने दिन भर में सिर्फ 15 लक्कड़ काटे। *उन्होंने पूछा, 'तुमने तो पहले दिन 25 लक्कड़ काट लिए थे, अब केवल 15 ही काट पा रहे हो, ऐसा क्यों'?* लड़का बोला, मैं खुद समझ नहीं पा रहा। काम तो मैं पूरी मेहनत से करता हूं, बीच में आराम भी नहीं करता। एक सप्ताह और बीता, सेठ जी फिर पहुंचे और देखा, लड़के ने दिन भर में केवल 10 ही लक्कड़ काटे। पूछने पर *लड़के ने कहा, ना जाने मेरी कार्यक्षमता दिन प्रतिदिन कम क्यों होती जा रही है।* काम तो मैं पूरी मेहनत से कर रहा हूं। सेठ जी ने कहा पूछा, 'तुमने अपने कुल्हाड़ी की धार तेज करवाई'? लड़का बोला, 'मैं काम में इतना व्यस्त रहता हूं कि मुझे कुल्हाड़ी की धार तेज करवाने का समय नहीं मिलता'। क्या ऐसे कार्य करने वाले को कोई समझदार कहेंगे! *थोड़ा समय निकाल कर, कुल्हाड़ी की धार तेज करवाने पर, लड़का अपनी कार्यक्षमता काफी हद तक बढ़ा सकता था।* लेकिन यह बात उसकी बुद्धि में समाती ही नहीं थी।
*ठीक इसी प्रकार दुनिया के मनुष्य भी करते हैं।* सारा दिन व्यस्त रहते हुए भी, अनेकों उलझनों के कारण कार्यक्षमता धीरे-धीरे घटने लगती है। जब उनसे कहो कि अपनी बुद्धि की धार को तेज करने के लिए सच्चे देव शास्त्र गुरु की जिनवाणी का अमृत का पान कर लिया करो, तो कहते हैं हमारे पास टाइम ही नहीं है। *टाइम तो सभी के पास वही 24 घंटे का है।* सच्चे देव शास्त्र गुरु की जिनवाणी का अमृत का पान कर सच्चे ज्ञान के आधार पर बुद्धि की धार यदि तेज कर लें, तो मिथ्यात्व समाप्त होने से विवेक शक्ति बढ़ेगी, आंतरिक बल बढ़ेगा, कार्य कुशलता भी बढ़ेंगी और सर्व सुख कारक मोक्ष मार्ग भी प्रशस्त होता है। *लेकिन नहीं! आज हमारे मिथ्या बुध्दि से मन:स्थिति कहती है टाइम ही नहीं मिलता।* टाइम तो सारी जिंदगी नहीं मिलेगा। प्रकृति 24 के 25 घंटे भी बना दे, तब भी कहेंगे, टाइम नहीं मिलता। *सच्चे ज्ञान के आधार पर बुद्धि तीक्ष्ण हो जाती है, कम मेहनत से अधिक फल को प्राप्ति कर सकते हैं।*
*👨👩👧👦✍️➡️🕉️ प्रति समय प्रसन्न रहते हुए अपने सच्चे कर्तव्यों ( वह कार्य जो हमें 84 लाख योनियों से मुक्त करने में सहयोग प्रदान करें ) का पालन कीजिये।*
*➡️जैसा हमारा कर्म होगा वैसा ही हमें फल प्राप्त होगा।आज वर्तमान में जो भी हम सभी को प्राप्त हो रहा है वह हमारे द्वारा पूर्वो पार्जित कर्मो का ही फल है।आप किसी भी जीव के मोक्ष मार्ग में सहयोगी नहीं बन सकते तो विरोधी बनकर पाप का संचय मत करो। ना ही किसी बात चिंता करो, अच्छे कर्म करो जो हमसे कोई छुड़ा भी नहीं सकता और चुरा भी नहीं सकता।कर्म यह ऐसी संपत्ति है जो मरने के बाद भी हमारे साथ रहती है।जब जीव जन्म लेता है तो केवल अपने पूर्वो पार्जित कर्मों के साथ ही जन्म लेता है।*
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🌳
*जैनम जयतु शासनम*
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें