रविवार, 11 दिसंबर 2022

सजा का कारण

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*🌞🕉️वसुनंदी गुरुवे नमः🕉️🌞*
*🌞✍️सच्चा साथी✍️🌞*
*👨‍👩‍👧‍👦✍️कहानी सभी के काम की*
*💪👩‍🚒सजा का कारण ✍️🐒*

*👨‍👩‍👧‍👦🤝👩‍🦰नोट:-भव्य महान आत्माओं आपने इस प्रकार की कहानियां हजारों बार पढ़ ली होगी।फिर भी इस प्रकार की कहानियां आपको बार बार भेजी जा रही है।इसका कारण यह है कि जिन महानुभावों ने कहानियां पढ़कर अपना आचरण सुधार लिया वे तो धन्य है।जिन महानुभावों ने कहानियां पढ़कर अपना आचरण नहीं सुधारा कोई बात नहीं, आपके आत्मा पर कहानी पढ़ने से कुछ धर्म के आत्मकल्याण के संस्कार तो पड़ गए जब वे उदय मे आयेंगे तो नियम से शुभफल की प्राप्ति होगी।जी हां जितना हमारा समीचीन पुरषार्थ होगा उतना ही लाभदायक शुभफल हमें प्राप्त होगा।अतः आप अपने कीमती समय का सदुपयोग करते हुए स्वयं की आत्मा पर अच्छे संस्कार डालकर यह मनुष्य भव सफल करें। आप हमें अपने विचार अवश्य ही भेजे।*

एक बार एक जंगल में गधे औऱ बाघ के बीच जबरदस्त बहस छिड़ गई ।
गधे ने बाघ से ढेंचू ढेंचू करते हुए कहा... भाई,तुम्हें क्या ये पता है कि घास नीले रंग की होती है ??

बाघ ने कहा....नहीं भाई,तुम्हें पता नहीं..घास का रंग हरा होता है !

गधे ने बार बार अपनी बात दुहराई लेकिन बाघ अपनी बात पर अड़ा रहा।
 
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दोनों के बीच चर्चा तेज हो गई। चर्चा विवाद औऱ मारपीट का रूप ले ही रही थी कि किसी ने सुझाया..क्यों ना जंगल के राजा शेर से इस मसले का निर्णय करवें.....!

 दोनों ही अपने-अपने तर्को पर दृढ़ता से अड़े थे ! इस विवाद को समाप्त करने के लिए दोनों जंगल के राजा शेर के पास गए !  

पशु साम्राज्य के बीच में सिंहासन पर राजा शेर बैठा था !  

बाघ के कुछ कहने से पहले ही गधा बहुत जोर जोर से चिल्लाने लगा..महाराज...घास नीला है ना?  
  
शेर ने कहा..हाँ..घास नीली है...तुम बिलकुल सही हो।

गधा बोला..लेकिन ये बाघ नहीं मान रहा है महाराज..उसे इसकी कठोर सजा दी जाए।   
 
 राजा ने घोषणा की....बाघ को एक साल की जेल होगी।

राजा का फैसला गधे ने सुना और वह पूरे जंगल में खुशी से झूमते हुए सबसे कहते फिरे कि बाघ को एक साल की जेल की सजा सुनाई गई है ! ! 

 बाघ शेर के पास आया और पूछा... क्यों महाराज.
घास हरी है...क्या यह सही नहीं है?? 

शेर ने कहा... हाँ..घास हरी है..इसमें कोई शक नहीं..मगर . . महामूर्ख बाघ..तुमको ये सज़ा...उस मूर्ख,गँवार गधे के साथ बहस करने के लिये दी गई हैं
..तुम जैसे बहादुर और बुद्धिमान जानवर ने एक गधे से घंटों बहस की और निर्णय कराने मेरे पास चले आये यही तुम्हारा सबसे बड़ा अपराध है औऱ यह अपराध क्षमा योग्य नहीं है..इसलिए तुम्हें इसकी सजा जरूर मिलेगी...

कहानी का सार......" कभी भी किसी ऐसे व्यक्ति के साथ बहस न करें जिसका टीवी उनके बुकशेल्फ से बड़ा हो ".......

*🎪🔔🌞⏰👪विशेष :- भव्य‌‌‌ आत्माओं, आज वर्तमान हमसभी अनावश्यक कार्यो में अपना समय बर्बाद कर रहे है जैसे:- मोबाइल फोन  आदि।जिन बातों से हमारा, परिवार, समाज,देश के लिए कोई उपयोग नहीं उन बातों पर ध्यान ना रखकर जो हमारे लिए उपयोगी है उन पर ध्यान केन्द्रित करते हुए कार्य करना चाहिए।*

*👨‍👩‍👧‍👦✍️➡️🕉️सदैव प्रसन्न रहते हुए अपने सच्चे कर्तव्यों ( वह कार्य जो हमें 84 लाख योनियों से मुक्त करने में सहयोग प्रदान करें ) का पालन किजिये।*
*➡️जैसा हमारा कर्म होगा वैसा ही हमें फल प्राप्त होगा।आज वर्तमान में जो भी हम सभी को प्राप्त हो रहा है वह हमारे द्वारा  पूर्वो पार्जीत कर्मो का ही फल है।आप किसी भी जीव के मोक्ष मार्ग में सहयोगी नहीं बन सकते तो विरोधी बनकर पाप का संचय मत करो। ना ही किसी बात चिंता  करो, अच्छे कर्म करो जो हमसे कोई छुड़ा भी नहीं सकता और चुरा भी नहीं सकता।कर्म यह ऐसी संपत्ति है जो मरने के बाद भी हमारे साथ रहती है।जब जीव जन्म लेता है तो केवल अपने पूर्वो पार्जित कर्मों के साथ ही जन्म लेता है।*
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*जैनम जयतु शासनम*
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