रविवार, 28 मई 2023

मेरी सोच

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*मेरी सोच*
⛳🕉️🌞🕉️🪔⛳
*🌞🕉️वसुनंदी गुरुवे नमः🕉️🌞*
*🌞✍️सच्चा साथी✍️🌞*
*👨‍👩‍👧‍👦✍️कहानी सभी के काम की*
*💪👩‍🚒 मेरी सोच ✍️🐒*

*🔔👨‍👩‍👧‍👦↔️ जैन तीर्थंकर प्रभु के पंच कल्याणक महोत्सव की अग्रिम सूचना🔔*
*🔔⏰🎪 जैन तीर्थंकर भगवन्तों के पंच कल्याणक महोत्सव जून माह में आने वाली दिनांक 01 , 05 , 09 , 13 , 24, 25,   तारीख को है। जून माह में दो तीर्थंकर भगवन्तो के मोक्ष कल्याणक महोत्सव है।यह सभी तिथियां जयपुर पंचांग के अंतर्गत है।विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ते रहे शिक्षाप्रद कहानी।*

एक बार एक गांव में एक स्वभाव से भला आदमी  दुखी था| उसे देख एक चोर को उस पर दया आ गई| वह उस बेरोजगार आदमी के पास गया और बोला, “मेरे साथ चलो, चोरी में बहुत सारा धन मिलेगा” आदमी बेकार बैठे-बैठे परेशान हो गया था| इसलिए वह उस चोर के साथ चोरी करने को तैयार हो गया| 

लेकिन अब समस्या यह थी की उसे चोरी करना आती नहीं थी| उसने साथी से कहा, “मुझे चोरी करना आती तो नहीं है, फिर कैसे करूंगा|”

 चोर ने कहा” तुम उसकी चिंता मत करो, मैं तुम्हें सब सिखा दूंगा”

अगले दिन दोनों रात के अंधेरे में गांव से दूर एक किसान का पका हुआ खेत काटने पहुंच गए| वह खेत गांव से दूर जंगल में था, इसीलिए वहां रात में कोई रखवाली के लिए आता जाता न था| लेकिन फिर भी सुरक्षा के लिहाज से उसने अपने नए साथी को खेत की मुंडेर पर रखवाली के लिए खड़ा कर दिया और किसी के आने पर आवाज लगाने को कहकर खुद खेत में फसल चोरी करने पहुंच गया| 

नए साथी ने थोड़ी ही देर में अपने साथी को आवाज लगे, “भाई जल्दी उठो, यहाँ से भाग चलो…खेत का मालिक पास ही खड़ा देख रहा है” चोर ने जैसे ही अपने साथी की बात सुनी वह फसल काटना छोड़ उठकर भागने लगा|

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कुछ दूर जाकर दोनों खड़े हुए तो चोर ने साथी से पुछा, “मालिक कहाँ खड़ा था? कैसे देख रहा था? नए चोर ने सहजता पूर्वः जवाब दिया, “मित्र! ईश्वर हर जगह मौजूद है| इस संसार में जो कुछ भी है उसी का है और वह सब कुछ देख रहा है| मेरी आत्मा ने कहा, ईश्वर यहां भी मौजूद है और हमें चोरी करते हुए देख रहा है…इस स्थिति में हमारा भागना ही उचित था| पहले चोर पर बेरोजगार आदमी की बातों का इतना प्रभाव पड़ा की उसने चोरी करना ही छोड़ दिया..!!

*⏰👪🎪🔔✍️विशेष :- भव्य आत्माओं, आज  वर्तमान में हम जो कुछ भी कार्य कर रहे है वह कार्य सही या ग़लत इसका फैसला हमें स्वयं करना चाहिए।उस कार्य के लाभ हानी का विचार कर हमें तत्काल फैसला करना चाहिए।*

   *👨‍👩‍👧‍👦✍️➡️🕉️ प्रति समय प्रसन्न रहते हुए अपने सच्चे कर्तव्यों ( वह कार्य जो हमें 84 लाख योनियों से मुक्त करने में सहयोग प्रदान करें ) का पालन कीजिये।*
*➡️जैसा हमारा कर्म होगा वैसा ही हमें फल प्राप्त होगा।आज वर्तमान में जो भी हम सभी को प्राप्त हो रहा है वह हमारे द्वारा  पूर्वो पार्जीत कर्मो का ही फल है।आप किसी भी जीव के मोक्ष मार्ग में सहयोगी नहीं बन सकते तो विरोधी बनकर पाप का संचय मत करो। ना ही किसी बात चिंता  करो, अच्छे कर्म करो जो हमसे कोई छुड़ा भी नहीं सकता और चुरा भी नहीं सकता।कर्म यह ऐसी संपत्ति है जो मरने के बाद भी हमारे साथ रहती है।जब जीव जन्म लेता है तो केवल अपने पूर्वो पार्जित कर्मों के साथ ही जन्म लेता है।*
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*जैनम जयतु शासनम*
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