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*मेरी पहचान क्या है*
⛳🕉️🌞🕉️🪔⛳
*🌞🕉️वसुनंदी गुरुवे नमः🕉️🌞*
*🌞✍️सच्चा साथी✍️🌞*
*👨👩👧👦✍️कहानी सभी के काम की*
*💪👩🚒 मेरी पहचान क्या है ✍️🐒*
*बड़ा रोचक क़िस्सा है । कृपया स्थिरता पूर्वक पढ़कर कुछ ग्रहण करें।*
✍️राजा के दरबार मे...
एक आदमी नौकरी मांगने के लिए आया,,,,,
उससे उसकी योग्यता पूछी गई,
तो वो बोला,
"मैं आदमी हो चाहे जानवर, उसकी शक्ल व क्रिया कलाप देख कर उसके बारे में बता सकता हूं,😇
राजा ने उसे अपने खास "घोड़ों के अस्तबल का इंचार्ज" बना दिया,,,,,😎
कुछ ही दिन बाद राजा ने उससे अपने सब से महंगे और मनपसन्द घोड़े के बारे में पूछा,
तो उसने कहा....
नस्ली नही है....😏
राजा को हैरानी हुई, 😳
उसने जंगल से घोड़े वाले को बुला कर पूछा,,,,,
उसने बताया घोड़ा नस्ली तो हैं,
पर इसके पैदा होते ही इसकी मां मर गई थी,
इसलिए ये एक गाय का दूध पी कर उसके साथ पलकर बड़ा हुआ है,,,,,
राजा ने अपने नौकर को बुलाया और पूछा तुम को कैसे पता चला के घोड़ा नस्ली नहीं हैं??🧐
"उसने कहा
"जब ये घास खाता है तो गायों की तरह सर नीचे करके,
जबकि नस्ली घोड़ा घास मुह में लेकर सर उठा लेता है,,😎
राजा उसकी काबलियत से बहुत खुश हुआ,😊
उसने नौकर के घर अनाज ,घी, मुर्गे, और ढेर सारी बकरियां बतौर इनाम भिजवा दिए ,🥰
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और अब उसे रानी के महल में तैनात कर दिया,,,😎
कुछ दिनो बाद राजा ने उससे रानी के बारे में राय मांगी,🧐
उसने कहा,
"तौर तरीके तो रानी जैसे हैं,
लेकिन पैदाइशी नहीं हैं,😏
राजा के पैरों तले जमीन निकल गई, 😨
उसने अपनी सास को बुलाया,🤨
सास ने कहा
"सच्चाई यह है कि आपके पिताजी ने मेरे पति से हमारी बेटी की पैदाइश पर ही रिश्ता मांग लिया था,
लेकिन हमारी बेटी 6 महीने में ही मर गई थी,
लिहाज़ा हम ने आपके रजवाड़े से करीबी रखने के लिए किसी और की बच्ची को अपनी बेटी बना लिया,,🥰
राजा ने फिर अपने नौकर से पूछा,
"तुम को कैसे पता चला??🧐
""उसने कहा,
" रानी साहिबा का नौकरो के साथ सुलूक गंवारों से भी बुरा है,
एक खानदानी इंसान का दूसरों से व्यवहार करने का एक तरीका होता है,
जो रानी साहिबा में बिल्कुल नही,😏
राजा फिर उसकी पारखी नज़रों से खुश हुआ,😇
और फिर से बहुत सारा अनाज भेड़ बकरियां बतौर इनाम दी,🥰
साथ ही उसे अपने दरबार मे तैनात कर लिया,,😎
कुछ वक्त गुज़रा,
राजा ने फिर नौकर को बुलाया,
और अपने बारे में पूछा,😇
नौकर ने कहा
"जान की सलामती हो तो कहूं”🙏🏻
राजा ने वादा किया तो उसने कहा,
"न तो आप राजा के बेटे हो,
और न ही आपका चलन राजाओं वाला है"😐
राजा को बहुत गुस्सा आया, 😡
मगर जान की सलामती का वचन दे चुका था,😏
राजा सीधा अपनी मां के महल पहुंचा...
मां ने कहा,
ये सच है,
तुम एक चरवाहे के बेटे हो,
हमारी औलाद नहीं थी,
तो तुम्हे गोद लेकर हम ने पाला,,,,,😊
राजा ने नौकर को बुलाया और पूछा ,
बता, "भाई वाले तुझे कैसे पता चला????🧐🤨
उसने कहा
" जब राजा किसी को "इनाम दिया करते हैं,
तो हीरे मोती और जवाहरात की शक्ल में देते हैं,
लेकिन आप भेड़, बकरियां, खाने पीने की चीजें दिया करते हैं...😏
ये रवैया किसी राजा का नही,
किसी चरवाहे के बेटे का ही हो सकता है,,🤨
किसी इंसान के पास कितनी धन दौलत, सुख समृद्धि, रुतबा, इल्म, बाहुबल हैं ये सब बाहरी दिखावा हैं । 😏
इंसान की असलियत की पहचान,
उसके व्यवहार और उसकी नियत से होती है।
*👨👩👦👦🐒👩🦰👦✍️विशेष :- भव्य आत्माओं, आप अपने कुल की मर्यादाएं सुरक्षित रखना चाहते है तो आपको अपने कुलाचार का पालन करना आवश्यक है। अन्यथा आपके वर्तमान आचरण के कारण आप अपना मूल अस्तित्व खो सकते है। अतः चौबीस घंटे सतर्क रहकर अपना जीवन सार्थक करें।*
*👨👩👧👦✍️➡️🕉️ प्रति समय प्रसन्न रहते हुए अपने सच्चे कर्तव्यों ( वह कार्य जो हमें 84 लाख योनियों से मुक्त करने में सहयोग प्रदान करें ) का पालन कीजिये।*
*➡️जैसा हमारा कर्म होगा वैसा ही हमें फल प्राप्त होगा।आज वर्तमान में जो भी हम सभी को प्राप्त हो रहा है वह हमारे द्वारा पूर्वो पार्जीत कर्मो का ही फल है।आप किसी भी जीव के मोक्ष मार्ग में सहयोगी नहीं बन सकते तो विरोधी बनकर पाप का संचय मत करो। ना ही किसी बात चिंता करो, अच्छे कर्म करो जो हमसे कोई छुड़ा भी नहीं सकता और चुरा भी नहीं सकता।कर्म यह ऐसी संपत्ति है जो मरने के बाद भी हमारे साथ रहती है।जब जीव जन्म लेता है तो केवल अपने पूर्वो पार्जित कर्मों के साथ ही जन्म लेता है।*
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*जैनम जयतु शासनम*
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