गुरुवार, 11 मई 2023

झूठ का फल

**
*झूठ का फल*
⛳🕉️🌞🕉️🪔⛳
*🌞🕉️वसुनंदी गुरुवे नमः🕉️🌞*
*🌞✍️सच्चा साथी✍️🌞*
*👨‍👩‍👧‍👦✍️कहानी सभी के काम की*
*💪👩‍🚒 झूठ का फल ✍️🐒*


*🔔👨‍👩‍👧‍👦↔️ जैन तीर्थंकर प्रभु के पंच कल्याणक महोत्सव की अग्रिम सूचना🔔*
*🔔🪔 ज्येष्ठ  कृष्ण 10 ,दिनांक 14 मई रविवार को तेरवें तीर्थंकर विमलनाथ भगवानजी का गर्भ   कल्याणक महोत्सव है। 🛕*
*🔔⏰🎪 जैन तीर्थंकर भगवन्तों के पंच कल्याणक महोत्सव मई माह में आने वाली दिनांक 16, 18, 19,  23,  तारीख को है। मई माह में दो तीर्थंकर भगवन्तो के मोक्ष कल्याणक महोत्सव है।यह सभी तिथियां उत्तर पुराण व जयपुर पंचांग के अंतर्गत है।विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ते रहे शिक्षाप्रद कहानी।*

एक बार की बात है एक जंगल में पंकज नाम का तोता रहता था। वह बहुत ही झूठा था। वह जंगल के दूसरी पक्षियों और जानवरों  के सामने झूठ बोलकर अपनी बड़ाई करता था। एक दिन एक पेड़ पर एक चिड़िया बैठी थी।

वह चिड़िया के पास गया और बोला की वह गांव के जमींदार के पास गया था। वहां पर उसने बहुत सारी अच्छी-अच्छी मिठाई और पकवान खाएं। वह कभी जंगल के जानवरों के पास जाकर कहता कि मैं चील से भी ऊंचा उड़ सकता हूं और मैंने बहुत से देशों की यात्रा की है।

⬇️⬇️⬇️⬇️⬇️⬇️
*🕉️🌞✍️पुण्य वृद्धि के इच्छुक  पुण्यात्माओं से निवेदन है कि इस पोस्ट को परिवार, मित्रों और अन्य परिचितों तक इस पोस्ट को भेजकर स्वयं के व उनके पुण्य मे भी वृद्धि करें। धर्मात्मा बंधु पापों को पुण्य मे बदलना चाहते है तो आज ही संस्था से जुड़कर अपना मोक्ष मार्ग को सुरक्षित करें ।जो स्वयं के पुण्य को शीघ्रातिशीघ्र वृद्धिगत करना चाहते है वे सभी अपनी चंचला लक्ष्मी का सदुपयोग संस्था के माध्यम से  कर सकते है ।✍️*
*✍️➡️👨‍👩‍👧‍👦अगर कोई भी पुण्यात्मा श्रावक इस प्रकार की पोस्ट को व्हाट्सएप पर प्राप्त करना चाहते है तो श्री शांति सागर समाधि साधना सेवा केंद्र जयपुर रजिस्टर संस्था के 📲 9461956111 नंबर पर व्हाट्सएप पर कहानियां + शुभनाम+ 【गांव शहर】निवास स्थान  लिखकर व्हाट्सएप करें,काल ना करें।*
⬆️⬆️⬆️⬆️⬆️⬆️

उसकी इन सभी हरकतों के कारण सारे जंगल को पता लग चुका था कि वह बहुत झूठ बोलता है। एक दिन जंगल में एक बहुत ही सुंदर कबूतर आया। सभी पक्षी उसे देखने के लिए आये। पंकज तोता भी उससे मिलने आया। तोते को देखकर कबूतर बोला तुम पंकज हो ना।

यह सुनकर तोता बोला हा मै ही  पंकज तोता हूँ। इसके बाद वह अपनी तारीफ करने लगा की देखा बाहर के लोग भी मुझे जानते है। मै बहुत अमीर हूँ। मै बहुत अच्छा खाना खाता हूँ। मेरे पास बहुत से हीरे जवाहरात है। यह सुनकर कबूतर बोला मै शाही नौकर हूँ।

मै तो तुम्हे राजा के दरबार में अच्छे दावत के लिए आमंत्रित करने आया था। लेकिन तुम तो पहले से ही अच्छे से रह रहे हो और अच्छा खाते हो तो मै चलता हूँ। तोते ने जब यह सुना तो कहने लगा की मै तो बस अपनी बड़ाई कर रहा था। इसके बाद कबूतर ने तोते की एक न सुनी और चला गया। यह देखकर जंगल के सभी पक्षी और जानवर हंसने लगे।

इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है की हमें कभी भी झूठ नहीं बोलना चाहिए।

*👪⛳🙏⏰🔑विशेष :- भव्य‌‌‌ आत्माओं, आज हम अपनी अनावश्यक प्रशंसा स्वयं करते है।इस कार्य से हमारे पास जो भी वैभव है वह समाप्त होने के कारण आयु पूर्ण होने पर हमारा जन्म ऐसे स्थान पर होता है। वहां सारे प्रयास करने पर भी हमें अनुकूल परिणाम प्राप्त नहीं होते। अतः हमें अपनी हैसियत के अनुसार मन , वचन व शरीर का उपयोग करना चाहिए।*

*👨‍👩‍👧‍👦✍️➡️🕉️ प्रतिसमय प्रसन्न रहते हुए अपने सच्चे कर्तव्यों ( वह कार्य जो हमें 84 लाख योनियों से मुक्त करने में सहयोग प्रदान करें ) का पालन कीजिये।*
*➡️जैसा हमारा कर्म होगा वैसा ही हमें फल प्राप्त होगा।आज वर्तमान में जो भी हम सभी को प्राप्त हो रहा है वह हमारे द्वारा  पूर्वो पार्जीत कर्मो का ही फल है।आप किसी भी जीव के मोक्ष मार्ग में सहयोगी नहीं बन सकते तो विरोधी बनकर पाप का संचय मत करो। ना ही किसी बात चिंता  करो, अच्छे कर्म करो जो हमसे कोई छुड़ा भी नहीं सकता और चुरा भी नहीं सकता।कर्म यह ऐसी संपत्ति है जो मरने के बाद भी हमारे साथ रहती है।जब जीव जन्म लेता है तो केवल अपने पूर्वो पार्जित कर्मों के साथ ही जन्म लेता है।*
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🌳
*जैनम जयतु शासनम*
🌳🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें