शुक्रवार, 27 जनवरी 2023

हमारा भारत

**
🌞🕉️🌞🕉️🌞🕉️🌞🌞🕉️🌞🕉️🌞🕉️🌞
*🌞🕉️वसुनंदी गुरुवे नमः🕉️🌞*
*🌞✍️सच्चा साथी✍️🌞*
*👨‍👩‍👧‍👦✍️कहानी सभी के काम की*
*💪👩‍🚒 हमारा भारत ✍️🐒*


किसी बात पर पत्नी से अनबन हो गयी ! वह बड़बड़ाते हुए घर से बाहर निकला! सोचा कभी इस लड़ाकू औरत से बात नहीं करूँगा।

 पता नहीं,समझती क्या है खुद को? जब देखो झगड़ा,सुकून से रहने नहीं देती!
नजदीक के चाय के स्टॉल पर पहुँच कर,चाय ऑर्डर की और सामने रखे स्टूल पर बैठ गया!

तभी पीछे से एक आवाज सुनाई दी इतनी सर्दी में घर से बाहर चाय पी रहे हो?
गर्दन घुमा कर देखा तो पीछे के स्टूल पर बैठे एक बुजुर्ग थे।

आप भी तो इतनी सर्दी और इस उम्र में बाहर हैं बाबा....  बुजुर्ग ने मुस्कुरा कर कहा :-   मैं निपट अकेला,न कोई गृहस्थी,न साथी,तुम तो शादीशुदा लगते हो बेटा"।

पत्नी घर में जीने नहीं देती बाबा !! हर समय चिकचिक..., बाहर न भटकूँ तो क्या करूँ। जिंदगी नरक बना कर रख दी है।

बुजुर्ग : पत्नी जीने नहीं देती?
बरखुरदार ज़िन्दगी ही पत्नी से होती है।आठ बरस हो गए हमारी पत्नी को गए हुए। जब ज़िंदा थी,कभी कद्र नहीं की,आज कम्बख़्त चली गयी तो भुलाई नहीं जाती,घर काटने को दौडता है। बच्चे अपने अपने काम में मस्त, आलीशान घर,धन-दौलत सब है..., पर उसके बिना कुछ मज़ा नहीं। यूँ ही कभी कहीं,कभी कहीं,भटकता रहता हूँ! कुछ अच्छा नहीं लगता, उसके जाने के बाद पता चला, वह धड़कन थी! मेरे जीवन की ही नहीं, मेरे घर की भी। सब बेजान हो गया है... लेकिन तुम तो समझदार हो बेटा, जाओ !! अपनी जिंदगी खुशी से जी लो। वरना बाद में पछताते रहोगे, मेरी तरह। बुज़ुर्ग की आँखों में दर्द और आंसुओं का समंदर भी।

⬇️⬇️⬇️⬇️⬇️⬇️⬇️⬇️⬇️⬇️⬇️⬇️⬇️⬇️
*🕉️🌞✍️पुण्य वृद्धि के इच्छुक  पुण्यात्माओं से निवेदन है कि इस पोस्ट को परिवार, मित्रों और अन्य परिचितों तक इस पोस्ट को भेजकर स्वयं के व उनके पुण्य मे भी वृद्धि करें। धर्मात्मा बंधु पापों को पुण्य मे बदलना चाहते है तो आज ही संस्था से जुड़कर अपना मोक्ष मार्ग को सुरक्षित करें ।जो स्वयं के पुण्य को शीघ्रातिशीघ्र वृद्धिगत करना चाहते है वे सभी अपनी चंचला लक्ष्मी का सदुपयोग संस्था के माध्यम से  कर सकते है ।✍️*
*✍️➡️👨‍👩‍👧‍👦अगर कोई भी पुण्यात्मा श्रावक इस प्रकार की पोस्ट को व्हाट्सएप पर प्राप्त करना चाहते है तो श्री शांति सागर समाधि साधना सेवा केंद्र जयपुर रजिस्टर संस्था के 📲 9461956111 नंबर पर व्हाट्सएप पर कहानियां + शुभनाम+ 【गांव शहर】निवास स्थान  लिखकर व्हाट्सएप करें,काल ना करें।*⬆️⬆️⬆️⬆️⬆️⬆️⬆️⬆️⬆️⬆️⬆️⬆️⬆️⬆️

चाय वाले को पैसे दिए। नज़र भर बुज़ुर्ग को देखा,एक मिनट गंवाए बिना घर की ओर मुड़ गया...
उसे दूर से ही देख लिया था, डबडबाई आँखो से निहार रही पत्नी,चिंतित दरवाजे पर ही ख़डी थी....कहाँ चले गए थे? जैकेट भी नहीं पहना, ठण्ड लग जाएगी तो ?, तुम भी तो "बिना स्वेटर के दरवाजे पर खड़ी हो!" कुछ यूँ, दोनों ने आँखों से,एक दूसरे के प्यार को पढ़ लिया था! उसके बाद फिर से कभी झगड़ा नही करने का वादा किया और दोनों हमेशा खुश रहने लगे।

कई बार हम लोग भी अपने जीवन में इसी तरह की गलतियां कर बैठते है। सिर्फ पत्नी ही नही,माँ-बाप,चाचा-ताऊ,भाई
बहिन या अज़ीज़ दोस्तोँ के साथ ऐसा क्रोध कर देते है जो सिर्फ हम को ही नही,उनको भी कष्ट देता है।

*🔔⏰👪🪔⛳विशेष:-भव्य‌‌‌ आत्माओं,छोटा सा जीवन है, कहीं क्षमा करके कहीं क्षमा मांगकर हँस कर गुजार दे।जिंदगी के सफर मे गुजर जाते है, जो समय आज मिला है वह दुबारा कभी नहीं मिलेगा। अतः हम सभी को प्रत्येक पल में ऐसा कार्य करना है जिस कार्य से सभी जीवों को सुख शांति मिलती रहें।*

*👨‍👩‍👧‍👦✍️➡️🕉️सदैव प्रसन्न रहते हुए अपने सच्चे कर्तव्यों ( वह कार्य जो हमें 84 लाख योनियों से मुक्त करने में सहयोग प्रदान करें ) का पालन कीजिये।*
*➡️जैसा हमारा कर्म होगा वैसा ही हमें फल प्राप्त होगा।आज वर्तमान में जो भी हम सभी को प्राप्त हो रहा है वह हमारे द्वारा  पूर्वो पार्जीत कर्मो का ही फल है।आप किसी भी जीव के मोक्ष मार्ग में सहयोगी नहीं बन सकते तो विरोधी बनकर पाप का संचय मत करो। ना ही किसी बात चिंता  करो, अच्छे कर्म करो जो हमसे कोई छुड़ा भी नहीं सकता और चुरा भी नहीं सकता।कर्म यह ऐसी संपत्ति है जो मरने के बाद भी हमारे साथ रहती है।जब जीव जन्म लेता है तो केवल अपने पूर्वो पार्जित कर्मों के साथ ही जन्म लेता है।*
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🌳
*जैनम जयतु शासनम*
🌳🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें