मंगलवार, 10 जनवरी 2023

पूर्व कर्मो का फल

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*🌞🕉️वसुनंदी गुरुवे नमः🕉️🌞*
*🌞✍️सच्चा साथी✍️🌞*
*👨‍👩‍👧‍👦✍️कहानी सभी के काम की*
*💪👩‍🚒 पूर्व कर्मो का फल ✍️🐒*

*🔔👨‍👩‍👧‍👦↔️तीर्थंकर प्रभु के पंच कल्याणक महोत्सव की अग्रिम सूचना🔔*
*🕉️1. माघ कृष्ण 6  दिनांक 13 जनवरी  2023  शुक्रवार  को छठे तीर्थंकर सभी को तेज प्रदान करने वाले   1008 श्री  पद्मप्रभ भगवान जी का गर्भ कल्याणक  महोत्सव हैं।*
*🕉️2. *🔔⏰🎪 जैन तीर्थंकर भगवन्तों के पंच कल्याणक महोत्सव जनवरी माह में 13, 19, 20, 21, 23, 25 व 26 तारीख को है। विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ते रहे शिक्षाप्रद कहानी।*
*👨‍👩‍👦‍👦आप सभी सपरिवार इष्टमित्रों के साथ अपनी शक्ति अनुसार उत्सव मनाकर जीवन सफल करें।*

किसी नगर में एक राजा राज्य करता था। एक शौक जो प्राय: सभी राजाओं को होता है और वो है शिकार खेलने का। एक दिन राजा ने अपने मंत्री से कहा, क्यों न शिकार खेलने जंगल में जाया जाए। राजा और मंत्री दोनों शिकार खेलने जंगल में गए। उन्हें एक हिरन दिखाई दिया। राजा ने उस पर प्रहार करने के लिए तीर निकाला पर उस पर प्रहार करते समय अपने ही शस्त्र से उसकी अपनी अंगुली कट गई। मंत्री ने यह देख कर कहा ‘ईश्वर जो कुछ करता है अच्छा ही करता है।’

मंत्री के मुख से यह सुनकर राजा को बहुत बुरा लगा। वह सोचने लगे मेरी तो ऊंगली कट गई और यह कहता है कि ईश्वर जो करता है वह अच्छा ही करता है। यह मेरा ही खाता है और मेरी ही हानी चाहता है। इस प्रकार विचार करके उसने अपने मंत्री को अपने यहां से निकल जाने को कहा। चलते समय मंत्री ने फिर कहा ‘ईश्वर जो करता है अच्छा ही करता है।’

 कुछ दिन बाद राजा पुनः शिकार खेलने गया। एक हिरण का पीछा करते-करते एक जंगल में जा पहुंचा। हाथी घोड़े नौकर चाकर सब पीछे रह गए। जंगल में एक कबीला पूजन कर रहा था।  

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उन्हें देवी के लिए नर बलि देनी थी। तभी अचानक उनकी दृष्टि राजा पर पड़ी। बलि के लिए उन्होंने राजा को पकड़ लिया। राजा को बलि के लिए खड़ा किया गया तो कबीले के पुरोहित की निगाह अचानक राजा के कटी हुई ऊँगली पर पड़ी। राजा की अंग भंग होने के कारण उन लोगों ने राजा को छोड़ दिया। फिर भटकता हुआ राजा अपने राज्य में वापस पहुंच गया। उसने सोचा इसी कटी हुई अंगुली ने आज मेरे प्राण बचाए हैं। उसे मंत्री की बात का अर्थ समझ में आ गया और उस मंत्री को पुनः मंत्री पद पर रख लिया।

 राजा ने मंत्री से पूछा, मेरी ऊँगली कटी थी अब तो समझ में आ गया कि क्या अच्छा हुआ, क्योंकि कटी अंगुली के कारण मेरे प्राण बच सकें।

पर जब मैंने तुमको नौकरी से निकाला था तब भी तुमने यही कहा था कि ईश्वर जो करता है अच्छा ही करता है उसका क्या अर्थ है। मंत्री ने उत्तर में कहा ‘महाराज यदि आपने मुझे निकाल न दिया होता तो मैं भी उस दिन शिकार के समय आपके साथ होता और मेरे अंग भंग न होने के कारण मैं पूरी तरह योग्य समझा जाता और उस कबीले के लोग अपनी कुलदेवी को प्रसन्न करने के लिए मेरी बलि अवश्य चढ़ा देते।’ राजा को समझ आ गया कि जो भी होता है अच्छे के लिए ही होता है।

 हर बुराई में कोई न कोई अच्छाई छुपी होती है। प्रसंग से, जो भी समस्या हमारे सामने आती हैं उस समय हम यही सोचते हैं की ऐसा क्यों हुआ, ऐसा मेरे साथ क्यों होता है। परंतु हर चीज जो भी हमारे सामने आती है वो कोई न कोई संदेश, शुभ संदेश, कल्याणकारी संदेश लेकर जरूर आती है। जिस समय समस्या आती है उस समय लगता है कि सब कुछ गलत हो रहा है परंतु कुछ समय के बाद हमें समझ में आ जाता है कि हां यह चीज इस दृष्टिकोण से मेरे लिए अत्यंत लाभदायक भी है। इसीलिए किसी भी समस्या के बीच सकारात्मक रहना बहुत जरूरी है।

*⏰👪🙏🎪🪔विशेष : -भव्य‌‌‌ आत्माओं, आज हम सभी के साथ जो भी हो रहा है वह हम सभी के कर्मो के व हमारे वर्तमान की विचारधारा के अनुसार होता है।हम अपने प्रारब्ध को तो  कुछ नहीं कर सकते किन्तु अपनी वर्तमान की विचारधारा को सकारात्मक रखकर आने वाले पाप कर्म को पुण्य में परिवर्तित कर सकते है। अगर पुण्य कर्म का उदय है तो हम उसे ओर भी शक्तिशाली बना सकते है।*

*👨‍👩‍👧‍👦✍️➡️🕉️सदैव प्रसन्न रहते हुए अपने सच्चे कर्तव्यों ( वह कार्य जो हमें 84 लाख योनियों से मुक्त करने में सहयोग प्रदान करें ) का पालन कीजिये।*
*➡️जैसा हमारा कर्म होगा वैसा ही हमें फल प्राप्त होगा।आज वर्तमान में जो भी हम सभी को प्राप्त हो रहा है वह हमारे द्वारा  पूर्वो पार्जीत कर्मो का ही फल है।आप किसी भी जीव के मोक्ष मार्ग में सहयोगी नहीं बन सकते तो विरोधी बनकर पाप का संचय मत करो। ना ही किसी बात चिंता  करो, अच्छे कर्म करो जो हमसे कोई छुड़ा भी नहीं सकता और चुरा भी नहीं सकता।कर्म यह ऐसी संपत्ति है जो मरने के बाद भी हमारे साथ रहती है।जब जीव जन्म लेता है तो केवल अपने पूर्वो पार्जित कर्मों के साथ ही जन्म लेता है।*
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*जैनम जयतु शासनम*
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