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*🌞🕉️वसुनंदी गुरुवे नमः🕉️🌞*
*🌞✍️सच्चा साथी✍️🌞*
*👨👩👧👦✍️कहानी सभी के काम की*
*💪👩🚒 सफलता का रहस्य ✍️🐒*
एक व्यापारी जिसका व्यापार डूब गया था, वह अपनी जिंदगी से बुरी तरह थक -हार चुका था।
परेशान होकर जंगल में गया और बहुत देर तक अकेले बैठा रहा । कुछ सोचकर,वह भगवान को संबोधित करते हुए बोला -'भगवान मैं हार चुका हूं,मुझे कोई एक वजह बताइए, कि मैं जीवित रहूं। मेरा सब खत्म हो गया है। मेरी मदद करिए।।'
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*🕉️🌞✍️पुण्य वृद्धि के इच्छुक पुण्यात्माओं से निवेदन है कि इस पोस्ट को परिवार, मित्रों और अन्य परिचितों तक इस पोस्ट को भेजकर स्वयं के व उनके पुण्य मे भी वृद्धि करें। धर्मात्मा बंधु पापों को पुण्य मे बदलना चाहते है तो आज ही संस्था से जुड़कर अपना मोक्ष मार्ग को सुरक्षित करें ।जो स्वयं के पुण्य को शीघ्रातिशीघ्र वृद्धिगत करना चाहते है वे सभी अपनी चंचला लक्ष्मी का सदुपयोग संस्था के माध्यम से करें।✍️*
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उस स्थान के वनदेवता ने जवाब दिया।
तुम जंगल में इस घास और बांस के पेड़ को देखो। जब प्रकृति ने घास और बांस के बीज लगाए, तो दोनों की अच्छे से देखभाल की,एक सा पानी और रोशनी दी...।
पर घास जल्दी बड़ी होने लगी और धरती को हरा भरा कर दिया, लेकिन बांस का बीज बड़ा नहीं हुआ। पर प्रकृति ने बांस के लिए हिम्मत नहीं हारी...।
दूसरे साल घास और घनी हो गई,लेकिन बांस का बीज नहीं ऊगा ।प्रकृति ने फिर भी हिम्मत नहीं हारी...।
तीसरे साल भी बांस के बीज में कोई अंकुर नहीं निकला।सुनो भव्यात्मा ! प्रकृति ने फिर भी हिम्मत नहीं हारी...।
चौथे साल बांस के बीच में अंकुर नहीं आए। प्रकृति नाराज नहीं हुई ।
5 साल बाद उस बांस के बीज से एक छोटा सा पौधा अंकुरित हुआ, जो घास की तुलना में बहुत छोटा था, और कमजोर था ।लेकिन केवल 6 महीने बाद यह छोटा सा पौधा 100 फीट लंबा हो गया...।
प्रकृति ने इस बांस की जड़ को विकसित करने के लिए 5 साल का समय लगाया। इन 5 सालों में इसकी जड़ इतनी मजबूत हो गई कि 100 फीट ऊंचे बांस को संभाल सकें...।
'जब भी आपको जीवन में संघर्ष करना पड़े तो समझिये कि, आप की जड़ मजबूत हो रही है ।आप का संघर्ष आप को मजबूत बना रहा है, जिससे कि आप आने वाले कल को सबसे बेहतरीन बना सको...।'इसके लिए आपको अपने लक्ष्य को ध्यान रखते हुए उसे प्राप्त करने के लिए समिचीन प्रयास करते रहना चाहिए।
बांस के बीज ने हार नहीं मानी...। उसने सबसे पहले प्रकृति से समझौता कर आवश्यक तत्व को ग्रहण कर अपनी जड़ों को मजबूत किया।
अतः आप भी हार न मानें अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से स्वयं को तैयार करें...।
किसी दूसरे से अपनी तुलना मत करो।
घास और बांस दोनों के बड़े होने का समय अलग अलग है,दोनों का उद्देश्य अलग-अलग है ...।
तुम्हारा भी समय आएगा, तुम भी एक दिन बांस के पेड़ की तरह आसमान छुओगे ।बांस के बीज ने हिम्मत नहीं हारी। तुम भी मत हारो...।
अपनी जिंदगी में संघर्ष से मत घबराओ,यही संघर्ष हमारी सफलता की जड़ों को मजबूत करेगा।
हमेशा अपने छोटे-छोटे प्रयासों को जारी, रखें सफलता एक ना एक दिन अवश्य मिलेगी...।
" जहां चाह वहां राह"
*👪⏰🙏🪜↔️विशेष:- इस कहानी को पढ़ने के बाद आप अपनी सकारात्मक शक्ति को जागृत कर अपनें लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए यथायोग्य योजना बनाएं। आपकी नकारात्मकता आपको समय समय पर हताश करेंगी किंतु स्वयं की संकल्प शक्ति के आगे वह कुछ भी नहीं कर सकेंगी।यही आपकी सफलता का रहस्य होगा।✍️🔔*
*👨👩👧👦✍️➡️🕉️सदैव प्रसन्न रहते हुए अपने सच्चे कर्तव्यों ( वह कार्य जो हमें 84 लाख योनियों से मुक्त करने में सहयोग प्रदान करें ) का पालन किजियें।*
*➡️जैसा हमारा कर्म होगा वैसा ही हमें फल प्राप्त होगा।आज वर्तमान में जो भी हम सभी को प्राप्त हो रहा है वह हमारे द्वारा पूर्वों पार्जित कर्मो का ही फल है।आप किसी भी जीव के मोक्ष मार्ग में सहयोगी नहीं बन सकते तो विरोधी बनकर पाप का संचय मत करो। ना ही किसी बात चिंता करो, अच्छे कर्म करो जो हमसे कोई छुड़ा भी नहीं सकता और चुरा भी नहीं सकता।कर्म यह ऐसी संपत्ति है जो मरने के बाद भी हमारे साथ रहती है।जब जीव जन्म लेता है तो केवल अपने पूर्वो पार्जित कर्मों के साथ ही जन्म लेता है।*
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*जैनम जयतु शासनम*
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