सोमवार, 25 अप्रैल 2022

रंग बिरंगे कागज

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*🌞🕉️वसुनंदी गुरुवे नमः🕉️🌞*
*🌞✍️सच्चा साथी✍️🌞*
*👨‍👩‍👧‍👦✍️कहानी बड़े काम की*
*💪👩‍🚒रंग - बिरंगे कागज़💐💐*
*🎪एक बूढ़ी माता मंदिर के सामने भीख माँगती थी। एक संत ने पूछा - आपका बेटा लायक है, फिर यहाँ क्यों ??*
*⭐बूढ़ी माता बोली - बाबा, मेरे पति का देहांत हो गया है। मेरा पुत्र परदेस नौकरी के लिए चला गया।*
 
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*🕉️🌞✍️पुण्यवृद्धि के इच्छुक  पुण्यात्माओं से निवेदन है कि इस पोस्ट को परिवार, मित्रों और अन्य परिचितों तक इस पोस्ट को पहुचाकर उनके पुण्य मे भी वृद्धि करें। धर्मात्माबंधु पापों को पुण्य मे बदलना चाहते है तो संस्था को दान करें।जो पुण्य को बढ़ाना चाहते है वे भी संस्था को दान करें।✍️*
*✍️➡️👨‍👩‍👧‍👦अगर कोई भी पुण्यात्मा श्रावक इस प्रकार की पोस्ट को व्हाट्सएप पर प्राप्त करना चाहते है तो श्री शांति सागर समाधि साधना सेवा केंद्र जयपुर रजिस्टर संस्था के 📲 9461956111 नंबर पर व्हाट्सएप पर कहानियां + शुभनाम+ 【गांव शहर】निवासस्थान  लिखकर व्हाट्सएप करें,काल ना करें।*
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*▶️जाते समय मेरे खर्चे के लिए कुछ रुपए देकर गया था, वे खर्च हो गये इसीलिए भीख माँग रही हूँ।*

*🙏संत ने पूछा - क्या तेरा बेटा तुझे कुछ नहीं भेजता ??*

*🤗बूढ़ी माता बोली - मेरा बेटा हर महीने एक रंग-बिरंगा कागज भेजता है जिसे मैं दीवार पर चिपका देती हूँ।*

*🌲संत ने उसके घर जाकर देखा कि दीवार पर 60  बैंक ड्राफ्ट चिपकाकर रखे थे।*
 *🌐प्रत्येक ड्राफ्ट ₹50,000 राशि का था। पढ़ी-लिखी न होने के कारण वह नहीं जानती थी कि उसके पास कितनी संपति है।* 

*🕉️संत ने उसे ड्राफ्ट का मूल्य समझाया।*

*👉हमारी स्थिति भी उस बूढ़ी माता की भाँति ही है।*

*🔔🤗🕉️जैनदर्शन मे दिगंबराचार्यो ने सबसे महत्वपूर्ण सम्यकदर्शन - सम्यकज्ञान - सम्यकचारित्र इन तीनों की एकरूपता रत्नत्रय को धर्म कहाँ है।आज अत्यधिक लोगों ने मात्र कुछ धार्मिक क्रियाओं को ही धर्म मान लिया है।यह हम सभी के लिए दु:ख का व संसार में भटकने का मुख्य कारण है।आज वर्तमान में हमें सबसे पहले अपनी कमी को देखकर उसे शास्त्रोक्त विधि के द्वारा जानकर उसे दूर करने का प्रयास करना आवश्यक है।अतः हम सभी रत्नत्रय को समझकर अपनी शक्ति अनुसार अपने जीवन में उतारे तभी हमसभी का जीवन सफल होगा।✍️*

*🔔हमारे पास धर्मग्रंथ तो हैं पर माथे से लगाकर अपने घर में सुसज्जित कर के रखते हैं।ऐसा करने से कुछ भी नहीं होगा।उन ग्रंथों के अनुसार हमारा आचरण होना चाहिए।*

*👉🏿जबकि हम उनका वास्तविक लाभ तभी उठा पाएगें जब हम उनका अध्ययन, चिंतन, मनन करके उन्हें अपने जीवन में उतारेगें।*

*👨‍👩‍👧‍👦✍️➡️🕉️सदैव प्रसन्न रहते हुए अपने सच्चे कर्तव्यों ( वह कार्य जो हमें 84 लाख योनियों से मुक्त करने में सहयोग प्रदान करें )का पालन किजिये।*
*जैसा हमारा कर्म होगा वैसा ही हमें फल प्राप्त होगा।आज वर्तमान में जो भी हमसभी को प्राप्त हो रहा है वह हमारे द्वारा किये गए कर्मो का ही फल है।आप किसी भी जीव के सहयोगी नहीं बन सकते तो विरोधी बनकर पाप का संचय मत करो। ना ही किसी बात चिंता  करो, अच्छे कर्म करो जो हमसे कोई छुड़ा भी नहीं सकता और चुरा भी नहीं सकता।कर्म यह ऐसी संपत्ति है जो मरने के बाद भी हमारे साथ रहती है।जब जीव जन्म लेता है तो केवल अपने किये हुए कर्मों के साथ ही जन्म लेता है।*
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*जैनम् जयतु शासनम्*
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