शनिवार, 24 जून 2023

जियो और जीने दो

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*जियो और जीने दो*
⛳🕉️🌞🕉️🪔⛳
*🌞🕉️वसुनंदी गुरुवे नमः🕉️🌞*
*🌞✍️सच्चा साथी✍️🌞*
*👨‍👩‍👧‍👦✍️कहानी सभी के काम की*
*💪👩‍🚒जियो और जीने दो  ✍️🐒*

*🔔⏰🎪 जैन तीर्थंकर भगवन्तों के पंच कल्याणक महोत्सव जून माह का अंतिम कल्याणक*
*🔔🪔 आषाढ़ शुक्ल सप्तमी, दिनांक 25 जून  रविवार कलि काल के 22 वें तीर्थंकर अरिष्ट नेमीनाथ  भगवान जी का मोक्ष कल्याणक महोत्सव है।  तीर्थंकर नेमिनाथ जी का  मोक्ष कल्याणक  महोत्सव गिरनार पर्वत पर हुआ था | आज के ही दिन रात्रि के प्रारंभ काल व चित्रा नक्षत्र में 535 मुनिराजों के साथ मोक्ष पद को प्राप्त किया था | यहाँ से 72 करोड़ 700 मुनि सिद्ध भये | साक्षात दर्शन कर अपने पुण्य को गाढ़ा करें इस पवित्र पर्वत की वंदना कर---🛕*
*✍️यह सभी तिथियां जयपुर पंचांग के अंतर्गत है।विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ते रहे शिक्षाप्रद कहानी।*

 “सभी प्राणियों का जीवन अनमोल हैं |सभी को जीने का अधिकार है।” यह एक ज्ञानवर्धक व शिक्षाप्रद कहानी हैं जो हमें एक अनमोल ज्ञान देती हैं साथ सभी प्राणियों का जीवन महत्वपूर्ण हैं इसका पाठ सिखाती हैं |

सभी प्राणियों का जीवन अनमोल हैं
अवंतिका नगर के नागरिक बहुत परेशान थे क्यूंकि उनकी फसल जब पनपने को होती | पक्षी उसे खा जाया करते थे | फसल बचाने के लिए उन्होंने सोचा कि कोई ऐसी युक्ति निकाली जानी चाहिये जिससे यह व्यर्थ का कार्य भार कम हो | 

इस हेतु नगर की प्रजा राजा के पास गयी | यह सुन राजा को बहुत क्रोध आया | समस्या की गंभीरता को समझते हुए राजा ने सैनिको को आदेश दिया कि नगर के सारे पक्षियों को मार दिया जायें | सैनिकों ने आदेश माना और नगर के सभी पक्षियों को मार दिया |

सभी नागरिक खुश हो गये और खेती की नयी तैयारी में जुट गये | बहुत अरमानों के साथ बीज बोये गये और पक्षियों का डर ना होने के कारण किसी को पहरेदारी नहीं करनी पड़ी लेकिन जब फसल काटने का वक्त आया तो अगले वर्ष अनाज बोने तक के लिए भी अनाज नहीं मिला | यह देख सभी अचरज में पड़ गए | फिर से राजा के पास पहुँचे | तब राजा ने समस्या का पता लगवाया | जिसके बाद सभी को ज्ञात हुआ कि मिट्टी में जो कीड़े थे | उसने सभी बीजों को खा लिया | पहले पक्षी उन कीड़ों को खा लेते थे जिससे फसल की रक्षा होती थी | पक्षी ना होने के कारण नागरिकों के भूखे मरने की नौबत आ गई थी | यह जानकर सभी नगर वासियों एवम राजा को अपनी भूल का अहसास हुआ |

 समस्या के समाधान के लिये सभी नगर वासियों ने पक्षी पाले | साथ ही पास के नगर से पक्षी लाये गये | तब कही जाकर कुछ वर्षों के बाद नगर की व्यवस्था में सुधार आया |

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इससे सभी को ज्ञान मिला कि पृथ्वी में सभी प्राणी का विशेष महत्त्व हैं | सभी जीवन के लिए एक दुसरे पर निर्भर करते हैं | पृथ्वी में कोई भी प्राणी का जन्म व्यर्थ नहीं हैं इसलिए सभी का यथायोग्य सम्मान करना चाहिये | संतुलन बनाये रखने के लिए सभी को एक दुसरे का सहयोग कर जीवन व्यापन करना चाहिये | यह सृष्टि का चक्र हैं जिसे किसी को भी तोड़ना नहीं चाहिये | अगर ऐसा करते हैं तो सभी को बहुत बड़ी विपदा का सामना करना पड़ता हैं | जिस प्रकार नगरवासियों को करनी पड़ी  | प्रकृति के नियमों के विरुद्ध चलना विनाश का रास्ता हैं |

यह एक शिक्षाप्रद हिंदी कहानी हैं जिससे सभी को ज्ञान मिलता है | हम सभी को हर प्राणी का आदर करना चाहिये | और सभी का यथायोग्य सहयोग कर जीवन व्यतीत करना चाहिये |सभी को जियो और जीने दो का अधिकार का पालन करना चाहिए। अपने विषय भोगों के लिए इन्हें नहीं मारना चाहिए। ऐसा करने से प्रकृति कूपित होती है जिस कारण से बाढ़, अकाल, अतिवृष्टि जैसी अनेक विपत्तियों का सामना करना पड़ता है। अतः ऐसी विषम परिस्थितियों से बचने के लिए हमें प्रकृति विरोधी कार्य नहीं करना चाहिए।

*👪⏰↔️🔔🙏विशेष :- भव्य आत्माओं, आज प्रकृति में जैसा वातावरण रहता है उसी के अनुसार उस स्थान पर जीव उत्पन्न होते है। आज सम्पूर्ण भारत में विभिन्न उद्योगों के कारण प्रकृति का विनाश हो रहा है। आज हमारा प्रयास यह होना चाहिए कि हमारे उपयोग में आने वाली वस्तुओं के द्वारा प्रकृति का विनाश ना हो।*

*👨‍👩‍👧‍👦✍️➡️🕉️ प्रति समय प्रसन्न रहते हुए अपने सच्चे कर्तव्यों ( वह कार्य जो हमें 84 लाख योनियों से मुक्त करने में सहयोग प्रदान करें ) का पालन कीजिये।*
*➡️जैसा हमारा कर्म होगा वैसा ही हमें फल प्राप्त होगा।आज वर्तमान में जो भी हम सभी को प्राप्त हो रहा है वह हमारे द्वारा  पूर्वो पार्जित कर्मो का ही फल है।आप किसी भी जीव के मोक्ष मार्ग में सहयोगी नहीं बन सकते तो विरोधी बनकर पाप का संचय मत करो। ना ही किसी बात चिंता  करो, अच्छे कर्म करो जो हमसे कोई छुड़ा भी नहीं सकता और चुरा भी नहीं सकता।कर्म यह ऐसी संपत्ति है जो मरने के बाद भी हमारे साथ रहती है।जब जीव जन्म लेता है तो केवल अपने पूर्वो पार्जित कर्मों के साथ ही जन्म लेता है।*
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*जैनम जयतु शासनम*
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