शुक्रवार, 2 जून 2023

आपसी लड़ाई से

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*आपसी लड़ाई से*
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*🌞🕉️वसुनंदी गुरुवे नमः🕉️🌞*
*🌞✍️सच्चा साथी✍️🌞*
*👨‍👩‍👧‍👦✍️कहानी सभी के काम की*
*💪👩‍🚒 आपसी लड़ाई से ✍️🐒*

*🔔👨‍👩‍👧‍👦↔️ जैन तीर्थंकर प्रभु के पंच कल्याणक महोत्सव की अग्रिम सूचना🔔*
*🔔🪔 आषाढ़ कृष्ण दूज  दिनांक 5 जून सोमवार कलिकाल के प्रथम तीर्थंकर सभी को संस्कार प्रदान करने वाले आदिनाथ  स्वामीजी का गर्भ  कल्याणक महोत्सव है 🛕*
*🔔⏰🎪 जैन तीर्थंकर भगवन्तों के पंच कल्याणक महोत्सव जून माह में आने वाली दिनांक  09 , 13 , 24, 25,   तारीख को है। जून माह में दो तीर्थंकर भगवन्तो के मोक्ष कल्याणक महोत्सव है।यह सभी तिथियां जयपुर पंचांग के अंतर्गत है।विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ते रहे शिक्षाप्रद कहानी।*

👨‍👩‍👦‍👦▶️एक समय की बात है, एक गांव के बाहर पेड़ पर एक बंदर बैठा था। वह इधर उधर देख रहा था। काफी दूर से आने की वजह से उसे भूख भी लग रही थी, और सोच रहा था, कि कुछ खाने को मिल जाए तो अच्छा हो।

तभी उसने देखा दो बिल्लियां आपस में लड़ रही हैं, उसे समझ नहीं आया कि यह दोनों क्यों लड़ रहे हैं। फिर उसने ध्यान लगाकर उनकी बातें सुनी।
एक बिल्ली ने कहा यह रोटी मैं खाऊंगी इसे मैंने चुराया है, तो दूसरी बिल्ली ने कहा यह रोटी मैं खाऊंगी क्योंकि इसे चुराते हुए मुझे मार पड़ी है। दोनों इसी बात पर झगड़ रही थी, कि रोटी कौन खाएगा।

रोटी को देखकर बंदर की भूख और बढ़ गई उसके मुंह में पानी आने लगा। उसने सोचा किसी तरह इन बिल्लियों को बेवकूफ बनाकर रोटी ले लूं तो मेरी भूख शांत हो सकती है। उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था, कि क्या करें।

थोड़ी देर सोचने के बाद उसे एक उपाय सूझा। वह तुरंत पेड़ से नीचे उतर कर बिल्लियों के पास पहुंच गया। बंदर ने कहा तुम दोनों आपस में क्यों लड़ रही हो, ऐसा क्या हो गया। लड़ाई करना अच्छी बात नहीं है।

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मुझे बताओ शायद मैं तुम्हारी समस्या का समाधान कर दूं। बिल्लियों ने बंदर को देखा और कहा तुम यहां से चले जाओ, हमें तुम्हारी कोई जरूरत नहीं, हम आपस में समझ लेंगे।

बंदर बोला यदि तुम आपस में समझ लेती, तो इतनी देर से क्यों बहस कर रही हो, मैं तो तुम लोगों का झगड़ा सुनकर तंग आ गया। ऊपर पेड़ पर आराम से सो रहा था, तुम लोगों ने मुझे जगा दिया, तो मैंने सोचा कि चलकर देखता हूं कि क्या बात है?

एक बिल्ली ने कहा ठीक है, तो तुम ही बताओ कि यह रोटी मैंने चुराई है, तो इसे मैं खाऊंगी ना? दूसरी बिल्ली ने कहा या गलत बोल रही है, यह रोटी मैंने चुराई है, इसे चुराते वक्त मुझे मार भी पड़ी है, तो यह रोटी मेरी है।
बंदर ने कहा ठीक है, तुम लोग अब और झगड़ा मत करो, मेरे पास तुम लोगों की इस समस्या का एक समाधान है यदि तुम लोग तैयार हो तो मैं बताऊं? बिल्लियों ने कहा ठीक है बताओ।

क्यों ना तुम लोग इसे आपस में आधा-आधा बांट लो। बिल्लियों ने कहा यह उपाय तो अच्छा है, क्यों ना तुम ही इसे आधा-आधा बांट दो हम दोनों के बीच।

बंदर ने रोटी के दो हिस्से किए और बिल्लियों को दे दिया। उसने बड़ी चालाकी से रोटी के एक हिस्से को बड़ा तोड़ा और दूसरे को छोटा।

रोटी के टुकड़े को देखकर एक बिल्ली ने कहा यह गलत है, उसका वाला रोटी का टुकड़ा ज्यादा बड़ा है, और मेरा छोटा है।

तभी बंदर ने कहा अच्छा ठीक है ऐसी बात है तो मैं इसे बराबर कर देता हूं। बंदर ने बड़े वाले रोटी के टुकड़े से थोड़ा सा रोटी का टुकड़ा तोड़ा और उसे खा लिया। बोला अब ठीक है ना?
तभी दूसरी बिल्ली ने कहा, यह गलत है, उसका वाला ज्यादा बड़ा है और मेरा अब छोटा हो गया। बंदर ने फिर दूसरी बिल्ली की रोटी से टुकड़ा तोड़ा और उसे खा लिया।

इसी तरह बार-बार रोटी के टुकड़े को बराबर करने के चक्कर में बिल्लियां आपस में लड़ती रही, और बंदर रोटी खाता रहा।

पूरी रोटी खाकर बंदर फिर पेड़ पर चढ़ गया। बिल्लियों ने कहा यह क्या तुमने तो सारी रोटी खा ली? तुम तो इसे हम लोगों में बांटने वाले थे? अब हमारा क्या होगा हमने इतनी मेहनत से इसे चुराया था और तुमने हमें मूर्ख बनाकर सारी रोटी खा ली।

तो बंदर ने कहा तुम लोग मूर्ख हो स्वयं ही इस रोटी को बांट लेती, तो तुम्हारा पेट भर जाता। लेकिन तुम लोग लालच में आकर झगड़ने लगी। इससे मेरा फायदा हो गया, और मुझे बिना मेहनत के रोटी खाने को मिल गई। 

आगे से यह सबक याद रखना, दो लोगों की लड़ाई में हमेशा तीसरे का फायदा होता है मूर्खों की लड़ाई में हमेशा समझदार व्यक्ति का फायदा होता है।

बंदर और दो बिल्लियों की कहानी से सीख ग्रहण करना चाहिए। यह कहानी का नैतिक शिक्षा का सबक यह है कि लालच और स्वार्थ से नुकसान हो सकता है, जबकि साझा करने और एक साथ काम करने से सफलता मिल सकती है।

यह कहानी बताती है कि कैसे बिल्लियों की लड़ाई और एक साथ काम करने में असमर्थता के कारण उन्हें रोटी गंवानी पड़ी, जबकि बंदर की चतुराई और साझा करने की इच्छा के कारण उसे सारी रोटी मिल गई। यह बच्चों को सहयोग, निष्पक्षता और उदारता का महत्व  सिखाता है।

*👨‍👩‍👦‍👦🔔✅🐒💡विशेष :- भव्य आत्माओं, आज हम सभी के दैनिक जीवन में इस प्रकार की छोटी मोटी अनेक समस्याएं आती है। अगर हम उन समस्याओं को बुध्दि विवेक से हल करते है तो जीवन सुखमय हो जाता है। अगर राई का पहाड़ बनाए तो स्वयं का जीवन दुखमय होता है।*

*👨‍👩‍👧‍👦✍️➡️🕉️ प्रति समय प्रसन्न रहते हुए अपने सच्चे कर्तव्यों ( वह कार्य जो हमें 84 लाख योनियों से मुक्त करने में सहयोग प्रदान करें ) का पालन कीजिये।*
*➡️जैसा हमारा कर्म होगा वैसा ही हमें फल प्राप्त होगा।आज वर्तमान में जो भी हम सभी को प्राप्त हो रहा है वह हमारे द्वारा  पूर्वो पार्जीत कर्मो का ही फल है।आप किसी भी जीव के मोक्ष मार्ग में सहयोगी नहीं बन सकते तो विरोधी बनकर पाप का संचय मत करो। ना ही किसी बात चिंता  करो, अच्छे कर्म करो जो हमसे कोई छुड़ा भी नहीं सकता और चुरा भी नहीं सकता।कर्म यह ऐसी संपत्ति है जो मरने के बाद भी हमारे साथ रहती है।जब जीव जन्म लेता है तो केवल अपने पूर्वो पार्जित कर्मों के साथ ही जन्म लेता है।*
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*जैनम जयतु शासनम*
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