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*स्वयं का मूल्यांकन*
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*🌞🕉️वसुनंदी गुरुवे नमः🕉️🌞*
*🌞✍️सच्चा साथी✍️🌞*
*👨👩👧👦✍️कहानी सभी के काम की*
*💪👩🚒 स्वयं का मूल्यांकन ✍️🐒*
*🔔👨👩👧👦↔️ जैन तीर्थंकर प्रभु के पंच कल्याणक महोत्सव की अग्रिम सूचना🔔*
*🕉️1.वैशाख कृष्ण नवमी , शुक्रवार दिनांक 14 अप्रैल 2023 को 20 वें तीर्थंकर सभी के सभी विघ्नों के निवारणकर्ता मुनिसुव्रतनाथ भगवानजी का केवलज्ञान कल्याणक महोत्सव है। हम सभी शक्ति अनुसार दर्शन पूजन अभिषेक शांतिधारा करके अपने पुण्य को गाढ़ा करें।*
*🔔⏰🎪 जैन तीर्थंकर भगवन्तों के पंच कल्याणक महोत्सव अप्रैल माह में आने वाली 14, 15, 19, 21, 26, 28, 29 तारीख को है। अप्रैल माह में चार तीर्थंकर भगवन्तो के मोक्ष कल्याणक महोत्सव है।यह सभी तिथियां जयपुर पंचांग के अंतर्गत है।विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ते रहे शिक्षाप्रद कहानी।*
✍️एक कौवा एक वन में रहा करता था,उसे कोई कष्ट नहीं था और वह अपने जीवन से पूरी तरह संतुष्ट था!
एक दिन उड़ते हुए वह एक सरोवर के किनारे पहुँचा,वहाँ उसने एक उजले सफेद हंस को तैरते हुए देखा।
उसे देखकर वह सोचने लगा – “यह हंस कितना सौभाग्यशाली है, जो इतना सफेद और सुंदर है। इधर मुझे देखो, मैं कितना काला और बदसूरत हूं।ये हंस अवश्य इस दुनिया का सबसे खुश पक्षी होगा.”
वह हंस के पास गया और अपने मन की बात उसे बता दी।
सुनकर हंस बोला, “नहीं मित्र! वास्तव में ऐसा नहीं है।
पहले मैं भी सोचा करता था कि मैं इस दुनिया का सबसे सुंदर पक्षी हूं। इसलिए बहुत सुखी और खुश था।लेकिन एक दिन मैंने तोते को देखा, जिसके पास दो रंगों की अनोखी छटा है, उसके बाद से मुझे यकीन है कि वही दुनिया का सबसे सुंदर और खुश पक्षी है।”
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हंस की बात सुनने के बाद कौवा तोते के पास गया और उससे पूछा कि क्या वह दुनिया का सबसे खुश पक्षी है,तोते ने उत्तर दिया, “मैं बहुत ही खुशगवार जीवन व्यतीत कर रहा था, जब तक मैंने मोर को नहीं देखा था,किंतु अब मुझे लगता है कि मोर से सुंदर तो कोई हो ही नहीं सकता।
इसलिये वही दुनिया का सबसे सुखी और खुश पक्षी है।
इसके बाद कौवा मोर की खोज में निकला उड़ते-उड़ते वह एक चिड़ियाघर पहुंचा, वहां उसने देखा कि मोर एक पिंजरे में बंद है और उसे देखने के लिए बहुत सारे लोग जमा हैं।
सभी मोर की बहुत सराहना कर रहे थे, सबके जाने के बाद कौवा मोर के पास गया और उससे बोला, “तुम कितने सौभाग्यशाली हो, जो तुम्हारी सुंदरता के कारण हर रोज हजारों लोग तुम्हें देखने आते है, मुझे तो लोग अपने आस-पास भी फटकने नहीं देते और देखते ही भगा देते है,तुम इस दुनिया के सबसे खुश पक्षी हो ना?”
कौवे की बात सुनकर मोर उदास हो गया।
वह बोला, “मित्र! मुझे भी अपनी सुंदरता पर बड़ा गुमान था।मैं सोचा करता था कि मैं इस दुनिया का क्या, बल्कि इस पूरे ब्रम्हाण्ड का सबसे सुंदर पक्षी हूं। इसलिए खुश भी बहुत था। लेकिन मेरी यही सुंदरता मेरी शत्रु बन गई है और मैं इस चिड़ियाघर में बंद हूं। यहाँ आने के बाद इस पूरे चिड़ियाघर का अच्छी तरह मुआयना करने के बाद मैं इस नतीजे पर पहुंचा हूं कि कौवा ही एक ऐसा पक्षी है, जो यहां कैद नहीं है।
इसलिए पिछले कुछ दिनों से मैं सोचने लगा हूं कि काश मैं कौवा होता, तो कम से कम आज़ादी से बाहर घूम सकता और तब मैं इस दुनिया का सबसे सुखी और खुश पक्षी होता”
हम हमेशा दूसरों को देखकर व्यर्थ ही स्वयं की तुलना उनसे करने लगते है और दु:खी हो जाते है,भगवान ने सबको अलग बनाया है और अलग गुण दिए हैं,हम उसका महत्व नहीं समझते और दु:ख के चक्र में फंस जाते हैं, इसलिए दूसरों के पास जो है, उसे देखकर जलने की बजाय हमें हमारे पास जो है, उसके साथ खुश रहकर अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए।
*खुशी बाहर ढूंढने से नहीं मिलती, वह तो हमारे अंदर ही छिपी हुई होती है।*
*⏰👪⛳🐥✍️विशेष:-भव्य आत्माओं, हमारे पिछले कर्मों के अनुसार वर्तमान में हम सभी जीवों का जन्म यथास्थान हुआ है। अगर हम अपने कर्तव्यों का नियमित पालन करते है तो नियम से हमारी सद्गति होगी। अन्यथा वर्तमान में जितना दुःख मिल रहा है इससे भी अत्याधिक दुःख हमें आने वाले भव में प्राप्त होगा। यही सृष्टि का अटूट नियम है।*
*👨👩👧👦✍️➡️🕉️ हमेशा प्रसन्न रहते हुए अपने सच्चे कर्तव्यों ( वह कार्य जो हमें 84 लाख योनियों से मुक्त करने में सहयोग प्रदान करें ) का पालन कीजिए।*
*➡️जैसा हमारा कर्म होगा वैसा ही हमें फल प्राप्त होगा।आज वर्तमान में जो भी हम सभी को प्राप्त हो रहा है वह हमारे द्वारा पूर्वो पार्जीत कर्मो का ही फल है।आप किसी भी जीव के मोक्ष मार्ग में सहयोगी नहीं बन सकते तो विरोधी बनकर पाप का संचय मत करो। ना ही किसी बात चिंता करो, अच्छे कर्म करो जो हमसे कोई छुड़ा भी नहीं सकता और चुरा भी नहीं सकता।कर्म यह ऐसी संपत्ति है जो मरने के बाद भी हमारे साथ रहती है।जब जीव जन्म लेता है तो केवल अपने पूर्वो पार्जित कर्मों के साथ ही जन्म लेता है।*
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*जैनम जयतु शासनम*
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