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*दयालु कौन*
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*🌞🕉️वसुनंदी गुरुवे नमः🕉️🌞*
*🌞✍️सच्चा साथी✍️🌞*
*👨👩👧👦✍️कहानी सभी के काम की*
*💪👩🚒दयालु कौन ✍️🐒*
*🔔👨👩👧👦↔️ जैन तीर्थंकर प्रभु के पंच कल्याणक महोत्सव की अग्रिम सूचना🔔*
*🕉️1.चैत्र शुक्ल ग्यारस , शनिवार दिनांक 1अप्रैल 2023 को पांचवें तीर्थंकर सभी को सुमति प्रदाता सुमतिनाथ भगवान जी का मोक्ष कल्याणक महोत्सव है। मोक्ष कल्याणक महोत्सव शिखरजी में अविचल कूट पर हुआ था | आज के ही दिन संध्या के समय मघा नक्षत्र में मोक्ष पद को प्राप्त किया था | इस कूट से 1 कोड़ा कोड़ी 84 करोड़ 72 लाख 81 हजार 781 मुनि सिद्ध हुए |हम सभी शक्ति अनुसार दर्शन पूजन अभिषेक शांतिधारा करके अपने पुण्य को गाढ़ा करें।*
*🕉️2.चैत्र शुक्ल ग्यारस , सोमवार दिनांक 03 अप्रैल 2023 को अंतिम तीर्थंकर सभी को वीरता प्रदाता वर्धमान स्वामी इस कलिकाल के शासन नायक का जन्म कल्याणक महोत्सव है। हम सभी शक्ति अनुसार दर्शन पूजन अभिषेक शांतिधारा करके अपने पुण्य को गाढ़ा करें।*
*🔔⏰🎪 जैन तीर्थंकर भगवन्तों के पंच कल्याणक महोत्सव अप्रैल माह में आने वाली 03,06, 08, 14, 15,19,21,26,28,29 तारीख को है। अप्रैल माह में चार तीर्थंकर भगवन्तो के मोक्ष कल्याणक महोत्सव है।यह सभी तिथियां जयपुर पंचांग के अंतर्गत है।विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ते रहे शिक्षाप्रद कहानी।*
एक शहर के बस स्टैण्ड में तीन दयालु व्यक्ति, और एक कहीं से भी दयालु नहीं लगने वाला एक व्यक्ति बैठा था । वो सभी बातें कर ही रहे थे कि इतने में एक बुढ़िया अपने दोनों बेटों के विक्षिप्त होने के कारण दाने-दाने को मोहताज़ होने की जानकारी देते हुए रोने लगी ।
इस पर पहले दयालु ने कहा-‘‘तुम लोग भूखे मर रहे हो इसका यह अर्थ हेै कि, राज्य नीति-निर्देशक तत्वों का पालन नहीं कर रहा है, मैं इस बात को विधानसभा और लोकसभा तक ले जाऊंगा ।’’
दूसरे दयालु ने कहा-‘‘ये तुम्हारे गांव वालों के लिये शर्म की बात है कि उनके होते हुए एक परिवार भूख से मर रहा है ।’’
तीसरे दयालु ने कहा-‘‘माई अब रोना-धोना बंद करो । मैं बड़ा ही भावुक आदमी हूं। तुम्हें रोता देखकर मुझे भी रोना आ रहा है ।’’
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*🕉️🌞✍️पुण्य वृद्धि के इच्छुक पुण्यात्माओं से निवेदन है कि इस पोस्ट को परिवार, मित्रों और अन्य परिचितों तक इस पोस्ट को भेजकर स्वयं के व उनके पुण्य मे भी वृद्धि करें। धर्मात्मा बंधु पापों को पुण्य मे बदलना चाहते है तो आज ही संस्था से जुड़कर अपना मोक्ष मार्ग को सुरक्षित करें ।जो स्वयं के पुण्य को शीघ्रातिशीघ्र वृद्धिगत करना चाहते है वे सभी अपनी चंचला लक्ष्मी का सदुपयोग संस्था के माध्यम से कर सकते है ।✍️*
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चौथा व्यक्ति निस्पृह भाव से उनकी बातें सुनता रहा,और फिर उठकर वहां से चला गया ।
इस पर एक दयालु ने कहा-देखो तो लोग दो शब्द सांत्वना के भी नहीं बोल सकते। कुछ देर बाद वह चौथा व्यक्ति एक थैले में दस क़िलो चावल व अन्य सामग्री लेकर आया, और बड़ी ही खामोशी से उसने उस बुढिया को थैला सौंप दिया।
अचानक तीनों दयालुओं का हाथ अपने-अपने गालों तक पहुंच गया । उन्हें ऐसा लगा, जैसे किसी ने उन्हें झन्नाटेदार थप्पड़ रसीद कर दिया हो ।
*🐒👨👩👦👦▶️💯✅विशेष :- भव्य आत्माओं, आज वर्तमान में प्रत्येक व्यक्ति दिखावे के लिए पुण्य कार्य करना चाहता है।इस कारण से वह पुण्य की जगह पाप का ही बंध करता है। हमें अपने ज्ञान से बुद्धि पूर्वक यथाशक्ति सभी असहाय जीवों की सहायता करना चाहिए।*
*👨👩👧👦✍️➡️🕉️ हमेशा प्रसन्न रहते हुए अपने सच्चे कर्तव्यों ( वह कार्य जो हमें 84 लाख योनियों से मुक्त करने में सहयोग प्रदान करें ) का पालन कीजिए।*
*➡️जैसा हमारा कर्म होगा वैसा ही हमें फल प्राप्त होगा।आज वर्तमान में जो भी हम सभी को प्राप्त हो रहा है वह हमारे द्वारा पूर्वो पार्जीत कर्मो का ही फल है।आप किसी भी जीव के मोक्ष मार्ग में सहयोगी नहीं बन सकते तो विरोधी बनकर पाप का संचय मत करो। ना ही किसी बात चिंता करो, अच्छे कर्म करो जो हमसे कोई छुड़ा भी नहीं सकता और चुरा भी नहीं सकता।कर्म यह ऐसी संपत्ति है जो मरने के बाद भी हमारे साथ रहती है।जब जीव जन्म लेता है तो केवल अपने पूर्वो पार्जित कर्मों के साथ ही जन्म लेता है।*
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*जैनम जयतु शासनम*
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