गुरुवार, 2 मार्च 2023

समस्या का हल

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*🌞🕉️वसुनंदी गुरुवे नमः🕉️🌞*
*🌞✍️सच्चा साथी✍️🌞*
*👨‍👩‍👧‍👦✍️कहानी सभी के काम की*
*💪👩‍🚒समस्या का हल✍️🐒*

एक राजा ने बहुत ही सुंदर महल बनावाया और महल के मुख्य द्वार पर एक गणित_का_सूत्र लिखवाया और घोषणा की कि इस सूत्र को सिद्ध करने से यह द्वार खुल जाएगा और जो भी इस सूत्र को हल कर के द्वार खोलेगा - मैं उसे अपना उत्तराधिकारी घोषित कर दूंगा !

राज्य के बड़े बड़े गणितज्ञ आये और सूत्र देखकर लौट गए -किसी को कुछ समझ नहीं आया !

आख़री दिन आ चुका था उस दिन 3 लोग आये और कहने लगे हम इस सूत्र को हल कर देंगे ।

उसमें 2 तो दूसरे राज्य के बड़े गणितज्ञ अपने साथ बहुत से पुराने गणित के सूत्रो की पुस्तकों सहित आये लेकिन अपनी पुस्तकों से ही माथापच्ची करने में उलझे रहे और फिर चले गये ।

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लेकिन अंतिम तीसरा व्यक्ति जो एक सामान्य नागरिक की तरह सीधा सादा नजर आ रहा था - कुछ भी साथ नहीं लाया था !
 
उसने कहा मैं द्वार के सामने बैठ कर कुछ समय व्यतीत करूँगा ।

उस सामान्य दिखने वाले व्यक्ति ने आंखें बंद कर दिमाग को स्थिर कर शांतचित्त हो कर अपना कॉमनसेंस लगाया कि भला ऐसी कौन से टेक्निक हो सकती है जो इस तरह का यंत्र बना दे जो कोई प्रश्न का उत्तर देने से दरवाजे को खोल दे ? 
कहीं ये लोगों की मूर्खता को सिद्ध करने हेतु आयोजन तो नहीं है ?

उसने स्वयं के अंतर्मन से कॉमनसेंस के 7 मौलिक प्रश्न किये ; क्या ? क्यों ? कैसे ? कौन ? किसे ? कहाँ ? कब ?

उसके अंतर्मन ने उत्तर दे दिया और वो धीरे से आँखें खोल कर मंद मुस्कान से उठा और महल के दरवाजे को हल्का सा धक्का दिया तो वो खुल गया ।

राजा ने उस व्यक्ति से पूछा : आप ने ऐसा कैसे किया ? 

उस सामान्य से दिखने वाले व्यक्ति ने कहा कि जब वह शांतचित्त हो कर ध्यान में बैठा और अपने अंतर्मन से ही प्रश्न करके इस समस्या का समाधान पूछा तो अंतर्मन से उत्तर आया कि पहले ये जाँच तो कर ले कि सूत्र है भी या नहीं - इसके बाद इसे हल करने की सोचना - और मैंने वही किया ! 

*🌞✅🔔⏰🐎विशेष:-भव्य‌‌‌ आत्माओं,कई बार जिंदगी में कोई समस्या होती ही नहीं लेकिन हम उस पर शांतचित्त से चिंतन करने के स्थान पर दूसरों के द्वारा हमारे ऊपर थोपे गए दुराग्रहपूर्ण विचारो में उलझा कर उसे बड़ा बना लेते है और चिंतामग्न रहते हैं । अतः हमें जीवन में कोई भी समस्या हो सभी प्रकार से सोच विचार कर समस्याओं का हल निकालना चाहिए।*

*👨‍👩‍👧‍👦✍️➡️🕉️सदैव प्रसन्न रहते हुए अपने सच्चे कर्तव्यों ( वह कार्य जो हमें 84 लाख योनियों से मुक्त करने में सहयोग प्रदान करें ) का पालन कीजिये।*
*➡️जैसा हमारा कर्म होगा वैसा ही हमें फल प्राप्त होगा।आज वर्तमान में जो भी हम सभी को प्राप्त हो रहा है वह हमारे द्वारा  पूर्वो पार्जीत कर्मो का ही फल है।आप किसी भी जीव के मोक्ष मार्ग में सहयोगी नहीं बन सकते तो विरोधी बनकर पाप का संचय मत करो। ना ही किसी बात चिंता  करो, अच्छे कर्म करो जो हमसे कोई छुड़ा भी नहीं सकता और चुरा भी नहीं सकता।कर्म यह ऐसी संपत्ति है जो मरने के बाद भी हमारे साथ रहती है।जब जीव जन्म लेता है तो केवल अपने पूर्वो पार्जित कर्मों के साथ ही जन्म लेता है।*
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*जैनम जयतु शासनम*
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