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*🌞🕉️वसुनंदी गुरुवे नमः🕉️🌞*
*🌞✍️सच्चा साथी✍️🌞*
*👨👩👧👦✍️कहानी बड़े काम की*
*💪👩🚒मेरा बेटा💐💐*
*🔔पंचकल्याणक की शुभ सूचना🔔*
*1.🤗वैशाख शुक्ल अष्टमी को 15 वे तीर्थंकर 1008 श्री धर्मनाथजी भगवान का गर्भ कल्याणक महोत्सव आज 9 मई 2022 सोमवार को है ।*
*🔔पंचकल्याणक की अग्रिम सूचना🔔*
*2.🤗वैशाख शुक्ल नवमी को 5 वे तीर्थंकर 1008 श्री सुमतिनाथजी भगवान का तप कल्याणक महोत्सव कल 10 मई 2022 मंगलवार को है ।*
😇🔔▶️👨👩👧👦 *आपसभी इस शुभ महोत्सव का सपरिवार इष्टमित्रों सहित धर्मलाभ उठायें ।*
*🔔🫠एक व्यक्ति आफिस में देर रात तक काम करने के बाद थका -हारा घर पहुंचा . दरवाजा खोलते ही उसने देखा कि उसका पांच वर्षीय बेटा सोने की बजाये उसका इंतज़ार कर रहा है ।*
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*🕉️🌞✍️पुण्यवृद्धि के इच्छुक पुण्यात्माओं से निवेदन है कि इस पोस्ट को परिवार, मित्रों और अन्य परिचितों तक इस पोस्ट को पहुचाकर उनके पुण्य मे भी वृद्धि करें। धर्मात्माबंधु पापों को पुण्य मे बदलना चाहते है तो संस्था को दान करें।जो पुण्य को बढ़ाना चाहते है वे भी संस्था को दान करें।✍️*
*✍️➡️👨👩👧👦अगर कोई भी पुण्यात्मा श्रावक इस प्रकार की पोस्ट को व्हाट्सएप पर प्राप्त करना चाहते है तो श्री शांति सागर समाधि साधना सेवा केंद्र जयपुर रजिस्टर संस्था के 📲 9461956111 नंबर पर व्हाट्सएप पर कहानियां + शुभनाम+ 【गांव शहर】निवासस्थान लिखकर व्हाट्सएप करें,काल ना करें।*
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अन्दर घुसते ही बेटे ने पूछा —“ पापा , क्या मैं आपसे एक प्रश्न पूछ सकता हूँ ?”
“ हाँ -हाँ पूछो , क्या पूछना है ?” पिता ने कहा ।
बेटा – “ पापा , आप एक घंटे में कितना कमा लेते हैं ?”
“ इससे तुम्हारा क्या लेना देना …तुम ऐसे बेकार के सवाल क्यों कर रहे हो ?” पिता ने झुंझलाते हुए उत्तर दिया ।
बेटा – “ मैं बस यूँही जानना चाहता हूँ . कृपया आप बताइए कि आप एक घंटे में कितना कमाते हैं ?”
पिता ने गुस्से से उसकी तरफ देखते हुए कहा , “ 100 रुपये ।”
“अच्छा ”, बेटे ने मासूमियत से सर झुकाते हुए कहा -, “ पापा क्या आप मुझे 50 रूपये कुछ समय के लिए दे सकते हैं ?”
इतना सुनते ही वह व्यक्ति आग बबूला हो उठा , “ तो तुम इसीलिए ये फ़ालतू का सवाल कर रहे थे ताकि मुझसे पैसे लेकर तुम कोई बेकार का खिलौना या उटपटांग चीज खरीद सको ….चुप –चाप अपने कमरे में जाओ और सो जाओ ….सोचो तुम कितने सेल्फिश हो …मैं दिन रात मेहनत करके पैसे कमाता हूँ और तुम उसे बेकार की चीजों में खर्च करना चाहते हो। ”
यह सुन बेटे की आँखों में आंसू आ गए …और वह अपने कमरे में चला गया ।
व्यक्ति अभी भी गुस्से में था और सोच रहा था कि आखिर उसके बेटे कि ऐसा करने कि हिम्मत कैसे हुई ……पर एक -आध घंटा बीतने के बाद वह थोडा शांत हुआ , और सोचने लगा कि हो सकता है कि उसके बेटे ने सच -में किसी ज़रूरी काम के लिए पैसे मांगे हों , क्योंकि आज से पहले उसने कभी इस तरह से पैसे नहीं मांगे थे ।
फिर वह उठ कर बेटे के कमरे में गया और बोला , “ क्या तुम सो रहे हो ?”, “नहीं ” जवाब आया ।
“ मैं सोच रहा था कि शायद मैंने बेकार में ही तुम्हे डांट दिया , दरअसल दिन भर के काम से मैं बहुत थक गया था .” व्यक्ति ने कहा ।
“मैं क्षमा चाहता हूं….ये लो अपने पचास रूपये .” ऐसा कहते हुए उसने अपने बेटे के हाथ में पचास की नोट रख दी ।
"धन्यवाद पापा ” बेटा ख़ुशी से पैसे लेते हुए कहा , और फिर वह तेजी से उठकर अपनी अलमारी की तरफ गया , वहां से उसने ढेर सारे सिक्के निकाले और धीरे -धीरे उन्हें गिनने लगा ।
यह देख व्यक्ति फिर से क्रोधित होने लगा , “ जब तुम्हारे पास पहले से ही पैसे थे तो तुमने मुझसे और पैसे क्यों मांगे ?”
“ क्योंकि मेरे पास पैसे कम थे , पर अब पूरे हैं ” बेटे ने कहा ।
“ पापा अब मेरे पास 100 रूपये हैं . क्या मैं आपका एक घंटा खरीद सकता हूँ ? कृपया आप ये पैसे ले लोजिये और कल घर जल्दी आ जाइये , मैं आपके साथ कुछ समय बैठकर बहुत कुछ जानना चाहता हूँ ।”
*🔔👑↔️महान आत्माओं , इस तेज रफ़्तार जीवन में हम कई बार खुद को इतना व्यस्त कर लेते हैं कि उन लोगो के लिए ही समय नहीं निकाल पाते जो हमारे जीवन में सबसे ज्यादा महत्व रखते हैं। इसलिए हमें ध्यान रखना होगा कि इस आपा-धापी में भी हम अपने धर्म, माँ-बाप,भाई-बहन, जीवन साथी, बच्चों और अभिन्न मित्रों के लिए आवश्यक समय निकालें, वरना एक दिन हमें भी अहसास होगा कि हमने छोटी-मोटी चीजें पाने के लिए कुछ बहुत कुछ खो दिया।*
*👨👩👧👦✍️➡️🕉️सदैव प्रसन्न रहते हुए अपने सच्चे कर्तव्यों ( वह कार्य जो हमें 84 लाख योनियों से मुक्त करने में सहयोग प्रदान करें )का पालन किजिये।*
*जैसा हमारा कर्म होगा वैसा ही हमें फल प्राप्त होगा।आज वर्तमान में जो भी हमसभी को प्राप्त हो रहा है वह हमारे द्वारा किये गए कर्मो का ही फल है।आप किसी भी जीव के सहयोगी नहीं बन सकते तो विरोधी बनकर पाप का संचय मत करो। ना ही किसी बात चिंता करो, अच्छे कर्म करो जो हमसे कोई छुड़ा भी नहीं सकता और चुरा भी नहीं सकता।कर्म यह ऐसी संपत्ति है जो मरने के बाद भी हमारे साथ रहती है।जब जीव जन्म लेता है तो केवल अपने किये हुए कर्मों के साथ ही जन्म लेता है।*
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*जैनम् जयतु शासनम्*
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