शुक्रवार, 13 मई 2022

सच्चा धर्म

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*🌞🕉️वसुनंदी गुरुवे नमः🕉️🌞*
*🌞✍️सच्चा साथी✍️🌞*
*👨‍👩‍👧‍👦✍️कहानी बड़े काम की*
*💪👩‍🚒सच्चेधर्म का सहारा🎪🤗*

*🙏जिसे सच्चेधर्म का सहारा,उसे किसने मारा🙏*

*एक राजा था,उसके कोई पुत्र नहीं था।राजा बहुत दिनों से पुत्र की प्राप्ति के लिए आशा लगाए बैठा था, लेकिन पुत्र की प्राप्ति नहीं हुई,उसके सलाहकारों ने ,तांत्रिकों से सहयोग लेने को कहा।*
*तांत्रिकों की तरफ से राजा को सुझाव मिला ,कि, यदि किसी बच्चे की बलि दे दी जाए, तो राजा को पुत्र की प्राप्ति हो जायेगी।*

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*राजा ने राज्य में ढिंढोरा पिटवाया ,कि जो अपना बच्चा बलि चढांने के लिये राजा को देगा,उसे राजा की तरफ से, बहुत सारा धन दिया जाएगा।*

*एक परिवार में कई बच्चे थे,गरीबी भी बहुत थी।एक ऐसा बच्चा भी था,जो सच्चेधर्म  पर आस्था रखता था तथा सन्तों के सत्संग में ,अधिक समय देता था।*

*राजा की मुनादी सुनकर ,परिवार को लगा, कि,क्यों ना इसे राजा को दे दिया जाए ? क्योंकि ये निकम्मा है, कुछ काम -धाम भी नहीं करता है और हमारे किसी काम का भी नहीं है।*

*और इसे देने पर, राजा प्रसन्न होकर, हमें बहुत सारा धन देगा।*
*ऐसा ही किया गया,बच्चा राजा को दे दिया गया।*

*राजा ने बच्चे के बदले ,उसके परिवार को काफी धन दिया। राजा के तांत्रिकों द्वारा बच्चे की बलि देने की तैयारी हो गई।*

*राजा को भी बुला लिया गया,बच्चे से पूछा गया कि, तुम्हारी आखिरी इच्छा क्या है ? ये बात राजा ने भी बच्चे से पूछी एवं तांत्रिकों  ने भी बच्चे से पूछी।*

*बच्चे ने कहा कि, मेरे लिए किसान के खेत की मिट्टी मँगा दी जाए, राजा ने कहा, बच्चे की इच्छा पूरी की जाये ।अतः किसान के खेत की मिट्टी  मंगाई गई।*

*बच्चे ने मिट्टी  से चार ढेरी बनाई, उस मिट्टी को प्रणाम कर मन ही मन कहाँ  हे मां  आप इस जगत की पालनहार हो।आप सभी के साथ न्याय करें। इतना बोलकर  एक-एक करके बच्चे ने ,तीन मिट्टी  के ढेरों को तोड़ दिया और चौथे के सामने हाथ जोड़कर बैठ गया। और उसने राजा से कहा कि ,अब जो करना है , आप लोग करें।*

*यह सब देखकर तांत्रिक डर गए ,और उन्होंने बच्चे से पूछा ,पहले तुम यह बताओ ,कि ये तुमने क्या किया है?*

 *राजा ने भी यही बात बच्चे से पूछी । तो बच्चे ने कहा कि ,पहली ढेरी मेरे माता-पिता की थी,मेरी रक्षा करना उनका कर्त्तव्य था ।परंतु उन्होंने अपने कर्त्तव्य का पालन न करके, पैसे के लिए मुझे बेच दिया ,इसलिए मैंने ये ढेरी तोड़ी दी।*

*दूसरी  ढ़ेरी , मेरे सगे-सम्बन्धियों की थी, परंतु उन्होंने भी मेरे माता-पिता को नहीं समझाया।अतः मैंने दूसरी ढ़ेरी को भी तोड़ दिया।*

 *और तीसरी ढ़ेरी ,हे  राजन आपकी थी। राजन,क्योंकि राज्य की प्रजा की रक्षा करना, राजा का ही धर्म होता है ,परन्तु जब राजा ही ,मेरी बलि देना चाह रहा है, तो ,ये ढेरी भी मैंने तोड़ दी।*

*और चौथी ढ़ेरी,हे राजन, मेरे सच्चेधर्म की है।अब सिर्फ और सिर्फ ,अपने  सच्चेधर्म पर ही मुझे भरोसा है। इसलिए यह एक ढेरी मैंने छोड़ दी है।*

*बच्चे का उत्तर सुनकर, राजा अंदर तक हिल गया। उसने सोचा ,कि पता नहीं बच्चे की बलि देने के पश्चात भी, पुत्र की प्राप्ति  होगी भी या नहीं  होगी। इसलिये क्यों न इस बच्चे को ही अपना पुत्र बना लिया जाये?*

*इतना समझदार और सच्चेधर्म पर विश्वास रखने वाला बच्चा है ।इससे अच्छा बच्चा और कहाँ मिलेगा ?*

*काफी सोच विचार के बाद ,राजा ने उस बच्चे को विधी-विधान पूर्वक गोद लेकर अपना पुत्र बना लिया और राजकुमार घोषित कर दिया।*

*जो व्यक्ति  सच्चेधर्म पर विश्वास रखते हैं,उनका कोई बाल भी बाँका नहीं कर सकता, यह एक अटल सत्य है।*

*जो मनुष्य हर मुश्किल में, केवल और केवल, सच्चेधर्म  का ही आसरा रखते हैं,उनका कहीं से भी ,किसी भी प्रकार का ,कोई अहित नहीं हो सकता।उनकी सेवा में देवी-देवता भी तत्पर रहते है।*

*संसार में सभी रिश्ते झूठे हैं। केवल और केवल, एक सच्चेधर्म का सहारा ही सत्य है।*

*👨‍👩‍👧‍👦✍️➡️🕉️सदैव प्रसन्न रहते हुए अपने सच्चे कर्तव्यों ( वह कार्य जो हमें 84 लाख योनियों से मुक्त करने में सहयोग प्रदान करें )का पालन किजिये।*
*जैसा हमारा कर्म होगा वैसा ही हमें फल प्राप्त होगा।आज वर्तमान में जो भी हमसभी को प्राप्त हो रहा है वह हमारे द्वारा किये गए कर्मो का ही फल है।आप किसी भी जीव के सहयोगी नहीं बन सकते तो विरोधी बनकर पाप का संचय मत करो। ना ही किसी बात चिंता  करो, अच्छे कर्म करो जो हमसे कोई छुड़ा भी नहीं सकता और चुरा भी नहीं सकता।कर्म यह
ऐसी संपत्ति है जो मरने के बाद भी हमारे साथ रहती है।जब जीव जन्म लेता है तो केवल अपने किये हुए कर्मों के साथ ही जन्म लेता है।*
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*जैनम् जयतु शासनम्*
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