शनिवार, 14 मई 2022

भगवान की भक्ति

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*🌞🕉️वसुनंदी गुरुवे नमः🕉️🌞*
*🌞✍️सच्चा साथी✍️🌞*
*👨‍👩‍👧‍👦✍️कहानी बड़े काम की*
*💪👩‍🚒भगवान की भक्ति🎪🤝*

एक बुजुर्ग नदी के किनारे पर जा रहे थे। एक जगह देखा कि नदी  की सतह से एक कछुआ निकला और पानी के किनारे पर आ गया। 
*👨‍👩‍👧‍👦🤝👩‍🦰नोट:-महानुभावों आपने इस प्रकार की कहानियां हजारों बार पढ़ ली होगी।फिर भी इस प्रकार की कहानियां आपको बार बार भेजी जा रही है।इसका कारण यह है कि जिन महानुभावों ने कहानियां पढकर अपना आचरण सुधार लिया वे तो धन्य है।जिन महानुभावों ने कहानियां पढकर अपना आचरण नहीं सुधारा कोई बात नहीं, आपके आत्मा पर कहानियों से कुछ धर्म के संस्कार तो पढगये जब वे उदय मे आयेंगे तो नियम से शुभफल की प्राप्ति होगी।हाँ जितना हमारा समीचीन पुरषार्थ होगा उतना ही लाभदायक शुभफल हमें प्राप्त होगा।अतः आप अपने किमती समय का सदुपयोग करते हुए स्वयं की आत्मा पर अच्छे संस्कार डालकर यह मनुष्य भव सफल करें।हाँ आप हमें अपने विचार अवश्य ही भेजे।*

उसी किनारे से एक बड़े ही जहरीले बिच्छु ने  नदी  के अन्दर छलांग लगाई और कछुए की पीठ पर सवार हो गया। कछुए ने तैरना शुरू कर दिया। वह बुजुर्ग बड़े हैरान हुए। उन्होंने उस कछुए का पीछा करने की ठान ली। इसलिए  नदी में तैर कर उस कछुए का पीछा किया। वह कछुआ  नदी के दूसरे किनारे पर जाकर रूक गया और बिच्छू उस की पीठ से छलांग लगाकर दूसरे किनारे पर उतर गया और आगे चलना शुरू कर दिया। वह बुजुर्ग भी उसके पीछे चलते रहे। आगे जाकर देखा कि जिस तरफ बिच्छू जा रहा था। उसके रास्ते में एक  भगवान का भक्त बड़े ध्यान में आँखे बन्द कर  भगवान की याद में लगा हुआ था। 

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उस बुजुर्ग ने सोचा कि अगर यह बिच्छू उस नौजवान को काटना चाहेगा, तो मैं करीब पहुंचने से पहले ही उसे अपनी लाठी से मार डालूंगा। लेकिन वह चंद कदम आगे बढे ही थे कि उन्होंने देखा दूसरी तरफ से एक काला जहरीला साँप तेजी से उस नौजवान को डसने के लिए आगे बढ़ रहा था। इतने में बिच्छू भी वहां पहुंच गया। उस बिच्छू ने ऐन उसी समय सांप को डंक मार कर उसे बेसुध कर दिया। जिस की वजह से बिच्छू का जहर सांप के शरीर में दाखिल हो गया। और वह सांप वहीं अचेत हो कर गिर पड़ा। इस के बाद वह बिच्छू अपने रास्ते पर वापस चला गया।
थोड़ी देर बाद जब  भगवान का भक्त उठा, तब उस बुजुर्ग ने उसे बताया कि  भगवान ने तेरी मदद के लिए कैसे उस कछुवे को दरिया के किनारे लाया,और कैसे उस बिच्छु को कछुए की पीठ पर बैठा कर साँप से आपकी रक्षा के लिए भेजा। वह  भगवान का भक्त उस अचेत पड़े सांप को देखकर हैरान रह गया। उसकी आंखों से आंसू निकल आए। और वह आँखें बन्द कर अपने  भगवान को याद कर धन्यवाद अदा करने लगा। तभी  भगवान के सेवक ने उस भक्त से कहा- जब वो बुजुर्ग जो तुम्हे जानता तक नही था। वो तेरी जान बचाने के लिए लाठी उठा सकता है। और फिर तू तो मेरे भगवान के ध्यान  में लगा हुआ था। तो फिर तुझे बचाने के लिये मेरी लाठी तो हमेशा से ही तैयार रहती है। अतः हमें किसी भी परिस्थिति में किसी भी कठिनाई में किसी भी समय प्रभु पर भरोसा रखना चाहिए। मारने वाला कोई भी हो अगर हमारे अंदर भगवान की भक्ति है तो बचाने वालें है भगवान के सेवक।
*👨‍👩‍👧‍👦✍️➡️🕉️सदैव प्रसन्न रहते हुए अपने सच्चे कर्तव्यों ( वह कार्य जो हमें 84 लाख योनियों से मुक्त करने में सहयोग प्रदान करें )का पालन किजिये।*
*जैसा हमारा कर्म होगा वैसा ही हमें फल प्राप्त होगा।आज वर्तमान में जो भी हमसभी को प्राप्त हो रहा है वह हमारे द्वारा किये गए कर्मो का ही फल है।आप किसी भी जीव के सहयोगी नहीं बन सकते तो विरोधी बनकर पाप का संचय मत करो। ना ही किसी बात चिंता  करो, अच्छे कर्म करो जो हमसे कोई छुड़ा भी नहीं सकता और चुरा भी नहीं सकता।कर्म यह ऐसी संपत्ति है जो मरने के बाद भी हमारे साथ रहती है।जब जीव जन्म लेता है तो केवल अपने किये हुए कर्मों के साथ ही जन्म लेता है।*
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*जैनम् जयतु शासनम्*
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