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*🌞🕉️वसुनंदी गुरुवे नमः🕉️🌞*
*🌞✍️सच्चा साथी✍️🌞*
*👨👩👧👦✍️कहानी बड़े काम की*
*💪👩🚒संस्कारवान परिवार💐💐*
सात वर्षीय बेटी दूसरी कक्षा में प्रवेश पा गयी.....
क्लास में हमेशा से अव्वल आती रही है पिछले दिनों तनख्वाह मिली तो मैं उसे नयी स्कूल ड्रेस और जूते दिलवाने के लिए बाज़ार ले गया....
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बेटी ने जूते लेने से ये कह कर मना कर दिया की पुराने जूतों को बस थोड़ी-सी मरम्मत की जरुरत है वो अभी इस साल काम दे सकते हैं.....
अपने जूतों की बजाए उसने मुझे अपने दादा की कमजोर हो चुकी नज़र के लिए नया चश्मा बनवाने को कहा...
मैंने सोचा बेटी अपने दादा से शायद बहुत प्यार करती है इसलिए अपने जूतों की बजाय उनके चश्मे को ज्यादा जरूरी समझ रही है....
खैर मैंने कुछ कहना जरुरी नहीं समझा और उसे लेकर ड्रेस की दुकान पर पहुंचा.....
दुकानदार ने बेटी के साइज़ की सफ़ेद शर्ट निकाली... डाल कर देखने पर शर्ट एक दम फिट थी फिर भी बेटी ने थोड़ी लम्बी शर्ट दिखाने को कहा....
मैंने बेटी से कहा....आराध्या बेटा.... ये शर्ट तुम्हें बिल्कुल सही है तो फिर और लम्बी क्यों ....
बेटी ने कहा .... पापा जी मुझे शर्ट स्कर्ट के अंदर ही डालनी होती है इसलिए थोड़ी लम्बी भी होगी तो कोई फर्क नहीं पड़ेगा.....
लेकिन यही शर्ट मुझे अगली क्लास में भी काम आ जाएगी....पिछली वाली शर्ट भी अभी नयी जैसी ही पड़ी है लेकिन छोटी होने की वजह से मैं उसे पहन नहीं पा रही
मैं खामोश रहा....
घर आते वक़्त मैंने बेटी से पूछा.... तुम्हे ये सब बातें कौन सिखाता है आराध्या....
आराध्या बोली....पापा जी मैं अक्सर देखती हूँ कि कभी माँ अपनी साडी छोड़कर तो कभी आप अपने जूतों को छोडकर हमेशा मेरी किताबों और कपड़ो पर पैसे खर्च कर दिया करते है
गली- मोहल्ले में सब लोग कहते हैं के आप बहुत ईमानदार आदमी हैं और हमारे साथ वाले दीपक के पापा को सब लोग चोर, कुत्ता, बे-ईमान, रिश्वतखोर और जाने क्या क्या कहते है जबकि आप दोनों एक ही ऑफिस में काम करते हैं......
जब सब लोग आपकी तारीफ़ करते हैं तो मुझे बड़ा अच्छा लगता है ..., मम्मी और दादा जी भी आपकी तारीफ करते है
पापा जी मैं चाहती हूँ कि मुझे कभी जीवन में नए कपडे, नए जूते मिले या ना मिले..... लेकिन कोई आपको चोर, बे-ईमान, रिश्वतखोर या कुत्ता न कहे.....
मैं आपकी ताक़त बनना चाहती हूँ पापा जी...आपकी कमजोरी नहीं
बेटी की बात सुनकर मैं निरुतर था
आज मुझे पहली बार मुझे मेरी ईमानदारी का इनाम मिला था....
आज बहुत दिनों बाद आँखों में ख़ुशी, गर्व और सम्मान के आंसू थे....
दोस्तो .....दुनिया में सबसे बडा खूबसूरत इनाम स्वयं संस्कारों का पालन करते हुए अपने परिवार अपने बच्चों के आत्मा में सच्चे संस्कारों को स्थापित करना। तीन लोक में स्वयं को एक हीरो की तरह देखना ....आपके बच्चे आपको अपना आदर्श मानते है आपको प्यार और सम्मान देते है मेरी नजर में इससे बडा इनाम आपकी मेहनत लग्न का नहीं हो सकता ......अपने अपनो के लिए आदर्श बनिए ताकि वह भी गर्वित होकर कहे ....ये है मेरे मम्मी पापा...
"दोस्तो #मान और #सम्मान पैसो से नही #सच्चे जैनसंस्कारो से मिलता है.."
*👨👩👧👦✍️➡️🕉️सदैव प्रसन्न रहते हुए अपने सच्चे कर्तव्यों ( वह कार्य जो हमें 84 लाख योनियों से मुक्त करने में सहयोग प्रदान करें )का पालन किजिये।*
*जैसा हमारा कर्म होगा वैसा ही हमें फल प्राप्त होगा।आज वर्तमान में जो भी हमसभी को प्राप्त हो रहा है वह हमारे द्वारा किये गए कर्मो का ही फल है।आप किसी भी जीव के सहयोगी नहीं बन सकते तो विरोधी बनकर पाप का संचय मत करो। ना ही किसी बात चिंता करो, अच्छे कर्म करो जो हमसे कोई छुड़ा भी नहीं सकता और चुरा भी नहीं सकता।कर्म यह ऐसी संपत्ति है जो मरने के बाद भी हमारे साथ रहती है।जब जीव जन्म लेता है तो केवल अपने किये हुए कर्मों के साथ ही जन्म लेता है।*
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*जैनम् जयतु शासनम्*
बहुत सुन्दर
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