रविवार, 23 फ़रवरी 2025

ईमानदारी का फल

*🐎पंचकल्याणक महोत्सव सूचना व उपयोगी कहानी🔔*
*🌞✍️सच्चा साथी✍️🌞*
*👨‍👩‍👧‍👦✍️कहानी सभी के काम की*
*💪👩‍🚒 ईमानदारी का फल ✍️🐒*

*🔔👨‍👩‍👧‍👦↔️ जैन तीर्थंकर प्रभु के पंच कल्याणक महोत्सव की अग्रिम सूचना🔔*
*🔔🪔 फाल्गुन कृष्ण ग्यारस , सोमवार ,  24 फरवरी 2025 कलि काल के प्रथम तीर्थंकर सर्व सुखकारी संस्कार प्रदाता श्री आदिनाथ  भगवान जी जिनकी आराधना से गुरु की महादशा  अनुकूल हो  जाती है और सभी प्रकार से बौध्दिक संपदा प्राप्ति कर उत्तम धर्म को धारण कर भव्य जीव मोक्ष मार्ग पर  दृढ़ता पूर्वक विचरण करता है। मोक्ष प्रशस्त करने वाले श्री आदिनाथ भगवान जी का केवल ज्ञान कल्याणक महोत्सव है।*
*🔔🪔 फाल्गुन कृष्ण ग्यारस , सोमवार ,  24 फरवरी 2025 कलि काल के 11 वें तीर्थंकर सर्व सुखकारी मार्ग प्रदाता श्री श्रेयांसनाथ भगवान जी जिनकी आराधना से गुरु की महादशा  अनुकूल हो  जाती है और सभी प्रकार से बौध्दिक संपदा प्राप्ति कर उत्तम धर्म को धारण कर भव्य जीव मोक्ष मार्ग पर  दृढ़ता पूर्वक विचरण करता है। मोक्ष प्रशस्त करने वाले श्री  श्रेयांसनाथ भगवान जी का जन्म व तप कल्याणक महोत्सव है।*
*🔔🪔 फाल्गुन कृष्ण बारस ,  मंगलवार ,  25 फरवरी 2025 कलि काल के 20 वें तीर्थंकर सर्व सुखकारी मार्ग प्रदाता श्री मुनिसुव्रत भगवान जी जिनकी आराधना से शनि की महादशा  अनुकूल हो  जाती है और सभी प्रकार से अनावश्यक अंतरंग व बहिरंग परिग्रह को समाप्त कर उत्तम धर्म को धारण कर भव्य जीव मोक्ष मार्ग पर  दृढ़ता पूर्वक विचरण करता है। मोक्ष प्रशस्त करने वाले श्री  मुनिसुव्रत भगवान जी का मोक्ष कल्याणक महोत्सव है।*
*🔔 फरवरी 2025 में तीर्थंकर भगवन्तों के पंच कल्याणक महोत्सव 24,25 व 26 तारीख को  कल्याणक महोत्सव है।*

*👨‍👨‍👦‍👦🔔👉 फरवरी माह में  चतुर्दशी तिथि  27 फरवरी को है।🔔▶️ फरवरी माह में शुद्ध विवाह मुहूर्त  23 व 25 फरवरी को है।*
 *🌞यह सभी पंच कल्याणक तिथियां उत्तर पुराण के अनुसार है इन तिथियों से सम्पूर्ण विश्व में कल्याणक महोत्सव मनाए जाते है।यह सभी  तिथियां जयपुर पंचांग के अंतर्गत है।विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ते रहे शिक्षाप्रद कहानियां ।*

👨‍👨‍👦‍👦अब हम  ईमानदारी का फल कहानी के माध्यम से स्वयं का आकलन कर जीवन सार्थक कर सकते है।

▶️पुराने समय की बात है।एक गरीब आदमी अपने राज्य में राह चलते हुए एक कपड़े की पोटली पाता है। पोटली खोलने पर उसमें 50 सोने के सिक्के और एक चिट्ठी मिलती है। चिट्ठी में लिखा होता है:
"अगर यह पोटली किसी कारणवश खो जाती है और जिस भी व्यक्ति को मिले, वह इसे लौटा दे, तो उसे इनाम स्वरूप 10 सोने के सिक्के दिए जाएंगे।" चिट्ठी पर उस व्यापारी का नाम और पता भी लिखा था, जिसकी यह पोटली थी।
⬇️⬇️⬇️⬇️⬇️⬇️
*🕉️🌞✍️पुण्य वृद्धि के इच्छुक  पुण्यात्माओं से निवेदन है कि इस पोस्ट को परिवार, मित्रों और अन्य परिचितों तक इस पोस्ट को भेजकर स्वयं के व उनके पुण्य मे भी वृद्धि करें। धर्मात्मा बंधु पापों को पुण्य मे बदलना चाहते है तो आज ही संस्था से जुड़कर अपना मोक्ष मार्ग को सुरक्षित करें ।जो स्वयं के पुण्य को शीघ्रातिशीघ्र वृद्धिगत करना चाहते है वे सभी अपनी चंचला लक्ष्मी का सदुपयोग संस्था के माध्यम से  कर सकते है ।✍️*
*✍️➡️👨‍👩‍👧‍👦अगर कोई भी पुण्यात्मा श्रावक इस प्रकार की पोस्ट को व्हाट्सएप पर प्राप्त करना चाहते है तो श्री शांति सागर समाधि साधना सेवा केंद्र जयपुर रजिस्टर संस्था के 📲 W 9783831296 नंबर पर व्हाट्सएप पर कहानियां + शुभनाम+ 【गांव शहर】निवास स्थान  लिखकर व्हाट्सएप करें,काल ना करें।*
⬆️⬆️⬆️⬆️⬆️⬆️
गरीब आदमी ईमानदार था। उसने तुरंत व्यापारी का पता लगाया और उसके घर पहुंच गया। व्यापारी, जो पहले ही अपने सिक्के खोने से परेशान था, पोटली पाकर बहुत खुश हुआ। लेकिन जैसे ही उसकी लालच जागी, वह चालाकी पर उतर आया।

पोटली गिनने के बाद व्यापारी बोला, "पोटली में 60 सिक्के थे। तुमने पहले ही 10 सिक्के निकाल लिए। खैर, मैं तो तुम्हें देने ही वाला था। अब तुम जा सकते हो।"

गरीब आदमी यह सुनकर हैरान रह गया। उसने व्यापारी को समझाने की कोशिश की कि उसने एक भी सिक्का नहीं लिया, लेकिन व्यापारी अपनी बात पर अड़ा रहा। चूंकि बात उसकी ईमानदारी पर भी आ गयी थी। मामला बढ़ते-बढ़ते राजा तक पहुंच गया।

राजा ने दोनों की बात सुनी। गरीब आदमी ने ईमानदारी से सब कुछ बताया। व्यापारी ने कहा, "महाराज! पोटली में 60 सिक्के थे, और इस आदमी ने पहले ही 10 निकाल लिए।"

राजा समझदार और न्यायप्रिय था। उसने तुरंत व्यापारी की लालच को भांप लिया और फैसला सुनाया:
"चूंकि व्यापारी कहता है कि उसकी पोटली में 60 सिक्के थे, तो यह पोटली उसकी नहीं हो सकती। यह पोटली किसी और की होगी, जिसमें 50 सिक्के थे। इसलिए यह पोटली उस गरीब आदमी के पास ही रहेगी, जब तक सही मालिक नहीं मिल जाता।"

यह सुनकर व्यापारी हक्का-बक्का रह गया। उसने राजा से कहा, "तो मेरे सिक्कों का क्या होगा?"

राजा ने मुस्कुराते हुए कहा, "जब कोई ईमानदार व्यक्ति तुम्हारी 60 सिक्कों वाली पोटली पा जाएगा, तो वह तुम्हें लौटा देगा।"

*👨‍👨‍👦‍👦🐎🔔⛳🪔विशेष: - भव्य आत्माओं, हमें हमेशा अपने संकल्प और वचन का पालन करना चाहिए। ईमानदारी और वचनबद्धता हमारे चरित्र की पहचान होती है। जो लोग अपने वादों से मुकरते हैं, वे समाज में अपना सम्मान खो देते हैं। दूसरी ओर, ईमानदारी हमें न केवल आत्मसंतोष देती है, बल्कि हमें दूसरों की नजरों में भी ऊंचा उठाती है। इन्हीं कारणों से हमारे मोक्ष मार्ग की शुरुआत होती है।*

*👨‍👩‍👧‍👦✍️➡️🕉️ प्रति समय प्रसन्न रहते हुए अपने सच्चे कर्तव्यों ( वह कार्य जो हमें 84 लाख योनियों से मुक्त करने में सहयोग प्रदान करें ) का पालन कीजिये।*
*➡️जैसा हमारा कर्म होगा वैसा ही हमें फल प्राप्त होगा।आज वर्तमान में जो भी हम सभी को प्राप्त हो रहा है वह हमारे द्वारा  पूर्वो पार्जित कर्मो का ही फल है।आप किसी भी जीव के मोक्ष मार्ग में सहयोगी नहीं बन सकते तो विरोधी बनकर पाप का संचय मत करो। ना ही किसी बात चिंता  करो, अच्छे कर्म करो जो हमसे कोई छुड़ा भी नहीं सकता और चुरा भी नहीं सकता।कर्म यह ऐसी संपत्ति है जो मरने के बाद भी हमारे साथ रहती है।जब जीव जन्म लेता है तो केवल अपने पूर्वो पार्जित कर्मों के साथ ही जन्म लेता है।*
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🌳
*जैनम जयतु शासनम*
🌳🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें