*पंच कल्याणक महोत्सव की सूचना व जन उपयोगी कहानी*
*👨👨👦👦सफलता का रहस्य🌞*
*🌞✍️सच्चा साथी✍️🌞*
*👨👩👧👦✍️कहानी सभी के काम की*
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*🔔👨👩👧👦↔️ जैन तीर्थंकर प्रभु के पंच कल्याणक महोत्सव की अग्रिम सूचना🔔*
*🔔🪔 फाल्गुन कृष्ण 4 , रविवार , 16 फरवरी 2025 कलिकाल के षष्ठम तीर्थंकर श्री पद्मप्रभ भगवान जी जिनकी आराधना से सूर्य की महादशा अनुकूल हो जाती है और सभी प्रकार से बौध्दिक संपदा प्राप्ति कर उत्तम धर्म को धारण कर भव्य जीव मोक्ष मार्ग पर दृढ़ता पूर्वक विचरण करता है। मोक्ष प्रशस्त करने वाले श्री पद्मप्रभ भगवान जी का मोक्ष कल्याणक महोत्सव है।*
*🔔 फरवरी 2025 में तीर्थंकर भगवन्तों के पंच कल्याणक महोत्सव 15 , 16,19,22,24,25 व 26 तारीख को कल्याणक महोत्सव है।*
*👨👨👦👦🔔👉 फरवरी माह में अष्टमी तिथि 21 को है। चतुर्दशी तिथि 27 फरवरी को है।🔔▶️ फरवरी माह में शुद्ध विवाह मुहूर्त 15, 18 23 व 25 फरवरी को है।*
*🔔 🌞गृह प्रवेश मुहूर्त 15 व 17 फरवरी तक है*
*🌞यह सभी पंच कल्याणक तिथियां उत्तर पुराण के अनुसार है इन तिथियों से सम्पूर्ण विश्व में कल्याणक महोत्सव मनाए जाते है।यह सभी तिथियां जयपुर पंचांग के अंतर्गत है।विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ते रहे शिक्षाप्रद कहानियां ।*
*👨👨👦👦सफलता का रहस्य🌞*
*धैर्य और सकारात्मकता की सीख*
एक लड़का घर-परिवार, धन और पढ़ाई संबंधी समस्याओं से बहुत परेशान था। घर में रोज विवाद होता ।उम्र ज्यादा नहीं थी, लेकिन रोज़-रोज़ के विवादों ने उसे अंदर से तोड़ दिया था। निराशा में डूबा हुआ, उसे लगने लगा कि उसकी ज़िंदगी में कोई रास्ता नहीं बचा है।
समाधान की तलाश में परेशानी में वह एक घने जंगल में पहुंच गया। जंगल में दूर दूर तक भटकने के बावजूद उसके मन को शांति नहीं मिली। चारों ओर अंधेरा था, और जंगली जानवरों का खतरा भी था। तभी उसकी नजर एक छोटी-सी झोपड़ी पर पड़ी।
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*🕉️🌞✍️पुण्य वृद्धि के इच्छुक पुण्यात्माओं से निवेदन है कि इस पोस्ट को परिवार, मित्रों और अन्य परिचितों तक इस पोस्ट को भेजकर स्वयं के व उनके पुण्य मे भी वृद्धि करें। धर्मात्मा बंधु पापों को पुण्य मे बदलना चाहते है तो आज ही संस्था से जुड़कर अपना मोक्ष मार्ग को सुरक्षित करें ।जो स्वयं के पुण्य को शीघ्रातिशीघ्र वृद्धिगत करना चाहते है वे सभी अपनी चंचला लक्ष्मी का सदुपयोग संस्था के माध्यम से कर सकते है ।✍️*
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उसके मन में सवाल उठा—"इस सुनसान जंगल में भी ऐसे कौन रह सकता है?" जिज्ञासा से भरा, वह झोपड़ी की ओर बढ़ने लगा।
झोपड़ी के पास पहुँचते ही उसने एक संत को ध्यान की मुद्रा में बैठे हुए देखा। संत के चेहरे पर शांति और प्रसन्नता झलक रही थी। लड़का उनके पास जाकर बैठ गया।
संत ने स्नेहपूर्वक उसका परिचय पूछा। लड़के ने भारी मन से उत्तर दिया, "मैं जीवन में बहुत परेशान हूं और समझ नहीं आ रहा कि क्या करूं। इसीलिए समाधान में
यहाँ आया हूँ।"
संत तो संत थे ज्ञानी पुरुष, लड़के की पीड़ा तुरंत समझ गए। उन्होंने सहानुभूति से कहा, " बेटा, समस्याएं तो जीवन का हिस्सा हैं। समय एक जैसा नहीं रहता, निराश नहीं होना चाहिए।"
इसके बाद वे लड़के से बोले तुम्हें में एक कहानी सुनाता हूं ध्यान से सुनो और बताओं कि कहानी का सार क्या है? लड़के ने हाँ मै सिर हिलाया!
संत नें कहानी सुनायी ।
"एक छोटे बच्चे ने अपने घर में बांस और कैक्टस के दो पौधे लगाए।"
बच्चा हर दिन दोनों पौधों को एक समान पानी देता और उनकी देखभाल करता। कुछ समय बाद कैक्टस का पौधा तो तेजी से बढ़ने लगा, लेकिन बांस का पौधा जरा भी नहीं बढ़ा।
समय बीतता गया, पर बांस के पौधे में कोई बदलाव नजर नहीं आया। लोलन फिर भी बच्चा निराश नहीं हुआ, उसने लगातार मेहनत जारी रखी।
फिर एक दिन अचानक बांस का पौधा तेजी से बढ़ने लगा और कुछ ही समय में कैक्टस से भी ऊंचा हो गया।
संत ने लड़के से कहा, बेटा जानते हो इसका राज.....
"बांस का पौधा पहले तो अपनी जड़ें मजबूत कर रहा था, इसलिए उसे बढ़ने में समय लगा। लेकिन कभी भी निराश नहीं हुआ, उसने प्रयास जारी रखे।"
"हमारे जीवन में भी दो बातें जरूरी हैं—
1. *धैर्य और सकारात्मकता* बनाए रखना। परिस्थितियाँ कैसी भी हों, आशा नहीं छोड़नी चाहिए।
2 सबसे. पहले अपनी *जड़ें मजबूत* करें। जब हमारी नींव मजबूत होगी, तो जीवन में सफलता और संतोष भी तेजी से मिलेगा।"
संत की बातें सुनकर लड़के के चेहरे पर संतोष के भाव आ गये उसे बहुत बड़ा समाधान मिल चुका था। उसे अब एहसास हो गया था कि मुश्किलें स्थायी नहीं होतीं और धैर्य से काम लें तो जीवन बदल सकता है।
उसने नई सोच के साथ जीवन में आगे बढ़ने का निश्चय किया और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ अपने घर लौट गया।
*👨👨👦👦🔔🌞✍️विशेष :- भव्य आत्माओं, आज बच्चे से लेकर हर उम्र के लोग सभी सफलता चाहते है।उस कार्य के लिए हमें क्या क्या तैयारी करनी है बस इतना भूल जाते है। उनकी उस कार्य की नींव मजबूत नहीं होती इसलिए लोगों का समय और पैसा दोनों ही चला जाता है। अतः सभी योग्य मार्गदर्शक के निर्देशन में कार्य प्रारंभ करें। जीवन में सफलता प्राप्त होगी।*
*👨👩👧👦✍️➡️🕉️ प्रति समय प्रसन्न रहते हुए अपने सच्चे कर्तव्यों ( वह कार्य जो हमें 84 लाख योनियों से मुक्त करने में सहयोग प्रदान करें ) का पालन कीजिये।*
*➡️जैसा हमारा कर्म होगा वैसा ही हमें फल प्राप्त होगा।आज वर्तमान में जो भी हम सभी को प्राप्त हो रहा है वह हमारे द्वारा पूर्वो पार्जित कर्मो का ही फल है।आप किसी भी जीव के मोक्ष मार्ग में सहयोगी नहीं बन सकते तो विरोधी बनकर पाप का संचय मत करो। ना ही किसी बात चिंता करो, अच्छे कर्म करो जो हमसे कोई छुड़ा भी नहीं सकता और चुरा भी नहीं सकता।कर्म यह ऐसी संपत्ति है जो मरने के बाद भी हमारे साथ रहती है।जब जीव जन्म लेता है तो केवल अपने पूर्वो पार्जित कर्मों के साथ ही जन्म लेता है।*
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*जैनम जयतु शासनम*
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