*पंचकल्याणक महोत्सव व उपयोगी कहानी*
*🌞✍️सच्चा साथी✍️🌞*
*👨👩👧👦✍️कहानी सभी के काम की*
*💪👩🚒सच्चा अमीर कौन? ✍️🐒*
*🔔👨👩👧👦↔️ जैन तीर्थंकर प्रभु के पंच कल्याणक महोत्सव की सूचना🔔*
*🔔🪔 फाल्गुन कृष्ण 9 , शनिवार , 22 फरवरी 2025 कलि काल के 9 वें तीर्थंकर श्री सुविधिनाथ भगवान जी जिनकी आराधना से शुक्र की महादशा अनुकूल हो जाती है और सभी प्रकार से अंतरंग व बहिरंग संपदा प्राप्ति कर उत्तम धर्म को धारण कर भव्य जीव मोक्ष मार्ग पर दृढ़ता पूर्वक विचरण करता है। मोक्ष प्रशस्त करने वाले श्री सुविधिनाथ भगवान जी का गर्भ कल्याणक महोत्सव है।*
*🔔 फरवरी 2025 में तीर्थंकर भगवन्तों के पंच कल्याणक महोत्सव 24,25 व 26 तारीख को कल्याणक महोत्सव है।*
*👨👨👦👦🔔👉 फरवरी माह में चतुर्दशी तिथि 27 फरवरी को है।🔔▶️ फरवरी माह में शुद्ध विवाह मुहूर्त 23 व 25 फरवरी को है।*
*🌞यह सभी पंच कल्याणक तिथियां उत्तर पुराण के अनुसार है इन तिथियों से सम्पूर्ण विश्व में कल्याणक महोत्सव मनाए जाते है।यह सभी तिथियां जयपुर पंचांग के अंतर्गत है।विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ते रहे शिक्षाप्रद कहानियां ।*
*सच्चा अमीर कौन?*
एक गरीब आदमी की छोटी-सी झोपड़ी पर रात को मूसलाधार बारिश हो रही थी। वह और उसकी पत्नी भीतर सो रहे थे। आधी रात किसी ने द्वार पर दस्तक दी।
पति ने पत्नी से कहा, "उठो, दरवाजा खोलो।"
पत्नी बोली, "इस छोटी-सी झोपड़ी में जगह कहाँ है? अगर कोई शरण माँगेगा, तो तुम मना नहीं कर पाओगे!"
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पति मुस्कुराए, "हम दो लोग सो सकते हैं, तो तीन बैठ भी सकते हैं। बारिश में कोई मजबूर ही आया होगा, दरवाजा खोलो।"
पत्नी ने दरवाजा खोला। बाहर एक यात्री भीगता खड़ा था। वह अंदर आ गया, तीनों बैठकर बातें करने लगे।
थोड़ी देर बाद फिर दस्तक हुई।
पत्नी चिंतित हुई, "अब क्या करोगे? जगह कहाँ है?"
पति बोले, "बैठने की जगह नहीं तो खड़े हो जाएंगे, लेकिन दरवाजा बंद नहीं रहेगा।"
एक और अजनबी भीतर आ गया। अब चारों खड़े होकर बातें करने लगे। झोपड़ी छोटी थी, लेकिन दिल बड़ा!
तभी बाहर से एक कुत्ते की आवाज आई। वह दरवाजे से टकरा रहा था।
पत्नी बोली, "अब तुम पागल हो गए हो! यह तो कुत्ता है!"
पति हँसकर बोले, "हमने पहले भी इंसानों के लिए दरवाजा नहीं खोला था, अपने दिल के लिए खोला था। हमारे लिए इंसान और जानवर में क्या फर्क?"
पत्नी बोली, "अब खड़े होने की भी जगह नहीं बची!"
पति ने कहा, "हम अभी आराम से खड़े हैं, थोड़ा और सिमट जाएंगे। याद रखना, यह कोई अमीर का महल नहीं, गरीब की झोपड़ी है—यहाँ दिल में हमेशा जगह होती है!"
गरीब कभी कंजूस नहीं होता। उसके पास बचाने को कुछ नहीं, लेकिन देने को बहुत कुछ होता है। अमीरी से मोह और लोभ बढ़ता है, मगर इंसानियत दिल की अमीरी से बनती है।
जरूरतमंद को अपनी क्षमता अनुसार जरूर दें। दिल बड़ा रखें, क्योंकि असली जगह दिलों में होती है।
*👨👩👧👦✍️➡️🕉️ प्रति समय प्रसन्न रहते हुए अपने सच्चे कर्तव्यों ( वह कार्य जो हमें 84 लाख योनियों से मुक्त करने में सहयोग प्रदान करें ) का पालन कीजिये।*
*➡️जैसा हमारा कर्म होगा वैसा ही हमें फल प्राप्त होगा।आज वर्तमान में जो भी हम सभी को प्राप्त हो रहा है वह हमारे द्वारा पूर्वो पार्जित कर्मो का ही फल है।आप किसी भी जीव के मोक्ष मार्ग में सहयोगी नहीं बन सकते तो विरोधी बनकर पाप का संचय मत करो। ना ही किसी बात चिंता करो, अच्छे कर्म करो जो हमसे कोई छुड़ा भी नहीं सकता और चुरा भी नहीं सकता।कर्म यह ऐसी संपत्ति है जो मरने के बाद भी हमारे साथ रहती है।जब जीव जन्म लेता है तो केवल अपने पूर्वो पार्जित कर्मों के साथ ही जन्म लेता है।*
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*जैनम जयतु शासनम*
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