शुक्रवार, 26 अप्रैल 2024

स्वयं के विचारों से पतन

*स्वयं के विचारों से पतन*
⛳🕉️🌞🕉️🪔⛳
*🌞🕉️वसुनंदी गुरुवे नमः🕉️🌞*
*🌞✍️सच्चा साथी✍️🌞*
*👨‍👩‍👧‍👦✍️कहानी सभी के काम की*
*💪👩‍🚒 स्वयं के विचारों से पतन✍️🐒*

*🔔👨‍👩‍👧‍👦↔️ जैन तीर्थंकर प्रभु के पंच कल्याणक महोत्सव की अग्रिम सूचना🔔*
*🔔🪔 वैशाख कृष्ण 9, गुरुवार , 2 मई  2024 कलिकाल के शासन नायक बीसवें तीर्थंकर मुनिसुब्रतनाथ भगवान शनि की महादशा को अनुकूल बनाने वाले सभी प्रकार के अरिष्टों को समाप्त करने की शक्ति प्रदान कर उत्तम तप को धारण करवा कर मोक्ष मार्ग प्रशस्त करने वाले श्री मुनिसुब्रतनाथ भगवान जी का केवल ज्ञान कल्याणक महोत्सव है।*
*🔔🪔 वैशाख कृष्ण 10, शुक्रवार , 3 मई  2024 कलिकाल के शासन नायक बीसवें तीर्थंकर मुनिसुब्रतनाथ भगवान शनि की महादशा को अनुकूल बनाने वाले सभी प्रकार के अरिष्टों को समाप्त करने की शक्ति प्रदान कर उत्तम तप को धारण करवा कर मोक्ष मार्ग प्रशस्त करने वाले श्री मुनिसुब्रतनाथ भगवान जी का जन्म व तप कल्याणक महोत्सव है।*
*🔔मई माह में तीर्थंकर भगवन्तों के पंच कल्याणक महोत्सव   2, 3, 6,7, 8, 10, 13,15, 16,18, 29 इन दिनांकों में है।*
*👨‍👨‍👦‍👦🔔👉मई माह में कृष्ण पक्ष में पंचमी व शुक्ल पक्ष में एकम तिथि का क्षय है। अष्टमी तिथि एक व पंद्रह मई को है। चतुर्दशी तिथि सात व बाईस मई को है।*
*⛳10 मई को प्रथम दान दिवस याने प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव का प्रथम पारणा, अक्षय तृतीया व रोहिणी व्रत*।
*🙆इस माह कोई भी विवाह मुहूर्त नहीं है। विवाह मुहूर्त 9 जुलाई से प्रारंभ होकर 15 जुलाई तक ही है।*
 *🌞यह सभी पंच कल्याणक तिथियां उत्तर पुराण के अनुसार है इन तिथियों से सम्पूर्ण विश्व में कल्याणक महोत्सव मनाए जाते है।यह सभी  तिथियां जयपुर पंचांग के अंतर्गत है।विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ते रहे शिक्षाप्रद कहानियां ।*


एक व्यक्ति को रास्ते में यमराज मिल गये वह व्यक्ति उन्हें पहचान नहीं सका। यमराज ने पीने के लिए व्यक्ति से पानी माँगा, बिना एक क्षण गवाए उसने पानी पिला दिया। पानी पीने के बाद यमराज ने बताया कि वो उसके प्राण लेने आये हैं। लेकिन चूँकि तुमने मेरी प्यास बुझाई है। इसलिए मैं तुम्हें अपनी किस्मत बदलने का एक मौका देता हूँ | 

यह कहकर यमराज ने एक डायरी देकर उस आदमी से कहा कि तुम्हारे पास 5 मिनट का समय है | इसमें तुम जो भी लिखोगे वही हो जाएगा लेकिन ध्यान रहे केवल 5 मिनट |

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*🕉️🌞✍️पुण्य वृद्धि के इच्छुक  पुण्यात्माओं से निवेदन है कि इस पोस्ट को परिवार, मित्रों और अन्य परिचितों तक इस पोस्ट को भेजकर स्वयं के व उनके पुण्य मे भी वृद्धि करें। धर्मात्मा बंधु पापों को पुण्य मे बदलना चाहते है तो आज ही संस्था से जुड़कर अपना मोक्ष मार्ग को सुरक्षित करें ।जो स्वयं के पुण्य को शीघ्रातिशीघ्र वृद्धिगत करना चाहते है वे सभी अपनी चंचला लक्ष्मी का सदुपयोग संस्था के माध्यम से  कर सकते है ।✍️*
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उस व्यक्ति ने डायरी खोलकर देखा तो उसने देखा कि पहले पेज पर लिखा था कि उसके पड़ोसी की लॉटरी निकलने वाली है और वह करोड़पति बनने वाला है | उसने वहां लिख दिया कि उसके पड़ोसी की लॉटरी न निकले |

अगले पेज पर लिखा था कि उसका एक दोस्त चुनाव जीतकर मंत्री बनने वाला है, तो उसने लिख दिया कि उसका दोस्त चुनाव हार जाए | 

इस तरह, वह पेज पलटता रहा और, अंत में उसे अपना पेज दिखाई दिया | जैसे ही उसने कुछ लिखने के लिए अपना पेन उठाया यमराज ने उस व्यक्ति के हाथ से डायरी ले ली और कहा वत्स तुम्हारा पांच मिनट का समय पूरा हुआ , अब कुछ नहीं हो सकता |

तुमने अपना पूरा समय दूसरों का बुरा करने में व्यतीत दिया और अपना जीवन खतरे में डाल दिया | अंतत: तुम्हारा अंत निश्चित है |

यह सुनकर वह व्यक्ति बहुत पछताया लेकिन सुनहरा मौका उसके हाथ से निकल चुका था |

  यदि हमारे पूर्व कर्मो ने हम सभी को कोई शक्ति प्रदान की है तो कभी किसी का बुरा न सोचे, और न ही बुरा करें | दूसरों का भला करने वाला सदा सुखा रहता है और भगवान की कृपा सदा उस पर बनी रहती है |

*🎪👨‍👨‍👦‍👦⏰🔔🙏विशेष :- भव्य आत्माओं, हम सभी ने अनेकों जन्म तक पुण्य कार्य किए जिसके कारण वर्तमान समय में हमें मनुष्य भव की प्राप्ति हुई है।यह मनुष्य भव हम सभी को शुभ कार्य करने के लिए मिला है किंतु हम यहां पर भी राग-द्वेष के चक्कर में पड़कर अपना जीवन समाप्त कर रहे है। जिस प्रकार कहानी में वह व्यक्ति विशेष पांच मिनट तक दुसरो के लिए बुरा सोचते हुए अपना ही बुरा करता है।उसी प्रकार आज हम भी अपने कर्तव्यों को भूलकर अपना ही बिगाड़ कर रहे है। अतः जब जागो तबही सबेरा यह कथन सिद्ध करें।जब सूर्योदय होता है तो विश्व में उजाला होता है किंतु जब तक हम जागेगें नहीं तब तक हमारा सबेरा नहीं हो सकता। यही प्रकृति का अटूट नियम है।*

*👨‍👩‍👧‍👦✍️➡️🕉️ प्रति समय प्रसन्न रहते हुए अपने सच्चे कर्तव्यों ( वह कार्य जो हमें 84 लाख योनियों से मुक्त करने में सहयोग प्रदान करें ) का पालन कीजिये।*
*➡️जैसा हमारा कर्म होगा वैसा ही हमें फल प्राप्त होगा।आज वर्तमान में जो भी हम सभी को प्राप्त हो रहा है वह हमारे द्वारा  पूर्वो पार्जित कर्मो का ही फल है।आप किसी भी जीव के मोक्ष मार्ग में सहयोगी नहीं बन सकते तो विरोधी बनकर पाप का संचय मत करो। ना ही किसी बात चिंता  करो, अच्छे कर्म करो जो हमसे कोई छुड़ा भी नहीं सकता और चुरा भी नहीं सकता।कर्म यह ऐसी संपत्ति है जो मरने के बाद भी हमारे साथ रहती है।जब जीव जन्म लेता है तो केवल अपने पूर्वो पार्जित कर्मों के साथ ही जन्म लेता है।*
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*जैनम जयतु शासनम*
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