बुधवार, 17 अप्रैल 2024

समय का साथ

*समय का साथ*
⛳🕉️🌞🕉️🪔⛳
*🌞🕉️वसुनंदी गुरुवे नमः🕉️🌞*
*🌞✍️सच्चा साथी✍️🌞*
*👨‍👩‍👧‍👦✍️कहानी सभी के काम की*
*💪👩‍🚒समय का साथ ✍️🐒*

*🔔👨‍👩‍👧‍👦↔️ जैन तीर्थंकर प्रभु के पंच कल्याणक महोत्सव की अग्रिम सूचना🔔*
*🔔🪔 चैत्र शुक्ल ग्यारस , शुक्रवार , 19 अप्रैल  2024 कलिकाल के पांचवें वें  तीर्थंकर गुरु की महादशा को अनुकूल बनाने वाले  मन के सभी विकल्पों को शांत कर जगत में  सर्व सुखकारक सुमति ज्ञान प्रदाता 1008 श्री सुमतिनाथ भगवान का जन्म,केवल ज्ञान व मोक्ष कल्याणक  महोत्सव है।*

*🔔अप्रैल माह में तीर्थंकर भगवन्तों के पंच कल्याणक महोत्सव   21, 23, 25 इन दिनांकों में है।*
*⛳षोडषकारण व्रत 26 मार्च से 24 अप्रैल तक*।
 *🔔🎪 13 अप्रैल से 22 अप्रैल तक दश लक्षण महापर्व*
 *🌞यह सभी पंच कल्याणक तिथियां उत्तर पुराण के अनुसार है इन तिथियों से सम्पूर्ण विश्व में कल्याणक महोत्सव मनाए जाते है।यह सभी  तिथियां जयपुर पंचांग के अंतर्गत है।विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ते रहे शिक्षाप्रद कहानियां ।*

एक बुजुर्ग नदी के किनारे पर जा रहे थे। एक जगह देखा कि नदी की सतह से एक कछुआ निकला और पानी के किनारे पर आ गया। 

उसी किनारे से एक बड़े ही जहरीले बिच्छु ने नदी के अन्दर छलांग लगाई और कछुए की पीठ पर सवार हो गया। कछुए ने तैरना शुरू कर दिया। वह बुजुर्ग बड़े हैरान हुए।

उन्होंने उस कछुए का पीछा करने की ठान ली। इसलिए नदी में तैर कर उस कछुए का पीछा किया। 

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वह कछुआ नदी के दूसरे किनारे पर जाकर रुक गया और बिच्छू उसकी पीठ से छलांग लगाकर दूसरे किनारे पर पहुंच गया और आगे चलना शुरू कर दिया। 

वह बुजुर्ग भी उसके पीछे चलते रहे। आगे जाकर देखा कि जिस तरफ बिच्छू जा रहा था उसके रास्ते में एक देव शास्त्र गुरु का भक्त ध्यान साधना में आँखे बन्द कर भगवान् की भक्ति कर रहा था।

उस बुजुर्ग ने सोचा कि अगर यह बिच्छू उस भक्त को काटना चाहेगा तो मैं करीब पहुँचने से पहले ही उसे अपनी लाठी से मार डालूँगा। 

लेकिन वह कुछ कदम आगे बढे ही थे कि उन्होंने देखा दूसरी तरफ से एक काला जहरीला साँप तेजी से उस भक्त को डसने के लिए आगे बढ़ रहा था। इतने में बिच्छू भी वहाँ पहुँच गया।

उस बिच्छू ने उसी समय सांप  के ऊपर डंक मार दिया, जिसकी वजह से बिच्छू का जहर सांप के जिस्म में दाखिल हो गया और वह सांप वहीं अचेत हो कर गिर पड़ा था। इसके बाद वह बिच्छू अपने रास्ते पर वापस चला गया।

थोड़ी देर बाद जब वह भक्त भगवान की भक्ति कर उठा, तब उस बुजुर्ग ने उसे बताया कि आपकी श्रृद्धा भक्ति ने उसकी रक्षा के लिए कैसे उस कछुवे को नदी के किनारे लाया, फिर कैसे उस बिच्छु को कछुए की पीठ पर बैठा कर साँप से आपकी रक्षा के लिए भेजा।

 वह भक्त उस अचेत पड़े सांप को देखकर हैरान रह गया। उसकी आँखों से आँसू निकल आए, और वह आँखें बन्द कर देव शास्त्र गुरु को याद कर उनको त्रिकाल नमोस्तु  करने लगा।

 तभी ""प्रभु"" ने अपने उस भक्त से कहा, जब वो बुजुर्ग जो तुम्हे जानता तक नही, वो तुम्हारी जान बचाने के लिए लाठी उठा सकता है। और फिर तू तो मेरी भक्ति में लगा हुआ था तो फिर तुझे बचाने के लिये मेरी लाठी तो हमेशा से ही तैयार रहती है...!

*🎪🙏👨‍👨‍👦‍👦✍️👉विशेष:- भव्य आत्माओं, जब हम अपने सभी कार्य सच्चे देव शास्त्र गुरु के बताए अनुसार करते है तो हमारा शुभ कर्म हमेशा हमारे साथ रहता है।इस कारण से हमारे सभी कार्य समय-सीमा में ही पूर्ण हो जाते है। यही सच्ची भक्ति की विशेषता है।*

*👨‍👩‍👧‍👦✍️➡️🕉️ प्रति समय प्रसन्न रहते हुए अपने सच्चे कर्तव्यों ( वह कार्य जो हमें 84 लाख योनियों से मुक्त करने में सहयोग प्रदान करें ) का पालन कीजिये।*
*➡️जैसा हमारा कर्म होगा वैसा ही हमें फल प्राप्त होगा।आज वर्तमान में जो भी हम सभी को प्राप्त हो रहा है वह हमारे द्वारा  पूर्वो पार्जित कर्मो का ही फल है।आप किसी भी जीव के मोक्ष मार्ग में सहयोगी नहीं बन सकते तो विरोधी बनकर पाप का संचय मत करो। ना ही किसी बात चिंता  करो, अच्छे कर्म करो जो हमसे कोई छुड़ा भी नहीं सकता और चुरा भी नहीं सकता।कर्म यह ऐसी संपत्ति है जो मरने के बाद भी हमारे साथ रहती है।जब जीव जन्म लेता है तो केवल अपने पूर्वो पार्जित कर्मों के साथ ही जन्म लेता है।*
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*जैनम जयतु शासनम*
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