*मेरे मन का भूत*
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*🌞🕉️वसुनंदी गुरुवे नमः🕉️🌞*
*🌞✍️सच्चा साथी✍️🌞*
*👨👩👧👦✍️कहानी सभी के काम की*
*💪👩🚒 मेरे मन का भूत ✍️🐒*
*🔔👨👩👧👦↔️ जैन तीर्थंकर प्रभु के पंच कल्याणक महोत्सव की अग्रिम सूचना🔔*
*🔔🪔 चैत्र कृष्ण अमावस्या, सोमवार , 8 अप्रैल 2024 कलिकाल के 14 वें तीर्थंकर बुध की महादशा को अनुकूल बनाने वाले मन के सभी विकल्पों को शांत कर जगत में सर्व सुखकारक अनंत ज्ञान प्रदाता 1008 श्री अनंत नाथ भगवान का केवल ज्ञान व मोक्ष कल्याणक महोत्सव है।*
*🔔🪔 चैत्र कृष्ण अमावस्या, सोमवार , 8 अप्रैल 2024 कलिकाल के 18 वें तीर्थंकर बुध की महादशा को अनुकूल बनाने वाले मन के सभी विकल्पों को शांत कर जगत में सर्व सुखकारक अनंतसुख प्रदाता 1008 श्री अरनाथ भगवान का केवल मोक्ष कल्याणक महोत्सव है।*
*🔔🎪 चैत्र शुक्ल एकम , बुधवार , 9 अप्रैल 2024 कलिकाल के अंतिम तीर्थंकर के सर्वोत्कृष्ट गणधर गुरु श्री गौतम स्वामी का जन्म दिवस है।*
*🔔⛳आज़ ही के तिथि में कलिकाल के 19 वें तीर्थंकर केतु की महादशा को अनुकूल बनाने वाले मन के सभी विकल्पों को शांत कर जगत में सर्व सुखकारक सुख प्रदाता 1008 श्री मल्लीनाथ भगवान का गर्भ कल्याणक महोत्सव है।*
*🔔अप्रैल माह में तीर्थंकर भगवन्तों के पंच कल्याणक महोत्सव 11, 13, 14, 19, 21, 23, 25 इन दिनांकों में है।*
*⛳षोडषकारण व्रत 26 मार्च से 24 अप्रैल तक*
*🌞यह सभी पंच कल्याणक तिथियां उत्तर पुराण के अनुसार है इन तिथियों से सम्पूर्ण विश्व में कल्याणक महोत्सव मनाए जाते है।यह सभी तिथियां जयपुर पंचांग के अंतर्गत है।विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ते रहे शिक्षाप्रद कहानियां ।*
एक आदमी ने एक भूत पकड़ लिया और उसे बेचने शहर गया , संयोगवश उसकी मुलाकात एक सेठ से हुई, सेठ ने उससे पूछा - भाई यह क्या है,
उसने जवाब दिया कि यह एक भूत है। इसमें अपार बल है कितना भी कठिन कार्य क्यों न हो यह एक पल में निपटा देता है। यह कई वर्षों का काम मिनटों में कर सकता है।
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सेठ भूत की प्रशंसा सुन कर ललचा गया और उसकी कीमत पूछी.......,
उस आदमी ने कहा कीमत बस पाँच सौ रुपए है ,
कीमत सुन कर सेठ ने हैरानी से पूछा- बस पाँच सौ रुपए.......
उस आदमी ने कहा - सेठ जी जहाँ इसके असंख्य गुण हैं वहाँ एक दोष भी है।अगर इसे काम न मिले तो मालिक को खाने दौड़ता है।
सेठ ने विचार किया कि मेरे तो सैकड़ों व्यवसाय हैं, विलायत तक कारोबार है यह भूत मर जायेगा पर काम खत्म न होगा ,
यह सोच कर उसने भूत खरीद लिया
मगर भूत तो भूत ही था , उसने अपना मुँह फैलाया और बोला - काम काम काम काम...
सेठ भी तैयार ही था, उसने भूत को तुरन्त दस काम बता दिये ,
पर भूत उसकी सोच से कहीं अधिक तेज था इधर मुँह से काम निकलता उधर पूरा होता , अब सेठ घबरा गया ,
संयोग से एक सन्त वहाँ आये,
सेठ ने विनयपूर्वक उन्हें भूत की पूरी कहानी बताई..
सन्त ने हँस कर कहा अब जरा भी चिन्ता मत करो एक काम करो उस भूत से कहो कि एक लम्बा बाँस ला कर आपके आँगन में गाड़ दे बस जब काम हो तो काम करवा लो और कोई काम न हो तो उसे कहें कि वह बाँस पर चढ़ा और उतरा करे तब आपके काम भी हो जायेंगे और आपको कोई परेशानी भी न रहेगी सेठ ने ऐसा ही किया और सुख से रहने लगा.....
*🎪🙏⏰👨👨👦👦विशेष :- भव्य आत्माओं,यह मन ही वह भूत है। यह सदा कुछ न कुछ करता रहता है एक पल भी खाली बिठाना चाहो तो खाने को दौड़ता है।श्वास ही बाँस है। हमारी प्रत्येक श्वास पर पंच परमेष्ठि का स्मरण का अभ्यास ही बाँस पर चढ़ना उतरना है।आप भी ऐसा ही करें। जब आवश्यकता हो मन से काम ले लें जब काम न रहे तो श्वास में पंच परमेष्ठि के गूणगान में लगो तब आप भी सुख से रहने लगोगे...!!*
*👨👩👧👦✍️➡️🕉️ प्रति समय प्रसन्न रहते हुए अपने सच्चे कर्तव्यों ( वह कार्य जो हमें 84 लाख योनियों से मुक्त करने में सहयोग प्रदान करें ) का पालन कीजिये।*
*➡️जैसा हमारा कर्म होगा वैसा ही हमें फल प्राप्त होगा।आज वर्तमान में जो भी हम सभी को प्राप्त हो रहा है वह हमारे द्वारा पूर्वो पार्जित कर्मो का ही फल है।आप किसी भी जीव के मोक्ष मार्ग में सहयोगी नहीं बन सकते तो विरोधी बनकर पाप का संचय मत करो। ना ही किसी बात चिंता करो, अच्छे कर्म करो जो हमसे कोई छुड़ा भी नहीं सकता और चुरा भी नहीं सकता।कर्म यह ऐसी संपत्ति है जो मरने के बाद भी हमारे साथ रहती है।जब जीव जन्म लेता है तो केवल अपने पूर्वो पार्जित कर्मों के साथ ही जन्म लेता है।*
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*जैनम जयतु शासनम*
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