शुक्रवार, 21 फ़रवरी 2020

दालचीनी के फायदे और नुकसान।

*🙏🏼शुभम भवतु, जय जिनेन्द्र 🙏🏼*

*🌹🕉️स्वास्थ्यवर्धक दालचीनी✍🌹*

*😇दालचीनी स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक है। आर्थराइटिस यानि गठिया का दर्द हो या बालों के टूटने, झड़ने की समस्या दालचीनी से हमें बहुत फायदे होते हैं। भारत में सदियों से दालचीनी का इस्तेमाल होता चला आ रहा है। आयुर्वेद में तो इसे लाख दवाओं की एक दवा बताते हैं। *

*🌹दालचीनी के औषधीय उपयोग और घरेलू नुस्खे🌹*

*😛#दालचीनी के पत्तों अथवा उसकी छाल को चूर्ण के रूप में अथवा काढ़ा बनाकर प्रयोग में लिया जाता हैं। *

*👨‍👨‍👦‍👦😛दालचीनी प्रयोग से 👉🏽अफारा दूर होता है और मूत्र खुलकर आता है। दालचीनी के उचित और निरन्तर प्रयोग से शारीरिक तनाव में कमी आती है तथा व्यक्ति के रंग, रूप और स्मरण शक्ति में भी विकास होता है। हड्डियों की मजबूती के लिए सदियों से दालचीनी वाले दूध का प्रयोग होता आ रहा है। विशेषज्ञों की मानें तो इस दूध के नियमित सेवन से गठिया की समस्या नहीं होती है। *

*👁😓सरदर्द:- दालचीनी को पानी में खूब बारीक पीसकर लेप बनाकर सर पर लगाने से सरदर्द में काफी फायदा होता है। *

*🤗कफ खांसी:- बलगम वाली खांसी या कफ होने पर दालचीनी, अदरक, लौंग, इलायची को गर्म पानी में चाय की तरह उबालकर और छानकर पियें*

*👨‍👨‍👦‍👦एक चौथाई चम्मच दालचीनी पाउडर इतनी ही मात्रा में मुलेठी और चाशनी के साथ पानी में मिला लीजिए। अब रोज सोने से पहले एक चम्मच इस मिश्रण का सेवन करने से खांसी में बेहतरीन फायदा होता है। *

*➡️😓पुरानी खांसी के लिए रामबाण औषधि – दाल चीनी एक भाग, छोटी इलायची दो भाग, छोटी पीपली चार भाग और वंशलोचन-आठ भाग इन सब सामग्रियों को लेकर सबका खूब बारीक चूर्ण बनाएँ, मिश्री सोलह भाग लेकर बारीक चूर्ण बनाकर सभी औषधियों के साथ अच्छी तरह मिलाकर काँच की बोतल में सुरक्षित रख लें। इस चूर्ण को सुबह तथा रात को सोते समय खाली पेट 1 चम्मच की मात्रा में चाशनी के साथ चाटें। इस प्रयोग से दो-तीन दिन में ही खाँसी ठीक कर देता है। *

*🚴👨‍👨‍👦‍👦✍यह हर्ब प्राकृतिक रूप से मिठास लिए होता है। यह थकान में बहुत फायदेमंद होती है। इसमें फाइबर आहार खूब होता है; जो हमारी सेहत के लिए अत्यंत लाभदायक होता है। इस कारण दालचीनी विभिन्न रोगों के लिए प्राकृतिक दवा के रूप में प्रयोग में लाई जाती है। इसके अलावा इसे और भी स्वास्थ्य संबंधी उपचार में प्रयोग किया जाता है, जैसे कोलेस्ट्रॉल को कम करने, जुकाम को नियंत्रित करने, पाचन क्रिया के सुधार के लिए, मोटापे को कम करने के लिए आदि। *

*✍👩‍🦰मधुमेह:- दालचीनी मधुमेह रोगियों के लिए बेहद उपयोगी मानी जाती है। इस में एंटी-इंफ्लेमेटरी पाए जाते हैं, जिसके कारण यह हृदय संबंधी रोगों में सुधार करती है और खून में शुगर की मात्रा को नियंत्रित करती है। *

*🐱गर्भ निरोधक:- कुछ चिकित्सकों को मानना है कि बच्चा पैदा होने के बाद यदि स्त्रियां दालचीनी के चूर्ण का नियमित रूप से उपयोग करती रहेंगी, तो गर्भ निरोध में सहायता मिलती है। इसका कारण यह है कि इसके चूर्ण को लेने से गर्भ के पश्चात् मासिक धर्म की शुरूआत देर से होती है और मासिक धर्म के बाद ही गर्भधारण किया जा सकता है। *

*🕉️पाचनशक्ति:- दालचीनी वाला दूध पीने से पाचन शक्ति मजबूत होती है। एक चम्मच दालचीनी के चूर्ण को पानी में उबालकर ठंडा करके खाने के आधा घंटा बाद लेने से अफारा और अपच दूर होता है। *

*✊मोटापा:- मोटे लोगों की दाल-चीनी का प्रयोग करना चाहिए। अगर आप चाय पीते हैं तो चाय में और भोजन में इसका पाउडर मिला लें। यह शरीर में जमी चर्बी को कम करता है। *

*😓मलेरिया:- अगर किसी व्यक्ति को मलेरिया का बुखार होता है तो इसमें यह फायदेमंद होती है और इससे राहत मिलती है। *

*😇त्वचा रोग:- दालचीनी वाला दूध पीने से बालो और त्वचा से जुड़ी लगभग सभी समस्या दूर होती हैं। इसका एंटी-बैक्टीरियल गुण और बालों को इंफेक्शन से सुरक्षित रखता है, जिससे त्वचा और बाल स्वस्थ रहते हैं। कील-मुंहासे की समस्या से छुटकारा पाने के लिए दालचीनी के चूर्ण में थोड़ा नींबू का रस मिलाकर कील-मुंहासे पर लगाने से कुछ दिनों में ही चेहरा साफ हो जाता है। *

*👩‍🦰अन्य लाभ:- दालचीनी के प्रयोग से दमा, मासिक धर्म अधिक आना और गर्भाशय सम्बंधी रोगों के उपचार में भी होता है। *

*⏰#दालचीनी के पाउडर से प्रतिदिन मसूडो की मालिश करें इससे इनकी मजबूती बनी रहेगी। *

*➡️इसके साथ ही यह गैस की परेशानी से भी राहत देने का काम करता है। *

*🌞दालचीनी से मुंह की बदबू से भी छुटकारा मिलता है। बदहजमी अथवा बुखार के कारण गला सूख गया हो तो इसका एक टुकड़ा मुंह में रखने से प्यास बुझती है तथा मीठा उत्तम स्वाद उत्पन्न होता है। इससे मसूढ़े भी मजबूत होते हैं और दुर्गन्ध भी चली जाती है। *

*➡️दालचीनी, सोंठ, जीरा और इलायची को बराबर मात्रा में लेकर इसका चूर्ण बनाएं। इसे नियमित रूप से आधा चम्मच की मात्रा में पानी के साथ लेते रहने से कब्ज दूर रहता है। दालचीनी और कत्था समान मात्रा में लेकर पानी के साथ लेने से दस्त बंद हो जाते हैं। पित्त की अधिकता के कारण उल्टियां होने पर दालचीनी को चाशनी में मिलाकर लेने से उल्टियां बंद हो जाती हैं। *

*🌹दालचीनी से हानि और सावधानी🌹*

*☸️🤔दाल चीनी की तासीर गर्म होती है तथा रक्त में पित्त की मात्रा बढ़ाने वाली होती है। इसके अधिक सेवन से शरीर में गरमी पैदा होती है। अत: गरमी के दिनों में इसका लगातार सेवन न करें। और सर्दियों में भी इसकी उचित मात्रा का ही सेवन करें। *

*👨‍👩‍👧‍👦दालचीनी का सेवन करने में स्तनपान करा रही माताओं और गर्भवती महिलाओं को सावधानी बरतनी चाहिए*

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