रविवार, 23 जुलाई 2023

मेरा कर्तव्य

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*मेरा कर्तव्य*
⛳🕉️🌞🕉️🪔⛳
*🌞🕉️वसुनंदी गुरुवे नमः🕉️🌞*
*🌞✍️सच्चा साथी✍️🌞*
*👨‍👩‍👧‍👦✍️कहानी सभी के काम की*
*💪👩‍🚒 मेरा कर्तव्य ✍️🐒*

*🔔👨‍👩‍👧‍👦↔️ जैन तीर्थंकर प्रभु के पंच कल्याणक महोत्सव की अग्रिम सूचना🔔*

*🔔⏰🎪 जैन तीर्थंकर भगवन्तों के पंच कल्याणक महोत्सव जुलाई माह में आने वाली दिनांक  18 , 22 , 23, 30,   तारीख को है। जुलाई माह में दो तीर्थंकर भगवन्तो के मोक्ष कल्याणक महोत्सव है।यह सभी तिथियां जयपुर पंचांग के अंतर्गत है।विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ते रहे शिक्षाप्रद कहानी।*

 ✍️पिताश्री आप अभी तक तैयार नहीं हुए। बैग कहां है? आपका। चलिए मैं पैक करती हूं।पिताश्री  ने एक उदास नजर निली पर डाली निली बेटा मैं कहीं नहीं जाऊंगा। ये घर तेरी मां की यादों से भरा हुआ है।निली की ‌आंखे भर आई पिताश्री मां को गये छह महीने हो गए हैं आपकी तबियत भी ठीक नहीं है ऐसे में मैं आपको अकेले नहीं छोड़ सकती।आप मेरे घर चल रहे हैं मेरे साथ। बेटा मैं तेरे घर कैसे रह सकता हूं? 

बेटी के घर का तो लोग पानी तक नहीं पीते हैं। फिर वहां तेरे सास ससुर भी हैं ।उन्हें मेरा वहां रहना कैसे अच्छा लग सकता है।आखिर हूं तो मैं एक बाहरी आदमी। पिताश्री वो लोग ऐसे नहीं हैं वो मेरे साथ कितने अच्छे हैं।निली पापा का हाथ अपने हाथ में लेकर बैठ गई। पिछली बार आपको शुगर का अटैक आया था । कितनी मुश्किल से ठीक... कहते हुए , उसकी आंखों में आंसू आ गए। पापाजी मैं आपकी इकलौती बेटी हूं।आपकी सारी जिम्मेदारी अब मेरी है। बस मैं और कुछ नहीं सुनुंगी। 

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पापाजी सोच में डूब गए अनिल (दामाद) जी ने तो एक बार भी नहीं कहा। हां ये जरूर कहा था कि पापाजी हम आते रहेंगे आपसे मिलने।निली तूने दामाद जी को पूछा। अरे पापाजी उनकी और मेरी राय अलग थोडे़ ही है।निली पापाजी को लेकर अपने घर आ गई। उसके सास-ससुर समधी को देख कर चौंक गए अनिल ने भी पैर छुए और कहा अच्छा किया पापाजी जो आप कुछ दिन के लिए यहां आ ग‌ए। पापाजी रहने तो लगे पर उन्हें लग‌ रहा‌ था कि शायद दामाद और उनके माता-पिता उनके यहां आने से खुश नहीं हैं। एक दिन पापाजी लॉन में घूम रहे थे कि अचानक उन्हें अनिल की आवाज सुनाई दी।

निली पापाजी यहां पर कब तक रहेंगे। ऐसा क्यों पूछ रहे हैं आप। वहां पर उनका है ही कौन‌ और उनकी तबीयत भी ठीक नहीं है। अरे तुम समझ नहीं रही हो हमें तो अपने घर में ही अजीब सा महसूस होने लगा है। हमें किसे? अच्छा मम्मी-पापा जी ने कहा आपसे।अब तुम जो भी समझो। अरे वहां पर उनकी अच्छी व्यवस्था कर सकती हो। पापाजी और नहीं सुन सके कांपते हुए कदमों से वापस आ ग‌ए। अगले दिन जाने की तैयारी करने लगे।

निली बोली पिताश्री ऐसे कैसे जायेंगे आप। पापाजी उसे ‌डांटने लगे निली मेरी फिजूल में चिंता मत करो अपने पति और सास ससुर का ध्यान रखो बेटा मैं अपना ख्याल खुद रख सकता हूं।निली बेटा बहुत दिन हो गए अब जाना चाहिेए मैं अनिल से बात करती हूं। अभी आपकी तबियत ठीक नहीं है। जब आप ठीक हो जाएंगे तो मैं आपको खुद छोड़ आऊंगी। नहीं निली देखो मैं तुमसे नाराज हो जाऊंगा।निली नाश्ता बनाने लगी। 

सोच रही थी कि पापाजी को किसी ने कुछ तो कहा है। नाश्ता करने के बाद उसने कहा आज पापाजी जा रहे हैं।वह अपने सास, ससुर और अनिल का चेहरा देख रही थी कि उनके चेहरे पर चमक आ गई थी। तभी उसने कहा कि मैंने एक फैसला किया है कि पापाजी इतनी बड़ी कोठी में अकेले कैसे रहेंगे। सोच रही हूं कि गरीब बच्चों के लिए उसमें एक छोटा-सा स्कूल खोल दिया जाय। 

पापाजी और मैं मिल कर एक ट्रस्ट बनाएंगे ताकि पापाजी के बाद भी स्कूल चलता रहे। और पापाजी आपकी वो जमीन पडी़ है उसे बेच देते हैं दो करोड़ की वैल्यू है उसकी उसे ट्रस्ट के फंड में जमा कर देंगे उसके इंट्रेस्ट से उन गरीब बच्चों की फीस में मदद करेंगे जो कुछ करना चाहते हैं उसमें योगदान देंगे। बाकी आपकी पेंशन और फंड आपके लिए बहुत है। पापाजी मैं आज से ही इस पर काम शुरू करती हूं। पापाजी हतप्रभ हो कर उसे देख रहे थे।

अनिल की आंखों के सामने तो अंधेरा छा गया उसके मम्मी पापा का मुंह खुला रह गया। मन ही मन हिसाब करने लगा पांच करोड़ की कोठी दो करोड़ की जमीन और फंड इतना बड़ा नुकसान। जब‌ निली पापाजी को छोड़कर लौटी तो अनिल उसका इंतजार कर रहा था। ये सब क्या बकवास कर रही थी तुम।निली मुस्कराई और बोली ये बकवास नहीं सच है। ऐसा मैं इसलिए करूंगी कि किसी को भी मेरे पिताश्री की मौत का इंतजार न रहे। 

पापाजी ने मेरी शादी पर ऐसी कौन सी चीज है जो नहीं दी ।अनिल गुस्से से बोला ये तो उनका फर्ज था।फर्ज सिर्फ लड़की के बाप का होता है। क्योंकि उसने लड़की पैदा करने की गलती की है। मैं अपने पापा की इकलौती बेटी हूं। तो क्या मेरा फर्ज नहीं था उनकी देखभाल करने का वो भी ऐसे वक्त में जब उनकी तबीयत ठीक नहीं है। और उन्हें सहारे की जरूरत है। 

माफी चाहती हूं कि उनके कुछ दिन यहां रहने से सबको तकलीफ हुई। मैंने कभी तुम्हें तुम्हारे फर्ज निभाने से नहीं रोका। अपने सास ससुर की सेवा में भी कोई कमी नहीं रखी। तुम मुझे मेरे पिताश्री के प्रति मेरा फर्ज निभाने से नहीं रोक सकते। उसकी आवाज में दृढ़ता थी,अनिल खामोश हो कर उसे देख रहा था। 

*✅🔔🕉️👪💯विशेष:- भव्य आत्माओं,हर संतान का यह फर्ज रहता है कि वो अपने माता-पिता  के साथ साथ अपने सास ससुर की भी जिम्मेदारिया निभाये।जिससे दो परिवारों का रिश्ता हमेशा अटूट बना रहे।आज वर्तमान में पैसे के लोभी लालची लोगों की भरमार है। बिना स्वार्थ के कोई भी व्यक्ति अपने जन्म दाता माता पिता को भी बुढ़ापे में बोझ समझते है।इसी लोभ लालच के कारण वह व्यक्ति विशेष चौरासी लाख योनियों में सुख की तलाश कर रहा किंतु उसे आजतक वह सुख न प्राप्त हुआ ना होगा। जो निःस्वार्थ भाव से अपने बुजुर्ग माता-पिता व अन्य लोगों की सेवा करता है उसे वह सुख प्राप्त होता है जिसके बारे में यहां लिखने में असमर्थ हूं।* 

*👨‍👩‍👧‍👦✍️➡️🕉️ प्रति समय प्रसन्न रहते हुए अपने सच्चे कर्तव्यों ( वह कार्य जो हमें 84 लाख योनियों से मुक्त करने में सहयोग प्रदान करें ) का पालन कीजिये।*
*➡️जैसा हमारा कर्म होगा वैसा ही हमें फल प्राप्त होगा।आज वर्तमान में जो भी हम सभी को प्राप्त हो रहा है वह हमारे द्वारा  पूर्वो पार्जित कर्मो का ही फल है।आप किसी भी जीव के मोक्ष मार्ग में सहयोगी नहीं बन सकते तो विरोधी बनकर पाप का संचय मत करो। ना ही किसी बात चिंता  करो, अच्छे कर्म करो जो हमसे कोई छुड़ा भी नहीं सकता और चुरा भी नहीं सकता।कर्म यह ऐसी संपत्ति है जो मरने के बाद भी हमारे साथ रहती है।जब जीव जन्म लेता है तो केवल अपने पूर्वो पार्जित कर्मों के साथ ही जन्म लेता है।*
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*जैनम जयतु शासनम*
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