सोमवार, 17 जुलाई 2023

भारतीय मां

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*भारतीय मां*
⛳🕉️🌞🕉️🪔⛳
*🌞🕉️वसुनंदी गुरुवे नमः🕉️🌞*
*🌞✍️सच्चा साथी✍️🌞*
*👨‍👩‍👧‍👦✍️कहानी सभी के काम की*
*💪👩‍🚒 भारतीय मां ✍️🐒*


एक गरीब परिवार में एक गुणवान सी बेटी ने जन्म लिया..

बाप दुखी हो गया बेटा पैदा होता तो कम से कम काम में तो हाथ बटाता,,
उसने बेटी को पाला जरूर,
मगर दिल से नही.... 

वो पढने जाती थी तो ना ही स्कूल की फीस टाइम से जमा करता,
और ना ही कापी किताबों पर ध्यान देता था...
अक्सर दारू पी कर घर में कोहराम मचाता था........

उस लडकी की माँ बहुत अच्छी व बहुत भोली भाली थी। वो अपनी बेटी को बडे लाड प्यार से रखती थी.. 
वो पति से छुपा-छुपा कर घर खर्च के पैसे से बेटी की फीस जमा करती।
और कापी किताबों का खर्चा भी देती थी..
अपना पेट काटकर फटे पुराने कपडे पहन कर गुजारा कर लेती थी।
मगर बेटी का पूरा खयाल रखती थी...

पति अक्सर घर से कई कई दिनों के लिये गायब हो जाता था।

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जितना कमाता था दारू मे ही फूक देता था... 
वक्त का पहिया घूमता गया

बेटी धीरे-धीरे समझदार हो गयी..
दसवीं क्लास में उसका प्रवेश होना था।
मॉ के पास इतने पैसै ना थे जो बेटी का स्कूल में दाखिला करा पाती..
बेटी डरडराते हुये पापा से बोली:
पापा मैं पढना चाहती हूं मेरा हाईस्कूल में प्रवेश करा दीजिए मम्मी के पास पैसै नही है... 
बेटी की बात सुनते ही बाप आग वबूला हो गया और चिल्लाने लगा बोला,तू कितनी भी पढ़ लिख जाये तुझे तो चौका चूल्हा ही सम्भालना है, क्या करेगी तू ज्यादा पढ़ लिख कर..

उस दिन उसने घर में आतंक मचाया व सबको मारा पीटा।

बाप का व्यहार देखकर बेटी ने मन ही मन में सोच लिया कि अब वो आगे की पढाई नही करेगी.... 
एक दिन उसकी माँ बाजार गयी। 

बेटी ने पूछा:माँ कहाँ गयी थी 
माँ ने उसकी बात को अनसुना करते हुये कहा :
बेटी कल मै तेरा स्कूल में दाखिला कराउंगी।
बेटी ने कहा: नही़ं माँ मै अब नही पढूंगी। मेरी वजह से तुम्हे कितनी परेशानी उठानी पड़ती है। पापा भी तुमको मारते पीटते हैं, कहते कहते रोने लगी..

माँ ने उसे सीने से लगाते हुये कहा: बेटी मै बाजार से कुछ रुपये लेकर आयी हूं मै कराऊँगी तेरा दखिला..
बेटी ने माँ की ओर देखते हुये पूछा: माँ तुम इतने पैसै कहांसे लायी हो??
माँ ने उसकी बात को फिर अनसुना कर दिया...

वक्त बीतता गया 
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"माँ ने जी तोड़ मेहनत करके बेटी को पढाया लिखाया।
बेटी ने भी माँ की मेहनत को देखते हुये मन लगा कर दिन रात पढाई की
और आगे बढ़ती चली गयी.......

इधर बाप दारू पी पी कर बीमार पड गया
डाक्टर के पास ले गये।
डाक्टर ने कहा इनको टी.बी. है।
एक दिन तबियत ज्यादा गम्भीर होने पर बेहोशी की हालत में अस्पताल में भर्ती कराया..

दो दिन बाद उस जबे होश आया तो डाक्टरनी का चेहरा देखकर उसके होश उड गये।

वो डाक्टरनी कोई और नही बल्कि उसकी
अपनी बेटी थी.. 
शर्म से पानी पानी होगया बाप।
कपडे से अपना चेहरा छुपाने लगा
और रोने लगा हाथ जोडकर बोला: बेटी मुझे माफ करना मैं तुझे समझ ना सका...
दोस्तों बेटी आखिर बेटी होती है।
बाप को रोते देखकर बेटी ने बाप को गले लगा लिया..

दोस्तों गरीबी और अमीरी से कोई फर्क नहीं पडता,,
अगर इन्सान का इरादा हो तो आसमान में भी छेद हो सकता है।

एक दिन बेटी माँ से बोली: माँ तुमने मुझे आजतक नहीं बताया कि मेरे हाईस्कूल के  लिये व मेरे डाक्टरी कोर्स के पैसै कहाँ से लायी थी??

बेटी के बार बार पूछने पर
माँ ने जो बात बतायी
उसे सुनकर
बेटी की रूह काँप गयी.... 

माँ ने अपने शरीर से बड़े लोगों के घर चौंका बर्तन का कार्य  कर बेटी कि शिक्षा पूर्ण  कराई थी ....

*🔔🕉️⏰👪✍️विशेष:- भव्य आत्माओं,तभी तो माँ को भगवान का दर्जा दिया गया हैं।माँ जितना औलाद के लिये त्याग कर सकती है,उतना दुनियाँ में कोई और नही।उस मां ने हमारे जन्म से हमारे सभी कार्य किए। विषम परिस्थितियों में उसने हमारे दुःखों को अपने ऊपर ले लिया और हमें अपनी ममता की छांव का सुख प्रदान किया।उस मां का हम किसी भी प्रकार कर्ज नहीं उतार सकते हां इतना अवश्य ही करें कि उन्हें बुढ़ापे में हमारे द्वारा किसी प्रकार का मन से- वचनों से - शरीर से किसी प्रकार का कष्ट ना हो।ऐसा व्यवहार रखें कि उनके अंतरंग से हमें सदा आशीर्वाद ही प्राप्त होता रहें।* .....

*👨‍👩‍👧‍👦✍️➡️🕉️ प्रति समय प्रसन्न रहते हुए अपने सच्चे कर्तव्यों ( वह कार्य जो हमें 84 लाख योनियों से मुक्त करने में सहयोग प्रदान करें ) का पालन कीजिये।*
*➡️जैसा हमारा कर्म होगा वैसा ही हमें फल प्राप्त होगा।आज वर्तमान में जो भी हम सभी को प्राप्त हो रहा है वह हमारे द्वारा  पूर्वो पार्जीत कर्मो का ही फल है।आप किसी भी जीव के मोक्ष मार्ग में सहयोगी नहीं बन सकते तो विरोधी बनकर पाप का संचय मत करो। ना ही किसी बात चिंता  करो, अच्छे कर्म करो जो हमसे कोई छुड़ा भी नहीं सकता और चुरा भी नहीं सकता।कर्म यह ऐसी संपत्ति है जो मरने के बाद भी हमारे साथ रहती है।जब जीव जन्म लेता है तो केवल अपने पूर्वो पार्जित कर्मों के साथ ही जन्म लेता है।*
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*जैनम जयतु शासनम*
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