शुक्रवार, 24 फ़रवरी 2023

संसार में भ्रमण

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*🌞🕉️वसुनंदी गुरुवे नमः🕉️🌞*
*🌞✍️सच्चा साथी✍️🌞*
*👨‍👩‍👧‍👦✍️कहानी सभी के काम की*
*💪👩‍🚒 संसार में भ्रमण ✍️🐒*

*🔔👨‍👩‍👧‍👦↔️तीर्थंकर प्रभु के पंच कल्याणक महोत्सव की अग्रिम सूचना🔔*
*🕉️1.फाल्गुन शुक्ल सप्तमी , रविवार दिनांक 26 फरवरी  2023 को  अष्टम तीर्थंकर सभी को अष्टम निधि  प्रदान करने वाले  चंद्रप्रभ  भगवान जी का मोक्ष  कल्याणक महोत्सव है। तीर्थंकर चन्द्रप्रभ भगवान जी का  मोक्ष , शिखरजी में ललित कूट पर हुआ था | आज के ही दिन संध्या के समय ज्येष्ठा नक्षत्र में 1000 मुनिराजों के साथ मोक्ष पद को प्राप्त किया था | इस कूट से 984 अरब 12 करोड़ 80 लाख 84 हजार 595 मुनि सिद्ध भये | भाव सहित दर्शन-पूजन करें ---*
*🔔⏰🎪 जैन तीर्थंकर भगवन्तों के पंच कल्याणक महोत्सव फरवरी माह में आने वाली   व 27 तारीख को है।फरवरी माह में पांच तीर्थंकर भगवन्तो के मोक्ष कल्याणक महोत्सव है।यह सभी तिथियां जयपुर पंचांग के अंतर्गत है।विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ते रहे शिक्षाप्रद कहानी।*
*👨‍👩‍👦‍👦आप सभी सपरिवार इष्टमित्रों के साथ अपनी शक्ति अनुसार उत्सव मनाकर अपने पापों को पुण्य में बदल कर जीवन सफल करें।*

एक बार शंकर पार्वती भ्रमण पर निकले । रास्ते में उन्होंने देखा कि एक तालाब में कई बच्चे तैर रहे थे, लेकिन एक बच्चा उदास मुद्रा में बैठा था।

 पार्वती जी ने शंकर जी से पूछा, यह बच्चा उदास क्यों है ? शंकर जी ने कहा, बच्चे को ध्यान से देखो। पार्वती जी ने देखा, बच्चे के दोनों हाथ नही थे, जिस कारण वो तैर नही पा रहा था।

 पार्वती जी ने शंकर जी से कहा कि आप शक्ति से इस बच्चे को हाथ दे दो ताकि वो भी तैर सके।
 शंकर जी ने कहा, हम किसी के कर्म फल में हस्तक्षेप नही कर सकते हैं क्योंकि हर आत्मा अपने कर्मो के फल द्वारा ही अपना कार्य करती है।

कर्म ही इंसान की पहचान है

पार्वती ने बार बार विनती की। आखिरकार शंकर जी ने उसे हाथ दे दिए। 

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वह बच्चा भी पानी में तैरने लगा। एक सप्ताह बाद शंकर पार्वती फिर वहाँ से गुज़रे।

 इस बार मामला उल्टा था, सिर्फ वही बच्चा तैर रहा था और बाकी सब बच्चे बाहर थे। 

पार्वती जी ने पूछा यह क्या है ? शंकर जी ने कहा, ध्यान से देखो। देखा तो वह बच्चा दूसरे बच्चों को पानी में डुबो रहा था इसलिए सब बच्चे भाग रहे थे। शंकर जी ने जवाब दिया : हर व्यक्ति अपने कर्मो के अनुसार फल भोगता है।

भगवान किसी के कर्मो के फेर में नही पड़ते है। उसने पिछले जन्मो में अपने हाथों द्वारा यही कार्य किया था इसलिए उसके हाथ नही थे। हाथ देने से पुनः वह दूसरों की हानि करने लगा है।

 प्रकृति नियम के अनुसार चलती है, किसी के साथ कोई पक्षपात नही करती। आत्माएँ जब भी चौरासी लाख योनियों में भ्रमण करती है तो कर्मो अनुसार कोई अपाहिज है तो कोई भिखारी, तो कोई गरीब तो कोई अमीर होता है।लेकिन सब जीव स्वयं के आचरण से परिवर्तन करते है। अगर महलों में रहकर या पैसे के नशे में आज कोई बुरा काम करता है तो कल उसको भुगतना ही  पड़ेगा।

अंत में शिवजी ने उस बालक को पूर्ववत कर दिया। इस दृष्टांत से हमें प्रेरणा लेनी चाहिए कि मानव जीवन सफल करने के लिए हमें अत्यंत सावधानी पूर्वक जीवन व्यतीत करना चाहिए।

*👪✅🪔🔔⛳विशेष:-भव्य‌‌‌ आत्माओं, आज हम सभी को मनुष्य भव प्राप्त हुआ है। यह मनुष्य पर्याय हमें अपने पापों को क्षय करने ओर स्वयं के मोक्ष मार्ग को शक्ति अनुसार सुरक्षित  रखने केलिए प्राप्त हुआ है।हम सभी को अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए जीवन सार्थक करना चाहिए।*

*👨‍👩‍👧‍👦✍️➡️🕉️सदैव प्रसन्न रहते हुए अपने सच्चे कर्तव्यों ( वह कार्य जो हमें 84 लाख योनियों से मुक्त करने में सहयोग प्रदान करें ) का पालन कीजिये।*
*➡️जैसा हमारा कर्म होगा वैसा ही हमें फल प्राप्त होगा।आज वर्तमान में जो भी हम सभी को प्राप्त हो रहा है वह हमारे द्वारा  पूर्वो पार्जीत कर्मो का ही फल है।आप किसी भी जीव के मोक्ष मार्ग में सहयोगी नहीं बन सकते तो विरोधी बनकर पाप का संचय मत करो। ना ही किसी बात चिंता  करो, अच्छे कर्म करो जो हमसे कोई छुड़ा भी नहीं सकता और चुरा भी नहीं सकता।कर्म यह ऐसी संपत्ति है जो मरने के बाद भी हमारे साथ रहती है।जब जीव जन्म लेता है तो केवल अपने पूर्वो पार्जित कर्मों के साथ ही जन्म लेता है।*
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*जैनम जयतु शासनम*
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