शनिवार, 26 नवंबर 2022

हमारे पतन का मुख्य कारण

**
🌞🕉️🌞🕉️🌞🕉️🌞🌞🕉️🌞🕉️🌞🕉️🌞
*🌞🕉️वसुनंदी गुरुवे नमः🕉️🌞*
*🌞✍️सच्चा साथी✍️🌞*
*👨‍👩‍👧‍👦✍️कहानी सभी के काम की*
*💪👩‍🚒 हमारे पतन का मुख्य कारण ✍️🐒*

*यह वर्तमान की कड़वी सत्यता है लेकिन आज की सच्ची सच्चाई है...*
  
  *👨‍👩‍👧‍👦🤝👩‍🦰नोट:-भव्य महान आत्माओं आपने इस प्रकार की कहानियां हजारों बार पढ़ ली होगी।फिर भी इस प्रकार की कहानियां आपको बार बार भेजी जा रही है।इसका कारण यह है कि जिन महानुभावों ने कहानियां पढ़कर अपना आचरण सुधार लिया वे तो धन्य है।जिन महानुभावों ने कहानियां पढ़कर अपना आचरण नहीं सुधारा कोई बात नहीं, आपके आत्मा पर कहानियों से कुछ धर्म के आत्मकल्याण के संस्कार तो पड़ गए जब वे उदय मे आयेंगे तो नियम से शुभफल की प्राप्ति होगी।जी हां जितना हमारा समीचीन पुरषार्थ होगा उतना ही लाभदायक शुभफल हमें प्राप्त होगा।अतः आप अपने कीमती समय का सदुपयोग करते हुए स्वयं की आत्मा पर अच्छे संस्कार डालकर यह मनुष्य भव सफल करें। आप हमें अपने विचार अवश्य ही भेजे।*
  
हैदराबाद की एक पाठशाला में एक मित्र प्रधानाध्यापक हैं। उनके घर में दूध देने वाला कृष्णा एक दिन अचानक 'भागा भागा आया और उनके पैरों में गिर गया। बोला कि उसकी लड़की ने घर से भागकर एक मुसलमान लड़के से शादी कर ली है, और उसके परिवार के साथ ही रहने लगी है। उनसे प्रार्थना की कि मास्टरजी आप ही कुछ कीजिए, कृपया हमें इस बर्बादी से बचा लिजिये।

मेरे मित्र उनके एक जानकार मुसलमान व्यक्ति को साथ लेकर लड़की से बात करने लड़के के घर गए, लड़की उस मुसलमान परिवार के घर में थी। लड़की को देखकर मेरा मित्र आश्चर्यचकित रह गया, वह संपूर्णतः मुसलमान लड़की की वेशभूषा में थी। मित्र ने पूछा, बेटी तुमने ऐसा क्यों किया, तुम्हारे मां बाप बहुत परेशान हैं। 

⬇️⬇️⬇️⬇️⬇️⬇️⬇️⬇️⬇️⬇️⬇️⬇️⬇️⬇️
*🕉️🌞✍️पुण्य वृद्धि के इच्छुक  पुण्यात्माओं से निवेदन है कि इस पोस्ट को परिवार, मित्रों और अन्य परिचितों तक इस पोस्ट को भेजकर स्वयं के व उनके पुण्य मे भी वृद्धि करें। धर्मात्मा बंधु पापों को पुण्य मे बदलना चाहते है तो आज ही संस्था से जुड़कर अपना मोक्ष मार्ग को सुरक्षित करें ।जो स्वयं के पुण्य को शीघ्रातिशीघ्र वृद्धिगत करना चाहते है वे सभी अपनी चंचला लक्ष्मी का सदुपयोग संस्था के माध्यम से  करें।✍️*
*✍️➡️👨‍👩‍👧‍👦अगर कोई भी पुण्यात्मा श्रावक इस प्रकार की पोस्ट को व्हाट्सएप पर प्राप्त करना चाहते है तो श्री शांति सागर समाधि साधना सेवा केंद्र जयपुर रजिस्टर संस्था के 📲 9461956111 नंबर पर व्हाट्सएप पर कहानियां + शुभनाम+ 【गांव शहर】निवास स्थान  लिखकर व्हाट्सएप करें,काल ना करें।*⬆️⬆️⬆️⬆️⬆️⬆️⬆️⬆️⬆️⬆️⬆️⬆️⬆️⬆️

लड़की ने कहा कि वह उस मुसलमान लड़के के साथ पिछले एक साल से प्यार कर रही थी। इस दरमियान उस लड़के ने उसे इस्लाम की सारी आयत समझाया, सिखाया, अल्लाह को करामाती बताया, उसकी मां ने यानी अब उस लड़की की सास ने उसे कुरान सिखाया, घर में नमाज  करना सिखाया, अपने खाने पीने का रिवाज सिखाया, इस्लाम के लिए जान लेने और एक दूसरे के लिए जान तक कुर्बान करने की जज़्बा सिखाया।

वह बोली कि मेरे जन्म से 23 वर्ष में मेरे माता पिता ने मुझे कभी भी वेद, पुराण, गीता, रामायण, महाभारत, भगवान की प्रार्थना, नियमानुसार मंदिर जाना या अन्य ऐसा कोई धार्मिक बातें नहीं सिखाई। मैने तो इस लड़के के साथ आने के बाद ही जाना कि धर्म क्या है और अल्लाह की सच्ची इबादत, उसकी रहमत पाना सीखी! 

पापा को तो बस पैसे कमाने से फुरसत ही नही थी, उन्हें पूजा करते मैंनें कभी देखा ही नहीं, मां अपने साड़ी ब्लाउज के मैचिंग, टेलर के चक्कर काटने, मेकअप वगैरा में ही खुद भी और मुझे भी व्यस्त रखती थी। पिताजी और मां घर में अक्सर झगड़ते रहते थे, खास कर जब दादा-दादी आते तो मां घर में युद्ध छेड़ देती। 

मिजुलकर सम्मान से एक परिवार की तरह कभी शांति पूर्वक खुशी-खुशी रहते देखा नहीं, कभी ऐसे अच्छे अनुभव नहीं मिले। 
लेकिन अभावों के बावजूद अब यहां मुझे वो सब कुछ देखने को मिला और इसलिए इनके यहां आने पर मैं खुश हूं, अब बताइए, क्या मैं गलत हूँ ?

लड़की की सारी बात सही है। यह सब सुनकर मित्र कुछ नही कह सका और वापस लौट आया, कृष्ण से बस यह कहां कि जैसा बोएंगे, वैसा ही पाऐंगे।

अफसोस की बात यह है कि आज 80% भारतवासियों के परिवारों में धर्म की व व्यवहारिक शिक्षा नहीं होती है। माता पिता अपने आप में व्यस्त हैं,  कपड़ों के सिलेक्शन, मैचिंग में लगे हैं। अपने बच्चों को पढ़ाई लिखाई के अलावा धर्म, संस्कृति, परमपराएं, आचार-व्यवहार भी सिखाएं केवल सुख भोगना नहीं! रीति-रिवाज, शिष्टाचार बचपन से ही सिखाएं। आप बच्चों के आदर्श बनें। आज हम संस्कार विहीन होने से भारत के पतन का मुख्य कारण हम स्वयं है। जबतक भारत के संविधान में धार्मिकता का अभाव रहेगा तब तक भारतीयों का सम्पूर्ण विकास संभव नहीं है।

धर्मो रक्षति रक्षिताः अर्थात् धर्म उनकी रक्षा करता हैं जो धर्म की रक्षा करते हैं। अगर जीव में सत्यधर्म के संस्कार नहीं होगे तो वह नियम से सबकुछ प्राप्त करने के बाद भी उन चीजों का वह उपयोग नहीं कर सकता। यही हमारी सबसे बड़ी भूल है।

*विशेष - : भव्य आत्माओं, सावधान सचेत रहिए, पांचों इंद्रियों के मोहअंधकार को समझिए।यदि आप अपने बच्चों को , परिवार के अन्य सदस्यों को धार्मिक व व्यवहारिक ज्ञान नहीं सिखाएंगे, तो बाहर वाले उन्हे अपना धर्म सिखाकर आपके वंश को समाप्त कर देंगे। आज जैनियों के लिए आदिनाथ पुराण में गर्भ में जीव के आने से पहले व मरण तक की संस्कार विधि दी गई है। जिस परिवार में इन संस्कारों को विधी पूर्वक पालन किया गया है। उन्हें नरक व तिर्यंच गति का बंध नहीं होता।वे नियम से यही पर स्वर्ग का सुख प्राप्त कर नियम से स्वर्ग का सुख प्राप्त करते है। वर्तमान में यह सब बातों का ज्ञान गूगल बाबा व यूट्यूब पर अपलोड है। अतः जो व्यक्ति विशेष सुखी रहना चाहते है वे स्वयं को संस्कारवान बनाएं।*
*⭐🕉️💯✅जय अहिंसक सत्यधर्म की, जय संस्कारवान भारतीयों की 🚩🇮🇳*

*👨‍👩‍👧‍👦✍️➡️🕉️सदैव प्रसन्न रहते हुए अपने सच्चे कर्तव्यों ( वह कार्य जो हमें 84 लाख योनियों से मुक्त करने में सहयोग प्रदान करें ) का पालन किजिये।*
*➡️जैसा हमारा कर्म होगा वैसा ही हमें फल प्राप्त होगा।आज वर्तमान में जो भी हम सभी को प्राप्त हो रहा है वह हमारे द्वारा  पूर्वो पार्जीत कर्मो का ही फल है।आप किसी भी जीव के मोक्ष मार्ग में सहयोगी नहीं बन सकते तो विरोधी बनकर पाप का संचय मत करो। ना ही किसी बात चिंता  करो, अच्छे कर्म करो जो हमसे कोई छुड़ा भी नहीं सकता और चुरा भी नहीं सकता।कर्म यह ऐसी संपत्ति है जो मरने के बाद भी हमारे साथ रहती है।जब जीव जन्म लेता है तो केवल अपने पूर्वो पार्जित कर्मों के साथ ही जन्म लेता है।*
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🌳
*जैनम जयतु शासनम*
🌳🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें