गुरुवार, 10 नवंबर 2022

बिना सोचे विचारे

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*🌞🕉️वसुनंदी गुरुवे नमः🕉️🌞*
*🌞✍️सच्चा साथी✍️🌞*
*👨‍👩‍👧‍👦✍️कहानी सभी के काम की*
*💪👩‍🚒 बिना सोचे विचारे....✍️🐒*

एक समय की बात है। एक राजा घने जंगल में भटक गया। कई घंटों के बाद वह प्यास से व्याकुल होने लगा। तभी उसकी नजर एक वृक्ष पर पड़ी जहां एक डाली से टप-टप करती पानी की छोटी-छोटी बूंदें गिर रही थीं... राजा ने पत्तों का दोना बनाकर पानी इकट्ठा किया, राजा जैसे ही पानी पीने लगा।

 एक तोता आया और झपट्टा मार दोने को गिरा दिया। राजा ने सोचा पंछी को प्यास लगी होगी इसलिए वह भी पानी पीना चाहता था लेकिन गलती से उसने झपट्टा मारकर पानी को गिरा दिया... 

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यह सोचकर राजा फिर से खाली दोने को भरने लगा, काफी देर के बाद वह दोना फिर भर गया। राजा ने हर्षचित्त होकर जैसे ही दोने को उठाया तो तोते ने वापस उसे गिरा दिया। 

राजा को बहुत तेज गुस्सा आया और उसने तलवार उठाकर तोते पर वार किया और उसके प्राण निकल गए... 

राजा ने सोचा अब मैं शांति से पानी इकट्ठा कर अपनी प्यास बुझा पाऊंगा। यह सोचकर वह डाली के पास वापस पानी इकट्ठा होने वाली जगह पहुंचा तो उसके पांव के नीचे की जमीन खिसक गई... 

उस डाली पर एक जहरीला अजगर सांप सोया हुआ था और उस सांप के मुंह से लार टपक रही थी। राजा जिसको पानी समझ रहा था वह सांप की जहरीली लार थी... राजा का मन ग्लानि से भर गया। उसने कहा काश मैंने संतों के बताए उत्तम विचार बिना सोचे विचारे कोई कार्य ना करें को धारण कर क्रोध पर नियंत्रण किया होता तो… मेरे हितैषी परोपकारी मित्र निर्दोष पक्षी की जान नहीं जाती..!!

जल्दबाजी और बिना सोचे-विचारे किया काम हमेशा परेशानी और पश्चाताप का कारण बनता है..!!

*🕉️👪⏰🔔🔑विशेष : -भव्य‌‌‌ 🧠आत्माओं, हमें कोई भी कार्य करने से पहले बुद्धि विवेक पूर्वक विचार लाभ हानि का विचार करना चाहिए।  हमारे अपने किए गए कार्यों द्वारा स्वयं का पतन तो नहीं हो रहा है। जिस समय से हमारा ऐसा विचार आएगा उसी समय से हमारा वर्तमान व भविष्य सुरक्षित हो जाएगा।*

*👨‍👩‍👧‍👦✍️➡️🕉️सदैव प्रसन्न रहते हुए अपने सच्चे कर्तव्यों ( वह कार्य जो हमें 84 लाख योनियों से मुक्त करने में सहयोग प्रदान करें ) का पालन किजियें।*
*➡️जैसा हमारा कर्म होगा वैसा ही हमें फल प्राप्त होगा।आज वर्तमान में जो भी हम सभी को प्राप्त हो रहा है वह हमारे द्वारा  पूर्वों पार्जित कर्मो का ही फल है।आप किसी भी जीव के मोक्ष मार्ग में सहयोगी नहीं बन सकते तो विरोधी बनकर पाप का संचय मत करो। ना ही किसी बात चिंता  करो, अच्छे कर्म करो जो हमसे कोई छुड़ा भी नहीं सकता और चुरा भी नहीं सकता।कर्म यह ऐसी संपत्ति है जो मरने के बाद भी हमारे साथ रहती है।जब जीव जन्म लेता है तो केवल अपने पूर्वो पार्जित कर्मों के साथ ही जन्म लेता है।*
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*जैनम जयतु शासनम*
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