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*🌞🕉️वसुनंदी गुरुवे नमः🕉️🌞*
*🌞✍️सच्चा साथी✍️🌞*
*👨👩👧👦✍️कहानी बड़े काम की*
*💪👩🚒स्वयं की योग्यता👨👩👧👦🔔*
*🔔👨👩👧👦↔️तीर्थंकर प्रभु के पंच कल्याणक महोत्सव की अग्रिम सूचना🔔*
*🕉️ कल आषाढ़ कृष्ण तिथि दशमी, 23 जून 2022 गुरुवार को 21 वें तीर्थंकर 1008 श्री नमिनाथ भगवान का जन्म व तप कल्याणक महोत्सव हैं।इस महामहोत्सव पर आपसभी सपरिवार इष्टमित्रों के साथ अपनी शक्तिनुसार उत्सव कर जीवन सफल करें।*
एक राजा बहुत दिनों बाद अपने बगीचे में सैर करने गया , पर वहां पहुँच उसने देखा कि सारे पेड़- पौधे मुरझाए हुए हैं । राजा बहुत चिंतित हुआ, उसने इसकी वजह जानने के सभी पेड़-पौधों से एक-एक करके सवाल पूछने लगा।
अशोक वृक्ष ने कहा, वह मर रहा है क्योंकि वह देवदार जितना लंबा नहीं है। राजा ने देवदार की और देखा तो उसके भी कंधे झुके हुए थे क्योंकि वह अंगूर लता की भांति फल पैदा नहीं कर सकता था। अंगूर लता इसलिए मरी जा रही थी की वह गुलाब की तरह खिल नहीं पाती थी।
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राजा थोडा आगे गया तो उसे एक पेड़ नजर आया जो निश्चिंत था, खिला हुआ था और ताजगी में नहाया हुआ था।
राजा ने उससे पूछा , ” बड़ी अजीब बात है , मैं पूरे बाग़ में घूम चुका लेकिन एक से बढ़कर एक ताकतवर और बड़े पेड़ दुखी हुई बैठे हैं लेकिन तुम इतने प्रसन्न नज़र आ रहे हो…. ऐसा कैसे संभव है ?”
पेड़ बोला , ” महाराज , बाकी पेड़ अपनी विशेषता देखने की बजाये स्वयं की दूसरों से तुलना कर दुखी हैं , जबकि मैंने यह मान लिया है कि जब आपने मुझे रोपित कराया होगा तो आप यही चाहते थे कि मैं अपने गुणों से इस बागीचे को सुन्दर बनाऊं , यदि आप इस स्थान पर ओक , अंगूर या गुलाब चाहते तो उन्हें लगवाते !! इसीलिए मैं किसी और की तरह बनने की बजाय अपनी क्षमता केअनुसार श्रेष्ठतम बनने का प्रयास करता हूँ और प्रसन्न रहता हूँ । “
पाठकों, इस छोटी सी कहानी में बहुत बड़ा संदेश छिपा है। हम अकसर दुसरो से अपनी तुलना कर स्वयं को कम आंकने की गलती कर बैठते हैं । दूसरो की विशेषताओ से प्रेरित होने की बजाए हम अफ़सोस करने लगते हैं कि हम उन जैसे क्यों नहीं हैं ।
न तो हम Sachin Tendulkar की तरह बैटिंग कर सकते हैं , न Amitabh Bachchan की तरह acting कर सकते है और न ही हम Usain Bolt की तरह दौड़ सकते हैं या Roger Federer की तरह Tennis खेल सकते है। हमें यह याद रखना चाहिए की सभी व्यक्ति अलग हैं और सभी की विशेषताए अलग हैं । हम जैसे है वैसा ही अस्तित्व हमें चाहता है।
हम सभी में कुछ ऐसी योग्यता है, जो अन्य लोगो में नहीं है। जरुरत है तो सिर्फ उसे पहचानने की और उस गुणवत्ता को और विकसित कर अपने क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने की। अगर हम यकीन कर ले की हम सफल हो सकते है, तो इससे दूसरे भी हम पर विश्वास करने लगते है। इंसान की सबसे बड़ी कमजोरी खुद का मूल्यांकन कम करने की होती है। हमें अपनी कमिया पता होना अच्छी बात है। इनसे हमें यह पता चलता है की हमें किस क्षेत्र में सुधार करना है।
हमेशा अपने गुणों, अपनी योग्यताओ पर ध्यान केन्द्रित करे। यह जान ले, आप जितना समझते है, आप उससे कही बेहतर है। बड़ी सफलता उन्ही लोगो का दरवाजा खटखटाती है जो लगातार खुद के सामने उचे लक्ष्य रखते है, जो अपनी कार्यक्षमता सुधारना चाहते है।
*👨👩👧👦✍️➡️🕉️सदैव प्रसन्न रहते हुए अपने सच्चे कर्तव्यों ( वह कार्य जो हमें 84 लाख योनियों से मुक्त करने में सहयोग प्रदान करें )का पालन किजिये।*
*जैसा हमारा कर्म होगा वैसा ही हमें फल प्राप्त होगा।आज वर्तमान में जो भी हमसभी को प्राप्त हो रहा है वह हमारे द्वारा किये गए कर्मो का ही फल है।आप किसी भी जीव के सहयोगी नहीं बन सकते तो विरोधी बनकर पाप का संचय मत करो। ना ही किसी बात चिंता करो, अच्छे कर्म करो जो हमसे कोई छुड़ा भी नहीं सकता और चुरा भी नहीं सकता।कर्म यह ऐसी संपत्ति है जो मरने के बाद भी हमारे साथ रहती है।जब जीव जन्म लेता है तो केवल अपने किये हुए कर्मों के साथ ही जन्म लेता है।*
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*जैनम् जयतु शासनम*
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