शुक्रवार, 4 फ़रवरी 2022

अनमोल सीख

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*🌞🕉️वसुनंदी गुरुवे नमः🕉️🌞*
*🌞✍️सच्चा साथी✍️🌞*
*👨‍👩‍👧‍👦✍️कहानी बड़े काम की*
*💪👩‍🚒अनमोल सीख💐💐*

👳दादा जी गली में ही टहल रहे थे,
👩‍✈️निशा भी उनके साथ हो ली बस अभी चार कदम ही चले थे कि करीब चालीस  पैंतालीस की उम्र का एक भिखारी  गली में रुक रुक कर आते जाते लोगों से कुछ माँगता दिखाई दिया ..।

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👩‍✈️निशा ने दादाजी से पूछा-"दादाजी, क्या इस उम्र तक आते-आते भी इस व्यक्ति ने ऐसी कोई कोशिश नहीं की कि  इसे मांगना ना पड़े..?
👳दादा जी कुछ कह पाते इसके पहले ही वह उनके पास आ चुका था, उनकी  तरफ हाथ बढ़ाकर कुछ माँगने लगा... दादा जी अपने पाजामे की जेब टटोलने लगे... हाथ में दो रुपये का सिक्का लगा उन्होंने वह उसे दे दिया...., 

परंतु यह क्या! 

उस भिखारी ने जैसे ही देखा कि सिक्का दो रुपए का है... 

बड़ी हिकारत से दादाजी की तरफ देखा और उस सिक्के को जमीन पर फेंक दिया।

निशा को यह दादाजी के अपमान जैसा लगा उसका चेहरा तमतमा उठा, 

उसने भिखारी को कुछ  कहने के लिए मुँह खोला....तो दादाजी ने उसे रोक दिया और उसका हाथ पकड़ कर आगे बढ़ गए। 

अब दादा जी ने कहा-" निशा बेटा,जो कण की कीमत नहीं समझता धन उसके पास कभी नहीं आता.....

उसने खुद बता दिया कि वह भिखारी क्यों है।"

निशा को जीवन की एक अनमोल सीख मिल गई थी।
*👨‍👩‍👧‍👦✍️👉⌚🎂अतः हमसभी को यह शिक्षा ग्रहण करनी चाहिए कि आज हमारे पास जो भी समय, वस्तु, धन, वैभव प्राप्त है उसका सदुपयोग करें।अन्यथा हम भी निर्धन होते जायेंगे।*
*👨‍👩‍👧‍👦✍️➡️🕉️सदैव प्रसन्न रहते हुए अपने सच्चे कर्तव्यों ( वह कार्य जो हमें 84 लाख योनियों से मुक्त करने में सहयोग प्रदान करें )का पालन किजिये।*
*जैसा हमारा कर्म होगा वैसा ही हमें फल प्राप्त होगा।आज वर्तमान में जो भी हमसभी को प्राप्त हो रहा है वह हमारे द्वारा किये गए कर्मो का ही फल है।आप किसी भी जीव के सहयोगी नहीं बन सकते तो विरोधी बनकर पाप का संचय मत करो। ना ही किसी बात चिंता  करो, अच्छे कर्म करो जो हमसे कोई छुड़ा भी नहीं सकता और चुरा भी नहीं सकता।कर्म यह ऐसी संपत्ति है जो मरने के बाद भी हमारे साथ रहती है।जब जीव जन्म लेता है तो केवल अपने किये हुए कर्मों के साथ ही जन्म लेता है।*
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*जैनम् जयतु शासनम्*
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