बुधवार, 21 मई 2025

मेरे कर्मों का फल

*🎪पंच कल्याणक महोत्सव की सूचना व उपयोगी कहानी🔔*
*🌞✍️सच्चा साथी✍️🌞*
*👨‍👩‍👧‍👦✍️कहानी सभी के काम की*
*💪👩‍🚒  ✍️🐒*

*🔔👨‍👩‍👧‍👦↔️ जैन तीर्थंकर प्रभु के पंच कल्याणक महोत्सव की अग्रिम सूचना🔔*


*🔔🪔   ज्येष्ठ कृष्ण  10, 22 मई गुरुवार 2025 कलि काल के 13वें तीर्थंकर विमलनाथ सर्व सुखकारी सुख प्रदाता श्री विमलनाथ भगवान जी जिनकी आराधना से बुध की महादशा  अनुकूल हो  जाती है और सभी प्रकार से सुखकारी बौद्धिक शक्ति प्राप्ति कर उत्तम धर्म को धारण कर भव्य जीव मोक्ष मार्ग पर  दृढ़ता पूर्वक विचरण करता है। मोक्ष प्रशस्त करने वाले श्री विमलनाथ भगवान जी का गर्भ कल्याणक महोत्सव है।*
*🔔🪔   ज्येष्ठ कृष्ण 12, 24 मई शनिवार 2025 कलि काल के 14वें तीर्थंकर  सर्व सुखकारी सुख प्रदाता श्री अनंतनाथ भगवान जी जिनकी आराधना से बुध की महादशा  अनुकूल हो  जाती है और सभी प्रकार से सुखकारी बौद्धिक शक्ति प्राप्ति कर उत्तम धर्म को धारण कर भव्य जीव मोक्ष मार्ग पर  दृढ़ता पूर्वक विचरण करता है। मोक्ष प्रशस्त करने वाले श्री अनंतनाथ भगवान जी का जन्म व तप कल्याणक महोत्सव है।*
*🎪 मई  2025 में तीर्थंकर भगवन्तों के पंच कल्याणक महोत्सव  04, 05,07,18, 22, 24, 26 ,27 ,30 तारीख को है।*
*👨‍👨‍👦‍👦🔔🐎  मई माह में अष्टमी तिथि 4 व 20 तारीख को है।👉चतुर्दशी तिथि 11 व 26 मई को है।*
*🔔🐎 श्रुत पंचमी पर्व याने मां जिनवाणी पूजा व्रत 31 मई को है।*
*👨‍👨‍👦‍👦🔔👉 मई माह में शुद्ध विवाह मुहूर्त 05,06,08,09,14, 16,17, 18, 22, 23, 28 मई को है।🔔*
*🐎✍️ पंचक 20 से 24 मई तक है।*
*👨‍👨‍👦‍👦🚙🚗 वाहन खरीदने का मुहूर्त 2,4,9,11,18 व 23 मई को है।*
 *🌞यह सभी पंच कल्याणक तिथियां उत्तर पुराण के अनुसार है इन तिथियों से सम्पूर्ण विश्व में कल्याणक महोत्सव मनाए जाते है।यह सभी  तिथियां जयपुर जैन पंचांग के अंतर्गत है।विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ते रहे शिक्षाप्रद कहानियां ।*
*मेरे कर्म फल*

*🔔मेरे जीवन की सच्चाई आज में वर्तमान में मुझे सुख व दुःख की प्राप्ति हो रही है।वह मेरे कर्मों के द्वारा बोई गई फसल के फल है।उन फलों को में समता पूर्वक भोग रहा हूं। अब कर्मों के द्वारा ऐसे बीज नहीं बो रहा हूं जिससे मेरा वर्तमान व भविष्य खराब हो। मैं अब सभी के मोक्ष मार्ग में सहायक बनकर जीवन सार्थक कर रहा हूं। अब इस कहानी से कुछ सकारात्मक शब्दों में स्वयं का आकलन करना आवश्यक है।*

एक दिन एक राजा ने अपने तीन मन्त्रियो को दरबार में  बुलाया और  तीनों को  आदेश  दिया  कि वह एक  एक  थैला  ले  कर  बगीचे  में  जाएं.., 
और 
वहां  से  अच्छे  अच्छे  फल  जमा  करें.  
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*🕉️🌞✍️पुण्य वृद्धि के इच्छुक  पुण्यात्माओं से निवेदन है कि इस पोस्ट को परिवार, मित्रों और अन्य परिचितों तक इस पोस्ट को भेजकर स्वयं के व उनके पुण्य मे भी वृद्धि करें। धर्मात्मा बंधु पापों को पुण्य मे बदलना चाहते है तो आज ही संस्था से जुड़कर अपना मोक्ष मार्ग को सुरक्षित करें ।जो स्वयं के पुण्य को शीघ्रातिशीघ्र वृद्धिगत करना चाहते है वे सभी अपनी चंचला लक्ष्मी का सदुपयोग संस्था के माध्यम से  कर सकते है ।✍️*
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वो  तीनो  अलग  अलग  बाग़  में प्रविष्ट  हो  गए ,
पहले मन्त्री ने  कोशिश  की  कि राजा  के  लिए  उसकी पसंद  के  अच्छे  अच्छे  और  मज़ेदार  फल  जमा  किए जाएँ , उसने  काफी  मेहनत  के  बाद  बढ़िया और  ताज़ा  फलों  से  थैला  भर  लिया।

दूसरे मन्त्री  ने  सोचा  राजा  हर  फल  का परीक्षण  तो करेगा नहीं , इस  लिए  उसने  जल्दी  जल्दी  थैला  भरने  में  ताज़ा , कच्चे , गले  सड़े फल  भी  थैले  में  भर  लिए ,

तीसरे  मन्त्री  ने  सोचा  राजा  की  नज़र  तो  सिर्फ  भरे  हुए थैले  की  तरफ  होगी  वो  खोल  कर  देखेगा  भी  नहीं  कि  इसमें  क्या  है , उसने  समय बचाने  के  लिए  जल्दी  जल्दी  इसमें  घास और  पत्ते  भर  लिए  और  वक़्त  बचाया .

दूसरे  दिन  राजा  ने  तीनों मन्त्रियो  को  उनके  थैलों  समेत  दरबार  में  बुलाया  और  उनके  थैले  खोल  कर  भी  नही देखे  और  आदेश दिया  कि  तीनों  को  उनके  थैलों  समेत  दूर  स्थान की एक जेल  में 15 दिन के लिए  क़ैद  कर  दिया  जाए.

 अब  जेल  में  उनके  पास  खाने  पीने  को  कुछ  भी  नहीं  था  सिवाय उन फल से भरे थैलों  के ,
तो  जिस मन्त्री ने  अच्छे  अच्छे  फल  जमा  किये  वो  तो  मज़े  से  खाता  रहा  और  15 दिन  गुज़र  भी  गए ,

फिर  दूसरा  मन्त्री जिसने  ताज़ा , कच्चे  गले  सड़े  फल  जमा  किये  थे,  वह कुछ  दिन  तो  ताज़ा  फल  खाता  रहा  फिर  उसे  ख़राब  फल  खाने  पड़े , जिससे  वो  बीमार  हो गया  और  बहुत  तकलीफ  उठानी  पड़ी .

  तीसरा मन्त्री  जिसने  थैले  में  सिर्फ  घास  और  पत्ते  जमा  किये  थे  वो  कुछ  ही  दिनों  में  भूख  से  मर  गया .

अब आप अपने आप से  पूछिये कि आप क्या जमा कर  रहे हो ?

आप  इस समय जीवन के  बाग़  में हैं , यहाँ चाहें तो अच्छे कर्म जमा करें .. चाहें तो बुरे कर्म,
मगर याद रहे जो आप जमा करेंगे वही आपके जन्मों-जन्मों तक काम आयेगा

"जीवन का एक रहस्य... रास्ते पर गति की सीमा है। बैंक में पैसों की सीमा है। परीक्षा में समय की सीमा है। परंतु हमारी सोच (विचार शक्ति) की कोई सीमा नहीं है, इसलिए सदा श्रेष्ठ सोचें, श्रेष्ठ करें एवं श्रेष्ठ बोलें तब श्रेष्ठ पाएं ।
*👨‍👩‍👧‍👦✍️➡️🕉️ प्रति समय प्रसन्न रहते हुए अपने सच्चे कर्तव्यों ( वह कार्य जो हमें 84 लाख योनियों से मुक्त करने में सहयोग प्रदान करें ) का पालन कीजिये।*
*➡️जैसा हमारा कर्म होगा वैसा ही हमें फल प्राप्त होगा।आज वर्तमान में जो भी हम सभी को प्राप्त हो रहा है वह हमारे द्वारा  पूर्वो पार्जित कर्मो का ही फल है।आप किसी भी जीव के मोक्ष मार्ग में सहयोगी नहीं बन सकते तो विरोधी बनकर पाप का संचय मत करो। ना ही किसी बात चिंता  करो, अच्छे कर्म करो जो हमसे कोई छुड़ा भी नहीं सकता और चुरा भी नहीं सकता।कर्म यह ऐसी संपत्ति है जो मरने के बाद भी हमारे साथ रहती है।जब जीव जन्म लेता है तो केवल अपने पूर्वो पार्जित कर्मों के साथ ही जन्म लेता है।*
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*जैनम जयतु शासनम*
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