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*🌞🕉️वसुनंदी गुरुवे नमः🕉️🌞*
*🌞✍️सच्चा साथी✍️🌞*
*👨👩👧👦✍️कहानी बड़े काम की*
*💪👩🚒जिराफ़👨👩👧👦🔔*
राजकीय विद्यालय के सभी ( कक्षा 5 से 7 ) बच्चे बड़े उत्साहित थे , इस बार उन्हें पिकनिक पे पास के वाइल्डलाइफ नेशनल पार्क ले जाया जा रहा था । तय दिन सभी बच्चे ढेर सारे खाने -पीने के सामान और खेलने -कूदने की चीजें लेकर तैयार थे । बस सुबह चार बजे निकली और 2-3 घंटों में नेशनल पार्क पहुँच गयी ।
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*🕉️🌞✍️पुण्यवृद्धि के इच्छुक पुण्यात्माओं से निवेदन है कि इस पोस्ट को परिवार, मित्रों और अन्य परिचितों तक इस पोस्ट को पहुचाकर उनके पुण्य मे भी वृद्धि करें। धर्मात्माबंधु पापों को पुण्य मे बदलना चाहते है तो संस्था से अवश्य ही जुड़े ।जो पुण्य को बढ़ाना चाहते है वे सभी अपनी चंचला लक्ष्मी का सदुपयोग संस्था के माध्यम से करें।✍️*
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वहां उन्हें एक बड़ीसी दो मंजिल वाली कैंटर में बैठा दिया गया और एक गाइड उन्हें जंगल के भीतर ले जाने लगा ,नवनीत मास्टर जी भी बच्चों के साथ थे और बीच -बीच में उन्हें जंगल और वन्य – जीवों के बारे में बता रहे थे । बच्चों को बहुत मजा आ रहा था ; वे ढेर सारे हिरनों , बंदरों और जंगली पक्षियों को देखकर रोमांचित हो रहे थे ।
वे धीरे-धीरे आगे बढ़ रहे थे कि तभी गाइड ने सभी को शांत होने का इशारा करते हुए कहा , “ शशशश…. आप लोग बिलकुल चुप हो जाइए … और उस तरफ देखिये …. यह एक दुर्लभ दृश्य है , एक मादा जिराफ़ अपने बच्चे को जन्म दे रही है ….”
फिर क्या था ; गाड़ी वहीँ रोक दी गयी , और सभी बड़ी उत्सुकता से वह दृश्य देखने लगे ।
मादा जिराफ़ बहुत लम्बी थी और जन्म लेते हुए बच्चा करीब दस फुट की ऊंचाई से जमीन पर गिरा और गिरते ही अपने पाँव अंदर की तरफ मोड़ लिए , मानो वो अभी भी अपनी माँ की कोख में हो …।
इसके बाद माँ ने सर झुकाया और बच्चे को देखने लगी . सभी लोग बड़ी उत्सुकता से ये सब दृश्य देख रहे थे की अचानक ही कुछ अप्रत्याशित सा घटा , माँ ने बच्चे को जोर से एक लात मारी , और बच्चा अपनी जगह से पलट गया ।
कैंटर में बैठे बच्चे नवनीत मास्टर जी से कहने लगे , “ सर, आप उस जिराफ़ को रोकिये नहीं तो वो बच्चे को मार डालेगी ….”
पर नवनीत मास्टर जी ने उन्हें शांत रहने को कहा और पुनः उस तरफ देखने लगे ।
बच्चा अभी भी जमीन पर पड़ा हुआ था कि तभी एक बार फिर माँ ने उसे जोर से लात मारी …. इस बार बच्चा उठ खड़ा हुआ और डगमगा कर चलने लगा…. धीरे -धीरे माँ और बच्चा झाड़ियों में ओझल हो गए ।
उनके जाते ही बच्चों ने पुछा , “ सर , वो जिराफ़ अपने ही बच्चे को लात क्यों मार रही थी …अगर बच्चे को कुछ हो जाता तो ?”
नवनीत मास्टर जी बोले , “ बच्चों , जंगल में शेर -चीतों जैसे बहुत से खूंखार जानवर होते हैं ; यहाँ किसी बच्चे का जीवन इसी बात पर निर्भर करता है की वो कितनी जल्दी अपने पैरों पर चलना सीख लेता है । अगर उसकी माँ उसे इसी तरह पड़े रहने देती और लात नहीं मारती तो शायद वो अभी भी वहीँ पड़ा रहता और कोई जंगली जानवर उसे अपना शिकार बना लेता ।
*💐💐ग्रहण करने योग्य💐💐*
*👨👩👧👦🔔↔️भव्य आत्माओं , ठीक इसी तरह से आपके माता – पिता व गुरुजी भी कई बार आपको डांटते – डपटते हैं , उस वक़्त तो ये सब बहुत बुरा लगता है , पर जब आप बाद में पीछे मुड़कर देखते हैं तो कहीं न कहीं ये एहसास होता है की मम्मी -पापा व गुरुजी की डांट की वजह से ही आप जीवन में कुछ सीख पाये हैं। इसलिए कभी भी अपने बड़ों की सख्ती को दिल से ना लें ,बल्कि उसके पीछे जो आपका भला करने की उनकी मंशा है उसके बारे में सोचें ।*
*👨👩👧👦✍️➡️🕉️सदैव प्रसन्न रहते हुए अपने सच्चे कर्तव्यों ( वह कार्य जो हमें 84 लाख योनियों से मुक्त करने में सहयोग प्रदान करें )का पालन किजिये।*
*जैसा हमारा कर्म होगा वैसा ही हमें फल प्राप्त होगा।आज वर्तमान में जो भी हमसभी को प्राप्त हो रहा है वह हमारे द्वारा किये गए कर्मो का ही फल है।आप किसी भी जीव के सहयोगी नहीं बन सकते तो विरोधी बनकर पाप का संचय मत करो। ना ही किसी बात चिंता करो, अच्छे कर्म करो जो हमसे कोई छुड़ा भी नहीं सकता और चुरा भी नहीं सकता।कर्म यह ऐसी संपत्ति है जो मरने के बाद भी हमारे साथ रहती है।जब जीव जन्म लेता है तो केवल अपने किये हुए कर्मों के साथ ही जन्म लेता है।*
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*जैनम् जयतु शासनम*
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