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*🌞🕉️वसुनंदी गुरुवे नमः🕉️🌞*
*🌞✍️सच्चा साथी✍️🌞*
*👨👩👧👦✍️कहानी बड़े काम की*
*💪👩🚒संकल्प से सिध्दी*
एक बार एक यात्री होता है जिसका सपना था हिमालय की चोटी तक चढ़ना और एक दिन वो अपने सपने को पूरा करने में लग जाता है , पर कुछ देर बाद उसकी हिम्मत टूटने लगती है | उसे लगता है वो अपना सपना पूरा नहीं कर पायेगा | तभी एक बूढ़े ज्ञानी आदमी को वहां से गुजरते हुए देखता है |
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तो यात्री उनके पास जाता है और बोलता है, मे हिमालय की चोटी तक पहोंचना चाहता हूँ, पर मैं अभी से थक गया हूँ | शायद मुझमें हिम्मत और ताकत नहीं जिससे मैं अपना सपना पूरा कर सकूँ |
तभी वो बूढ़े ज्ञानी ने मुस्कुराते हुए कहतें हैं : तुम अभी से हार इसलिए मान रहे क्योंकि तुम गलती कर रहे हो | तुम इसलिए थक गए और निराश हो रहे हो क्योंकि तुम तभी से सिर्फ हिमालय के चोटी पे, कब पहूंचोगे वही सोच रहे हो | वो कितना ज्यादा दूर है अभी भी, और तुम्हे न जाने कितनी ज्यादा मेहनत करनी पड़ेगी इन्ही चीजों पे तुम्हारा ध्यान है |
उन्होंने समझाया की अभी तुम्हारा ध्यान सिर्फ अपने अगले कदम पे लगाओ | उस एक एक कदम के बारे में सोचो जो तुम लोगे और अभी लोगे |
इस बात को यात्री ने कुछ देर सोचा और इसके पीछे छुपे मतलब, उसे समझ आ गया | और वो अपना पूरा ध्यान एक एक कदम पे लगाने लगा | जिससे फिर अंत में परिणाम ये हुआ, की वो हिमालय की चोटी तक पँहुच गया, वो भी बिना हार माने |
अब एक सवाल?
क्या आप भी उस यात्री की तरह अपने लक्ष के रास्ते में ही हार मान गए हो ? क्या आपकी हिम्मत जवाब दे रही है, फिकर हो रही है की आपको और कितनी मेहनत करनी पड़ेगी ?
तो जवाब सरल है दूर खड़े उस लक्ष्य के बारें में इतना मत सोचिये | अभी आपका पूरा ध्यान आपके अगले कदम पर लगाईये | आज अभी आप क्या बेहतर कदम ले सकते हो, अपने लक्ष की तरफ | बस वही अपना ध्यान लगाईये और यही हर एक action आपको नयी हिम्मत देगी और प्रेरणा देगी अपने सपने की और ले जाने के लिए |
हर बड़ी मंजिल हासिल है, बस तू डर मत, जुट जा | देख भरे हैं तुझमें हौसले, चल कदम उठा !
इस कहानी से और कई मुख्य बातें हैं जो आप सिख कर अपने सपने को पूरा करने की और लगा सकतें हैं |
*कहानी का मुख्य संदेश*
हर इंसान में ये काबिलियत होती है की वो अपना हर सपना पूरा कर सके | पर हर कोई सफल क्यों नहीं हो पाता | क्योंकि वो तुरंत सफल होना चाहते हैं या फिर आधे में ही हार मान जातें हैं | इसीलिए अगर आपको सफल होना है तो धेर्य रखें और अपना पूरा ध्यान हर उस छोटे छोटे कदम पर दें जो आपको आपकी लक्ष्य की और ले जाए |
बड़े लक्ष्य ज्यादा तर हमें डरा देती है | हम सोचतें हैं कैसे होगा, कितनी मेहनत लगेगी | अभी भी मे कितना पीछे हूँ | तो अपने उस बड़े गोल को छोटे छोटे लक्ष्य में बाँट दें | और अभी इस पल ,आप कितना काम कर सकते उस चीज पर ध्यान दें और उसे पूरा करें |
जीवन में ऐसे कई बार होगा जब आपको कुछ बदलता हुआ नहीं दिखेगा | आप मेहनत तो कर रहे हो पर उसका परिणाम नाके बराबर आ रही होगी | इसलिए आपकी हिम्मत जवाब देने लगेगी और आपको काम करने का मन नहीं करेगा | तब आपको रुक कर अपने process पे ध्यान देने की जरुरत है | ये जानने की जरुरत है कहीं कुछ चुक तो नहीं हो रही है | जब आप अपने प्रक्रिया को सांति से समझोगे और उसे सुधारोगे तो अच्छे परिणाम दिखने लगेगें |हाँँ आपका लक्ष्य किसी भी जीव को दु:ख देने वाला या पाप का बंध करनेवाला न हो।अन्यथा आप आप सफल होकर भी असफलता ही हासिल करेंगे।
सफलता रातों रात नहीं मिलती | हर सफलता कुछ किमत मांगती है | और कीमत है सही समय पर सही काम करना और अपनि पूरी लगन उसमे झोंक देना | हमे लोगों की सफल होना तो दीखता है पर उसके पीछे छुपे कई सारे मेहनत नज़र नहीं आती | तो उन मेहनत को देखें और उससे अच्छी सबक लें |
हम इंसान को तुरंत परिणाम के पीछे भागने की आदत होती है | पर धैर्य रखना जरुरी होता है | कोई भी बड़ी सफलता समय लेती है पूरी होने में ।
*👨👩👧👦✍️➡️🕉️सदैव प्रसन्न रहते हुए अपने सच्चे कर्तव्यों ( वह कार्य जो हमें 84 लाख योनियों से मुक्त करने में सहयोग प्रदान करें )का पालन किजिये।*
*जैसा हमारा कर्म होगा वैसा ही हमें फल प्राप्त होगा।आज वर्तमान में जो भी हमसभी को प्राप्त हो रहा है वह हमारे द्वारा किये गए कर्मो का ही फल है।आप किसी भी जीव के सहयोगी नहीं बन सकते तो विरोधी बनकर पाप का संचय मत करो। ना ही किसी बात चिंता करो, अच्छे कर्म करो जो हमसे कोई छुड़ा भी नहीं सकता और चुरा भी नहीं सकता।कर्म यह ऐसी संपत्ति है जो मरने के बाद भी हमारे साथ रहती है।जब जीव जन्म लेता है तो केवल अपने किये हुए कर्मों के साथ ही जन्म लेता है।*
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*जैनम् जयतु शासनम्*
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