🎂 20 - May - 2018
# *चेक बाउंस के मामले में क्या करें और न करें*.... # *साप्ताहिक संभावित राशिफल*
🕉 *ह्रीं नम:श्री ज्योतिष ऋषि सेवाव्रतीनित्यानंदस्वामीजी*
👪"सच्चा मित्र"👪
*श्री सिध्दांत ज्योतिष , वास्तु व रेकी शोध केन्द्र जयपुर*
(राजस्थान)
🚩श्री शान्तिसागराय नम:🚩
📜 दैनिक पंचांग 📜
☀ 20 - May - 2018
☀ Jaipur, India
☀ पंचांग
🔅 तिथि षष्ठी 24:19:53
🔅 नक्षत्र पुष्य 22:45:09
🔅 करण :
कौलव 13:30:32
तैतिल 24:19:53
🔅 पक्ष शुक्ल
🔅 योग गण्ड 08:47:58
🔅 वार रविवार
☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ
🔅 सूर्योदय 05:36:58
🔅 चन्द्रोदय 10:18:00
🔅 चन्द्र राशि कर्क
🔅 सूर्यास्त 19:09:57
🔅 चन्द्रास्त 24:04:59
🔅 ऋतु ग्रीष्म
☀ हिन्दू मास एवं वर्ष
🔅 शक सम्वत 1940 विलम्बी
🔅 कलि सम्वत 5120
🔅 दिन काल 13:32:59
🔅 विक्रम सम्वत 2075
🔅 मास अमांत ज्येष्ठ (अधिक)
🔅 मास पूर्णिमांत ज्येष्ठ (अधिक)
☀ शुभ और अशुभ समय
☀ शुभ समय
🔅 अभिजित 11:56:21 - 12:50:33
☀ अशुभ समय
🔅 दुष्टमुहूर्त 17:21:33 - 18:15:45
🔅 कंटक 10:07:57 - 11:02:09
🔅 यमघण्ट 13:44:45 - 14:38:57
🔅 राहु काल 17:28:20 - 19:09:57
🔅 कुलिक 17:21:33 - 18:15:45
🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 11:56:21 - 12:50:33
🔅 यमगण्ड 12:23:27 - 14:05:05
🔅 गुलिक काल 15:46:42 - 17:28:20
☀ दिशा शूल
🔅 दिशा शूल पश्चिम
☀ चन्द्रबल और ताराबल
☀ ताराबल
🔅 अश्विनी, कृत्तिका, मृगशीर्षा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, मघा, उत्तर फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल, उत्तराषाढा, धनिष्ठा, पूर्वभाद्रपदा, उत्तरभाद्रपदा, रेवती
☀ चन्द्रबल
🔅 वृषभ, कर्क, कन्या, तुला, मकर, कुम्भ
🌍🌞🌝🍏 *नोट:- सभी जटिल समस्याओ के लिए आप अपनी समस्या व विवरण वाँटस्एप द्वारा 09982411713 नंबर पर करके, इमरजेंसी काँल केलिए मध्यान्ह 4 से 5 में सम्पर्क कर सकते है*। ,# *केवल सशुल्क परामर्श उपलब्ध है*।🍭🔆⚽
😊नोट :- अगर आप इस प्रकार की जीवनोपयोगी जानकारी चाहते है तो 😊
1. श्री शान्तिसागर समाधी साधना सेवा केन्द्र (रजिस्टर) इस लिंक से https://plus.google.com/communities/107024411731060696050 को फाँलो कर प्राप्त कर सकते है।
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2.श्री सिध्दांत ज्योतिष ,वास्तु व रेकी शोध केन्द्र जयपुर
को लाइक(पंसद) करें।
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🕉 *ह्रीं नम: श्री ज्योतिष ऋषि सेवाव्रतीनित्यानंदस्वामीजी*
👪"सच्चा मित्र"👪
🐒👉 *चेक बाउंस के मामले में क्या करें और न करें*....
परिचय: एक चेक क्या है?
एक चेक एक निर्दिष्ट बैंकर पर आदान-प्रदान का एक बिल है और केवल मांग पर देय है।कानूनी तौर पर, जिस व्यक्ति ने चेक जारी किया है उसे 'दराज' कहा जाता है और जिस व्यक्ति के पक्ष में चेक जारी किया जाता है उसे 'ड्रावे' कहा जाता है। चेक की आवश्यक विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
इसे लिखित में होना चाहिएयह एक बिना शर्त आदेश होना हैबैंकर को निर्दिष्ट किया जाना हैभुगतान एक निर्दिष्ट व्यक्ति को निर्देशित किया जाना चाहिएयह मांग पर देय होना चाहिएयह एक विशिष्ट राशि के लिए होना चाहिएदराज के हस्ताक्षर होना चाहिए
चेक बाउंस / चेक का अपमान क्या है?
एक चेक को अपमानित या बाउंस कहा जाता है जब इसे किसी बैंक को भुगतान के लिए प्रस्तुत किया जाता है लेकिन किसी कारण या दूसरे कारण से भुगतान नहीं किया जाता है।निम्नलिखित कारण हैं कि एक चेक आम तौर पर क्यों बाउंस किया जाता है:
हस्ताक्षर मिलान नहीं कर रहा हैचेक में ओवरराइटिंग हैचेक तीन महीने के अंतराल के बाद प्रस्तुत किया गया था, यानी चेक समाप्त होने के बादखाता बंद कर दिया गया थाखाते में अपर्याप्त धनखाताधारक द्वारा भुगतान रोक दिया गयाखुली शेष राशि अपर्याप्तचेक पर उल्लिखित शब्दों और आंकड़ों में असमानतायदि किसी कंपनी द्वारा चेक जारी किया जाता है, तो उसे कंपनी की मुहर नहीं मिलती हैखाता संख्या में विसंगतिसंयुक्त खाते के मामले में जहां दोनों हस्ताक्षर आवश्यक हैं, केवल एक ही संकेत हैग्राहक की मौतग्राहक की दिवालियापनग्राहक की पागलपनकाटा गया चेकजब ट्रस्ट के नियमों के खिलाफ एक चेक जारी किया जाता हैचेक में बदलावचेक की वास्तविकता में संदेहगलत शाखा में प्रस्तुत किया गयाओवरड्राफ्ट (ओडी) की क्रॉसिंग सीमा
आपके चेक बाउंस होने पर कानूनी उपचार उपलब्ध हैं
चेक बाउंस भारत में आपराधिक अपराध है, जो वार्तालाप इंस्ट्रूमेंट्स अधिनियम की धारा 138 के तहत कवर किया गया है। निम्नलिखित जानकारी एक उपयोगी मार्गदर्शिका कार्य करेगी जिसमें आपके चेक बाउंस होने पर क्या कदम उठाए जा सकते हैं:
चरण 1: मांग नोटिस:
एक बार जब बैंक द्वारा चेक वापस कर दिया गया है, तो दराज के खिलाफ कानूनी शिकायत दर्ज करने से पहले, आपको सबसे पहले चेक द्वारा वापस लौटाए जाने की तारीख से 30 दिनों की अवधि के भीतर ऐसे दराज को एक मांग पत्र / कानूनी नोटिस भेजना होगा बैंक। पत्र को निर्धारित समय अवधि (आमतौर पर 15 दिनों) के भीतर भुगतान नहीं किया जाता है, तो पत्र को दराज से राशि की मांग करनी चाहिए और वार्तालाप इंस्ट्रूमेंट्स अधिनियम के तहत उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी शुरू की जानी चाहिए।
हालांकि इस नोटिस के लिए कोई निर्धारित प्रारूप नहीं है, भुगतान की मांग करने और जारीकर्ता को सूचित करने का उसका उद्देश्य उस पर मुकदमा चलाया जाएगा जब भुगतान नहीं किया जाता है, तो उसे स्पष्ट रूप से हाइलाइट किया जाना चाहिए। इसके अलावा, इस तरह के पत्र की डिलीवरी का प्रमाण ध्यान से संरक्षित किया जाना चाहिए।
मांग पत्र उसे शिकायतकर्ता द्वारा भेजा जा सकता है।हालांकि, यह सलाह दी जाती है कि संबंधित व्यक्ति को भेजने से पहले चेक बाउंस वकील द्वारा ड्राफ्ट तैयार किया जाए।
मांग सूचना में निम्नलिखित जानकारी स्पष्ट रूप से बताई जानी चाहिए:
एक बयान कि चेक वैधता की अवधि के भीतर प्रस्तुत किया गया थाऋण का विवरण या कानूनी रूप से लागू करने योग्य देयताबैंक द्वारा दिए गए चेक के अपमान के बारे में जानकारीजारीकर्ता को ऐसी सूचना प्राप्त करने के 15 दिनों के भीतर देय राशि का भुगतान करने की मांग
चरण 2: शिकायत का मसौदा तैयार करना:
यदि दराज ने मांग पत्र की डिलीवरी की तारीख से 15 दिनों की अवधि के भीतर आपकी मांग नोटिस का जवाब नहीं दिया है या आपकी राशि का भुगतान करने से इनकार कर दिया है, तो इस मामले में उपलब्ध अगला विकल्प अदालत में शिकायत दर्ज करना है 30 दिनों की निर्धारित समय अवधि के भीतर। कानूनी शिकायत दर्ज करने से पहले, यह समझना महत्वपूर्ण है कि आप इस तरह के मामलों में किस अदालत से संपर्क कर सकते हैं। आप शिकायत दर्ज कर सकते हैं जिसमें न्यायालय की स्थानीय सीमाएं निम्नलिखित में से कोई भी घटना हुई है:
जहां चेक खींचा गया थाजहां चेक प्रस्तुत किया गया थाजहां बैंक द्वारा चेक वापस किया गया थाजहां मांग नोटिस आपके द्वारा परोसा गया था
आपके पास निम्नलिखित सभी दस्तावेज होना चाहिए:
शिकायतओथ पत्रसभी दस्तावेजों की फोटोकॉपी जैसे चेक, ज्ञापन, नोटिस कॉपी, और पावती रसीदें।
चरण 3: मामले दर्ज करने के लिए न्यायालय प्रक्रिया:
चेक पर राशिकोर्ट शुल्करुपये। 0 से रु। 50,000 / -रुपये। 200रुपये। 50,000 / - से रु। 2,00,000 / -रुपये। 500रुपये से ऊपर 2,00,000 / -रुपये। 1000शिकायतकर्ता के हस्ताक्षर के साथ सूट दाखिल करने के समय वकील का ज्ञापन आवश्यक हैअदालत में मुकदमा दायर करने के बाद, सभी दस्तावेज न्यायिक मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास द्वारा पार-जांच किए जाते हैं, इसलिए मूल दस्तावेज जैसे मूल चेक (बाउंस), मूल ज्ञापन, नोटिस की एक प्रति, डाकघर की प्राप्ति, यूपीसी की प्राप्ति , स्वीकृति रसीद, क्रॉस-चेकिंग के समय आवश्यक हैइस चरण में सीमा की अवधि भी सत्यापित की गई हैप्रक्रिया फॉर्म, भट्टा के रूप में भी जाना जाता है, आरोपी के पते के साथ शिकायतकर्ता या वकील द्वारा दायर किया जाता हैअदालत ने अदालत में निर्दिष्ट तारीख पर अदालत में उपस्थित होने के लिए सम्मन जारी किएअगर आरोपी सुनवाई की तारीख पर अदालत में नहीं दिखता है, तो अदालत शिकायतकर्ता के अनुरोध पर एक जमानती वारंट भी जारी कर सकती हैआरोपी अभी भी अदालत के समक्ष उपस्थित नहीं होता है, अदालत गिरफ्तारी के एक गैर जमानती वारंट जारी कर सकती है।
महत्वपूर्ण चीजों को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
30 दिनों के अंतराल के बाद शिकायत दर्ज करने में देरी केवल असाधारण परिस्थितियों में मजिस्ट्रेट द्वारा क्षमा की जा सकती हैरोक भुगतान के कारण चेक के डिशोनर को एनआई अधिनियम की धारा 138 के तहत भी शामिल किया गया हैमांग नोटिस भेजे जाने के बाद दराज के अनुरोध पर चेक का प्रस्तुति और चेक के परिणामस्वरूप अपमान का मतलब यह नहीं होगा कि नोटिस के तहत दराज की समय सीमा बढ़ गई हैउपहार / दान / किसी अन्य दायित्व के रूप में जारी एक चेक अधिनियम के धारा 138 के तहत शामिल नहीं किया जाएगा। इस खंड के लिए आवेदन करने के लिए, चेक को कानूनी दायित्व लेना होगाएक चेक जारी होने की तारीख से तीन महीने बाद समाप्त हो जाता है।
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🕉 *ह्रीं नम: श्री ज्योतिष ऋषि सेवाव्रतीनित्यानंदस्वामीजी*
20 से 27 मई 2018 का संभावित राशिफल:क्या कहते है ग्रह-नक्षत्र आपकी राशि के बारे में कैसा रहेगा यह सप्ताह जानिए.....
मेष-
*इस सप्ताह के प्रारंभ में आपकी कल्पनाशीलता चरम पर रहेगी. आप बहुत बुद्धिमानी से काम लेंगे और सफल रहेंगे. आपमें धार्मिक आस्था और उदार प्रवृत्ति बनी रहेगी. कार्य, व्यवसाय, नौकरी में परिवर्तन संभव है. उच्च अधिकारियों, शासन, प्रशासन का सहयोग मिलेगा. सप्ताह के मध्य में बौद्धिक क्षमता के बल पर प्रगति करेंगे. बाहरी संबंधों से सुख मिलेगा. मित्र, पार्टनर से सहयोग मिलेगा. सप्ताह के अंत में शत्रुओं के कारण मानसिक तनाव मिलेगा. बाहरी संबंधों का लाभ मिलेगा. कई कार्य एक साथ करना पड़ सकते हैं. जन्म स्थान से दूर की यात्रा संभव है. सप्ताह में चित्त और आचरण साफ रहने के कारण समय अच्छा बीतेगा. कन्या संतान का सुख मिलेगा. महत्वाकांक्षा प्रबल रहेगी, साथ ही परिश्रम और भाग्य का साथ मिलेगा. भौतिक संसाधनों के सुख में असंतोष रहेगा. माता के सुख की कमी रहेगी. मानसिक अशांति, तर्क, बहस, वाद-विवाद और आवश्यकता से अधिक बोलने की स्थितियां बन सकती हैं. अपने स्वभाव के कारण आप लोगों को शत्रु बनाते चले जाएंगे. दुःसाहस और पराक्रम के बूते कठिन परिस्थितियों से निपटने में सफल होंगे. भाईयों का सुख मिलेगा. बौद्धिक क्षमता का उपयोग करना पड़ेगा. आलस्य और अज्ञात भय बना रहेगा. शत्रु परेशान करने के बाद नियंत्रण में आ जाएंगे।*
वृषभ-
इस सप्ताह के प्रारंभ में आपमें अधीरता, चंचलता, पुरूषार्थ की प्रवृत्ति और चुस्ती बनी रहेगी. आप हर कार्य शीघ्रता से करने के मूड मंा रहेंगे. स्वयं मन में भयभीत रहेंगे, लेकिन शत्रुओं को डराने का प्रयास करेंगे. मानसिक असंतोष रहेगा. भाग्य का सहयोग मिलेगा. सप्ताह के मध्य में आत्मबल से घर-परिवार-कुटुंब का सहयोग करेंगे. भौतिक संसाधनों के सुख में कमी रहेगी. समाज में सम्मान मिलेगा. सप्ताह के अंत में श्रम और साहस की कमी रहेगी, जिसकी पूर्ति बुद्धिबल से करनी पड़ेगी. भाई और पार्टनर का सहयोग मिलेगा. सप्ताह में स्वाभिमान बना रहेगा. माता-पिता की कृपा के बावजूद असंतोष रहेगा. भाग्य का सहयोग मिलेगा. व्यय की अधिकता रहेगी. बाहरी संबंधों का लाभ मिलेगा. यात्रा संभव है. धन की कमी महसूस होगी. पुत्र को कष्ट, लेकिन कन्या संतान का सुख मिलेगा. महत्वाकांक्षा प्रबल रहेगी. किसी से बहस, वाद-विवाद और झगड़ा हो सकता है. शत्रुओं को बौद्धिक बल से परास्त करने में सफल रहेंगे. कर्ज संभव है।
मिथुन-
*इस सप्ताह के प्रारंभ में स्वअर्जित धन में वृद्धि होगी. आप आमदनी में वृद्धि के प्रयासों में जुटे रहेंगे और इस कारण मानसिक तनाव भी रहेगा. बहनों-भाईयों का सुख रहेगा. थोड़ा जोखिम उठाएंगे और इसके परिणामस्वरूप धन, प्रतिष्ठा और ख्याति में वृद्धि होगी. जोखिम भरे निवेश से भी लाभ होगा. कुटुंब के सुख में असंतोष रहेगा. भाग्य का सहयोग मिलेगा. आध्यात्म की तरफ रूझान बढ़ेगा. सप्ताह अंत में माता की कृपा प्राप्त होगी. माता के कारण लाभ होगा. समाज में प्रतिष्ठा बढ़ेगी. सप्ताह में दुःसाहस और जोखिम उठाने की प्रवृत्ति रहेगी. मन में अपराध के लिए भी तत्परता रहेगी. महत्वाकांक्षा बढ़ेगी. व्यय की अधिकता रहेगी. बाहरी संबंधों से लाभ उठाने की प्रवृत्ति रहेगी. वरिष्ठों की नाराजगी का सामना करना होगा. शत्रु पर नियंत्रण बना रहेगा. शत्रुओं के कारण लाभ भी होगा. तर्क और वाद-विवाद की स्थिति बन सकती है. कन्या संतान का सुख मिलेगा. भाग्य का सहयोग मिलेगा. विलासिता और सौंदर्य के प्रति आकर्षण रहेगा।*
कर्क-
इस सप्ताह के प्रारंभ में मानसिक तनाव बना रहेगा. जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा. आप अपनी बुद्धिमानी, चतुराई, कल्पनाशीलता के बूते सफलता प्राप्त करेंगे. साहस और पराक्रम बना रहेगा. सप्ताह के मध्य में पैतृक या संचित धन का उपयोग करना पड़ेगा. स्वाभिमान की भावना हावी रहेगी. आप सिर्फ अपने काम से काम रखेंगे, हालांकि मन में उदारता रहेगी. कुटुंब का लाभ मिलेगा. गलतफहमियों के कारण परेशानी और तनाव होगा. सप्ताह के अंत में आपका साहस-पराक्रम थोड़ा कमजोर रहेगा, लेकिन बुद्धि के प्रयोग से कठिन समय निकालने में आप सफल रहेंगे. बौद्धिक श्रम के बूते समाज में प्रतिष्ठा मिलेगी. भाग्य का सहयोग मिलेगा. सप्ताह में परिश्रम ज्यादा रहेगा. कुटुंब का सुख और सहयोग मिलेगा. स्वभाव में रूखापन और उग्रता रहेगी. तर्क, बहस या झगड़ा हो सकता है. बाहरी संबंधों का लाभ मिलेगा. धन का व्यय शुभ कार्यों में होगा. व्यय की अधिकता के कारण कर्ज लेना पड़ सकता है. लंबी दूरी की यात्रा संभव है. शत्रु परेशान करने के बाद नियंत्रित हो जाएंगे. आलस्य का प्रभाव रहेगा।
सिंह-
*इस सप्ताह के प्रारंभ में बाहरी संबंधों से लाभ और प्रतिष्ठा प्राप्त होगी. कला, सौंदर्य, प्राकृतिक स्थानों पर भ्रमण आदि पर धन खर्च होगा. व्यय की अधिकता रहेगी. सप्ताह के मध्य में किसी न किसी प्रकार का तनाव बना रहेगा. चलते कार्य को पूर्ण करने का पुरजोर प्रयास करेंगे. बाहरी संबंधों और मित्रों के कारण लाभ होगा. सप्ताह के अंत में हडबड़ी में कार्य करने से बचना होगा. आपकी प्रवृत्ति आवश्यकता से अधिक बातचीत करने की रहेगी, जिस पर नियंत्रण आवश्यक होगा. आप एक साथ कई कार्य करने का प्रयास करेंगे. कुटुंब के सदस्यों से व्यर्थ विवाद के कारण तनाव हो सकता है. धन के मामलों में असंतोष रहेगा. आकस्मिक धन भी प्राप्त हो सकता है. सप्ताह में भौतिक संसाधनों का सुख बना रहेगा. शत्रु पक्ष पर नियंत्रण रहेगा. भाग्य का सहयोग रहेगा. अधिक परिश्रम का लाभ मिलेगा. लापरवाही, व्यय की अधिकता, यात्रा की संभावना और प्रतिष्ठा मिलेगी. महत्वाकांक्षा बनी रहेगी. विपरीत परिस्थिति में या तो पीछे हटना पड़ेगा या बुद्धि बल से सामना करना पड़ेगा. कर्तव्यों के प्रति चिंता बनी रहेगी. मित्रों का सहयोग रहेगा. भोग-विलास में मन लगेगा।*
कन्या-
इस सप्ताह के प्रारंभ में परिश्रम, बौद्धिक कौशल और अन्य साधनों से धन प्राप्त होगा. संतुष्टि रहेगी और मन प्रसन्न रहेगा. परिश्रम की अधिकता रहेगी. सप्ताह के मध्य में परिश्रमपूर्वक अर्जित धन के मुकाबले व्यय की अधिकता रहेगी. कर्ज भी मिल सकता है और हर हालत में आवश्यकता लायक धन उपलब्ध हो जाएगा. मित्र और बाहरी संबंधों का लाभ मिलेगा. शत्रु पक्ष सक्रियता दिखाएगा. सप्ताह के अंत में आत्मबल की कमी रहेगी. कई कार्य एक साथ करने के कारण सफलता की संभावना कम रहेगी, लेकिन धन मिलेगा. जीवनसाथी का व्यवहार सहयोगात्मक रहेगा. सप्ताह में धर्म के प्रति लगाव रहेगा. भाग्य का सहयोग मिलेगा. लंबी यात्रा संभव है. बाहरी संबंधों से लाभ, सुख और ख्याति मिलेगी. पराक्रम की अधिकता रहेगी. साहसिक कार्यों में सफलता मिलेगी. मन में उदारता का भाव रहेगी. व्यय की अधिकता रहेगी. लापरवाही और सेवा का भाव बना रहेगा. शत्रु पक्ष पर नियंत्रण बना रहेगा।
तुला-
*इस सप्ताह के प्रारंभ में आपका व्यक्तित्व हावी और प्रभावी बना रहेगा. स्वभाव में चंचलता, व्यवहार में बुद्धिमानी और चतुराई बनी रहेगी. भौतिक संसाधनों के सुख में असंतोष रहेगा. सप्ताह के मध्य में धन प्राप्त होगा. मित्रों और भाईयों का सहयोग रहेगा. कन्या संतान से मन प्रसन्न रहेगा. स्वाभिमान बना रहेगा. सप्ताह के अंत में कार्य की अधिकता रहेगी. बाहरी संबंधों का लाभ मिलेगा. शत्रुओं की सक्रियता रहेगी, लेकिन कुछ परेशानी करने के बाद वे नियंत्रण में आ जाएंगे. सप्ताह में व्यय की अधिकता बनी रहेगी. दैनिक जीवन की सुविधाओं को जुटाने के लिए ऋण लेना पड़ सकता है. वरिष्ठों की फटकार पड़ सकती है. कुटुंब का सहयोग मिलेगा. आय में निरंतरता बनी रहेगी. लंबी यात्रा संभव है. बाहरी संबंधों का लाभ मिलेगा. कोई सुखद घटना आकस्मिक रूप से घट सकती है. संतान संबंधी परेशानी आ सकती है. धार्मिक आस्था रहेगी और मुसीबत में भाग्य का सहयोग मिलेगा. साहस, पराक्रम और परिश्रम में कमजोरी रहेगी।*
वृश्चिक-
इस सप्ताह के प्रारंभ में साहस, पराक्रम और परिश्रम की अधिकता रहेगी. भाग्य के सहयोग से परिश्रम का लाभ भी मिलेगा. धर्म के प्रति आस्था बनी रहेगी. लंबी यात्रा संभव है. सप्ताह के मध्य में भौतिक संसाधन होते हुए भी असंतोष बना रहेगा. व्यापार-व्यवसाय या कार्य के संबंध में लंबी दूरी की यात्रा संभव है. सप्ताह के अंत में भाग्य के सहयोग से परिश्रम के अनुसार सफलता मिलेगी. धार्मिक आस्था बनी रहेगी. स्वार्थ के प्रति सर्तकता रहेगी. परिश्रम के अनुसार धन भी मिलेगा. सप्ताह में स्वभाव में उग्रता रहेगी. परिश्रम करने की प्रवृत्ति रहेगी. साहस और महत्वाकांक्षा का प्रभाव रहेगा. शत्रु पक्ष पर नियंत्रण बना रहेगा. भाग्य का सहयोग रहेगा. वाद-विवाद और झगड़ा संभव है. आप अपने स्वभाव के कारण शत्रुओं का निर्माण करेंगे. आय की अपेक्षा व्यय की अधिकता रहेगी, जिस कारण कर्ज लेना पड़ सकता है. आवश्यकता के समय धन उपलब्ध न होने के कारण कुछ कार्यों को टालना पड़ सकता है. बाहरी संबंधों का लाभ मिलेगा. कन्या संतान के कारण प्रसन्नता रहेगी. लंबी यात्रा संभव है. जोखिम में स्वयं को सुरक्षित करने में सफल रहेंगे ।
धनु-
*इस सप्ताह के प्रारंभ में लंबी यात्रा हो सकती है. धार्मिक कार्यों में रूचि बढ़ेगी. परिवार में आपके विचारों को मान्यता नहीं मिल सकेगी. आकस्मिक धन लाभ का अवसर मिल सकता है. सप्ताह के मध्य में व्यक्तित्व में सौम्यता रहेगी, लेकिन शारीरिक कमजोरी अनुभव होगी. भाई बहनों के साथ मतभेद सामने आ सकते हैं. साहस, पराक्रम और परिश्रम की कमी रहेगी. परेशानी का सामना सौम्यता के साथ करना पड़ेगा. सप्ताह के अंत में किसी के साथ तर्क, बहस, वाद-विवाद की स्थिति बनेगी. कई कार्य एक साथ प्रारंभ करने और चलते कार्यों को बीच में छोड़ देने से परेशानी और नुक्सान होगा. पिता और उच्च अधिकारियों की अपनी परेशानियों के कारण आपके प्रति भी सहयोग का अभाव रहेगा. उधर माता का स्वास्थ्य परेशान कर सकता है. सप्ताह में पिता और भाग्य के सहयोग की कमी महसूस होगी, जिसके कारण सफलता हेतु अधिक परिश्रम और प्रयासों की आवश्यकता महसूस होगी. धर्म के प्रति रूचि में कुछ कमी महसूस होगी. शत्रु परेशान कर सकते हैं लेकिन नियंत्रण में बने रहेंगे. व्यय की अधिकता रहेगी. बाहरी संबंधों का लाभ मिलेगा. संतान संबंधी परेशानी रहेगी. झगड़ालू प्रवृत्ति रहेगी. मित्रों का सहयोग मिलेगा. साहस तो रहेगा पर आलस्य का प्रभाव भी रहेगा. खर्च में लापरवाही रहेगी. जिसके कारण धन की समस्या आ सकती है।*
मकर-
इस सप्ताह के प्रारंभ में आपको माता, पत्नी और महिला वर्ग का सहयोग मिलेगा, जिससे आपको लाभ भी होगा और अपने प्रयासों में सफलता भी मिलेगी. जीवनसाथी का हस्तक्षेप प्रत्येक कार्य में रहेगा. चाहे आप स्वयं महिला हों, सप्ताह के मध्य में स्त्री वर्ग से सामंजस्य की कमी रहेगी. कुटुंब का सुख सामान्य रहेगा. पैतृक सम्पत्ति मिल सकती है. सप्ताह के अंत में धार्मिक कार्यों में रूचि रहेगी. कार्यों की अधिकता रहेगी. भाग्य का सहयोग थोड़ा कम रहेगा, इस कारण कार्य पूर्ण करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा. सप्ताह में मित्रों-भाईयों के सहयोग में असंतोष रहेगा. तर्क, बहस, वाद-विवाद, झगड़ा संभव है. भौतिक संसाधन उपलब्ध होने के बावजूद असंतोष रहेगा. शत्रु नियंत्रण में रहेंगे. बाहरी संबंधों का लाभ और सुख मिलेगा. कार्य, व्यवसाय और नौकरी में परिवर्तन संभव है. विवाह के इच्छुक लोगों को अचानक विवाह प्रस्ताव मिल सकते हैं।
कुंभ-
*इस सप्ताह के प्रारंभ में शत्रु पक्ष सक्रिय रहेगा और परेशान करने के बाद नियंत्रण में आ जाएगा. व्यय की अधिकता रहेगी. बाहरी संबंधों का लाभ मिलेगा. आपकी उपलब्धियों के कारण आपको संतोष और सम्मान मिलेगा. सप्ताह के मध्य में रोग और शत्रु के कारण धन और शक्ति खर्च होगी. जीवनसाथी का स्वभाव और स्वास्थ्य परेशान कर सकता हैं. परेशानी के बाद रोग और शत्रु पर नियंत्रण हो जाएगा. सप्ताह के अंत में कई कार्यों में और कई दिशाओं में प्रयासों के बावजूद किसी में भी सफलता नहीं मिल पाने से निराशा होगी. कुटुंब के साथ मन मुटाव और सहयोग की कमी रहेगी. पैतृक या जमा राशि के उपयोग में भी असंतोष रहेगा. सप्ताह में भौतिक संसाधन उपलब्ध होते हुए भी सुख में असंतोष रहेगा. लापरवाही और व्यय की अधिकता रहेगी. साहस और पराक्रम से वर्चस्व बना रहेगा. दुःसाहस, वाद-विवाद या अनावश्यक झगड़ा हो सकता है. धार्मिक कार्यों में रूचि रहेगी. भाग्य का सहयोग मिलेगा. कोई बड़ी अभिलाषा पूर्ण हो सकती है।*
मीन-
इस सप्ताह के प्रारंभ में आपको आपकी योग्यता का लाभ मिलेगा. धार्मिक-कानूनी और सामाजिक जिम्मेदारियां निभानी पड़ेंगी. मन में उदारता का भाव रहेगा. भाई, मित्र और पार्टनर सहयोग करेंगे. सप्ताह के मध्य में रोग और शत्रुओं के कारण धन और शक्ति व्यय होगी. शौक और मौज-मस्ती पर धन व्यय होगा. बाहरी संबंधों से लाभ और सुख मिलेगा. प्रतिष्ठा मिलेगी. सप्ताह के अंत में शिक्षा, योग्यता और अनुभव के आधार पर रोजगार के और नए रोजगार के मार्ग खुल सकते हैं. धार्मिक कार्यों में रूचि रहेगी. सप्ताह में दुःसाहस, पराक्रम और परिश्रम के बूते बाधाओं से पार पाने में सफलता मिलेगी. लेकिन शत्रु के समक्ष भय और कायरता बनी रहेगी. जीवन स्तर में सुधार आएगा. भाई-बहनों का सहयोग आसानी से मिलेगा. रोग और शत्रु की प्रबलता परेशान करेगी. आपको समझदारी से दबकर या समझौता करके स्वयं को सुरक्षित करना होगा. शत्रु ही आपकी उन्नति का कारण बनेंगे. धार्मिक आस्था और भाग्य का सहयोग मिलेगा. आपकी इच्छाशक्ति दृढ़ बनी रहेगी और महत्वाकांक्षा प्रबल होती जाएगी. भौतिक संसाधनों का सुख मिलेगा. मूल स्वभाव से अलग और एकदम नई विचारधारा बनेगी. तर्क, बहस, वाद-विवाद सहज ही होंगे. जिसके कारण वैचारिक भिन्नता होगी. व्यय की अधिकता रहेगी. बाहरी संबंधों से लाभ मिलेगा. व्यर्थ चिंता से आत्मबल कमजोर होगा।
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( *आपकी कुंडली के ग्रहों के आधार पर राशिफल और आपके जीवन में घटित हो रही घटनाओं में भिन्नता हो सकती है। पूर्ण जानकारी के लिए कृपया ज्योतिषीऋषि सेवाव्रतीनित्यानंदस्वामीजी से संपर्क करें , # *केवल सशुल्क यह सेवा उपलब्ध है*।)
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