सोमवार, 9 फ़रवरी 2026

सच्ची लगन व मेहनत का फल

*🌞✍️सच्चा राही ✍️🌞*
*👨‍👩‍👧‍👦✍️कहानी सभी के काम की*
*💪👩‍🚒 सच्ची लगन व मेहनत का फल ✍️🐒*

*🔔👨‍👩‍👧‍👦↔️ जैन तीर्थंकर प्रभु के पंच कल्याणक महोत्सव की अग्रिम सूचना🔔*
*🔔👨‍👨‍👦‍👦🐎🔑 फाल्गुन कृष्ण नवमी, 10 फरवरी मंगलवार 2025 कलि काल के  9 वें  तीर्थंकर  सर्व सुखकारी  श्री सुविधिनाथ भगवान जी जिनकी आराधना से शुक्र की महादशा  अनुकूल हो  जाती है और सभी प्रकार  के वैभव से सम्पन्न  हो जाते है और भव्य जीव उत्तम धर्म को धारण कर  मोक्ष मार्ग पर  दृढ़ता पूर्वक विचरण करता है। मोक्ष प्रशस्त करने वाले श्री सुविधिनाथ भगवान जी का गर्भ कल्याणक महोत्सव है।*
*🔔 फरवरी 2026 में तीर्थंकर भगवन्तों के पंच कल्याणक महोत्सव 04,05,07,08,10,13,14,16,17,22,23 व 24 फरवरी (10 व11 को नवमी तिथि और 23 को षष्ठी तिथि का क्षय सप्तमी तिथि मान्य होगी )तारीख को  कल्याणक महोत्सव है। 💯✅विशेष :- 5,8,14,व 22 को मोक्ष कल्याणक महोत्सव याने निर्वाण लाडू चढ़ाने का सुअवसर प्राप्त होगा।*
*👨‍👨‍👦‍👦🔔🐎इस जनवरी माह में अष्टमी तिथि 09 व 24  फरवरी को है। चतुर्दशी तिथि 16 फरवरी  को है।*
*🔔🐎 अष्टान्हिका महापर्व 24  फरवरी से प्रारंभ है।* 
*👨‍👨‍👦‍👦🔔👉 शुद्ध विवाह मुहूर्त 4,5,10,19,20,21  फरवरी माह में  मुहूर्त है। 🔔👉 वाहन खरीद मुहूर्त   1,6,18, 26,27 फरवरी को है।🏠👉 प्रापर्टी मुहूर्त 1, 2, 12,13, 21,26,27 फरवरी को है।✅👉 गृह प्रवेश मुहूर्त 19,20, 21,26 को है।*
*🐎✍️ पंचक  23 से 26 जनवरी को है।*
 *🌞यह सभी पंच कल्याणक तिथियां उत्तर पुराण के अनुसार है इन तिथियों से सम्पूर्ण विश्व में कल्याणक महोत्सव मनाए जाते है।यह सभी  तिथियां जयपुर जैन पंचांग के अंतर्गत है।विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ते रहे शिक्षाप्रद कहानियां ।*

*सच्ची लगन व मेहनत का फल* 

एक फिल्म का यह डायलाग बड़ा प्रसिद्ध हुआ था 
 _*"कोई धंधा छोटा नहीं होता और धंधे से बड़ा धर्म कोई नहीं होता"*_ 
"इस वाक्य का अर्थ है कि हर काम, हर व्यवसाय, चाहे वह छोटा हो या बड़ा, सम्मान के योग्य है। इसलिए हमें अपने काम को सम्मान देना चाहिए और किसी भी काम को छोटा या तुच्छ नहीं समझना चाहिए। आओ हम एक सच्ची घटना पर आधारित एक कहानी सुनते है, जो सभी को प्रेरणा देती है :-

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*🕉️🌞✍️पुण्य वृद्धि के इच्छुक  पुण्यात्माओं से निवेदन है कि इस पोस्ट को परिवार, मित्रों और अन्य परिचितों तक इस पोस्ट को भेजकर स्वयं के व उनके पुण्य मे भी वृद्धि करें। धर्मात्मा बंधु पापों को पुण्य मे बदलना चाहते है तो आज ही संस्था से जुड़कर अपना मोक्ष मार्ग को सुरक्षित करें ।जो स्वयं के पुण्य को शीघ्रातिशीघ्र वृद्धिगत करना चाहते है वे सभी अपनी चंचला लक्ष्मी का सदुपयोग संस्था के माध्यम से  कर सकते है ।✍️*
*✍️➡️👨‍👩‍👧‍👦अगर कोई भी पुण्यात्मा श्रावक इस प्रकार की पोस्ट को व्हाट्सएप पर प्राप्त करना चाहते है तो श्री शांति सागर समाधि साधना सेवा केंद्र  रजिस्टर संस्था के  📲 W 7891913125 नंबर पर व्हाट्सएप पर कहानियां + शुभनाम+ 【गांव शहर】निवास स्थान  लिखकर व्हाट्सएप करें,काल ना करें।*
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 *"पावभाजी से शुरू हुई मिठास की कहानी"* 

 *सच्ची लगन व मेहनत का फल* 

मुंबई के भीड़-भाड़ वाले जुहू इलाके की एक संकरी गली में, एक छोटी सी दुकान थी—बस 200 वर्ग फुट की। यहाँ दिन भर गर्म पावभाजी की खुशबू फैली रहती और शाम को भीड़ कुछ ठंडा खाने के लिए उमड़ पड़ती। 
इस दुकान का मालिक था *रघुनंदन श्रीनिवास कामथ—* एक सीधा-सादा, मेहनती और हिम्मती युवा, जिसकी आँखों में एक सपना पल रहा था।
रघुनंदन का बचपन कर्नाटक के मैंगलोर गांव में बीता, जहाँ उनके पिता एक एकड़ की ज़मीन पर फल उगाते थे। आमदनी सीमित थी, लेकिन फलों की पहचान, उनकी खुशबू और स्वाद का ज्ञान रघुनंदन के दिल में गहराई से बैठ गया। जब परिवार मुंबई आया, तो रघुनंदन की उम्र मात्र 14 साल थी। पढ़ाई में उनकी विशेष रुचि नहीं थी, लेकिन जिंदगी से उन्होंने जो सीख ली, वह किसी भी डिग्री से कहीं बड़ी थी।
मुंबई में उनके बड़े भाई ‘गोकुल रिफ्रेशमेंट’ नाम का एक भोजनालय चलाते थे। वहीं काम करते हुए रघुनंदन ने देखा कि भारतीय लोग खाना खाने के बाद कुछ मीठा जरूर पसंद करते हैं। बस यहीं से उनके दिल में एक आइडिया ने जन्म लिया—“अगर असली फलों से बनी आइसक्रीम मिले तो?” लेकिन उनके विचार को किसी ने गंभीरता से नहीं लिया।
आलोचना, उपेक्षा और सीमित संसाधनों के बावजूद रघुनंदन ने हार नहीं मानी। उन्होंने अपनी छोटी सी दुकान में एक नया प्रयोग शुरू किया—गर्म पावभाजी के साथ ठंडी आइसक्रीम। यह ‘गर्म+ठंडे’ का फॉर्मूला लोगों को खूब भाया। पहले साल में ही 5 लाख रुपये का कारोबार हुआ।
फिर शुरू हुई आइसक्रीम के स्वादों की प्रयोगशाला—कभी सीताफल, कभी काजू-द्राक्ष, कभी आम की खुशबू। हर स्वाद में फलों की ताजगी और रघुनंदन का जुनून होता। उन्होंने अपने ब्रांड का नाम रखा— 
*Naturals Ice Cream* । 
न कोई बड़ा विज्ञापन, 
न चकाचौंध—
बस स्वाद 
और ग्राहक की संतुष्टि ही उनका प्रचार बना।
आज नैचुरल आइसक्रीम के भारत के 135 शहरों में आउटलेट्स हैं और सालाना कारोबार 300 करोड़ से अधिक है। 
एक किसान का बेटा, जिसने कभी पावभाजी बेची थी, आज आइसक्रीम की दुनिया में राजा बन चुका है। उनकी आइसक्रीम रोजाना 20 टन बनती है, और उनके परिवार के सदस्य इस ब्रांड को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं।
*👨‍👨‍👦‍👦🔔🌞⏰💖विशेष: कोई काम छोटा नहीं होता। अगर आपके पास सच्ची लगन  मेहनत ईमानदारी, दृढ़ निश्चय और नवाचार है, तो एक छोटी सी शुरुआत भी एक बड़े मुकाम तक पहुँच सकती है। दूसरों के तानों से मत घबराओ, अपने सपनों को मेहनत और विश्वास के साथ आकार दो। यही जीवन की असली मिठास है*।

*👨‍👩‍👧‍👦✍️➡️🕉️ प्रति समय प्रसन्न रहते हुए अपने सच्चे कर्तव्यों ( वह कार्य जो हमें 84 लाख योनियों से मुक्त करने में सहयोग प्रदान करें ) का पालन कीजिये।*
*➡️जैसा हमारा कर्म होगा वैसा ही हमें फल प्राप्त होगा।आज वर्तमान में जो भी हम सभी को प्राप्त हो रहा है वह हमारे द्वारा  पूर्वो पार्जित कर्मो का ही फल है।आप किसी भी जीव के मोक्ष मार्ग में सहयोगी नहीं बन सकते तो विरोधी बनकर पाप का संचय मत करो। ना ही किसी बात चिंता  करो, अच्छे कर्म करो जो हमसे कोई छुड़ा भी नहीं सकता और चुरा भी नहीं सकता।कर्म यह ऐसी संपत्ति है जो मरने के बाद भी हमारे साथ रहती है।जब जीव जन्म लेता है तो केवल अपने पूर्वो पार्जित कर्मों के साथ ही जन्म लेता है।*
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*जैनम जयतु शासनम*
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