*⛳ सिद्धम नमः ⛳*
*ॐ वसुनंदी गुरुवे नमः ॐ*
*🌞✍️सच्चा साथी✍️🌞*
*👨👩👧👦✍️कहानी सभी के काम की*
*💪👩🚒 भगवान जी का बहीखाता ✍️🐒*
*🔔👨👩👧👦↔️ जैन तीर्थंकर प्रभु के पंच कल्याणक महोत्सव की अग्रिम सूचना🔔*
*🔔👨👨👦👦🐎🔑 मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष 10 , शुक्रवार 14 नवंबर 2025 कलि काल के शासन नायक उपसर्ग विजेता अंतिम तीर्थंकर सर्व सुखकारी श्री वर्धमान स्वामी जी जिनकी आराधना से बुध की महादशा अनुकूल हो जाती है और सभी प्रकार से मांगलिक संपदा प्राप्ति कर उत्तम धर्म को धारण कर भव्य जीव मोक्ष मार्ग पर दृढ़ता पूर्वक विचरण करता है। मोक्ष प्रशस्त करने वाले श्री वर्धमान स्वामी जी का तप कल्याणक महोत्सव है।*
*🔔 नवंबर 2025 में तीर्थंकर भगवन्तों के पंच कल्याणक महोत्सव 02,05,14, 21 व 30 तारीख को कल्याणक महोत्सव है।*
*👨👨👦👦🔔🐎इस नवंबर माह में अष्टमी तिथि 12 व 28 नवंबर को है। चतुर्दशी तिथि 04 व 18 नवंबर को है।*
*👨👨👦👦🔔👉 शुद्ध विवाह मुहूर्त नवंबर माह में 1,2, 3,8, 12 ,15,16,22,23 व 25 नवंबर को है। 🔔 वाहन खरीद मुहूर्त 3,7,9,10,17,20,21,26,28 व 30🏠 प्रापर्टी मुहूर्त 1,9,10,14,19,20,21 व 30 गृह प्रवेश मुहूर्त 03,07,14,15,17,20 व 21 नवंबर को है।।*
*🐎✍️ पंचक 27,28,29,30 नवंबर को है।*
*🌞यह सभी पंच कल्याणक तिथियां उत्तर पुराण के अनुसार है इन तिथियों से सम्पूर्ण विश्व में कल्याणक महोत्सव मनाए जाते है।यह सभी तिथियां जयपुर जैन पंचांग के अंतर्गत है।विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ते रहे शिक्षाप्रद कहानियां ।*
भगवान जी का बहीखाता
कहने में आता है भगवान सबका हिसाब रखते है !
जैनदर्शन के अनुसार जैसा बीज बोएगें वैसा फल प्राप्त होता है।
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अस्पताल में एक पेशेंट का केस आया। मरीज बेहद सीरियस था।
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अस्पताल के मालिक डॉक्टर ने तत्काल खुद जाकर आईसीयू में केस की जांच की।
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दो-तीन घंटे के आपरेशन के बाद डॉक्टर बाहर आया और अपने स्टाफ को कहा कि इस व्यक्ति को किसी प्रकार की कमी या तकलीफ ना हो और उससे इलाज व दवा के पैसे न लेने के लिए भी कहा।
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मरीज तकरीबन 15 दिन तक मरीज अस्पताल में रहा। जब बिल्कुल ठीक हो गया और उसको डिस्चार्ज करने का दिन आया...
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उस मरीज का तकरीबन तीन लाख रुपये का बिल अस्पताल के मालिक और डॉक्टर की टेबल पर आया।
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डॉक्टर ने अपने अकाउंट मैनेजर को बुला करके कहा … इस व्यक्ति से एक पैसा भी नहीं लेना है।
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ऐसा करो तुम उस मरीज को लेकर मेरे चेंबर में आओ। मरीज व्हीलचेयर पर चेंबर में लाया गया।
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डॉक्टर ने मरीज से पूछा, भाई ! मुझे पहचानते हो?
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मरीज ने कहा, लगता तो है कि मैंने आपको कहीं देखा है।
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डॉक्टर ने कहा, याद करो, अंदाजन दो साल पहले सूर्यास्त के समय शहर से दूर उस जंगल में तुमने एक गाड़ी ठीक की थी।
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उस रोज मैं परिवार सहित पिकनिक मनाकर लौट रहा था कि अचानक कार में से धुआं निकलने लगा और गाड़ी बंद हो गई।
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कार एक तरफ खड़ी कर हम लोगों ने चालू करने की कोशिश की, परंतु कार चालू नहीं हुई।
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अंधेरा थोड़ा-थोड़ा घिरने लगा था। चारों और घना जंगल और सुनसान था। परिवार के हर सदस्य के चेहरे पर चिंता और भय की लकीरें दिखने लगी थी और सब भगवान से प्रार्थना कर रहे थे कि कोई मदद मिल जाए।
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थोड़ी ही देर में चमत्कार हुआ। बाइक के ऊपर आप आते दिखाई पड़े । हम सब ने दया की नजर से हाथ ऊंचा करके तुमको रुकने का इशारा किया।
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आपने बाईक खड़ी कर के हमारी परेशानी का कारण पूछा। आपने कार का बोनट खोलकर चेक किया और कुछ ही क्षणों में कार चालू कर दी।
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हम सबके चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई। हमको ऐसा लगा कि जैसे भगवान ने आपको फरिश्ता बनाकर हमारे पास भेजा है क्योंकि उस सुनसान जंगल में रात गुजारने के ख्याल मात्र से ही हमारे रोगंटे खड़े हो रहे थे।
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आपने मुझे बताया था कि तुम एक गैराज चलाते हो। मैंने तुम्हारा आभार जताते हुए कहा था कि रुपए पास होते हुए भी ऐसी मुश्किल समय में मदद नहीं मिलती।
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आपने ऐसे कठिन समय में हमारी मदद की, इस मदद की कोई कीमत नहीं है, यह अमूल्य है।
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परंतु फिर भी मैं पूछना चाहता हूँ कि आपको कितने पैसे दूं ?
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उस समय आपने मेरे आगे हाथ जोड़कर जो शब्द कहे थे, वह शब्द मेरे जीवन की प्रेरणा बन गये हैं।
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आपने कहा था कि मेरा नियम और सिद्धांत है कि मैं मुश्किल में पड़े व्यक्ति की मदद के बदले कभी कुछ नहीं लेता।
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मेरी इस मजदूरी का हिसाब भगवान् रखते हैं।
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उसी दिन मैंने सोचा कि जब एक सामान्य आय का व्यक्ति इस प्रकार के उच्च विचार रख सकता है, और उनका संकल्प पूर्वक पालन कर सकता है, तो मैं क्यों नहीं कर सकता।
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और मैंने भी अपने जीवन में यही संकल्प ले लिया है।
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दो साल हो गए है, मुझे कभी कोई कमी नहीं पड़ी, अपेक्षा पहले से भी अधिक मिल रहा है।
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यह अस्पताल मेरा है। आप यहां मेरे मेहमान हो और आपके ही बताए हुए नियम के अनुसार मैं आपसे कुछ भी नहीं ले सकता।
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ये तो भगवान् की कृपा है कि उसने मुझे ऐसी प्रेरणा देने वाले फ़रिश्ते की सेवा करने का मौका मुझे दिया।
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ऊपर वाले ने आपकी मजदूरी का हिसाब रखा और वो हिसाब आज उसने चुका दिया।
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मेरी मजदूरी का हिसाब भी ऊपर वाला रखेगा और कभी जब मुझे जरूरत होगी, वो जरूर चुका देगा।
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डॉक्टर ने मरीज से कहा, तुम आराम से घर जाओ, और कभी भी कोई तकलीफ हो तो बिना संकोच के मेरे पास आ सकते हो।
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मरीज ने जाते हुए चेंबर में रखी भगवान् महावीर स्वामी की तस्वीर के सामने हाथ जोड़कर कहा कि हे प्रभु ! आपने आज मेरे कर्म का पूरा हिसाब ब्याज समेत चुका दिया।
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*👨👨👦👦🌞🐎💯विशेष:-भव्य आत्माओं, सदैव याद रखें कि आपके द्वारा किये गए कर्म आपके पास लौट कर आते है। और वो भी ब्याज समेत।*
.*वर्तमान में हुण्डावणी कालचक्र में पंचम काल चल रहा है। जितना हो सकता है स्वयं की बुद्धि विवेक पूर्वक लोगों की मदद करें। आपका हिसाब ब्याज समेत आपके खाते में जमा होगा जिसे विश्व की कोई भी शक्ति ना चुरा सकती है और ना ही खर्च कर सकती है।उस जमा-पूंजी के आप स्वयं हिस्सेदार हो आप चाहें तो उससे चक्रवर्ती पद के भी उत्तराधिकारी बन सकते हो।*
*👨👩👧👦✍️➡️🕉️ प्रति समय प्रसन्न रहते हुए अपने सच्चे कर्तव्यों ( वह कार्य जो हमें 84 लाख योनियों से मुक्त करने में सहयोग प्रदान करें ) का पालन कीजिये।*
*➡️जैसा हमारा कर्म होगा वैसा ही हमें फल प्राप्त होगा।आज वर्तमान में जो भी हम सभी को प्राप्त हो रहा है वह हमारे द्वारा पूर्वो पार्जित कर्मो का ही फल है।आप किसी भी जीव के मोक्ष मार्ग में सहयोगी नहीं बन सकते तो विरोधी बनकर पाप का संचय मत करो। ना ही किसी बात चिंता करो, अच्छे कर्म करो जो हमसे कोई छुड़ा भी नहीं सकता और चुरा भी नहीं सकता।कर्म यह ऐसी संपत्ति है जो मरने के बाद भी हमारे साथ रहती है।जब जीव जन्म लेता है तो केवल अपने पूर्वो पार्जित कर्मों के साथ ही जन्म लेता है।*
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*जैनम जयतु शासनम*
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