मंगलवार, 10 सितंबर 2024

पंच कल्याणक महोत्सव

*पंच कल्याणक महोत्सव*
⛳🕉️🌞🕉️🪔⛳
*🌞🕉️वसुनंदी गुरुवे नमः🕉️🌞*
*🌞✍️सच्चा साथी✍️🌞*
*👨‍👩‍👧‍👦✍️कहानी सभी के काम की*
*💪👩‍🚒 पंच कल्याणक महोत्सव ✍️🐒*

*🔔👨‍👩‍👧‍👦↔️ जैन तीर्थंकर प्रभु के पंच कल्याणक महोत्सव की अग्रिम सूचना🔔*
🌠🌠🥁🎺🙏🎪⛺️🕉️ देवाधिदेव 9 वे तीर्थंकर श्री 1008 पुष्पदंतजी (सुविधिनाथजी) तीर्थंकर भगवान शुक्र की महादशा को अनुकूल बनाने वाले और मोक्ष मार्ग में अंतरंग व बहिरंग को प्राप्त करवाने वाले श्री 1008 पुष्पदंत भगवान जी 
 का मोक्ष कल्याणक पर्व- भाद्रपद शुक्ल अष्टमी,वी.सं.2550, बुधवार, दि.11 सितंबर ,2024- सभी धर्म प्रेमियों से निवेदन है कि आप इस महोत्सव पर श्री जी की शान्तिधारा व पूजन अवश्य ही अपनी शक्ति अनुसार करें।धर्मप्रेमियों को हार्दिक बधाई और ढेरो मंगल शुभकामनाये इस मंगल मय अवसर का लाभ अवश्य ही लें 🥁🎺🙏🌺🏵️🌹
                                           उत्तर पुराण के आधारसे)
भादव सित सारा आठँ धारा, गिरिसमेद निरवाना जी |
गुन अष्ट प्रकारा अनुपम धारा, जय जय कृपा निधाना जी ||
तित इन्द्र सु आयो, पूज रचायौ, चिह्न तहां करि दीना जी |
मैं पूजत हौं गुन ध्यान मणी सों, तुमरे रस में भीना जी ||
ॐ ह्री भाद्रपद शुक्लाऽष्टम्यां मोक्षमंगलप्राप्ताय श्रीपुष्प ० अर्घ्यं
नि0 | 5 |
पुष्पदंत जिनराज का, सुप्रभ कूट है जेह, 
मन वच तन कर पूजहूँ, शिखर सम्मेद यजेह। 

सुप्रभ कूट से 1 कोड़ा-कोडी 99 लाख 7 हजार 780 मुनि मोक्ष गये।
 
🌟 श्री्पुष्पदन्तजी तीर्थंकरके मोक्ष कल्याणककी जय🌟

🙏श्री पुष्पदन्तजी तीर्थंकरके चरणोंमें कोटी कोटी नमन🙏

⛺️🙏तीर्थंकर श्री पुष्पदन्त भगवान का परिचय🙏⛺️

🌠जन्मस्थान: जम्बूद्वीप के भरत क्षेत्र की काकन्दी नगरी (वर्तमान में देवरिया नि.-गोरखपुर) उ.प्र.पिता:इक्ष्वाकुवंशीय काश्यप गोत्रीय सुग्रीव नाम के क्षत्रिय राजा, माता:पट्टरानी जयरामा, प्राणत स्वर्ग से अवतरित हुए।गर्भ कल्याणक तिथि:फाल्गुन कृष्ण नवमी, गर्भनक्षत्र:मूल, गर्भावास:प्रभात

🌟जन्म कल्याणक तिथि:मार्गशीर्ष शुक्ला प्रतिपदा,
जन्म नक्षत्र:मूल, चिन्ह:मगर, आयु:2 लाख पूर्व,

🌳वैराग्यकारण:उल्कापात,दीक्षातिथि:मार्गशीर्ष शुक्ला 1,दीक्षा समय:अपराह्न, दीक्षा नक्षत्र:अनुराधा,दीक्षावन:पुष्प,
दीक्षावृक्ष:साल, सहदीक्षित मुनि: 1000,
दीक्षापालकी:सूर्यप्रभा, दीक्षास्थान:काकन्दी,
प्रथम आहार दाता:शैलपुर नगर के पुष्पमित्र राजा,छद्मस्थ काल:4 वर्ष.

🌲केवलज्ञान तिथि:कार्तिक शुक्ल द्वितीया,केवलोत्पत्ति काल:अपराह्न, केवलस्थान:पुष्पवन, केवल नक्षत्र:मूल,
समवसरण भूमि:8 योजन, केवल वृक्ष:बहेड़ा,यक्ष:ब्रह्म,
यक्षिणी:काली, केवलीकाल:1 लाख पूर्व-(28पूर्वांग4 मास)गणधर संख्या:88, मुख्य गणधर:नाग,ऋषि संख्या:2 लाख,आर्यिका:380000, मुख्य आर्यिका:घोष, श्रावक:2 लाख,श्राविका:4 लाख, मुख्य श्रोता:बुध्दि वीर्य, योग निवृत्ति काल:1 मास पूर्व।

🌄निर्वाण तिथि:भाद्रपद शुक्ला अष्टमी,
निर्वाण क्षेत्र:सम्मेद शिखर।

🌹"ध्यानामृत पीकर भये, मृत्युंजय प्रभु आप"।🌹
🌷"धन्य घड़ी प्रभु भक्ति की,जजत मिटे भव ताप"।।🌷

🥁⛺️🙏▶️ ओंम ह्रीं श्री पुष्पदन्त जिनेन्द्राय नमः🙏⛺️🥁

*👨‍👨‍👦‍👦🔔👉 सितम्बर माह में  अष्टमी तिथि 11व  25 सितम्बर को है।*
*👨‍👨‍👦‍👦🔔👉 सितम्बर माह में  चतुर्दशी तिथि   17 सितम्बर को है।*
*🎪इस सितंबर माह में  ▶️ 🎪20 अगस्त से 18 सितंबर तक षोडश कारण व्रत,⛳ ।*
🎪सितंबर माह के महत्वपूर्ण धार्मिक कार्यक्रम निम्न प्रकार है 
▶️8 से 17 में दश लक्षण व्रत 
▶️8 से 12 में मेरु स्थापना व पुष्पांजलि व्रत 
▶️ 13  को धूप दशमी, सुगंध दशमी 
▶️15 से 17 तक रत्नत्रय व्रत 
▶️ 17 को श्री वासुपूज्य जी का मोक्ष व अनंत चतुर्दशी व्रत 
▶️ 18 को क्षमावाणी पर्व 
▶️19 को श्री नमिनाथ जी का गर्भ कल्याणक 
*🔔नोट शुक्र ग्रह के दुष्प्रभाव से होनी वाली बाधाएं (जैसे:- पति-पत्नी में अनबन, पुत्र प्राप्ति ना होना, विवाह संबंधी परेशानी और भी शुक्र ग्रह से होने वाली सभी  परेशानियों के लिए पुष्पदंत भगवान की विशेष आराधना करनी चाहिए।)*
*👨‍👨‍👦‍👦इस सम्पूर्ण विश्व में अगर कोई जो जैन धर्म पर आस्था रखता है और उसे किसी भी प्रकार के किसी भी ग्रह संबंधित समस्या उत्पन्न हो रही है तो वह श्री शान्तिसागर समाधि साधना सेवा केन्द्र के व्हाट्सएप नंबर 9461956111 पर मैसेज भेजे उसका उसकी समस्या के अनुरूप समाधान किया जाएगा।*
 *🌞यह सभी पंच कल्याणक तिथियां उत्तर पुराण के अनुसार है इन तिथियों से सम्पूर्ण विश्व में कल्याणक महोत्सव मनाए जाते है।यह सभी  तिथियां जयपुर पंचांग के अंतर्गत है।विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ते रहे शिक्षाप्रद कहानियां ।*

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*🕉️🌞✍️पुण्य वृद्धि के इच्छुक  पुण्यात्माओं से निवेदन है कि इस पोस्ट को परिवार, मित्रों और अन्य परिचितों तक इस पोस्ट को भेजकर स्वयं के व उनके पुण्य मे भी वृद्धि करें। धर्मात्मा बंधु पापों को पुण्य मे बदलना चाहते है तो आज ही संस्था से जुड़कर अपना मोक्ष मार्ग को सुरक्षित करें ।जो स्वयं के पुण्य को शीघ्रातिशीघ्र वृद्धिगत करना चाहते है वे सभी अपनी चंचला लक्ष्मी का सदुपयोग संस्था के माध्यम से  कर सकते है ।✍️*
*✍️➡️👨‍👩‍👧‍👦अगर कोई भी पुण्यात्मा श्रावक इस प्रकार की पोस्ट को व्हाट्सएप पर प्राप्त करना चाहते है तो श्री शांति सागर समाधि साधना सेवा केंद्र जयपुर रजिस्टर संस्था के 📲 9461956111 नंबर पर व्हाट्सएप पर कहानियां + शुभनाम+ 【गांव शहर】निवास स्थान  लिखकर व्हाट्सएप करें,काल ना करें।*
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*👨‍👩‍👧‍👦✍️➡️🕉️ प्रति समय प्रसन्न रहते हुए अपने सच्चे कर्तव्यों ( वह कार्य जो हमें 84 लाख योनियों से मुक्त करने में सहयोग प्रदान करें ) का पालन कीजिये।*
*➡️जैसा हमारा कर्म होगा वैसा ही हमें फल प्राप्त होगा।आज वर्तमान में जो भी हम सभी को प्राप्त हो रहा है वह हमारे द्वारा  पूर्वो पार्जित कर्मो का ही फल है।आप किसी भी जीव के मोक्ष मार्ग में सहयोगी नहीं बन सकते तो विरोधी बनकर पाप का संचय मत करो। ना ही किसी बात चिंता  करो, अच्छे कर्म करो जो हमसे कोई छुड़ा भी नहीं सकता और चुरा भी नहीं सकता।कर्म यह ऐसी संपत्ति है जो मरने के बाद भी हमारे साथ रहती है।जब जीव जन्म लेता है तो केवल अपने पूर्वो पार्जित कर्मों के साथ ही जन्म लेता है।*
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*जैनम जयतु शासनम*
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