सोमवार, 16 सितंबर 2024

अनंत चतुर्दशी

*पंच कल्याणक महोत्सव*
⛳🕉️🌞🕉️🪔⛳
*🌞🕉️वसुनंदी गुरुवे नमः🕉️🌞*
*🌞✍️सच्चा साथी✍️🌞*
*👨‍👩‍👧‍👦✍️कहानी सभी के काम की*
*💪👩‍🚒 पंच कल्याणक महोत्सव ✍️🐒*

*🔔👨‍👩‍👧‍👦↔️ जैन तीर्थंकर प्रभु के पंच कल्याणक महोत्सव की अग्रिम सूचना🔔*
*अनंत चतुर्दशी व्रत है*
🥁🎺🌹🙏⛺️🕉️देवाधिदेव प्रथम बालयती बारहवे तीर्थंकर मंगल ग्रह की महादशा को अनुकूल बनाने वाले श्री 1008 वासुपूज्यजी के मोक्ष कल्याणक महोत्सव की तिथि:भाद्रपद शुक्ला चतुर्दशी, वी. सं.2550,मंगलवार, दिनांक 17  सितंबर, 2024- सभी धर्मप्रेमियों को हार्दिक बधाई और मंगल शुभकामनाए
⛺️🙏🌹🎺🥁⭐️☀️🎆💟⭐️☀️🎆💟⭐️☀️🎆

"सित भादव चौदस लीनो, निरवान सुथान प्रवीनी |
पुर चंपा थानक सेती, हम पूजत निज हित हेती | |
ॐ ह्रीं भाद्रपदशुक्लाचतुर्दश्यां मोक्षमंगलमंडिताय श्रीवासु 0 अर्घ्यं निर्व0 "

दोहा:- चंपापुर में पंच वर-कल्याणक तुम पाय |
सत्तर धनु तन शोभनो, जै जै जै जिनराय |1|
महासुखसागर आगर ज्ञान, अनंत सुखामृत मुक्त महान |
महाबलमंडित खंडितकाम, रमाशिवसंग सदा विसराम | |

🙏श्री वासुपूज्यजी तीर्थंकर के मोक्ष कल्याणक की जय🙏
                                      (उत्तर पुराण)

'
तीर्थंकर श्रीवासुपूज्यजी-

जन्मस्थान:चंपापुर (जिला:भागलपुर, राज्य:बिहार),
पिता:इक्ष्वाकुवंशी राजा:वसुपूज्य, माता:रानी जयावती,
महाशुक्र विमान से महाशुक्र इंद्र का चंपानगरमें गर्भावतरण, 

🌠गर्भ तिथि:आषाढ़ कृष्णा 6,गर्भनक्षत्र:शतभिषा, गर्भावास:अंतिम रात्रि ,

🌟जन्मतिथि;फाल्गुन कृष्ण 14,जन्मनक्षत्र:विशाखा, आयु:72 लाख वर्ष, शरीर की अवगाहना:70 धनुष,शरीर वर्ण:विद्रुम, चिन्ह:भैसा,

 🌳वैराग्यकारण:जातिस्मरण,दीक्षा नक्षत्र:विशाखा
दीक्षा तिथि:फाल्गुन कृष्ण 14,  दीक्षावन:मनोहर, दीक्षा उपवास: एक, दीक्षाकाल:अपरान्ह,दीक्षा स्थान:चंपापुर,  छद्मस्थकाल: 1 वर्ष,

🌲केवलज्ञान तिथि:माघ शुक्ल 2,केवलोत्पत्ति काल: अपराह्न,केवलस्थान:मनोहर उद्यान,केवल नक्षत्र:विशाखा,

🌄मोक्षतिथि:भाद्रपद शुक्ल 14, मोक्षकाल:अपराह्न,
मोक्ष नक्षत्र: अश्विनी,सहमुक्त:601, योगनिवृत्ति:1 मास पूर्व, मोक्षस्थान:चम्पापुर।

तीर्थंकर श्री वासुपूज्य भगवान का मोक्ष कल्याणक महोत्सव
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🌸भगवान श्री वासुपूज्य जी ने समवशरण रूपी लक्ष्मी का परित्याग किया। वे पद्मासन में आरूढ़ हुये।

🌼आयु का अन्तर्मुहूर्त अवशिष्ट रहनेपर श्री वासुपूज्य जी  तीसरे शुक्ल ध्यान में आरूढ़ हुये।

🏵️भगवान श्री वासुपूज्य जी के  शुक्ल ध्यान में योगनिरोध की सहज, निष्प्रयास प्रक्रिया हुई।

🌹श्री वासुपूज्य भगवान ने चतुर्थ शुक्ल ध्यान में चार अघातिया कर्मों का क्षय कर मोक्ष प्राप्त किया।

🌺भगवान श्री वासुपूज्य जी की निर्वाणोलब्धि जानकर समस्त देव-इन्द्र अपने परिवारसहित निर्वाण भूमि मंदार गिरी पर आये।उन्होंने तीर्थंकर के परम पवित्र शरीर को रत्नमयी पालकी पर विराजमान कर नमस्कार किया।

🌷अग्निकुमार जाति के भवनवासी देवों ने अपने मुकुट से उत्पन्न अग्नि के द्वारा तीर्थंकर श्री वासुपूज्य भगवान  के शरीरका अंतिम संस्कार किया।तीर्थंकर के शरीर के भस्म को अपने-अपने मस्तकपर सभी देवों ने  लगाया। इन्द्रों ने  आनंद नाटक किया। वहाँ मंदारगिरी पर देवों ने पूजा आदि कार्यक्रम संपन्न किये।

⛺️तीर्थंकर श्री वासुपूज्य भगवान लोक के अग्रभाग पर जाकर विराजमान हो गये। वे नित्य, निरंजन, कृतकृत्य सिद्ध हो गये । श्री  वासुपूज्य भगवान ने चतुर्गति के दुःखों से छूटकर मोक्ष पद पर  शाश्वत सुख को प्राप्त कर लिया।
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श्री वासुपूज्यजी तीर्थंकर के गर्भ,जन्म,दीक्षा,केवलज्ञान और मोक्ष पांचॉ कल्याणक चंपापुर में ही हुए।

🙏⛺️🕉️ ह्रीं श्रीवासुपूज्यजिनेन्द्राय नमः⛺️🙏

*👨‍👨‍👦‍👦🔔👉 सितम्बर माह में  अष्टमी तिथि  25 सितम्बर को है।*
*👨‍👨‍👦‍👦🔔👉 सितम्बर माह में  अनंत चतुर्दशी तिथि   17 सितम्बर को है।*
*🎪इस सितंबर माह में  ▶️ 🎪20 अगस्त से 18 सितंबर तक षोडश कारण व्रत,⛳ ।*
🎪सितंबर माह के महत्वपूर्ण धार्मिक कार्यक्रम निम्न प्रकार है 
▶️8 से 17 में दश लक्षण व्रत 
▶️15 से 17 तक रत्नत्रय व्रत 
▶️ 17 को श्री वासुपूज्य जी का मोक्ष व अनंत चतुर्दशी व्रत 
▶️ 18 को क्षमावाणी पर्व 
▶️19 को श्री नमिनाथ जी का गर्भ कल्याणक 
*🔔नोट मंगल ग्रह के दुष्प्रभाव से होनी वाली बाधाएं (जैसे:- मकान, विवाह में देरी, स्वास्थ्य संबंधी परेशानी और भी मंगल ग्रह से होने वाली सभी  परेशानियों के लिए वासूपूज्य भगवान की विशेष आराधना करनी चाहिए।)*
*👨‍👨‍👦‍👦इस सम्पूर्ण विश्व में अगर कोई जो जैन धर्म पर आस्था रखता है और उसे किसी भी प्रकार के किसी भी ग्रह संबंधित समस्या उत्पन्न हो रही है तो वह श्री शान्तिसागर समाधि साधना सेवा केन्द्र के व्हाट्सएप नंबर 9461956111 पर मैसेज भेजे उसका उसकी समस्या के अनुरूप समाधान किया जाएगा।*
 *🌞यह सभी पंच कल्याणक तिथियां उत्तर पुराण के अनुसार है इन तिथियों से सम्पूर्ण विश्व में कल्याणक महोत्सव मनाए जाते है।यह सभी  तिथियां जयपुर पंचांग के अंतर्गत है।विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ते रहे शिक्षाप्रद कहानियां ।*

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*🕉️🌞✍️पुण्य वृद्धि के इच्छुक  पुण्यात्माओं से निवेदन है कि इस पोस्ट को परिवार, मित्रों और अन्य परिचितों तक इस पोस्ट को भेजकर स्वयं के व उनके पुण्य मे भी वृद्धि करें। धर्मात्मा बंधु पापों को पुण्य मे बदलना चाहते है तो आज ही संस्था से जुड़कर अपना मोक्ष मार्ग को सुरक्षित करें ।जो स्वयं के पुण्य को शीघ्रातिशीघ्र वृद्धिगत करना चाहते है वे सभी अपनी चंचला लक्ष्मी का सदुपयोग संस्था के माध्यम से  कर सकते है ।✍️*
*✍️➡️👨‍👩‍👧‍👦अगर कोई भी पुण्यात्मा श्रावक इस प्रकार की पोस्ट को व्हाट्सएप पर प्राप्त करना चाहते है तो श्री शांति सागर समाधि साधना सेवा केंद्र जयपुर रजिस्टर संस्था के 📲 9461956111 नंबर पर व्हाट्सएप पर कहानियां + शुभनाम+ 【गांव शहर】निवास स्थान  लिखकर व्हाट्सएप करें,काल ना करें।*
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*👨‍👩‍👧‍👦✍️➡️🕉️ प्रति समय प्रसन्न रहते हुए अपने सच्चे कर्तव्यों ( वह कार्य जो हमें 84 लाख योनियों से मुक्त करने में सहयोग प्रदान करें ) का पालन कीजिये।*
*➡️जैसा हमारा कर्म होगा वैसा ही हमें फल प्राप्त होगा।आज वर्तमान में जो भी हम सभी को प्राप्त हो रहा है वह हमारे द्वारा  पूर्वो पार्जित कर्मो का ही फल है।आप किसी भी जीव के मोक्ष मार्ग में सहयोगी नहीं बन सकते तो विरोधी बनकर पाप का संचय मत करो। ना ही किसी बात चिंता  करो, अच्छे कर्म करो जो हमसे कोई छुड़ा भी नहीं सकता और चुरा भी नहीं सकता।कर्म यह ऐसी संपत्ति है जो मरने के बाद भी हमारे साथ रहती है।जब जीव जन्म लेता है तो केवल अपने पूर्वो पार्जित कर्मों के साथ ही जन्म लेता है।*
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*जैनम जयतु शासनम*
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