रविवार, 11 अगस्त 2019

नाभि में तेल क्यों आवश्यक है

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*⏰वर्तमान का सुविचार✍
*⏰ दैनिक पंचांग ⏰*
*😇नाभि में तेल क्यों आवश्यक है💪*

🕉  *ह्रीं नम:श्री ज्योतिष ऋषि सेवाव्रतीनित्यानंदस्वामीजी*
👪"सच्चा मित्र"👪
   *श्री सिध्दांत ज्योतिष , वास्तु व रेकी  शोध केन्द्र जयपुर*
(राजस्थान)

🌞श्री शान्तिसागराय नम:🌞

*⏰वर्तमान का सुविचार✍*

*🐢एक साधु नदी के किनारे बैठा था.  किसी ने पूछा : 'महाराज क्या कर रहे हो?' साधु ने कहा : 'प्रतीक्षा कर रहा हूँ की पूरी नदी बह जाएं तो फिर पार करूँ' उस व्यक्ति ने कहा :  'कैसी बात करते हो महाराज पूरा जल बहने के इंतज़ार मे तो आप कभी नदी पार ही नही कर पाओगे' साधु ने कहा "यही तो मै आप लोगो को बताना चाहता हूँ कि आप लोग जो सदा यह कहते रहते हो की एक बार जीवन की ज़िम्मेदारियाँ पूरी हो जाये तो स्थानक जाऊँ , सामयिक करूँ, स्वाध्याय करूँ, संतसमागम करूँ, आत्म कल्याण करूँ, आगमवाँचन करूँ। समाज सेवा करूँ... जैसे नदी का जल खत्म नही होगा हमको इस जल से ही पार जाने का रास्ता बनाना है इस प्रकार जीवन खत्म हो जायेगा पर जीवन के काम खत्म नही होंगे."*

🙏🙏🙏🙏🙏🙏

*⏰ दैनिक पंचांग ⏰*

🕉वीर निर्वाण सं. 2545

☀ 12 - Aug - 2019
☀ Jaipur, India

☀ पंचांग   
🔅 तिथि  द्वादशी  12:08:51
🔅 नक्षत्र  पूर्वाषाढा  26:52:07
🔅 करण :
           बालव  12:08:51
           कौलव  24:55:54
🔅 पक्ष  शुक्ल 
🔅 योग  विश्कुम्भ  10:18:40
🔅 वार  सोमवार 

☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ   
🔅 सूर्योदय  05:56:28 
🔅 चन्द्रोदय  17:00:59 
🔅 चन्द्र राशि  धनु 
🔅 सूर्यास्त  19:07:00 
🔅 चन्द्रास्त  27:45:59 
🔅 ऋतु  वर्षा 

☀ हिन्दू मास एवं वर्ष   
🔅 शक सम्वत  1941  विकारी
🔅 कलि सम्वत  5121 
🔅 दिन काल  13:10:31 
🔅 विक्रम सम्वत  2076 
🔅 मास अमांत  श्रावण 
🔅 मास पूर्णिमांत  श्रावण 

☀ शुभ और अशुभ समय   
☀ शुभ समय   
🔅 अभिजित  12:05:23 - 12:58:05
☀ अशुभ समय   
🔅 दुष्टमुहूर्त :
                    12:58:05 - 13:50:47
                    15:36:11 - 16:28:53
🔅 कंटक  08:34:35 - 09:27:17
🔅 यमघण्ट  12:05:23 - 12:58:05
☀ वर्तमान लग्न  मीन   (द्विस्वाभाव)  08:48 PM - 10:15 PM
🔅 कुलिक  15:36:11 - 16:28:53
🔅 कालवेला या अर्द्धयाम  10:19:59 - 11:12:41
🔅 यमगण्ड  10:52:55 - 12:31:44
🔅 गुलिक काल  14:10:33 - 15:49:22
🔅 दिशा शूल  पूर्व 
🔅 राहु काल  07:35:17 - 09:14:06
☀ चन्द्रबल और ताराबल   
☀ ताराबल 
🔅 अश्विनी, भरणी, कृत्तिका, रोहिणी, आद्रा, पुष्य, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, पूर्वाषाढा, उत्तराषाढा, श्रवण, शतभिषा, उत्तरभाद्रपदा 
☀ चन्द्रबल 
🔅 मिथुन, कर्क, तुला, धनु, कुम्भ, मीन

🌍🌞🌝🍏 *नोट:- सभी जटिल समस्याओ के लिए आप अपनी समस्या व विवरण वाँटस्एप द्वारा 09982411713 नंबर पर  करके, इमरजेंसी काँल केलिए मध्यान्ह 4 से 5 में सम्पर्क कर सकते है*।🍭🔆⚽

*😊नोट :- अगर आप इस प्रकार की जीवनोपयोगी  जानकारी चाहते है तो 😊*
*🕉.श्री शांतिसागर समाधि साधना सेवा केंद्र ( रजिस्ट्रर्ड ) जयपुर को लाइक(पंसद) करें।*
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*😇नाभि में तेल क्यों आवश्यक है💪*

*🥰नाभी कुदरत की एक अद्भुत देन है*
*🚴एक 62 वर्ष के बुजुर्ग को अचानक बांई आँख  से कम दिखना शुरू हो गया। खासकर  रात को नजर न के बराबर होने लगी।जाँच करने से यह निष्कर्ष निकला कि उनकी आँखे ठीक है परंतु बांई आँख की रक्त नलीयाँ सूख रही है। रिपोर्ट में यह सामने आया कि अब वो जीवन भर देख  नहीं पायेंगे।.... मित्रो यह सम्भव नहीं है..*
*😇मित्रों हमारा शरीर परमात्मा की अद्भुत देन है...गर्भ की उत्पत्ति नाभी के पीछे होती है और उसको माता के साथ जुडी हुई नाडी से पोषण मिलता है और इसलिए मृत्यु के तीन घंटे तक नाभी गर्म रहती है।*
*🧘‍♀गर्भधारण के नौ महीनों अर्थात 270 दिन बाद एक सम्पूर्ण बाल स्वरूप बनता है। नाभी के द्वारा सभी नसों का जुडाव गर्भ के साथ होता है। इसलिए नाभी एक अद्भुत भाग है।*
*नाभी के पीछे की ओर पेचूटी या navel button होता है।जिसमें 72000 से भी अधिक रक्त धमनियां स्थित होती है*
*नाभी में देशी गाय का शुध्द घी या तेल लगाने से बहुत सारी शारीरिक दुर्बलता का उपाय हो सकता है।*
*1. आँखों का शुष्क हो जाना, नजर कमजोर हो जाना, चमकदार त्वचा और बालों के लिये उपाय...*
*🤗सोने से पहले 3 से 7 बूँदें शुध्द देशी गाय का घी और नारियल के तेल नाभी में डालें और नाभी के आसपास डेढ ईंच  गोलाई में फैला देवें।*
*2. घुटने के दर्द में उपाय➡सोने  से पहले तीन से सात बूंद अरंडी का तेल नाभी में डालें और उसके आसपास डेढ ईंच में फैला देवें।*
*3. शरीर में कमपन्न तथा जोड़ोँ में दर्द और शुष्क त्वचा के लिए उपाय :-रात को सोने से पहले तीन से सात बूंद राई या सरसों कि तेल नाभी में डालें और उसके चारों ओर डेढ ईंच में फैला देवें।*
*4. मुँह और गाल पर होने वाले पिम्पल के लिए उपाय:-नीम का तेल तीन से सात बूंद नाभी में उपरोक्त तरीके से डालें।*
*नाभी में तेल डालने का कारण*
*👩‍🦰हमारी नाभी को मालूम रहता है कि हमारी कौनसी रक्तवाहिनी सूख रही है,इसलिए वो उसी धमनी में तेल का प्रवाह कर देती है।*
*🧛‍♂जब बालक छोटा होता है और उसका पेट दुखता है तब हम हिंग और पानी या तैल का मिश्रण उसके पेट और नाभी के आसपास लगाते थे और उसका दर्द तुरंत गायब हो जाता था।बस यही काम है तेल का।*
*📞अपने स्नेहीजनों, मित्रों और परिजनों में इस नाभी में तेल और घी डालने के उपयोग और फायदों को शेयर करिये।करने से होता है , केवल पढ़ने से नहीं*
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🐢🚩🕉👪 *आपसभी मंगलमय🍏☎🍭🔆आचरण को प्राप्त करकें यह जीवन सफल बनायें* ⚽🌲🌞🌍
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