रविवार, 11 सितंबर 2022

मेरा दोस्त कौन?

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*🌞🕉️वसुनंदी गुरुवे नमः🕉️🌞*
*🌞✍️सच्चा साथी✍️🌞*
*👨‍👩‍👧‍👦✍️कहानी सभी के काम की*
*💪👩‍🚒मेरा दोस्त कौन?🤝🔔*

*🔔👨‍👩‍👧‍👦↔️तीर्थंकर प्रभु के पंच कल्याणक महोत्सव की  सूचना🔔*
*🕉️🔔 1.आज आश्विन कृष्ण पक्ष दोज। 12 सप्टेम्बर 2022 सोमवार  को 22 वें तीर्थंकर 1008 श्री नमिनाथ भगवान का गर्भ कल्याणक  महोत्सव हैं।यह कल्याणक की तिथि उत्तर पुराण के अनुसार प्रमाणित है।*
*👨‍👩‍👧‍👦आपसभी सपरिवार इष्टमित्रों के साथ अपनी शक्तिनुसार उत्सव कर जीवन सफल करें।*

गुरु नाम के एक लड़के को पैसों की सख्त ज़रुरत थी ,उसने अपने मालिक से मदद मांगी । मालिक पैसे देने को तैयार हो गया पर उसने एक शर्त रखी , शर्त ये थी कि गुरु को बिना आग जलाये कल की रात पहाड़ी की सबसे ऊँची चोटी पर बितानी थी, अगर वो ऐसा कर लेता तो उसे एक बड़ा इनाम मिलता और अगर नहीं कर पाता तो उसे मुफ्त में काम करना होता।

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*🕉️🌞✍️पुण्यवृद्धि के इच्छुक  पुण्यात्माओं से निवेदन है कि इस पोस्ट को परिवार, मित्रों और अन्य परिचितों तक इस पोस्ट को पहुचाकर स्वयं के व उनके पुण्य मे भी वृद्धि करें। धर्मात्माबंधु पापों को पुण्य मे बदलना चाहते है तो आज ही संस्था से जुड़कर अपना मोक्षमार्ग को सुरक्षित करें ।जो पुण्य को बढ़ाना चाहते है वे सभी अपनी चंचला लक्ष्मी का सदुपयोग संस्था के माध्यम से  करें।✍️*
*✍️➡️👨‍👩‍👧‍👦अगर कोई भी पुण्यात्मा श्रावक इस प्रकार की पोस्ट को व्हाट्सएप पर प्राप्त करना चाहते है तो श्री शांति सागर समाधि साधना सेवा केंद्र जयपुर रजिस्टर संस्था के 📲 9461956111 नंबर पर व्हाट्सएप पर कहानियां + शुभनाम+ 【गांव शहर】निवासस्थान  लिखकर व्हाट्सएप करें,काल ना करें।*⬆️⬆️⬆️⬆️⬆️⬆️⬆️⬆️⬆️⬆️⬆️⬆️⬆️⬆️

गुरु जब दुकान से निकला तो उसे एहसास हुआ कि वाकई कड़ाके की ठण्ड पड़ रही है और बर्फीली हवाएं इसे और भी मुश्किल बना रही हैं . उसे मन ही मन लगा कि शायद उसने ये शर्त कबूल कर बहुत बड़ी बेवकूफी कर दी है . घबराहट में वह तुरंत अपने दोस्त तेजल के पास पहुंचा और सारी बात बता दी ।

तेजल ने कुछ देर सोचा और बोला, “ चिंता मत करो, मैं तुम्हारी मदद करूँगा . कल रात, जब तुम पहाड़ी पर होगे तो ठीक सामने देखना मैं तुम्हारे लिए सामने वाली पहाड़ी पर सारी रात आग जल कर बैठूंगा .

तुम आग की तरफ देखना और हमारी दोस्ती के बारे में सोचना ; वो तुम्हे गर्म रखेगी।

और जब तुम रात बिता लोगे तो बाद में मेरे पास आना, मैं बदले में तुमसे कुछ लूंगा .”

गुरु अगली रात पहाड़ी पर जा पहुंचा, सामने वाली पहाड़ी पर तेजल भी आग जला कर बैठा था ।

अपने दोस्त की दी हुई हिम्मत से गुरु ने वो बर्फीली रात किसी तरह से काट ली ।मालिक ने शर्त के मुताबिक उसे ढेर सारे पैसे इनाम में दिए ।

इनाम मिलते ही वो तेजल के पास पहुंचा, और बोला,  “ तुमने कहा था कि मेरी मदद के बदले में तुम कुछ लोगे … कितने पैसे चाहिएं तुम्हे ..”

तेजल बोला, “ हाँ मैंने कुछ लेने को कहा था, पर वो पैसे नहीं हैं . मैं तो तुमसे एक वादा लेना चाहता हूँ … वादा करो कि अगर कभी मेरी ज़िन्दगी में भी बर्फीली हवाएं चलें तो तुम मेरे लिए दोस्ती की आग जलाओगे ।”

गुरु ने फ़ौरन उसे गले लगा लिया और हमेशा दोस्ती निभाने का वादा किया ।

*👨‍👩‍👧‍👦ग्रहण करने योग्य 🤝*

*👨‍👩‍👧‍👦🫠↔️भव्य आत्माओं, कहते हैं दोस्ती ही वो पहला रिश्ता होता है जो हम खुद बनाते हैं, बाकी रिश्तों के साथ तो हम पैदा होते हैं . सचमुच अगर हम अपनी जिंदगी से “दोस्तों ” को छोड़ दें तो ज़िन्दगी कितनी खाली लगे … दोस्त होने का मतलब सिर्फ खुशियां बांटना नहीं होता …दोस्ती का असली मतलब अपने दोस्त का उस समय साथ देना होता है जब कोई भी धर्म के रास्ते से विचलित हो रहा है। जब उसे हमारी सबसे ज्यादा ज़रुरत है। सच्चा दोस्त हमारा केवल धर्म ही है।बाकी जो भी है वे सभी स्वार्थ के साथी है।इसलिए आप सच्चे धर्म को समझकर उसके अनुसार आचरण करें।विश्व की कोई भी शक्ति आपका कुछ भी नहीं बिगाड़ सकती।यही प्रकृति का नियम है।इसे आजतक जितने भी भगवान हुए वे भी इस नियम को पालन करने के बाद ही भगवान बने।अत: हमसभी मोक्ष के मार्ग पर चलने वाले पथिक को जो हमें समय समय पर मार्गदर्शन दे उसे अपना दोस्त मानना चाहिए।* …

*👨‍👩‍👧‍👦✍️➡️🕉️सदैव प्रसन्न रहते हुए अपने सच्चे कर्तव्यों ( वह कार्य जो हमें 84 लाख योनियों से मुक्त करने में सहयोग प्रदान करें ) का पालन किजिये।*
*➡️जैसा हमारा कर्म होगा वैसा ही हमें फल प्राप्त होगा।आज वर्तमान में जो भी हम सभी को प्राप्त हो रहा है वह हमारे द्वारा किये गए पूर्वोपार्जित कर्मो का ही फल है।आप किसी भी जीव के मोक्षमार्ग में सहयोगी नहीं बन सकते तो विरोधी बनकर पाप का संचय मत करो। ना ही किसी बात की चिंता  करो, अच्छे कर्म करो जो हमसे कोई छुड़ा भी नहीं सकता और चुरा भी नहीं सकता।कर्म यह ऐसी संपत्ति है जो मरने के बाद भी हमारे साथ रहती है।जब जीव जन्म लेता है तो केवल अपने किये हुए कर्मों के साथ ही जन्म लेता है।*
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*जैनम जयतु शासनम*
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